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भोपाल स्वास्थ्य समिति ने चेतावनी दी है कि साल 2026 में अरेरा कॉलोनी, गुलमोहर और आशा निकेतन वार्ड में हीट वेव का खतरा है। सस्टेनेबल इनवायरनमेंट एण्ड इकोलॉजिकल डेवलपमेंट सोसाइटी के विशेषज्ञों का कहना है कि मिट्टी में नमी कम होना और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से गर्मी बढ़ सकती है। इन वार्डों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, बीपी, हार्ट अटैक, किडनी और सांस संबंधी रोगों से निपटने के लिए विशेष एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है।
सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और आंगनबाड़ी/आशा कार्यकर्ताओं को जलवायु जनित बीमारियों की पहचान, त्वरित इलाज और रेफरल के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अस्पतालों में ओपीडी और इमरजेंसी सेवाओं में संभावित भीड़ को नियंत्रित करने की तैयारियां भी की जा रही हैं। 2024 में इसी क्षेत्र में चली हीट वेव के दौरान वार्ड के लगभग 45-50 प्रतिशत लोग प्रभावित हुए थे।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यदि तापमान 22 डिग्री सेल्सियस से 23 या उससे अधिक बढ़ता है, तो पहले से बीमार लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। लगातार 42 डिग्री या उससे अधिक तापमान रहने पर हीट स्ट्रोक, दिल का दौरा, ब्रेन स्ट्रोक, किडनी फेल्योर और डिहाइड्रेशन का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि विशेष ध्यान हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट, दमा और सांस के मरीजों पर रहेगा।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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