Since: 23-09-2009

  Latest News :
खामेनेई की मौत पर सियासी घमासान.   मिडिल ईस्ट तनाव के बीच ट्रंप का 2026 व्यापार एजेंडा.   लाल बारादरी विवाद: छात्र नेताओं की FIR पर अखिलेश यादव का समर्थन.   खामेनेई के निधन पर एक्ट्रेस एलनाज नौरोजी का बयान बना विवाद का कारण.   अमेरिका-ईरान युद्ध का असर: सेंसेक्स 2700 अंक टूटा, बाजार में हड़कंप.   इजराइल-ईरान तनाव का असर: दुबई में एमपी के 100 से ज्यादा लोग फंसे, फ्लाइट्स रद्द.   महाकाल की नगरी में होली की भव्य शुरुआत.   ऑनलाइन iPhone ऑर्डर, पार्सल में निकला सिर्फ चार्जर.   सदन में गलत जानकारी पर बढ़ा विवाद.   पलायन करने वाले मजदूरों के लिए एमपी सरकार की नई रैन बसेरा योजना 2026.   फ्री स्मार्ट मीटर का वादा टूटा, अब उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा बिजली बिल का बोझ.   ईरान-इजराइल युद्ध के बीच दुबई में फंसे एमपी के कारोबारी परिवार.   भूमि पूजन कार्यक्रम में मंच पर बवाल.   रायपुर में शिया समुदाय ने किया ईरान के सर्वोच्च नेता के निधन पर प्रदर्शन.   धान भुगतान पर छत्तीसगढ़ में सियासी संग्राम, बघेल का भाजपा पर पलटवार.   800 साल पुराना मोहदेश्वर नाथ मंदिर: साल में तीन बार रंग बदलता है शिवलिंग.   छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज, तापमान 4 डिग्री तक बढ़ने के आसार.   हैवेंस पार्क सामूहिक मारपीट मामला: 13 दोषियों को 7 साल की सजा.  
एअर इंडिया और इंडिगो के विमानों में बार-बार तकनीकी खराबी
Dehli , Frequent technical,  glitches , Air India,  IndiGo aircraft

हवाई यात्रा की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। सरकार ने संसद में बताया कि जनवरी 2025 से देश की छह प्रमुख एयरलाइंस के 754 विमानों की तकनीकी जांच की गई, जिनमें से 377 विमानों में एक ही तरह की खराबी बार-बार सामने आई। एअर इंडिया ग्रुप के 267 विमानों में से 191 (करीब 72%) में रिपीटेटिव डिफेक्ट पाए गए, जबकि इंडिगो के 405 विमानों में से 148 विमानों में 3 फरवरी 2025 तक बार-बार तकनीकी खामियां दर्ज की गईं।

 

नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने लोकसभा में बताया कि DGCA ने पिछले साल सुरक्षा मानकों की सख्त निगरानी की। इस दौरान 3,890 सर्विलांस निरीक्षण, 56 ऑडिट, 492 रैंप चेक, 874 स्पॉट चेक, 550 नाइट सर्विलांस और 84 विदेशी विमानों की जांच की गई। सरकार के मुताबिक इन जांचों का मकसद उड़ान सुरक्षा सुनिश्चित करना और संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान करना था।

 

सरकारी आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए एअर इंडिया ने कहा कि ज्यादातर खामियां कैटेगरी-D से जुड़ी हैं, जिनका सीधा संबंध उड़ान सुरक्षा से नहीं है। एयरलाइन के अनुसार इनमें सीट, ट्रे टेबल और इन-फ्लाइट स्क्रीन जैसी सुविधाओं से जुड़ी दिक्कतें शामिल हैं। कंपनी ने भरोसा दिलाया कि अगले दो वर्षों में नैरो-बॉडी विमानों के रेट्रोफिट प्रोग्राम के जरिए इन समस्याओं को पूरी तरह दूर कर लिया जाएगा।

Priyanshi Chaturvedi 6 February 2026

Comments

Be First To Comment....
Video

Page Views

  • Last day : 8641
  • Last 7 days : 45219
  • Last 30 days : 64212


x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.