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लुइज़ इनासियो लुला दा सिल्वाने भारत दौरे के दौरान कहा कि भारत से मिली सीख ने ब्राजील की आर्थिक दिशा बदलने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि 2005 में भारत यात्रा के समय उन्हें विदेशी मुद्रा भंडार की मजबूती का महत्व समझ आया था। उस दौरान भारत के पास लगभग 100 अरब डॉलर का रिजर्व था। इससे प्रेरित होकर ब्राजील ने भी अपना भंडार बढ़ाने का लक्ष्य तय किया और बाद में 360 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इसी के साथ ब्राजील अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का कर्जदार देश से कर्जदाता देश बन गया।
लूला ने कहा कि उनका मौजूदा अंतरराष्ट्रीय दौरा उनके तीसरे कार्यकाल की रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य दुनिया में ब्राजील की साख और बातचीत की ताकत को फिर से स्थापित करना है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन साल दो महीनों में ब्राजील ने अपने उत्पादों के लिए 520 नए बाजार खोले हैं। भारत के साथ व्यापार भी लगातार बढ़ा है—पहले यह 2.4 अरब डॉलर था, जो अब बढ़कर 10.5 अरब डॉलर हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 2030 तक इसे 20 अरब डॉलर और आगे 30 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है।
राष्ट्रपति लूला ने भारत-ब्राजील संबंधों को रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से बेहद मजबूत बताया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा समेत कई क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सात महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। साथ ही उन्होंने एक रोचक प्रसंग साझा करते हुए बताया कि दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में जब ब्राजील का प्रसिद्ध गीत ‘आसा ब्रांका’ बजाया गया, तो वे हैरान रह गए। इससे दोनों देशों के बीच बढ़ती सांस्कृतिक नजदीकी भी साफ झलकती है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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