Since: 23-09-2009
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में मध्यप्रदेश के लिए बड़ी पहल का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि भारत की नई अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में मध्यप्रदेश सशक्त भूमिका निभाएगा और इसके लिए स्पेस टेक नीति-2026 लागू की जा रही है। इस नीति के तहत महाकाल की नगरी उज्जैन को देश और प्रदेश के अंतरिक्ष अनुसंधान के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे युवाओं के लिए नवाचार, अनुसंधान और रोजगार के नए
सीएम मोहन यादव ने बताया कि स्पेस टेक नीति-2026 राज्य की वैज्ञानिक और खगोलीय विरासत को फ्यूचर-रेडी तकनीकी नेतृत्व में बदलने की दिशा में अहम कदम है। नीति का उद्देश्य स्पेस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप-टेक जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देना, उच्च-कौशल रोजगार पैदा करना और मध्यप्रदेश को एक अग्रणी स्पेस टेक हब के रूप में स्थापित करना है। यह नीति हाल ही में मध्यप्रदेश क्षेत्रीय एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस-2026 में लॉन्च की गई।
नीति की प्रमुख उपलब्धि उज्जैन में खगोल भौतिकी और अंतरिक्ष विज्ञान के लिए अनुसंधान एवं विकास केंद्र की स्थापना होगी। “प्राचीन भारत का ग्रीनविच” कहे जाने वाले उज्जैन की खगोलीय विरासत को आधुनिक विज्ञान और एआई तकनीक से जोड़ा जाएगा। इस नीति के तहत उपग्रह निर्माण, प्रक्षेपण यान, मिशन संचालन, एआई-आधारित डेटा विश्लेषण और स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहन जैसी सुविधाएं दी जाएंगी, जिससे मध्यप्रदेश देश के प्रमुख टियर-2 स्पेस टेक हब के रूप में उभरेगा।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.
Created By:
Medha Innovation & Development |