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मधुमक्खी पालन से बदल रही छत्तीसगढ़ के किसानों आय और रोजगार
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छत्तीसगढ़ में मधुमक्खी पालन तेजी से किसानों और ग्रामीण युवाओं के लिए लाभकारी व्यवसाय के रूप में उभर रहा है। राज्य की अनुकूल जलवायु, घने वन क्षेत्र और विविध फूलों की उपलब्धता इसे शहद उत्पादन के लिए बेहद उपयुक्त बनाती है। सरकार भी राष्ट्रीय बागवानी मिशन और राज्य योजनाओं के तहत इस क्षेत्र को बढ़ावा दे रही है, जिससे किसानों को कम लागत में अतिरिक्त आय के अवसर मिल रहे हैं।

 

जशपुर जिले में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में 20 किसानों को इस योजना के तहत सहायता दी जा रही है। इसमें मधुमक्खी पेटी, कॉलोनी और मधु निष्कासन यंत्र जैसे संसाधनों पर अनुदान शामिल है। इस पहल का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ वैकल्पिक आजीविका से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना है।

 

मधुमक्खी पालन न केवल शहद उत्पादन तक सीमित है, बल्कि यह फसलों की पैदावार बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाता है। सरसों, आम, लीची, अमरूद और सब्जियों जैसी फसलों में परागण के माध्यम से उत्पादन बढ़ता है। साथ ही यह ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार का मजबूत साधन बनता जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

Priyanshi Chaturvedi 11 April 2026

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