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छतीसगढ़ की खबरें

मूणत CD कांड

खबर रायपुर से । एसआईटी को सेक्स सीडी कांड की फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार है। दरअसल सीडी कांड को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमाई हुई है। रायपुर पुलिस विपक्षी पार्टी के निशाने पर है। गुढ़ियारी में कांग्रेस-भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुए पथराव की घटना के बाद से मामला और गरमा गया है। कांग्रेस के नेताओं ने पुलिस पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए यहां तक कह दिया है कि सरकार बदलने पर जिम्मेदार पुलिस अफसरों को देखा जाएगा, उनसे हिसाब लिया जाएगा। इस बयानबाजी के बाद अफसर भी बचाव की मुद्रा में आ गए हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सीबीआई जांच की घोषणा होने के बाद से एसआईटी जल्द से जल्द इस मामले से मुक्त होना चाह रही है। सीबीआई ने भी सीडी कांड की केस डायरी का दो दिनों तक अध्ययन करने के बाद इसी हफ्ते जांच शुरू करने के संकेत दिए हैं। लिहाजा एसआईटी का पूरा ध्यान हैदराबाद फॉरेंसिक लैब भेजे गए अश्लील सीडी, पेन ड्राइव, लैपटॉप आदि की जांच रिपोर्ट पर है। पुलिस के मुताबिक सेक्स सीडी की पूरी जांच रिपोर्ट हैदराबाद लैब से कम से कम महीनेभर में मिलने की उम्मीद है। हालांकि रिपोर्ट जल्द से जल्द मिल जाए, इसके लिए उच्च स्तर पर भी प्रयास किए जा रहे हैं। फिर भी 20-25 नवम्बर से पहले मिलने की संभावना कम ही है। सेक्स सीडी कांड में गिरफ्तार विनोद वर्मा जेल में है, जबकि भिलाई के फरार कारोबारी विजय भाटिया की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। खबर मिली है कि वह पंजाब में फरारी काट रहा है। विजय के घर से पुलिस ने 500 अश्लील सीडी बरामद की है। उसके पकड़े जाने पर यह राज खुलेगा कि किसके कहने पर वह विनोद वर्मा से सीडी लेकर यहां आया था। पुलिस का दावा है कि सीडी कांड में राजधानी रायपुर के दो युवा नेताओं की भूमिका सामने आई है। इन्होंने पर्दे के पीछे रहकर कार्य किया। इन कांग्रेसी युवा नेताओं का नाम दो साल पहले अंतागढ़ टेपकांड में भी सामने आ चुके हैं। लिहाजा दोनों पुलिस के निशाने पर हैं। कभी भी इनकी गिरफ्तारी की जा सकती है। पिछले पखवाड़ेभर से रायपुर पुलिस का पूरा अमला एकमात्र सीडी कांड की जांच में उलझा हुआ है। ऐसे में कई हाईप्रोफाइल हत्या व लूट की केस डायरी दब गई है। इनमें सराफा कारोबारी पंकज बोथरा हत्याकांड, छछानपैरी हत्याकांड, सेरीखेड़ी गोलीकांड समेत करीब 15 बहुचर्चित केस शामिल हैं।  

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मूणत की CD का सच

छत्तीसगढ़ की सियासत में बवाल मचाने वाले कथित अश्लील सीडी कांड मामले को सीबीआई को सौंपने के लिए रायपुर पुलिस की स्पेशल टीम (एसआईटी) दिल्ली पहुंच गई है। खबर है कि टीम वहां सीबीआई के अधिकारियों से मिलकर अब तक हुई जांच का पूरा ब्योरा देगी। घटनाक्रम के अध्ययन के बाद सीबीआई जांच शुरू करेगी। हालांकि प्रदेश सरकार ने सीडी कांड की जांच सीबीआई से कराने का प्रस्ताव भेजा है। सीबीआई कब से जांच शुरू करेगी, फिलहाल स्पष्ट नहीं है और न ही अधिकारी इस बारे में कुछ बताने की स्थिति में हैं। मामले में विपक्ष से जुड़े बड़े-छोटे नेताओं की संलिप्तता होने की वजह से एसआईटी फूंक-फूंककर कदम बढ़ा रही है। संदेह के घेरे में आए लोगों को शॉर्ट लिस्ट कर उनके खिलाफ तगड़ा सबूत जुटाया जा रहा है। खबर यह भी है कि एसआईटी ने रायपुर समेत भिलाई, राजनांदगांव आदि शहरों के छह से अधिक संदेहियों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। हालांकि हिरासत में कौन-कौन हैं और उनसे क्या जानकारी ली जा रही है, यह बताने को कोई भी असर तैयार नहीं है। उनका कहना है कि मामला हाईप्रोफाइल है, इसलिए मीडिया में शेयर करना संभव नहीं है। प्रदीप गुप्ता, आईजी रायपुर रेंज ने कहा सीडी कांड मामले में फिलहाल किसी को हिरासत में लेने की जानकारी मुझे नहीं है। एसआईटी जांच कर रही है। महत्वपूर्ण सुराग जुटाए जा रहे हैं।   

