फर्जी दस्तावेजों के सहारे शिक्षा विभाग में नौकरी, 8 आरोपियों पर एफआईआर से हड़कंप
छत्तीसगढ़ के केसीजी और एमएमएसी जिलों में शिक्षा विभाग में फर्जी दस्तावेजों के जरिए नौकरी करने का बड़ा मामला सामने आया है। राज्य शिक्षा आयोग के जाली पत्र और फर्जी नियुक्ति आदेशों के आधार पर सरकारी स्कूलों में काम कर रहे दोनों जिलों के चार-चार लोगों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। जिला शिक्षा अधिकारियों की शिकायत पर खैरागढ़ और मोहला थानों में आरोपियों के विरुद्ध धारा 120-बी, 420, 467, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, केसीजी जिले में वर्ष 2022 से अजहर सिद्दीकी, फजेंद्र कुमार सिन्हा, टीकमचंद साहू और रजिया अहमद अलग-अलग स्कूलों में सहायक ग्रेड-3 के पद पर कार्यरत थे। वहीं एमएमएसी जिले में डोलामण मटारी, शादाब उस्मान, आशुतोष कछवाहा और अमीन शेख मोहला-मानपुर जिले के विभिन्न स्कूलों में पदस्थ पाए गए। जांच में सामने आया कि सभी आरोपी राज्य शिक्षा आयोग के फर्जी आदेशों के आधार पर नियुक्त हुए थे, जिसके बाद संबंधित डीईओ ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब शिक्षा विभाग ने नियुक्ति आदेशों की सत्यता की जांच के लिए राज्य शिक्षा आयोग से संपर्क किया। आयोग ने बताया कि जिन आदेश क्रमांकों के आधार पर नियुक्तियां दर्शाई गई थीं, वे वास्तव में बैंक ऑफ बड़ौदा, विवेकानंद नगर शाखा को जारी पत्र से संबंधित थे। साथ ही आदेशों पर दर्ज आयोग के सचिव डॉ. ओपी मिश्रा के हस्ताक्षर भी आधिकारिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहे थे। इसके बाद पूरे फर्जी नियुक्ति नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ और पुलिस मामले की गहन जांच में जुट गई है।