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राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बुधवार को राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि 6062 शब्दों के इस अभिभाषण में कई अहम मुद्दों पर मौन है। खरगे ने सामाजिक न्याय, सामाजिक सद्भाव, संसदीय लोकतंत्र पर हमले, अर्थव्यवस्था और किसानों-मजदूरों की दिक्कतों, और विदेश नीति की खामियों जैसे पांच जरूरी मुद्दे उठाए।
सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए खरगे ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने सामाजिक न्याय के ताने-बाने को कमजोर किया है और संवैधानिक हक-हकूकों पर चोट पहुंचाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला सशक्तिकरण की बात केवल दिखावा है और महिलाएं भाजपा के लिए केवल वोट बैंक बनकर रह गई हैं। खरगे ने महिला आरक्षण विधेयक को लागू न करने पर भी सरकार को घेरा और कहा कि अगर सच में महिलाओं को नेतृत्व देना होता तो यह विधेयक बिना शर्त पारित किया जाता।
खरगे ने कांग्रेस के महिलाओं को नेतृत्व देने के उदाहरण भी पेश किए। उन्होंने कहा कि सौ साल पहले महिलाओं को वोट का अधिकार नहीं था, तब कांग्रेस ने सरोजनी नायडू को अध्यक्ष बनाया। इसके अलावा इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री बनने को 60 साल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि BJP और RSS ने अब तक किसी महिला को अपने शीर्ष नेतृत्व में शामिल नहीं किया, जो इस बात का संकेत है कि उनकी नीतियों में महिलाओं को सही नेतृत्व नहीं दिया जा रहा।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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