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पुलिस लाइन रायगढ़

रायगढ़ पुलिस लाइन में बुधवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब यहां के प्रशासनिक भवन में स्टोर रूम में आग लग गई। तत्काल फायर बिग्रेड को सूचित किया गया, जिसके बाद आग पर काबू पाया गया। इस घटना में वीआईपी सुरक्षा में इस्तेमाल किए जानेवाले उपकरण सहित कई जरूरी दस्तावेज जलकर खाक हो गए है। फिलहाल स्टोर रूम में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। घटना बुधवार दोपहर तीन बजे के आसपास की है। जब उर्दना स्थित पुलिस लाईन में बने प्रशासनिक भवन की सुरक्षा में लगे सिक्योरिटी गार्ड ने स्टोर रूम में धुआं निकलते हुए देखा। जिसके बाद रक्षित केंद्र के प्रभारी को इसकी सूचना दी गई और आग पर काबू पाने के लिए फायर बिग्रेड को बुलाया गया। जब तक फायर बिग्रेड की गाड़ी यहां पहुंची तब तक स्टोर रूम में रखे हएु सामान जल कर खाक हो गए थे।  प्रशासनिक भवन के स्टोर रूम में लगी आग में यहां वीआईपी सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सामान को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज, फर्नीचर जल गए है। माना जा रहा है कि स्टोर रूम में आग लगने का कारण बिजली का शार्ट सर्किट हो सकता है। हालांकि इसकी पुष्टि अधिकारियों ने नहीं की है। वहीं पुलिस ने आग से हुए नुकसान का आकलन करने की बात कहके कुछ स्पष्ट कहने की बात कही है। इस भवन को दो माह पहले ही बनाया गया है। जिसके बाद पुराने भवन से नए भवन में काम शुरू किया गया है। अब चूंकि शॉर्ट सर्किट को आग लगने का कारण बताया गया है। ऐसे में निर्माण में गड़बड़ी की बात से इंकार नहीं किया जा सकता है।  रक्षित केंद्र, उर्दना की आर आई मंजूलता केरकट्टा ने बताया स्टोर रूम में आग लगी थी। जिसमें वीआईपी सुरक्षा में इस्तेमाल होन वाले उपकरण, सहित दस्तावेज जल गए है। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट हो सकता है। जांच के बाद ही स्पष्ट कहा जा सकता है।    

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बीमार पत्नी से झगड़ा पति, हत्या कर फांसी पर झूला

बिलासपुर के एक अस्पताल में बीमार पत्नी से विवाद के बाद पति ने उसकी हत्या कर दी और खुद भी अस्पताल में ही फांसी पर झूल गया, जबकि हैरानी की बात ये है कि कि इतनी बढ़ी वारदात होने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन और स्टॉफ को इस बारे में पता नहीं चला। मिली जानकारी के मुताबिक बिलासपुर के सीपत थाना क्षेत्र के पोड़ी ग्राम की महिला लता मानिक पुरी को हाल ही में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सीढ़ियों से गिरने के कारण उसका पैर चोटिल हो गया था। इस दौरान उसका पति रमेश दास मानिकपुरी भी उसके साथ था। शुक्रवार देर रात अस्पताल में ही पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। बात इतनी बढ़ गई कि पति रमेश ने ड्रिप चढ़ाने वाले लोहे स्टेण्ड से पीट-पीटकर पत्नी लता की हत्या कर दी। इस दौरान रमेश की साली ने भी बीच बचाव का प्रयास किया तो रमेश ने उसे भी बुरी तरह से घायल कर दिया और खुद अस्पताल में लगे पंखे में फांसी पर झूल गया। रमेश की साली को फिलहाल गंभीर हालत में सिम्स में आईसीयू में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

