Since: 23-09-2009

  Latest News :
बंगाल में SIR की ‘गड़बड़ी वाली’ लिस्ट जारी, 1.25 करोड़ मतदाता शामिल.   कर्तव्य पथ पर दिखेंगी तेजेंद्र मित्रा की 1923 की ‘वंदे मातरम्’ पेंटिंग्स.   पीएम मोदी ने मतदाता दिवस पर दी शुभकामनाएं, युवा और स्टार्टअप्स के प्रयासों की की सराहना.   गणतंत्र दिवस 2026: दिल्ली में हाईटेक सुरक्षा घेरा, पहली बार AI स्मार्ट चश्मों का इस्तेमाल.   राहुल की बात से नाराज़ हुए शशि थरूर? कांग्रेस की बड़ी बैठक छोड़ी.   26 जनवरी से पहले बड़ी आतंकी साजिश नाकाम .   गणतंत्र दिवस पर बंद रहेंगे शहर के कई रास्ते.   Property, records , sought , Nawab , family , including, Saif Ali Khan..   मध्यप्रदेश - उत्तरप्रदेश के बीच चलेंगी स्पेशल ट्रेनें.   10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 ‘ईवन नंबर फॉर्मूला’ से होगी आयोजित.   अंतरिक्ष अनुसंधान से जुड़ेगा उज्जैन, सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान.   पायलट की चेतावनी के बावजूद दादा गुरु के दर्शन को पहुंचे सीएम मोहन यादव.   छत्तीसगढ़ के 25 पुलिस अधिकारी-कर्मियों को राष्ट्रपति पदक.   जशपुर जिले को मिली 51.73 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात.   भूपेश बघेल सहित सभी आरोपियों के खिलाफ फिर चलेगा ट्रायल.   नक्सल फंडिंग केस: हाईकोर्ट ने मोहन गावड़े को जमानत से किया इनकार.   प्रदेश के 5 नए मेडिकल कॉलेजों में प्रशासनिक नियुक्तियां.   कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी में जनजातीय वीरों की गाथा.  
बंगाल में SIR की ‘गड़बड़ी वाली’ लिस्ट जारी, 1.25 करोड़ मतदाता शामिल
 Bengal ,  SIR list,  released ,

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ लिस्ट में शामिल 1.25 करोड़ मतदाताओं के नाम शनिवार को अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिए। अब यह सूची ग्राम पंचायत भवनों, ब्लॉक कार्यालयों और नगर वार्ड दफ्तरों में भी चस्पा की जाएगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि SIR प्रक्रिया फिलहाल 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रही है और बाकी राज्यों में भी इसे जल्द लागू किया जाएगा।

 

नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने इस प्रक्रिया पर चिंता जताई। उनका कहना है कि पश्चिम बंगाल में SIR बहुत जल्दबाजी में हो रहा है, जिससे मतदाताओं को अपने अधिकार साबित करने के लिए दस्तावेज देने का पर्याप्त समय नहीं मिल रहा। सेन ने चेतावनी दी कि इससे कई योग्य मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं, जो लोकतंत्र के लिए हानिकारक हो सकता है।

 

इधर तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी ने सूची जारी करने में जानबूझकर देरी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और आयोग के पत्र के बावजूद 24 जनवरी तक सभी ग्राम पंचायतों और नगर वार्डों में सूची प्रकाशित नहीं हुई। वहीं सॉफ्टवेयर, जिसने 7 करोड़ से ज्यादा फॉर्म का विश्लेषण कर गड़बड़ियां पकड़ी थीं, अब सूची जारी करने में धीमा पड़ गया है, जिससे सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह जानबूझकर किया जा रहा है।

Priyanshi Chaturvedi 25 January 2026

Comments

Be First To Comment....
Video

Page Views

  • Last day : 8641
  • Last 7 days : 45219
  • Last 30 days : 64212


x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.