Since: 23-09-2009
इन दिनों हर जनसुनवाई में दिव्यांगजनों को जहां कोचिंग, शिक्षा और रोजगार के लिए वाहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर अन्य जरूरतमंदों को आवास, इलाज सहित अन्य तात्कालिक आवश्यकताओं के लिए भी मदद की जा रही है। इसके साथ ही सभी प्रकार की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ हल की जा रही है इससे चलते अब पीड़ितों की संख्या तेजी से बढ़ी है।दिव्यांग गोरा बडोले ने कलेक्टर को बताया कि वह देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से बीएड की परीक्षा की तैयारी कर रही है। उसके पारिवारिक आर्थिक परिस्थिति ठीक नहीं है। दिव्यांग होने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी तरह दिव्यांग सोमती चौधरी ने बताया कि वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही है और वाहन नहीं होने से आने-जाने में परेशानी होती है। परिवार वाहन खरीदने में सक्षम नहीं है। इस पर कलेक्टर ने दोनों को तत्काल मोटोराइज्ड दो पहिया वाहन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही रेडक्रास से दोनों को 10-10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता मंजूर की गई। इसी तरह एक अन्य दिव्यांग प्रमोद लोधी को भी मोटोराइज्ड वाहन और 5 हजार रु. की आर्थिक सहायता दी गई।कलेक्टोरेट की जनसुनवाई में दिव्यांगों और जरूरतमंदों की सुनवाई के साथ उन्हें जल्द मदद मिलने का असर यह हो रहा है कि अब इसमें पीड़ितों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस मंगलवार को जनसुनवाई में दिव्यांग भी काफी संख्या में पहुंचे। इस दौरान तीन दिव्यांगों ने कलेक्टर डॉ. इलैया राजा को अपनी व्यथा बताई तो उन्होंने तुरंत उन्हें मोटोराइजज्ड वाहन व आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए। खास बात यह कि दोपहर को शहर में भारत-न्यूजीलैंड के बीच वन डे क्रिकेट मैच को लेकर अन्य सरकारी दफ्तरों में अधिकारी मशगूल थे वहीं कलेक्टोरेट में खुद कलेक्टर व मातहत देर शाम तक सुनवाई करते रहे।
MadhyaBharat
|
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.
Created By:
Medha Innovation & Development |