भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गोमांस प्रकरण और दूषित पानी की सप्लाई को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। पिछले एक महीने से चर्चा में बने इन दोनों मुद्दों पर सोमवार को कांग्रेस ने बड़ा प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता रविंद्र साहू झूमरवाला के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आईएसबीटी स्थित नगर निगम कार्यालय का घेराव किया और महापौर मालती राय सहित एमआईसी सदस्यों का रावण रूपी पुतला दहन किया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता महापौर का 11 सिर वाला प्रतीकात्मक कटआउट लेकर पहुंचे, जिसमें एक सिर महापौर का और शेष 10 सिर अन्य जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बताए। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई और पूरे क्षेत्र में जोरदार नारेबाजी गूंजती रही।
इंदौर जैसी त्रासदी का खतरा भोपाल में भी
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि इंदौर में दूषित पानी पीने से 33 लोगों की मौत के बावजूद भोपाल नगर निगम ने कोई सबक नहीं लिया। शहर के कई इलाकों में सीवेज लाइन और पेयजल लाइन पास-पास होने से गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। आरोप है कि वार्ड कार्यालयों में होने वाली जल-सुनवाई महज औपचारिकता बनकर रह गई है और नाले के पानी को भी पीने योग्य बताकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। कांग्रेस नेता रविन्द्र साहू ने बताया कि कहीं पानी के चैंबर में सीवेज मिल रहा है तो कहीं सीधे गंदा पानी सप्लाई किया जा रहा है, जिससे लोग बीमार पड़ रहे हैं। हाल ही में मीडिया की पड़ताल में एक वार्ड कर्मचारी द्वारा नाली के पानी को पीने योग्य बताने का मामला भी सामने आया था।
गोमांस प्रकरण पर भी निगम पर गंभीर आरोप
प्रदर्शन में स्लॉटर हाउस में गोमांस मिलने का मामला भी प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस का कहना है कि अब तक केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई, जबकि असली जिम्मेदार महापौर और एमआईसी सदस्यों पर कोई कदम नहीं उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि स्लॉटर हाउस से जुड़ा प्रस्ताव एमआईसी की बैठक में ही पास हुआ था, इसके बावजूद जिम्मेदारी तय नहीं की जा रही।
क्या है पूरा गोमांस मामला
जहांगीराबाद थाना प्रभारी मान सिंह चौधरी ने 24 दिसंबर 2025 को एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर के मुताबिक 17 दिसंबर को कंटेनर नंबर यूपी 15 जेटी 4286 में मांस पकड़ा गया। 18 दिसंबर को वेटनरी अस्पताल जहांगीराबाद में कंटेनर में भरे 265 क्विंटल (26.5 टन) मांस में से डॉक्टरों की टीम ने पांच सैंपल लिए, जबकि शेष मांस कंटेनर के ड्राइवर शोएब पिता कमालउद्दीन को सुपुर्द कर दिया गया।
निगम परिषद से सड़क तक आंदोलन
यह मुद्दा पहले भी नगर निगम परिषद में गूंज चुका है। 13 जनवरी की परिषद बैठक में कांग्रेस ने विरोध करते हुए वॉकआउट किया था, जिसके बाद कुछ वेटनरी डॉक्टरों और कर्मचारियों को निलंबित किया गया। अब कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि जब तक भोपाल के नागरिकों को साफ पानी और गोवंश से जुड़े मामलों में पारदर्शी व जिम्मेदार कार्रवाई नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।