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कोरोना की जंग में भारत को मिली एक और सफलता
कोरोना की मार ने विश्व के हर एक देश में अपना प्रभाव डाला। कोरोना की वजह से कई मौतें हुई। वहीं इसकी वजह से कई देश बर्बाद हो गए। और कुछ देश बर्बाद होने की कगार में है। लेकिन इस बीच भारत ने स्वदेशी वैक्सीन बनाई जिससे भारत का मान बढ़ा और देश की जनता की जान बच पाई। वहीं अब
कोरोना महामारी के खिलाफ भारत को एक और हथियार मिल गया है। भारत बायोटेक की चिंपांजी एडेनोवायरस वेक्टरेड रीकॉम्बिनेंट नेजल वैक्सीन को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की अनुमति मिल गई है। इसको आपातकालीन स्थितियों में 18 वर्ष से अधिक उम्र के मरीजों को इसके उपयोग की अनुमति दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने ट्वीट कर यह खबर दी। उन्होंने ट्वीट में लिखा, 'यह कदम महामारी के खिलाफ हमारी सामूहिक लड़ाई को और मजबूत करेगा। भारत ने पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अपने विज्ञान, अनुसंधान एवं मानव संसाधन का उपयोग किया है। विज्ञान संचालित दृष्टिकोण और सबके प्रयास से हम COVID-19 को हरा देंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस महामारी को हारने में ये नोजल दवाई काफी कारगर सिद्ध होगी। इस नोजल वैक्सीन की सफलता देश को और ऊंचाइयों में लेकर जाएगी।
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