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मध्यप्रदेश में बजट सत्र के खत्म होते ही प्रशासनिक तबादलों का बड़ा दौर शुरू होने वाला है। सरकार ने 12 से 20 प्रतिशत जिलों के कलेक्टरों का तबादला तय किया है। यह बदलाव केंद्र और राज्य की महत्वकांक्षी योजनाओं व परियोजनाओं में जिलों के प्रदर्शन के आधार पर होगा। मुख्य सचिवालय ने जिलों के प्रदर्शन का रोडमैप तैयार कर लिया है, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना, परिवार कल्याण और धरती आबा ग्राम उत्कृष्ट अभियान जैसी केंद्र और राज्य की योजनाओं में कामकाज का आकलन शामिल है।
कई जिलों ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला, किसान और गरीब कल्याण से जुड़ी योजनाओं में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं किया। साथ ही, खाद वितरण व्यवस्था, सरकारी स्कूलों में पंजीयन में गिरावट, वन और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि जैसी समस्याएं भी प्रशासनिक प्रदर्शन पर असर डाल रही हैं। मुख्य सचिवालय ने सभी जिलों का परफार्मेंस तैयार कर लिया है, ताकि तबादले निष्पक्ष और योजना आधारित हों।
प्रशासनिक और राजनीतिक तालमेल की कमी ने भी विकास कार्यों को प्रभावित किया है। कई जिलों में अवैध खनन और अन्य शिकायतें बढ़ी हैं, जिससे जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा। इस व्यापक समीक्षा और प्रदर्शन आकलन के आधार पर सरकार बजट सत्र के बाद प्रशासनिक सर्जरी करेगी और बदलावों को लागू करेगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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