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कर्नाटक की दरगाह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की
Karnataka Dargah files petition, Supreme Court

कर्नाटक के गुलबर्गा (कलबुर्गी) स्थित लाडले मशाइक दरगाह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर महा शिवरात्रि पूजा पर रोक लगाने और परिसर में किसी भी निर्माण या बदलाव से रोक लगाने की मांग की है। दरगाह की ओर से वरिष्ठ वकील विभा दत्ता माखिजा पेश हुईं और 15 फरवरी से पहले इस मामले की सुनवाई की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह अनुरोध पर विचार करेगा, लेकिन ऐसे मामले पहले हाईकोर्ट में जाने चाहिए।

 

विवादित स्थल का इतिहास 14वीं सदी के सूफी संत हजरत शेख अलाउद्दीन अंसारी और 15वीं सदी के हिंदू संत राघव चैतन्य से जुड़ा है। परिसर में राघव चैतन्य शिवलिंग भी मौजूद है। पहले मुसलमान और हिंदू दोनों पूजा करते थे, लेकिन 2022 में पूजा अधिकार को लेकर तनाव बढ़ा, जब कुछ लोगों ने कथित तौर पर शिवलिंग पर गंदगी फेंकी।

 

दरगाह की याचिका में कहा गया है कि हर साल शिवरात्रि के समय पूजा की अनुमति के लिए नई याचिका दायर की जाती है और इससे स्थल की धार्मिक पहचान बदलने की कोशिश हो रही है। याचिका में 1968 के नगर परिषद निर्णय और 1991 के पूजा स्थल कानून का हवाला देते हुए बताया गया कि स्थल की संरचना और धार्मिक पहचान को स्थायी बनाए रखना आवश्यक है।

Vandana singh 11 February 2026

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