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जबलपुर। मध्य प्रदेश के एमपी एमएलए कोर्ट ने पूर्व सीएम शिवराज सिंह, पूर्व मंत्री भूपेंद्रसिंह एवं वीडी शर्मा के खिलाफ अदालत में हाजिर न होने पर 500 रु का जमानती वारंट जारी किया है। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा द्वारा लगाए 10 करोड़ रुपये के मानहानि केस में तीनों नेताओं को फिलहाल राहत नहीं मिली है। तीनों की ओर से 7 जून को पेश होने के लिए दिए गए आवेदन को भी कोर्ट ने निरस्त कर दिया। कोर्ट ने अब तीनों नेताओं को 7 मई को व्यक्तिगत उपस्थिति का आदेश दिए हैं।
विशेष न्यायाधीश विश्वेश्वरी मिश्रा ने यह आदेश जारी किया। वहीं कोर्ट ने कहा कि 'बीजेपी के सभी वरिष्ठ नेता कोर्ट के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित कर आमजन में अनुकरणीय आचरण पेश करें। व्यक्तिगत व्यस्तता से कोर्ट के आदेशों का पालन न करने से आम जन के मानसिक पटल पर प्रभाव पड़ेगा। शिवराज सिंह चौहान,वीडी शर्मा और भूपेन्द्र सिंह की तरफ से पेश वकील ने एक आवेदन कोर्ट में प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि वह बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं और इस समय चुनाव चल रहे हैं। इसलिए व्यस्तता के चलते खुद कोर्ट में उपस्थित होने में असमर्थ हैं। कोर्ट ने आवेदन पत्र पर नाराजगी जताई और इसे अस्वीकार कर दिया। उल्लेखनीय है कि सन 2023 में मध्य प्रदेश के पंचायत चुनाव के समय वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद विवेक तनखा ने तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह के खिलाफ 10 करोड रुपए का मानहानि का परिवाद दायर किया था। सुप्रीम कोर्ट ने रोटेशन प्रक्रिया का पालन न होने पर पंचायत चुनाव की प्रक्रिया रद्द कर दी थी एवं बिना ओबीसी आरक्षण के ही चुनाव करने के निर्देश दिए थे। जिस पर शिवराज सिंह चौहान, वीडी शर्मा एवं भूपेंद्र सिंह ने विवेक तनखा सहित कमलनाथ को लेकर कई बयान दिए थे। जिसको लेकर विवेक तनखा ने आपत्ति दर्ज कराई थी एवं परिवार दायर किया था।
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