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हाल के दिनों में यात्री बसों में आग लगने की घटनाओं से कई परिवार प्रभावित हुए हैं। इन हादसों से सबक लेते हुए जबलपुर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। बसों में अग्नि दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से आरटीओ की टीम ने शहर के बस बॉडी मेकिंग कारखानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की है। इसी क्रम में आरटीओ संतोष पॉल के नेतृत्व में टीम ने महानद्दा स्थित ‘दिक्षु बस बॉडी मेकिंग’ कारखाने पर दबिश दी।
छापेमारी के दौरान कारखाने में कई गंभीर खामियां सामने आईं। यूनिट के पास अनिवार्य सर्वे रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थी और मौके पर सुरक्षा मानकों का भी घोर अभाव पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि कई बस बॉडी सेंटर्स ARAI (ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया) के निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं। घटिया वायरिंग, ज्वलनशील सामग्री का इस्तेमाल, इमरजेंसी गेट और फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी जैसी लापरवाहियां यात्रियों की जान को खतरे में डाल रही हैं।
गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए परिवहन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दिक्षु बस बॉडी मेकिंग कारखाने को सील कर दिया है। आरटीओ की इस कार्रवाई से बस बॉडी निर्माताओं में हड़कंप मच गया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और नियम तोड़ने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में जबलपुर के अन्य बस बॉडी सेंटर्स पर भी सख्त निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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