इंदौर मेट्रो निर्माण पर विवाद, ऐतिहासिक बावड़ी तोड़ने पर रीगल तिराहा पर हंगामा
इंदौर के रीगल तिराहा स्थित रानी सराय में मेट्रो परियोजना के निर्माण के दौरान बुधवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब प्रशासन ने एक प्राचीन बावड़ी को तोड़ने का काम शुरू किया। जैसे ही ऐतिहासिक धरोहर को नुकसान पहुँचाने की खबर फैली, बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी और नागरिक मौके पर पहुंच गए और काम तुरंत रोकने की मांग की। बढ़ते विरोध के बीच फिलहाल बावड़ी तोड़ने की कार्रवाई रोक दी गई है।
पर्यावरण प्रेमियों ने कहा कि विकास के नाम पर यदि शहर की जल संचयन और ऐतिहासिक विरासतों को नष्ट किया गया तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम होंगे। प्रदर्शनकारियों ने मेट्रो अधिकारियों से बावड़ी तोड़ने की अनुमति से जुड़े दस्तावेज दिखाने की मांग की, जबकि अधिकारियों का कहना था कि निर्माण कार्य के दायरे में आने वाली संरचनाओं के लिए अलग अनुमति की जरूरत नहीं होती।
विरोध प्रदर्शन में पर्यावरणविद डॉ. डीके वाघेला, चंद्रशेखर गवली, डॉ. सुभाष बारोट और जनहित पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय जैन सहित कई लोग शामिल हुए। क्रेन से तोड़फोड़ शुरू होते ही प्रदर्शनकारी बावड़ी के भीतर उतर गए और नारेबाजी करते हुए काम रुकवा दिया, जिससे मौके पर लंबे समय तक विवाद की स्थिति बनी रही।