सोनिया गांधी ने कोर्ट में दाखिल किया जवाब, जानिए वोटर लिस्ट विवाद का पूरा मामला
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने नागरिकता से पहले वोटर लिस्ट में नाम दर्ज होने के आरोपों से जुड़े मामले में शनिवार को कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया है। यह जवाब वकील विकास त्रिपाठी की ओर से दायर रिवीजन पिटीशन पर राऊज एवेन्यू कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। सोनिया गांधी की ओर से जवाब दाखिल होने के बाद अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 फरवरी को निर्धारित की गई है।
इससे पहले कोर्ट ने सोनिया गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की याचिका को खारिज कर दिया था, यह कहते हुए कि याचिका पर्याप्त साक्ष्यों के बिना दाखिल की गई है। बाद में इस आदेश को चुनौती देते हुए रिवीजन याचिका दाखिल की गई, जिस पर कोर्ट ने सोनिया गांधी और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था।
पूरा मामला सोनिया गांधी का नाम भारतीय नागरिकता मिलने से पहले मतदाता सूची में शामिल किए जाने के आरोपों से जुड़ा है। याचिका में दावा किया गया है कि उनका नाम वर्ष 1980 में वोटर लिस्ट में दर्ज हुआ, 1982 में हटाया गया और 1983 में दोबारा जोड़ा गया, जिसे चुनावी कानूनों का उल्लंघन बताया जा रहा है। कांग्रेस ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। प्रियंका गांधी ने कहा कि सोनिया गांधी ने भारतीय नागरिकता मिलने के बाद ही मतदान किया, जबकि वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने का फैसला चुनाव आयोग या संबंधित अधिकारियों का था, न कि सोनिया गांधी का।