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केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय कृषि महोत्सव से पहले ‘पत्रिका’ से बातचीत में कहा कि उनका पूरा ध्यान देश के किसानों की आय बढ़ाने और कृषि व्यवस्था को मजबूत करने पर है। उन्होंने बताया कि यह महोत्सव “बीज से बाजार तक” की अवधारणा पर आधारित है, जिसमें भाषणों की बजाय 20 से अधिक सत्रों के जरिए वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और किसान सीधे जुड़कर आधुनिक खेती की तकनीक सीखेंगे।
खाद आपूर्ति और वैश्विक परिस्थितियों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के बावजूद देश में खाद के दाम नहीं बढ़ेंगे और किसानों को पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि इंटीग्रेटेड फार्मिंग यानी खेती के साथ पशुपालन और अन्य आय के स्रोत जोड़ना छोटे किसानों के लिए बेहद जरूरी है, ताकि वे आपदाओं से उबर सकें और उनकी आय स्थिर बनी रहे।
मध्यप्रदेश में रुकी राजनीतिक नियुक्तियों पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि अब राज्य के मामलों की जिम्मेदारी स्थानीय नेतृत्व की है और उनका ध्यान केवल केंद्रीय कृषि मंत्रालय और किसानों से जुड़े कार्यों पर है। वहीं उन्होंने भंडारण की समस्या, जैविक उत्पादों के सर्टिफिकेशन और कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार जैसे मुद्दों पर भी समाधान की दिशा में सरकार के प्रयासों की जानकारी दी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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