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bastar dashahra

दंतेवाड़ा में बस्तर दशहरा में शामिल होने बस्तर के मांझी-चालकियों ने माईजी को न्यौता दिया। इसके बाद माईजी की डोली गर्भगृह से बाहर सभा कक्ष में लाया गया। नवनिर्मित डोली की पूजा इसी स्थल पर दो दिनों तक होगी। इसके बाद पुजारी और सेवादार डोली लेकर जगदलपुर रवाना होंगे। सोमवार को अन्य श्रद्धालुओं के साथ बस्तर राजपरिवार के सदस्यों ने भी माईजी के दर्शन करने पहुंचे थे। दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर और परिसर में लगी रही। परंपरानुसार नवरात्र पंचमी पर सोमवार को मांझी-चालकियों का प्रतिनिधि मंडल दंतेश्वरी मंदिर पहुंचा। बेल पत्र, अक्षत, सुपारी और आमंत्रण पत्र माईजी के चरणों में रखा और बस्तर दशहरा में शामिल होने की गुहार लगाई। इस पूजा विधान के बाद नवनिर्मित डोली का शुद्धिकरण किया गया। बेलपत्र, अक्षत और कई तरह के पुष्प के ऊपर चंदन लेप से तैयार माईजी का प्रतीक स्थापित कर बाहर सभाकक्ष में लाया गया। परंपरानुसार डोली सभागृह में अष्टमी तक रहेगी। इसके बाद पुजारी और सेवादार डोली के साथ जगदलपुर रवाना होंगे। जहां शुक्रवार को मावली परघाव के बाद बस्तर दशहरा में शामिल होंगे। इधर पंचमी पर माईजी के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ दिन भर लगा रहा है। अन्य श्रद्धालुओं के साथ बस्तर राज परिवार के सदस्य भी दोपहर में मंदिर पहुंचे। राजपरिवार गर्भगृह में पूजा-अनुष्ठान संपन्न् कराया। इस दौरान राज परिवार सदस्य तथा छग युवा आयोग के सदस्य कमलचंद भंजदेव, राजमाता कृष्णकुमारी, हरिहरचंद भंजदेव सहित अन्य सदस्य मौजूद थे। बरसों से चली आ रही परंपरानुसार माईजी को बस्तर राजपरिवार से न्यौता विनय पत्रिका आज भी संस्कृत लिपि में होती है। जिसे राजपरिरवार के निर्देशन में राजगुरू तैयार करते हैं। इसी विनय पत्रिका को लेकर मांझी-मुखिया माईजी को बस्तर दशहरा में शामिल होने का निमंत्रण देने आते हैं।  

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बस्तर अलग राज्य बनाने की मांग

