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देहरादून के सहस्रधारा रोड स्थित ‘त्रिफला हर्बल सेंटर’ में केंद्रीय आयुष मंत्रालय की टीम ने छापेमारी कर फर्जी आयुर्वेदिक क्लीनिक और अवैध दवा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। क्लीनिक संचालक बिना किसी वैध आयुष डिग्री के खुद को पंजीकृत चिकित्सक के रूप में पेश कर मधुमेह और ब्लड प्रेशर जैसे गंभीर रोगों के लिए परामर्श दे रहा था। छापेमारी के दौरान टीम ने नकली दवाओं और रीपैकिंग मशीनों सहित करोड़ों की दवाएं जब्त कीं।
जांच में सामने आया कि संचालक न तो लाइसेंसधारी था और न ही उसके पास किसी वैध औषधि निर्माण की अनुमति थी। बिना सेल लाइसेंस के वह होम्योपैथिक दवाएं भी बेच रहा था। राज्य और केंद्रीय आयुष विभाग की संयुक्त कार्रवाई में संदिग्ध दवाओं, दस्तावेजों और उपकरणों को सीज किया गया। दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अदालत और जांच एजेंसियों को मौके से 1 करोड़ रुपये से अधिक नकदी और नोट गिनने की मशीन भी बरामद हुई। पहली मंजिल पर अवैध रूप से दवाओं का निर्माण और रीपैकिंग की जा रही थी। होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक दवाओं के सैंपलों की जांच में मिलावट की संभावना पाई गई है। इसके साथ ही अन्य राज्यों में इन दवाओं की बिक्री रोकने के लिए सूचना भी भेजी जाएगी, ताकि नकली दवाओं के इस सिंडिकेट पर पूरे देश में नकेल कसी जा सके।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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