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मंकीपॉक्स के पीसीआर-किट विकसित हुई
चार रंगों की फ्लोरोसेंस आधारित है किट
मंकीपॉक्स ने यूरोपीय देशों सहित कई देशों में फ़ैल चुका है। WHO ने इसको लेकर चिंता भी व्यक्त की थी। इस बीच भारतीय कंपनी को बड़ी सफलता मिली है। चेन्नई स्थित चिकित्सा उपकरण कंपनी ट्रिविट्रॉन हेल्थकेयर ने कहा है कि उसने मंकीपॉक्स वायरस संक्रमण का पता लगाने के लिए एक रीयल-टाइम आरटी-पीसीआर-किट विकसित की है। मंकीपॉक्स RT-PCR किट चार रंगों की फ्लोरोसेंस आधारित किट है। जो एक-ट्यूब सिंगल रिएक्शन फॉर्मेट में चेचक और मंकीपॉक्स के बीच अंतर कर सकती है। कंपनी ने बताया कि टेस्ट किट में वायरस यदि मौजूद है तो पता लगाने में लगभग 1 घंटे का समय लगता है। कंपनी ने आगे कहा कि VTM (वायरल ट्रांसपोर्ट मीडिया) में ड्राई स्वैब और को टेस्टिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। WHOने मंकीपॉक्स की प्रयोगशाला पुष्टि के लिए त्वचा के घाव की सामग्री, स्वाब घाव की पपड़ी जैसे सैंपल लेने की सलाह दी है। अब तक 20 देशों में संक्रमणों की कुल संख्या 200 हो गई है। हालांकि भारत में अभी तक एक भी मामला सामने नहीं आया है। लेकिन इसको लेकर भारत को भी तैयार रहना होगा। सरकारों ने इस पर सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। लोगों में मंकीपॉक्स को लेकर जागरूकता फैलाई जा रही है।
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