  अलग राज्य बनने के 17 साल बाद ही छत्तीसगढ़ में अलग बस्तर की मांग उठने लगी है। स्थानीय मुद्दों को लेकर पिछले कुछ दिनों से आंदोलन कर रहे सर्व आदिवासी समाज ने यह आवाज बुलंद की है। हालांकि अभी सीधे-सीधे अलग राज्य की मांग नहीं की गई है, लेकिन स्वर यही है। शासन-प्रशासन को चेतावनी दी गई है कि यदि आदिवासियों की उपेक्षा व शोषण जारी रहा। लंबित मांगें 6 महीने में पूरी नहीं हुईं तो पृथक बस्तर राज्य के लिए आंदोलन शुरू किया जाएगा। 6 सितंबर को आदिवासियों के बस्तर संभाग बंद के दौरान प्रशासन ने उन्हें चर्चा के लिए बुलाया था। मंगलवार की बैठक के बाद आदिवासियों ने 20 सितंबर का चक्काजाम प्रदर्शन स्थगित कर दिया। संभागायुक्त कार्यालय में चली मैराथन चर्चा में आदिवासी नेताओं के दो टूक से प्रशासन में हड़कंप है। पालनार कन्या आश्रम में आदिवासी छात्राओं से सुरक्षा बल के जवानों के छेड़छाड़, नगरनार स्टील प्लांट के विनिवेश, बंग समुदाय के लोगों को बाहर निकालने व आदिवासियों के विरुद्घ अत्याचार की घटनाओं को रोकने जैसी मांगों को लेकर सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारी कमिश्नर दिलीप वासनीकर और आईजी विवेकानंद के बुलावे पर बैठक में शामिल हुए। कमिश्नर कार्यालय सभागार में दोपहर 1 बजे से शाम साढ़े 5 बजे तक चर्चा चली। इसमें बस्तर, कांकेर व दंतेवाड़ा जिले के कलेक्टर व एसपी के अलावा आदिवासी समाज के नेता प्रमुख रूप से मौजूद थे। समाज का नेतृत्व कर रहे पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरविंद नेताम व पूर्व सांसद सोहन पोटाई ने मीडिया से कहा कि बस्तर में आदिवासियों से जुड़े संवैधानिक अधिकारों को लागू करने में शासन-प्रशासन फेल रहा है। नेताम ने कहा कि पहली बार प्रशासन ने आदिवासी समाज के साथ संवाद स्थापित करने का प्रयास का वे स्वागत करते हैं। अब बारी समाज के उठाए विषयों पर कार्रवाई की है। पोटाई ने कहा कि 6 माह में ठोस कार्रवाई नहीं होने पर अलग बस्तर राज्य की मांग ही अंतिम विकल्प होगा। नाराज है आदिवासी समाज पालनार घटना : 31 जुलाई को दंतेवाड़ा के पालनार कन्या आश्रम में रक्षाबंधन पर कार्यक्रम में आदिवासी छात्राओं से सुरक्षा बल के जवानों द्वारा छेड़छाड़ का आरोप है। मामले में 2 आरोपी जेल में हैं। परलकोट घटना : 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पर आदिवासी समाज की रैली व सभा में पखांजूर में समुदाय विशेष के लोगों ने खलल डाला था। विनिवेश : नगरनार में निर्माणाधीन स्टील प्लांट के विनिवेश के केन्द्र सरकार के फैसले का समाज ने विरोध किया है। समाज का कहना है कि विनिवेश का फैसला बस्तर और आदिवासियों के साथ धोखा है। पांचवी अनुसूची और पेसा कानून का कड़ाई से पालन नहीं करने का आरोप भी मुख्य मुद्दा है। इसके अलावा कई छोटी-बड़ी मांगें समाज ने की है।  

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 छत्तीसगढ़ में पांच रूपए में मिलेगा टिफिन

  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने तमिलनाडु के अम्मा कैंटीन की तर्ज पर मजदूरों के लिए टिफिन की सौगात दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर रविवार को तेलीबांधा में मुख्यमंत्री ने टिफिन सेंटर शुरू कर दिया, जहां केवल 5 रुपए में दाल-भात मिलेगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि एक साल के भीतर प्रदेश के सभी 27 जिलों में ऐसे 60 केन्द्र खोले जाएंगे। हर केन्द्र में एक हजार के मान से 60 हजार श्रमिकों को रोज सुबह 8 से 10 बजे के बीच ताजा और पौष्टिक भोजन दिया जाएगा। प्रदेश में मनाए जा रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी समारोह के अंतर्गत यह योजना शुरू की गई है। विधानसभा चुनाव के एक साल पहले उठाए गए इस कदम के राजनीतिक मायने भी हैं। रमन सरकार ने ही एक रुपए किलो चावल योजना की शुरुआत की थी। कौशल उन्नयन केंद्र के तहत मुख्यमंत्री ने गरीब परिवार के लोगों को सिलाई, कढ़ाई, बुनाई में दक्ष बनाने के लिए प्रशिक्षण केंद्र का भी लोकार्पण किया। इसमें कचरा बीनने वालों को भी व्यवसाय के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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अम्बुजा सीमेंट

