एमपी की बिटिया ने रचा इतिहास, माउंट किलिमंजारो पर फहराया तिरंगा
मध्यप्रदेश के इंदौर की रहने वाली पर्वतारोही आकांक्षा कुटुम्बले ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर सफल चढ़ाई कर इतिहास रच दिया है। समुद्र तल से 19,341 फीट ऊंची इस चोटी पर पहुंचकर उन्होंने राष्ट्रध्वज फहराया और देश का नाम रोशन किया। इससे पहले सितंबर 2024 में आकांक्षा यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस पर भी चढ़ाई कर चुकी हैं। ये दोनों चोटियां विश्व प्रसिद्ध ‘सेवन समिट्स’ सूची में शामिल हैं।
पेशे से सिविल इंजीनियर आकांक्षा ने शिखर पर पहुंचकर कश्मीर से लाई गई कानी साड़ी पहनकर भारतीय संस्कृति की अनूठी झलक भी पेश की। माउंट किलिमंजारो को दुनिया का सबसे ऊंचा ‘फ्री-स्टैंडिंग माउंटेन’ माना जाता है। भूमध्य रेखा के पास स्थित होने के कारण यहां ऑक्सीजन की भारी कमी रहती है। चढ़ाई के दौरान आकांक्षा को सांस लेने में परेशानी हुई, तापमान माइनस 12 डिग्री तक गिर गया और तेज हवाओं ने चुनौती को और कठिन बना दिया।
आकांक्षा कुटुम्बले बताती हैं कि कश्मीर उनकी कर्मभूमि रही है, जहां उन्होंने माउंटेनियरिंग के बेसिक और एडवांस कोर्स किए और कई चोटियों पर अभ्यास किया। इस उपलब्धि के लिए उन्होंने नियमित रनिंग, जिम में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, सीढ़ियों पर अभ्यास और प्राणायाम के जरिए खुद को तैयार किया। उनकी यह सफलता प्रदेश ही नहीं, पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।