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सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को साल की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभिन्न सुरक्षा मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। इस दौरान उन्होंने रॉकेट मिसाइल फोर्स बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि पाकिस्तान और चीन जैसी चुनौतियों का सामना प्रभावी तरीके से किया जा सके। उन्होंने बताया कि इस फोर्स के तहत लंबी दूरी की रॉकेट और मिसाइलों को एक ही कमांड के तहत रखा जाएगा। इसमें पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर, प्रलय बैलेस्टिक मिसाइल और ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल शामिल होंगी। सेना प्रमुख ने कहा कि आज रॉकेट और मिसाइल दोनों मिलकर अत्यंत निर्णायक प्रभाव डाल सकते हैं, इसलिए भारत को भी इस दिशा में कदम उठाना आवश्यक है।
रॉकेट और मिसाइल सिस्टम की ताकत
भारत ने हाल ही में 120 किलोमीटर की दूरी तक मार करने वाले पिनाका रॉकेट सिस्टम का सफल परीक्षण किया है। सेना प्रमुख ने बताया कि भविष्य में 150 किलोमीटर की रेंज वाले रॉकेट बनाए जाएंगे और उनकी रेंज 300 से 450 किलोमीटर तक बढ़ाई जाएगी। प्रलय मिसाइल, जो देश में निर्मित है, आधुनिक नेविगेशन सिस्टम और कई वारहेड्स के साथ सटीक निशाना साधने में सक्षम है। वहीं ब्रहमोस मिसाइल, जो भारत और रूस के संयुक्त प्रयास से बनी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, बेहद तेजी और सटीकता से अपने लक्ष्य को भेद सकती है। इस फोर्स के बनने से भारत की रक्षा क्षमता और रणनीतिक ताकत में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और यह किसी भी संघर्ष में निर्णायक भूमिका निभा सकेगी।
Patrakar Vandana singh
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