Since: 23-09-2009
छत्तीसगढ़ सरकार राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए नई पर्यटन नीति लागू करने जा रही है। नीति में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत पर्यटन स्थलों के विकास और संचालन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पहले चरण में बस्तर, जशपुर और सरगुजा के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों को विकसित किया जाएगा। नीति में इको-टूरिज्म को प्राथमिकता दी जाएगी और होम-स्टे, होटल, एडवेंचर स्पोर्ट्स व वेलनेस सेंटर जैसी परियोजनाओं के लिए सब्सिडी दी जाएगी।
राज्य सरकार निजी निवेश को आकर्षित कर पर्यटकों के लिए आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल सुविधाओं से लैस होटल, रिसॉर्ट और अन्य पर्यटन अधोसंरचना विकसित करेगी। नीति के तहत युवा वर्ग को आकर्षित करने के लिए एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा दिया जाएगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे। सामान्य क्षेत्रों में 45 प्रतिशत और आदिवासी या माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में 10 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान प्रदान किया जाएगा।
बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, वन क्षेत्र, पौराणिक स्थल और समृद्ध संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए विशेष परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। गंगरेल बांध पर लेजर टूरिज्म, दंतेवाड़ा, चित्रकोट और मैनपाट में धार्मिक, इको, एथनिक और हेरिटेज पर्यटन, तथा प्राकृतिक चिकित्सा और वेलनेस केंद्रों का विकास किया जाएगा। नई नीति अगले वित्तीय वर्ष से लागू होगी और इसका उद्देश्य प्रदेश के पर्यटन स्थलों को विश्व स्तर पर पहचान दिलाना और स्थानीय रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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