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कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा है कि महिला आरक्षण कानून को किसी भी तरह से राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा प्रस्तावित संशोधन और परिसीमन प्रक्रिया में जल्दबाजी संघीय ढांचे और संसद की गरिमा को प्रभावित कर सकती है। थरूर के अनुसार, ऐसे फैसले गंभीर संवैधानिक प्रभाव डालते हैं और इन्हें चुनावी राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए।
थरूर ने कहा कि सरकार का तीन दिवसीय विशेष सत्र महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे अहम मुद्दों को राजनीतिक नजरिए से आगे बढ़ाने की कोशिश प्रतीत होता है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस हमेशा से 33% महिला आरक्षण की समर्थक रही है, लेकिन इसे लागू करने की प्रक्रिया पारदर्शी और संतुलित होनी चाहिए, ताकि राज्यों के बीच लोकतांत्रिक असंतुलन न पैदा हो।
परिसीमन और सीटों के पुनर्वितरण को लेकर थरूर ने दक्षिणी राज्यों की चिंताओं का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि जनसंख्या के आधार पर लोकसभा सीटें बढ़ाने से कुछ राज्यों का प्रतिनिधित्व घट सकता है, जिससे संघीय ढांचे पर असर पड़ेगा। वहीं विपक्ष और कांग्रेस का कहना है कि इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा और सहमति के बाद ही कोई बड़ा संवैधानिक बदलाव किया जाना चाहिए।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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