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मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा है कि भारत को 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए केवल पूंजी और नीतियां पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि एक मजबूत, स्थिर और भरोसेमंद कानूनी व्यवस्था भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि निवेशकों का विश्वास देश की न्यायिक प्रणाली की पारदर्शिता और स्थिरता पर आधारित होता है, इसलिए कानून की गुणवत्ता आर्थिक विकास की नींव है।
बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया के ‘रूल ऑफ लॉ कन्वेंशन 2026’ में बोलते हुए CJI ने कहा कि आज के समय में निवेश केवल त्वरित लाभ के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय तक चलने वाले भरोसे पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और ग्लोबल सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में निवेश तभी टिकाऊ हो सकता है जब कानूनी व्यवस्था पूर्वानुमान योग्य और निष्पक्ष हो।
उन्होंने यह भी कहा कि कारोबारी विवाद अब पहले से कहीं अधिक जटिल हो गए हैं, इसलिए कानून की भूमिका सिर्फ अनुबंध लागू कराने तक सीमित नहीं रह सकती। इसके लिए स्थिर कानून, समय पर विवाद समाधान, विशेषज्ञता और ईमानदार अनुबंध संस्कृति जरूरी है। साथ ही उन्होंने न्याय व्यवस्था में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि इसे सिस्टम को मजबूत करने के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए, लेकिन अंतिम निर्णय मानव विवेक पर ही आधारित रहेगा।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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