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छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में गुरुवार को कुल 12 माओवादी नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया, जिन पर कुल 46 लाख रुपये का इनाम था। इनमें आठ महिलाएं भी शामिल हैं। ये सभी माओवादी संगठन के ‘साउथ सब जोनल ब्यूरो’ से जुड़े थे और बस्तर पुलिस की ‘पूना मर्जेम’ पहल के तहत वरिष्ठ अधिकारियों के सामने सरेंडर हुए। अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति ने इन नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने एक एके-47 रायफल, दो एसएलआर, 250 जिलेटिन स्टिक, 400 डेटोनेटर, बारूद का एक प्लास्टिक ड्रम और कॉर्डेक्स वायर पुलिस को सौंपा। पुलिस ने बताया कि सभी को तत्काल 5 से 50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी और राज्य सरकार की नीति के तहत उनका पुनर्वास किया जाएगा। इनमें सोमडू मड़काम, हुंगी कुंजाम और पायकी कुंजाम जैसे प्रमुख माओवादी शामिल हैं, जिन पर सबसे अधिक इनाम घोषित था।
बीजापुर में 2024 की शुरुआत से अब तक 888 नक्सलियों ने हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है। वहीं 1,163 नक्सली गिरफ्तार हुए और मुठभेड़ों में 231 मारे गए। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि सुरक्षा, सड़क संपर्क और विकास योजनाओं की वजह से माओवादी संगठन का आधार लगातार सिमट रहा है। उन्होंने शेष नक्सली कैडरों से हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने और सुरक्षित भविष्य बनाने की अपील की।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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