पलायन करने वाले मजदूरों के लिए एमपी सरकार की नई रैन बसेरा योजना 2026
प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने निर्माण श्रमिकों के लिए “निर्माण श्रमिक रैन बसेरा योजना 2026” लागू करने का फैसला किया है। मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल में पंजीकृत श्रमिक अब प्रदेश में कहीं भी काम करने जाएं, उन्हें न्यूनतम शुल्क पर रैन बसेरा की सुविधा मिलेगी। यहां रहने के साथ भोजन की व्यवस्था भी होगी, जिससे उन्हें झुग्गियों में रात गुजारने की मजबूरी नहीं रहेगी और अवैध बस्तियों पर भी रोक लगेगी।
यह सुविधा ग्राम पंचायत से लेकर नगर निगम स्तर तक उपलब्ध कराई जाएगी। श्रम विभाग ने गजट नोटिफिकेशन जारी कर योजना को पूरे प्रदेश में लागू कर दिया है। रैन बसेरों के निर्माण के लिए शासकीय भूमि उपलब्ध कराई जाएगी और जरूरत के अनुसार उनकी क्षमता तय की जाएगी। जिला स्तरीय समिति यह भी सुनिश्चित करेगी कि जहां पहले से रैन बसेरा संचालित है, वहां की ऑक्यूपेंसी के आधार पर नए निर्माण का निर्णय लिया जाए।
निर्माण के लिए नगर पालिकाओं को 50 लाख रुपये, नगर परिषद और नगर पंचायतों को 30 लाख रुपये तथा ग्राम पंचायतों को 15 लाख रुपये तक की राशि दी जाएगी। इस धनराशि से भवन निर्माण, फर्नीचर, सीसीटीवी, पलंग, बिस्तर और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। महिला और पुरुष श्रमिकों के लिए अलग-अलग डोरमेट्री, शौचालय और सुरक्षा प्रावधान होंगे। रात्रि शुल्क का निर्धारण जिला समिति करेगी, जबकि रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी भी उसी के पास रहेगी।