Since: 23-09-2009

  Latest News :
12 राज्यों-UT में 6.08 करोड़ नाम कटे, यूपी और बंगाल में सबसे बड़ा बदलाव.   महिला आरक्षण कानून को राजनीतिक हथियार न बनाया जाए.   10 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लिए मजबूत कानून व्यवस्था अनिवार्य.   कांग्रेस सांसद डॉ. गांधी ने राघव चड्ढा विवाद में की तीखी एंट्री.   शराब नीति मामला: केजरीवाल आज हाईकोर्ट में स्वयं रखेंगे पक्ष.   काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित हुई विश्व की प्रथम \'विक्रमादित्य वैदिक घड़ी\'.   भोपाल के 90 डिग्री ओवरब्रिज, लंबे विवाद के बाद रि-डिजाइन पर सहमति.   किसानों की जिम्मेदारी सर्वोपरि, राजनीतिक नियुक्तियों पर स्पष्ट रुख.   भागीरथपुरा पानी कांड: हाईकोर्ट आज करेगी अहम सुनवाई.   भोपाल में एआई कैमरों से सुरक्षा का नया युग.   MP में भाजपा स्थापना दिवस पर 17 जिलों में कार्यालयों का भूमिपूजन.   एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, ओबीसी क्रीमीलेयर निर्धारण में पति की आय नहीं मानी जाएगी.   मधुमक्खी पालन से बदल रही छत्तीसगढ़ के किसानों आय और रोजगार.   CG बोर्ड परीक्षा की कॉपियों में अजीब अपीलें, हनुमान चालीसा से लेकर शादी और पास करने की गुहार .   कोरबा के जटांगपुर में पर्यटन को नई दिशा, सड़क सुधार से मिलेगा बढ़ावा.   छत्तीसगढ़ में मौसम बदला: तापमान में गिरावट और बारिश की संभावना.   BJP का 47वां स्थापना दिवस, CM साय करेंगे ध्वजारोहण से शुरुआत.   बेमेतरा में आत्मानंद स्कूल भर्ती 70 दिन से रुकी, 93 पदों पर नियुक्ति अटकी.  
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच ट्रंप का 2026 व्यापार एजेंडा
Trump

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के दौरान White House ने राष्ट्रपति Donald Trump का 2026 का व्यापार नीति एजेंडा पेश किया है। एजेंडे में अमेरिका के बढ़ते व्यापार घाटे को राष्ट्रीय और आर्थिक सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया है। इसमें टैरिफ को और सख्त करने, व्यापार कानूनों को कड़ाई से लागू करने और पुराने व्यापार समझौतों पर पुनर्विचार करने की बात कही गई है। प्रशासन का दावा है कि हाइपर-ग्लोबलाइजेशन के कारण लाखों मैन्युफैक्चरिंग नौकरियां विदेश चली गईं और हजारों कारखाने बंद हुए, इसलिए अब उत्पादन को फिर से अमेरिका में बढ़ाने की जरूरत है।

 

एजेंडे में कहा गया है कि 2001 में World Trade Organization में चीन के शामिल होने के बाद अमेरिका को भारी औद्योगिक नुकसान उठाना पड़ा। प्रशासन के अनुसार, 2025 में चीन के साथ व्यापार घाटे में 32 प्रतिशत की कमी आई है और निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। दस्तावेज में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अमेरिका चीन के साथ व्यापार जारी रखना चाहता है, लेकिन “पारस्परिकता और संतुलन” के आधार पर। अक्टूबर 2025 में ट्रंप और Xi Jinping के बीच बुसान में हुआ समझौता इसी दिशा में पहला कदम बताया गया है।

 

एग्रीमेंट ऑन रेसिप्रोकल ट्रेड (ART) कार्यक्रम के तहत अमेरिका ने कई देशों के साथ समझौते और ढांचा घोषणाएं की हैं। अर्जेंटीना, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, मलेशिया और ताइवान सहित कई देशों के साथ समझौते किए गए हैं, जबकि भारत, जापान, दक्षिण कोरिया और यूरोपीय संघ के साथ नए फ्रेमवर्क की घोषणा की गई है। इन समझौतों के तहत साझेदार देशों को टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाएं कम करनी होंगी, जबकि अमेरिका संशोधित टैरिफ बनाए रखेगा। साथ ही, प्रशासन 2026 में United States–Mexico–Canada Agreement की संयुक्त समीक्षा का नेतृत्व करेगा और लंबित विवाद सुलझने पर ही इसके नवीनीकरण की सिफारिश करेगा।

Priyanshi Chaturvedi 3 March 2026

Comments

Be First To Comment....
Video

Page Views

  • Last day : 8641
  • Last 7 days : 45219
  • Last 30 days : 64212


x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.