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देश का दूसरा सबसे बड़ा आदिवासी जातरा मेडारम 2026: 28 जनवरी से होगा शुरू
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तेलंगाना के कोंटा से लगभग 120 किमी दूर मेडारम में 28 जनवरी से 31 जनवरी तक देश के दूसरे सबसे बड़े आदिवासी मेले मेडारम जातरा का आयोजन होने जा रहा है। जंपन्नावागू नदी के तट पर आयोजित इस जातरा में सम्मक्का और सारक्का माता की पूजा-अर्चना की जाएगी। कुंभ मेले की तरह, इस मेले में एक करोड़ से अधिक आदिवासी श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। इस बार के आयोजन के लिए तेलंगाना सरकार ने 251 करोड़ रुपये का बजट आबंटित किया है।

 

जातरा के दौरान नदी के तट के आसपास 10 किमी के दायरे में अस्थायी गाँव बसाए जाएंगे। मुख्य रूप से गुड़ का भोग, बकरे और मुर्गों की बलि दी जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 4 हजार से अधिक यात्री बसों की व्यवस्था की जा रही है, अस्थायी मोबाइल टावर लगाए गए हैं, 20 हजार से अधिक शौचालय बनाए गए हैं और सुरक्षा के लिए हजारों जवान तैनात होंगे। पेयजल व्यवस्था के लिए पाइपलाइन बिछाई गई है और आसपास होटल एवं दुकानों की व्यवस्था शुरू हो गई है।

 

जातरा के मुख्य कार्यक्रमों में 28 जनवरी को देवी सारलम्मा और अन्य देवी-देवताओं को कन्नेपल्ली से मेडारम लाया जाएगा। 29 जनवरी को सम्मक्का माता चिलकलगुट्टा की पहाड़ियों से उतरेंगी और दोनों देवियों के दर्शन होंगे। 30 जनवरी को महापूजा और तुलाभार में गुड़ चढ़ाने की परंपरा निभाई जाएगी। 31 जनवरी को ‘वनप्रवेशम’ के साथ जातरा का समापन होगा। मेडारम पहुँचने के लिए कोंटा से भद्राचलम मार्ग या बीजापुर से तारलागुड़ा और ऐटूरनागारम मार्ग का इस्तेमाल किया जा सकता है।

Priyanshi Chaturvedi 18 January 2026

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