बलौदा बाजार जिला मुख्यालय से 7 किमी दूर अंबुजा सीमेंट संयंत्र रवान में रविवार दोपहर 3 बजे 2 मजदूर पत्थर पीसने वाली मशीन में फंस गए। इससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वहीं 3 मजदूर बाल-बाल बच गए। हादसे के बाद प्रबंधन तत्काल मजदूरों के शवों को इलाज के नाम पर रायपुर लेकर रवाना हो गया। हादसे की जानकारी मिलते ही ग्रामीण कंपनी के मुख्यद्वार पर इकट्ठे होकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। देर शाम विभिन्ना राजनीतिक दलों के नेताओं का जमावड़ा हो गया। संयंत्र में महीनेभर से बंद पड़े रॉ मिल में गियर बॉक्स रिपेयरिंग का काम चल रहा था। सोमवार को टेस्टिंग थी। हादसे के समय 5 मजदूर वहां काम कर रहे थे। मोहरा निवासी दिलीप वर्मा व मिरगी निवासी धीरेन्द्र वर्मा रॉ मिल के अंदर थे। वहीं 3 मजदूर ऊपर गियर बॉक्स में थे। तभी प्रबंधन ने वस्तुस्थिति का जायजा लिए बिना लापरवाहीपूर्वक रॉ मिल को चालू करवा दिया। इससे अंदर काम कर रहे धीरेन्द्र व दिलीप रॉ मटेरियल की तरह पिस गए और उनकी वहीं मौत हो गई। गियर बॉक्स पर बैठकर कार्य कर रहे कामगार झटके से दूर जा गिरे। उन्होंने नीचे गिरते समय वहीं से गुजरने वाले केबल को पकड़ लिया जिससे उनकी जान बच गई। सीमेंट प्रबंधन ने मजदूरों को सेफ्टी लॉक नहीं दिया था। मशीनरी के सुधार में लगे मजदूरों को सुरक्षा के लिहाज से सेफ्टी लॉक दिया जाता है जिसे वे मशीन के ऑन ऑफ स्वीच बॉक्स में लगा देते हैं और चाबी अपने पास रखते हैं। काम खत्म होने के बाद ही सभी मजदूर अपने लगाए तालों को खोलते हैं तब जाकर मशीन चालू होती है। मगर घटना के दिन अति संवेदनशील एरिया में काम कर रहे मजदूरों को सेफ्टी लॉक दिया ही नहीं गया।    

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इंद्रावती नदी

दंतेवाड़ा में इंद्रावती नदी के पार गांव के लोगों को सहज स्वास्थ्य सुविधाएं आज भी सुलभ नहीं है। मरीजों को उपचार के लिए मीलों पैदल चलने के बाद नदी पार करना पड़ता है। गर्भवती और गंभीर मरीजों को इंद्रावती नदी पार करने के बाद ही एंबुलेंस मिलती है। नदी पार पहुंचाने तक परिजन डोले या कंधे में बिठाकर लाते हैं। बुधवार को भी ऐसा ही नजारा चेरपाल घाट के उस पार देखने को मिला। नदी घाट से करीब दस किमी दूर बीहड़ में बसे तुमरीगुंडा गांव की कलावती के पीठ में घाव के साथ तेज बुखार था। स्वास्थ्य कार्यकर्ता मीना प्रसाद की सलाह पर बुजुर्ग महिला को उसके बेटे और भांजे कुर्सी के डोला में बिठाकर लाए। नदी पार करने के बाद सरकारी एंबुलेंस से महिला को बारसूर पहुंचाया गया।  

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अंबिकापुर

अंबिकापुर जिले के रामानुजनगर वन परिक्षेत्र के राजापुर पंडोपारा जंगल मे भालू ने 2 लोगों पर हमला कर उन्‍हें मार डाला है। इसके साथ ही एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया है और उसे जिला अस्पताल सूरजपुर में दाखिल कराया गया है। तीनों ग्रामीण जंगल मे लकड़ी लेने गए थे। अचानक एक भालू ने उन पर हमला कर दिया। काफी देर संघर्ष के बावजूद 2 ग्रामीण अपनी जान नहीं बचा सके। घटना से राजापुर में ग्रामीण भयभीत है। वन अधिकारी, कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंच गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और उनके शवों को पोस्‍टमार्टम के लिए भेजने की व्‍यवस्‍था की जा रही है। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत है और वो चाहते है कि वन विभाग की टीम उस भालू को पकड़ ले नहीं तो और लोगों की जान को भी खतरा हो सकता है।

