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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को मुरथल स्थित नागेवाला धाम में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा और भंडारे में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कुछ लोग धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं। ऐसे लोगों से सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक योगी या संन्यासी के लिए धर्म और राष्ट्र ही सबसे बड़ी संपत्ति हैं। सीएम योगी के इस बयान को मौनी अमावस्या पर प्रयागराज में चल रहे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती विवाद से जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने भारत की ऐतिहासिक ताकत और सनातन धर्म की मजबूती के लिए काम करने वालों की सराहना की। उन्होंने कहा कि नाथ संप्रदाय ने समाज को जोड़ा और देशभर में मठों, मंदिरों और धामों की श्रृंखला स्थापित की। उन्होंने पीएम मोदी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ अभियान की प्रशंसा करते हुए बताया कि स्वतंत्र भारत ने 1000 वर्षों के विदेशी आक्रमणों के बाद आज नए विकास और सांस्कृतिक गौरव की दिशा में कदम बढ़ाया है। सीएम योगी ने राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम जैसे उदाहरणों का जिक्र करते हुए बताया कि देशवासियों में आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक अनुशासन बढ़ रहा है।
सीएम योगी ने हरियाणा और मुरथल के लोगों की प्रशंसा करते हुए कहा कि स्थानीय संतों के मार्गदर्शन से युवाओं में नशा न करने और सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने की चेतना बढ़ी है। उन्होंने लोगों से संस्कार, पर्यावरण संरक्षण, नदी बचाने और संयुक्त परिवार परंपरा को बनाए रखने का आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि धर्म केवल उपासना का तरीका नहीं है, बल्कि यह जीवन और सद्कर्म का मार्ग भी है, जिसे समाज में फैलाने की जिम्मेदारी सभी की है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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