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असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि कांग्रेस केवल अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की चिंता करती है, न कि राज्य के मूल निवासियों के हितों की। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई उनकी कार्रवाईयों को रोक नहीं सकते। सीएम ने मिया मुसलमान शब्द को लेकर विवाद पर स्पष्ट किया कि यह शब्द उन्होंने नहीं बनाया है और इसे उस समुदाय के लोग स्वयं इस्तेमाल करते हैं, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी संदर्भित किया है।
सरमा ने X (Twitter) पर लिखा कि अवैध प्रवासी असम को भारत से अलग करने की कोशिश कर रहे हैं और निचले असम के कुछ जिलों में जनसांख्यिकीय बदलाव से भू-रणनीतिक नुकसान हो सकता है। उनका कहना है कि यह केवल मूल निवासियों के संसाधन, नौकरियों और जमीन की रक्षा का प्रयास है, और इसे सांप्रदायिकता नहीं कहा जा सकता। विपक्ष ने सीएम के बयान को अदालत के नाम का दुरुपयोग बताते हुए इसका विरोध किया।
सरमा ने यह भी बताया कि राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत 4-5 लाख मिया मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मिया समुदाय को असम में वोट डालने की अनुमति नहीं होनी चाहिए और यह कदम राज्य के संसाधनों और मूल निवासियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए है। असम में ड्राफ्ट रोल में फिलहाल 2.51 करोड़ मतदाता हैं और चुनाव अधिकारियों ने 61 लाख से अधिक घरों का सत्यापन कर शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित किया है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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