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छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सल प्रभावित जिलों के अंतिम छोर पर बसे गांवों को वाइब्रेंट विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। इस पहल के तहत मंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी इन गांवों में जाकर रात्रि प्रवास करेंगे और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी दिनचर्या, समस्याओं और जीवनशैली को समझेंगे। सरकार का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भरोसा और सुरक्षा की भावना को मजबूत करना है।
वाइब्रेंट विलेज अवधारणा के अंतर्गत आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक मिट्टी-लकड़ी के घरों और स्थानीय कला को संरक्षित रखते हुए इको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा। बीजापुर और धुड़मारस जैसे गांवों में सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से स्थानीय रोजगार, होमस्टे और पर्यटन के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र का सतत विकास संभव हो सकेगा।
छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सल प्रभावित जिलों के अंतिम गांवों को इस योजना में शामिल किया जाएगा और अधिकारियों को साल में कम से कम एक बार गांवों में रात्रि प्रवास के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से ग्रामीणों में यह विश्वास जगेगा कि शासन-प्रशासन उनके साथ खड़ा है और नक्सल समस्या का डर अब अतीत की बात बनता जा रहा है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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