Since: 23-09-2009
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले सीएम ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और मोदी सरकार पर तीखे आरोप लगाए हैं। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की और दिल्ली में निर्वाचन सदन जाकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलने टीएमसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। ममता ने कहा कि चुनाव आयोग ने उनके प्रतिनिधिमंडल का “अपमान” किया और आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है।
ममता बनर्जी की सबसे बड़ी चिंता पश्चिम बंगाल में एक करोड़ से ज्यादा मतदाताओं को तार्किक विसंगतियों के आधार पर नोटिस भेजे जाने की है। इससे बड़ी संख्या में नाम अंतिम मतदाता सूची से हट सकते हैं, जिनमें अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाता भी शामिल हैं। 2011 से टीएमसी को मुस्लिम वोटों का मजबूत समर्थन मिलता रहा है, जबकि राज्य की आबादी में मुस्लिमों का हिस्सा करीब 27% है। यही वजह है कि ममता SIR विवाद को भाजपा के खिलाफ राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही हैं।
ममता बनर्जी ने चुनावी मोड में पूरी ताकत झोंक दी है। 14 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद चुनाव तारीखों की घोषणा संभावित है। पीएम मोदी और अमित शाह के हमलों का सामना करने के साथ-साथ ममता ईडी की संभावित कार्रवाइयों, कानूनी संकट और हिंदू मतदाताओं को साधने की चुनौतियों से भी जूझ रही हैं। अल्पसंख्यक समर्थन मजबूत करने और हिंदू वोट बैंक में सेंध लगाने की रणनीति के साथ टीएमसी 2026 के चुनाव की तैयारी कर रही है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.
Created By:
Medha Innovation & Development |