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मध्य प्रदेश में कड़ाके की सर्दी का असर लगातार बना हुआ है। उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण प्रदेश के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान गिरकर 4.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। शाजापुर में कोल्ड वेव का असर साफ नजर आया, जबकि उत्तरी मध्य प्रदेश में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा, जिससे लोगों को ठिठुरन और आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्वालियर-चंबल, रीवा, शहडोल और सागर संभाग ठंड और कोहरे से सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा जिलों में घना कोहरा दर्ज किया गया। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सागर, गुना, रतलाम, शाजापुर, सीहोर और रायसेन में मध्यम कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम रही, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ।
मौसम विभाग के अनुसार 16 जनवरी से सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस आगे बढ़ चुका है, लेकिन 19 जनवरी से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। इसके असर से 20 जनवरी के बाद मध्य प्रदेश में बादल छाने और बारिश या मावठे की संभावना बन सकती है। इससे तापमान में बढ़ोतरी होगी और लोगों को भीषण ठंड से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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