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महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश की धर्मनगरी उज्जैन स्थित बाबा महाकाल मंदिर के कपाट 44 घंटे के लिए खोले गए। इस दौरान देशभर से लगभग 10 लाख श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे। मंदिर के गर्भगृह के पट रात 2:30 बजे से श्रद्धालुओं के लिए खोले गए और इस अवधि में विशेष भस्मारती, श्रृंगार और शिव नवरात्रि के आयोजन संपन्न हुए। भक्तों को दिव्य और मनमोहक 'शिव तांडव' स्वरूप में बाबा महाकाल के दर्शन हुए, जिससे श्रद्धालु अत्यंत उत्साहित और भाव-विभोर हुए।
भस्मारती से पहले बाबा महाकाल का विशेष पंचामृत अभिषेक हुआ, जिसमें दूध, दही, घी, शहद और खांडसारी शक्कर का प्रयोग किया गया। इसके बाद भगवान को चंदन का लेप लगाया गया और सुगंधित द्रव्य अर्पित किए गए। बाबा महाकाल को उनकी प्रिय भांग से श्रृंगारित किया गया और श्वेत वस्त्र पहनाए गए। झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े और शंखनाद के बीच भस्मारती संपन्न हुई, जिसे देखकर श्रद्धालु भावनाओं में डूब गए।
इस महाशिवरात्रि उत्सव के तहत बाबा महाकाल ने 10 दिनों तक रोजाना अलग-अलग रूप धारण कर भक्तों को दर्शन दिए। खासतौर पर 'शिव तांडव' स्वरूप में भगवान महाकाल का भव्य श्रृंगार, नवीन वस्त्र और मुकुट भक्तों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा। इस अवसर पर मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए थे, जिससे दर्शन का अनुभव सहज और सुरक्षित रहा।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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