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अजीत जोगी

अजीत जोगी की जाति मामले में हाईकोर्ट में शुक्रवार को होने वाली सुनवाई फिर टल गई है। हाईपावर कमेटी के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई सुनवाई होनी थी, लेकिन अब इस मामले में 14 सितंबर को सुनवाई होगी। अजीत जोगी के लिए हाईकोर्ट का फैसला कितना महत्वपूर्ण है, इसका अहसास इसी बात से लगाया जा सकता है कि जोगी समर्थक पल-पल फैसले को लेकर निगाहें टिकाए हुए हैं, वहीं याचिककर्ता नंदकुमार साय समीरा पैकरा भी हाईकोर्ट में मौजूद हैं। हालांकि कोरबा के प्रदर्शन की वजह से जोगी कांग्रेस के कई सीनियर लीडर कोरबा में हैं, लेकिन प्रदर्शन से ज्यादा उत्सुकता जोगी कांग्रेस के समर्थकों की हाईकोर्ट की सुनवाई पर है। अजीत जोगी की पैरवी के लिए मध्यप्रदेश से सीनियर हाईकोर्ट वकील ब्रायन डिसिल्वा और दिल्ली से सुप्रीम कोर्ट के वकील राहुल त्यागी पहुंचे हुए हैं। एक पक्ष की सुनवाई लगभग पूरी हो गई है। हाईपावर कमेटी की रिपोर्ट को अजीत जोगी ने चुनौती दी है। हाईपावर कमेटी ने जोगी को कंवर आदिवासी नहीं माना है बल्कि उन्हें ईसाई बताया है। लिहाजा अजीत जोगी की मुश्किलें बढ़ी हुई है। वहीं बिलासपुर कलेक्टर पी. दयानंद ने हाईपावर कमेटी के निर्देश के बाद जोगी का जाति प्रमाण पत्र को रद्द कर दिया है।

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5 ट्रेनें

शालीमार, मुंबई व कामाख्या से शनिवार को छूटने वाली 5 ट्रेनें रद्द रहीं। ये ट्रेनें दूसरे दिन रविवार को बिलासपुर नहीं पहुंची । अब परिचालन रैक नहीं मिलने व ट्रेनों के विलंब से चलने के कारण बाधित हो रहा है। माना जा रहा है कि दो से तीन और परेशानी होगी। इसके बाद ही ट्रेनें तय समय पर चलेंगी। पांच दिन पहले नागपुर- मुंबई दूरंतो एक्सप्रेस पटरी से उतरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसी दिन भारी बारिश भी हुई। इसके चलते मुंबई में पानी भर गया। रेल लाइन पर घुटने तक पानी भरा हुआ था। इसे देखते हुए रेल प्रशासन ने कुछ ट्रेनें रद्द करने की घोषणा कर दी। वहीं कई ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाने का निर्णय लिया। लगातार तीन से चार दिन परिचालन प्रभावित होने के कारण मुंबई-हावड़ा मेन लाइन की ट्रेनें अपने पुराने समय पर नहीं लौटी है। अब दिक्कत रैक को लेकर आ रही है। इसी के चलते 2 सितंबर को छूटने वाली 12860 हावड़ा-छत्रपति शिवाजी टर्मिनल गीतांजलि एक्सप्रेस, 18030 शालीमार- लोकमान्य तिलक टर्मिनल शालीमार एक्सप्रेस, 12152 हावड़ा- लोकमान्य तिलक टर्मिनल समरसता एक्सप्रेस को रद्द कर दी गई। 3 सितंबर को भी कुछ ट्रेनें रद्द रहेंगी। जिनमें 18030 शालीमार- लोकमान्य तिलक टर्मिनल शालीमार एक्सप्रेस, 22886 टाटानगर - लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस रद्द रहेंगी। 4 सितंबर 12811 लोकमान्य तिलक टर्मिनल - हटिया एक्सप्रेस, 6 सितंबर को 22512 लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस- कामाख्या एक्सप्रेस व 7 सितंबर को पेयरिंग रैक उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में 82505 पुणे- कामाख्या एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 3 से 5 घंटे विलंब से छूटी ट्रेनें कुछ ट्रेनों को पुन: निर्धारित कर चलाया जा रहा है। इनमें 15231 बरौनी- गोंदिया एक्सप्रेस 4 घंटे से भी अधिक विलंब से चलने के कारण शनिवार को गोंदिया से तय समय रात 9 बजे रवाना नहीं हो सकी। यह ट्रेन 3 घंटे 30 मिनट देर से रात 12.30 बजे रवाना हुई। इसी तरह गोंदिया से 14.50 बजे छूटने वाली 121.6 गोंदिया- छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल एक्सप्रेस 4 घंटे विलंब से शाम 18.30 बजे छूटी।शनिवार को ही छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल से 19.10 बजे छूटने वाली 12105 गोंदिया एक्सप्रेस 5 घंटे 20 मिनट देर से रात 12.30 बजे रवाना हुई।  

