Since: 23-09-2009
रायपुर के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय में बीते शनिवार की रात हुई आगजनी को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने इस घटना की न्यायिक जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल विभागीय जांच कराकर मामले की लीपापोती करना चाहती है, जबकि आगजनी में कई महत्वपूर्ण फाइलें जलने की बात सामने आ रही है। शुक्ला के मुताबिक मिड-डे मील, निजी स्कूलों को अनुदान, मदरसों को अनुदान, विभागीय पदोन्नति और निर्माण कार्यों से जुड़ी अहम फाइलें इस आग में नष्ट हुई हैं।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि इस आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता कि भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए जानबूझकर आगजनी कराई गई हो। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के गठन के बाद शिक्षा विभाग भ्रष्टाचार का केंद्र बन गया है। कांग्रेस नेता ने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
शनिवार रात डीईओ कार्यालय के स्टोर रूम में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई थी। आग इतनी भीषण थी कि उसकी लपटें दूर से दिखाई दे रही थीं। सूचना मिलने पर दमकल और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस घटना के बाद डीपीआई ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जिसे पांच दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.
Created By:
Medha Innovation & Development |