Since: 23-09-2009

  Latest News :
विजय की सरकार का रास्ता साफ, VCK-IUML के समर्थन से बहुमत पार.   बंगाल में चुनाव बाद हिंसा: TMC ऑफिस पर बुलडोजर, 24 घंटे में 4 हत्याएं.   बंगाल में 9 मई को नई सरकार का शपथग्रहण, अमित शाह पर्यवेक्षक.   कोलकाता में EVM स्ट्रॉन्ग रूम पर हंगामा, ममता बनर्जी 4 घंटे रहीं मौजूद.   आंधी-बारिश से बदला मौसम, यूपी-बिहार-कर्नाटक में 32 मौतें; दिल्ली में रिकॉर्ड बारिश.   केंद्र ने नागरिकता नियमों में किए बदलाव, OCI आवेदन अब पूरी तरह ऑनलाइन.   सिंगरौली विकास प्राधिकरण अध्यक्ष पद पर फर्जी नियुक्ति आदेश से मचा बवाल.   बुरहानपुर दौरे पर CM मोहन यादव: झालमुड़ी का स्वाद, बंगाल पर टिप्पणी और निमाड़ में इन्वेस्टर्स समिट की घोषणा.   मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन, निर्यात बढ़ाने जिला स्तर तक कमेटी.   जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज हादसा, 9 शव मिले; कई लापता, रेस्क्यू जारी.   सोनम की जमानत रद्द कराने हाईकोर्ट जाएगी शिलॉन्ग पुलिस, केस में बढ़ी हलचल.   MP में कमर्शियल गैस सिलेंडर ₹993 महंगा, शादी सीजन और होटल कारोबार पर बड़ा असर.   अग्निवीर भर्ती की तैयारी अब आसान, युवाओं को मिलेगा फ्री ऑनलाइन प्रशिक्षण.   गौधाम में अव्यवस्था पर हाईकोर्ट सख्त: 205 गायों को ठूंसकर रखने पर मांगा जवाब.   विश्व कार्टूनिस्ट दिवस पर रायपुर में कैरिकेचर मेकिंग और राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन.   छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिला आरक्षण पर संकल्प पारित, विपक्ष ने किया बहिष्कार.   रायपुर में सोलर प्रोजेक्ट दिलाने के नाम पर 53.60 लाख की ठगी, केस दर्ज.   कांग्रेस भवन में सचिन पायलट की बैक-टू-बैक बैठकें, रणनीति पर मंथन शुरू.  
मधुमक्खी पालन से बदल रही छत्तीसगढ़ के किसानों आय और रोजगार
Beekeeping, changing, income, employment ,Chhattisgarh, farmers

छत्तीसगढ़ में मधुमक्खी पालन तेजी से किसानों और ग्रामीण युवाओं के लिए लाभकारी व्यवसाय के रूप में उभर रहा है। राज्य की अनुकूल जलवायु, घने वन क्षेत्र और विविध फूलों की उपलब्धता इसे शहद उत्पादन के लिए बेहद उपयुक्त बनाती है। सरकार भी राष्ट्रीय बागवानी मिशन और राज्य योजनाओं के तहत इस क्षेत्र को बढ़ावा दे रही है, जिससे किसानों को कम लागत में अतिरिक्त आय के अवसर मिल रहे हैं।

 

जशपुर जिले में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में 20 किसानों को इस योजना के तहत सहायता दी जा रही है। इसमें मधुमक्खी पेटी, कॉलोनी और मधु निष्कासन यंत्र जैसे संसाधनों पर अनुदान शामिल है। इस पहल का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ वैकल्पिक आजीविका से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना है।

 

मधुमक्खी पालन न केवल शहद उत्पादन तक सीमित है, बल्कि यह फसलों की पैदावार बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाता है। सरसों, आम, लीची, अमरूद और सब्जियों जैसी फसलों में परागण के माध्यम से उत्पादन बढ़ता है। साथ ही यह ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार का मजबूत साधन बनता जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

Priyanshi Chaturvedi 11 April 2026

Comments

Be First To Comment....
Video

Page Views

  • Last day : 8641
  • Last 7 days : 45219
  • Last 30 days : 64212


x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.