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महानदी  बैराज

  नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के फैसले से आडिशा सरकार को झटका लगा है। उसने महानदी पर छत्तीसगढ़ सरकार की परियोजनाओं का संचालन शुरू नहीं करने की याचिका लगाई थी। एनजीटी ने उसे खारिज कर दिया है। उसने यह साफ कर दिया कि महानदी पर निर्माणाधीन परियोजनाओं में पहले से कोई स्थगन नहीं था। इस कारण नए बैराजों के निर्माण का रास्ता खुल गया है। गुरुवार को कोलकाता के एनजीटी की पूर्वी बेंच ने इस प्रकरण की सुनवाई की। छत्तीसगढ़ सरकार की तरफ से महाधिवक्ता जुगल किशोर गिल्डा ने पक्ष रखा। उनके साथ जल संसाधन विभाग बिलासपुर के मुख्य अभियंता और प्रकरण के प्रभारी अधिकारी एसके अवधिया और कार्यपालन अभियंता आरएस नायडू भी उपस्थित थे। दोनों अधिकारी शाम को कोलकाता से रायपुर लौट आए। नायडू ने बताया कि महानदी पर राज्य सरकार पांच बैराज बसंतपुर, मिरौनी, साराडीह, कलमा और समोदा में बैराज का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है, जबकि शिवरीनारायण बैराज निर्माणाधीन है। एनजीटी ने छत्तीसगढ़ सरकार का पक्ष सुनने के बाद कहा कि महानदी पर ऐसे बैराज, जिनका निर्माण शुरू नहीं हुआ, उन्हें भी अब प्रारंभ कर सकते हैं। गौरतलब है कि पूर्वी क्षेत्रीय बेंच ने 26 जुलाई 2017 को अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद राज्य सरकार से यह अपेक्षा की थी, कि जिन बैराजों निर्माण शुरू नहीं हुआ है, उनमें फिलहाल आगामी सुनवाई होने तक कार्य प्रारंभ नहीं किया जाए।

