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सुप्रीम कोर्ट द्वारा UGC के इक्विटी रेगुलेशन पर रोक लगाए जाने के बाद राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कवि और वक्ता कुमार विश्वास से लेकर बीजेपी और विपक्षी दलों के नेताओं ने इस फैसले का समर्थन किया है। कुमार विश्वास ने कहा कि देश इस समय किसी भी तरह के विभाजन को सहन करने की स्थिति में नहीं है और राजनीति को समाज में नई विभाजक रेखाएं खींचने से बचना चाहिए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को करोड़ों लोगों की भावनाओं को समझने वाला बताया।
बीजेपी विधायक पंकज सिंह ने इसे स्वागत योग्य निर्णय करार देते हुए कहा कि यह मुद्दा लाखों लोगों की भावनाओं से जुड़ा था, जिसे ध्यान में रखकर अदालत ने नियमों पर रोक लगाई है। वहीं समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि सच्चा न्याय वही है जिसमें किसी के साथ अन्याय न हो। उन्होंने जोर दिया कि कानून की भाषा और उसका उद्देश्य दोनों स्पष्ट होने चाहिए ताकि किसी वर्ग पर अत्याचार या नाइंसाफी न हो।
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि UGC के नए नियमों से विश्वविद्यालयों में सामाजिक तनाव का माहौल बन गया था। मायावती ने आरोप लगाया कि नियम लागू करने से पहले सभी पक्षों को विश्वास में नहीं लिया गया। उनके मुताबिक मौजूदा परिस्थितियों में नियमों पर रोक लगाना उचित कदम है और इससे समाज में संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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