बजट सत्र 2026 में पेश होगा मतांतरण विरोधी धर्म स्वातंत्र्य बिल
छत्तीसगढ़ की विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से 20 मार्च 2026 तक चलेगा। सत्र के दौरान मुख्यमंत्री Vishnu Dev Sai सरकार जबरन मतांतरण के खिलाफ ‘छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2026’ पेश करेगी। इसके अलावा राज्य सरकार तीन प्रमुख विधेयक पेश करेगी, जिनमें छत्तीसगढ़ लोक सुरक्षा (उपाय) प्रवर्तन विधेयक और अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा से संबंधित विधेयक शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार नया धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 1968 के पुराने कानून की जगह लेगा। प्रस्तावित कानून में धोखाधड़ी, प्रलोभन या दबाव के माध्यम से किए गए मतांतरण पर 10 वर्ष तक की कठोर सजा का प्रावधान रखा जा सकता है। इसके लिए ओडिशा, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सहित नौ राज्यों के प्रचलित अधिनियमों का अध्ययन किया गया है।
सत्र के पहले दिन राज्यपाल Raman Deka का अभिभाषण होगा। 24 फरवरी को वित्त मंत्री O.P. Chaudhary राज्य का बजट पेश करेंगे। 26-27 फरवरी को आय-व्यय पर सामान्य चर्चा होगी और 9 से 17 मार्च तक विभागवार अनुदान मांगों पर विचार किया जाएगा। कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं, जबकि सदन में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पर व्यापक चर्चा की संभावना जताई जा रही है।