Since: 23-09-2009

  Latest News :
हमारे बहादुर सैनिकों की आक्रामक क्षमताओं को संभालता है योग : रक्षा मंत्री.   नीट की काउंसलिंग पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का फिर इनकार.   तमिलनाडु जहरीली शराबकांडः बढ़ रही है मरने वालों की संख्या.   योग के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी: मोदी.   एनईईटी पेपर लीक मामले में राहुल गांधी केंद्र सरकार पर हुए हमलावार.   ओबीसी आरक्षण को किसी भी कीमत पर नुकसान नहीं होने देंगे : मुख्यमंत्री शिंदे.   मप्र के तीर्थ यात्रियों की बस उत्तराखंड में गंगोत्री नेशनल हाईवे पर पलटी.   अंतर्राष्ट्रीय योग एवं विश्व संगीत दिवस की शुभकामनाएं .   इंदौर एयरपोर्ट को मिली बम से उड़ाने की धमकी.   मुख्यमंत्री निवास में सीएम ने बच्चों के साथ किया योग.   रीवा में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन पुलिस ने लाठीचार्ज कर खदेड़ा.   ग्वालियर में तीन मंजिला मकान में आग लगी पिता और दो बेटियां जिंदा जले.   योग की प्राचीन परंपरा हम सभी को स्वस्थ जीवन पद्धति से जोड़ती है : मुख्यमंत्री साय.   जिला खनिज जांच दल ने अवैध गौण खनिज परिवहन कर रहे सात वाहन पकड़े.   योग अब वैश्विक संस्कृति का हिस्सा बन गई है : राज्यपाल हरिचंदन.   साइंस कॉलेज मैदान में 35 हजार लोगों ने एक साथ किया योग.   ग्रीन दुर्ग अभियान अंतर्गत वृक्षारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ.   संत कबीर की जयंती पर परीक्षा का आयोजन अनुचित : नेता प्रतिपक्ष.  
पितरों को जल तर्पण करने महानदी के रूद्रेश्वर घाट में उमड़े लोग
dhamtari, People gathered ,Rudreshwar Ghat

धमतरी। पितरों को जल तर्पण करने महानदी के रूद्रेश्वर घाट में 22 अप्रैल की सुबह से लोगों की भीड़ लगी रही। अक्षय तृतीया पर जल तर्पण से पितर तृप्त होते हैं, ऐसी मान्यता हैंं।

 

पितरों को जल तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध कर्म के लिए अक्षय तृतीया को उचित तिथि माना गया है। इस दिन पितरों के निमित्त किए गए कर्म से वे प्रसन्न होते हैं और अपने कुल को आशीर्वाद देते हैं। 22 अप्रैल को सुबह से लोग रूद्री के महानदी में रूद्रेश्वर घाट पहुंच गए थे। नदी में स्नान के बाद परसा का पत्ते में उड़द दाल रखकर लोगों ने अपने-अपने पितरों को जल तर्पण किया। कई लोगों ने जल के साथ तिल से तर्पण किया। महानदी में जल तर्पण करने बड़ी संख्या में महिलाएं भी पहुंची थी। पं नरेन्द्र शर्मा ने बताया कि अक्षय तृतीया के दिन किए गए कार्य का फल अक्षय रहता है, इसलिए अक्षय तृतीया पर स्नान के बाद पितरों की पूजा की जाती है। पितरों को जल से तर्पण किया जाता है। कई लोग पितरों के लिए श्राद्ध या पिंडदान भी करते हैं। इससे पितर हमेशा तृप्त और खुश रहते है और अपने कुल को आपको सुखी जीवन का आशीर्वाद देते हैं। उनके आशीर्वाद से वंश की वृद्धि होती है। पितृ दोष से मुक्ति के लिए अक्षय तृतीया अच्छा अवसर माना जाता है।

MadhyaBharat 22 April 2023

Comments

Be First To Comment....
Video

Page Views

  • Last day : 8641
  • Last 7 days : 45219
  • Last 30 days : 64212


x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved ©2024 MadhyaBharat News.