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naya raipur

  नया रायपुर में अक्षरधाम मंदिर (स्वामी नारायण संप्रदाय) को 10 एकड़ भूमि 25 फीसदी दर पर दी जाएगी। अन्य कई संस्थाओं को भी रियायती दर पर भूमि दी जाएगी। सरकार ने सत्य साईं हास्पिटल सहित कुछ संस्थाओं को आवंटित भूमि पर भूभाटक 1 रूपए सालाना कर दिया है। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस पर निर्णय हुआ है। नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल ने कहा कि धार्मिक, सामाजिक संस्थाओं के नया रायपुर में आने से देश विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी। इससे निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि मंत्रिपरिषद ने अक्षरधाम को 10 एकड़, इस्कॉन को 10 एकड़, वेदमाता गायत्री ट्रस्ट को 5 एकड़, मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरूद्वारा के लिए एक-एक एकड़ भूमि 25 प्रतिशत दर पर दी जाएगी। धार्मिक, आध्यात्मिक तथा सांस्कृतिक प्रयोजनों के लिए भूभाटक की राशि का 25 प्रतिशत ही संस्था को देना होगा। भूमि के कुल दर का 25 प्रतिशत भार (13.09 करोड़ रूपए) एनआरडीए वहन करेगा। कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि नया रायपुर के सेक्टर 2 नवागांव में 12.10 हेक्टेयर में स्थापित सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट को लीज पर दी गई भूमि की 90 साल की लीज दर 1 करोड़ 76 लाख 17 हजार 6 सौ रूपए की जगह सालाना 1 रूपए निर्धारित कर दी है। संस्था को अब 90 साल में मात्र 90 रूपए चुकाना होगा। सत्य साईं संजीवनी हास्पिटल में बच्चों के हृदय रोग का निशुल्क इलाज किया जाता है। अब तक यहां देश विदेश के 3620 बच्चों का ऑपरेशन किया जा चुका है। सत्य साईं हास्पिटल के नजदीक यहां आने वाले मरीजों व उनके परिजनों के ठहरने के लिए धर्मशाला के निर्माण के लिए 25 हजार वर्गफीट जमीन दी गई है। कैबिनेट ने वर्ल्ड स्प्रिचयुएल ट्रस्ट (प्रजापति ईश्वरीय विश्वविद्यालय) को सेक्टर 20 कयाबांधा में 6049.59 वर्गमीटर भूमि दी गई है। कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में हुई चर्चा की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि हमें पीएम के संकल्प से सिद्घि तक के मंत्र पर आगे बढ़ना है। 2022 में भारत के नवनिर्माण की प्रधानमंत्री की परिकल्पना पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा हमें कोशिश करनी है कि योजनाओं का लाभ जनता को निरंतर मिले। काम की गतिशीलता को भी बढ़ाना है।

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शगुन गोशाला

दुर्ग के धमधा ब्लॉक के राजपुर स्थित शगुन गोशाला में गायों की मौत के मामले को लेकर नया खुलासा हुआ है। संचालक भाजपा नेता और जामुल नगर पालिका उपाध्यक्ष हरीश वर्मा मृत गायों की खाल उतारकर उसका उपयोग मछलियों के चारे के रूप में करता था। जांच के बाद गायों की मौत का कारण कुपोषण व भुखमरी को बताया गया है। गोसेवा आयोग के सचिव की रिपोर्ट पर धमधा पुलिस ने हरीश के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।  शगुन गोशाला में बुधवार को पहली बार 15 गायों की मौत का मामला सामने आया था। संचालक द्वारा मृत गायों को दफनाने के लिए गड्ढा खोदे जाने के बाद ग्रामीणों को इसकी जानकारी लगी। गुरुवार को गोसेवा आयोग अध्यक्ष बिसेसर पटेल ने धमधा एसडीएम राजेश पात्रे और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को जांच के लिए मौके पर भेजा। गुरुवार को भी गोशाला में 12 गायों की मौत हो गई थी। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि भुखमरी व देखरेख के अभाव में गायें बीमार पड़ रही हैं और असमय मौत हो रही है। शुक्रवार को बिसेसर पटेल स्वयं राजपुर पहुंचे। इस दौरान पता चला कि तीन और गायों की मौत हो गई है। उन्होंने तुरंत गोशाला की 569 गायों को अन्य गोशाला में भेजने का आदेश दिया। इसके लिए कई गोशाला संचालकों से बात की जा रही है। गोसेवा आयोग अध्यक्ष पटेल आयोग के सचिव के साथ स्वयं धमधा थाने पहुंच मामले की शिकायत की। आयोग के सचिव पाणिग्रही की शिकायत पर पुलिस ने हरीश वर्मा के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिक्षण अधिनियम, पशु के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम तथा धारा 409 के तहत अपराध दर्ज किया है। शिकायत में उल्लेख है कि शगुन गोशाला की गायों के पोषण व रखरखाव के लिए वर्ष 2010 से लेकर अब तक 93 लाख 63 हजार रुपए अनुदान दिया गया है। गोशाला संचालक ने उक्त राशि का दुर्विनियोग किया, जिससेगोशाला में भुखमरी व कुपोषण की स्थिति निर्मित हो गई। इससे दो दिन में 30 गायों की मौत हो गई। छत्तीसगढ़ छात्र संगठन जोगी के अहिवारा विधानसभा अध्यक्ष संजय कुमार, जिला अध्यक्ष ईश्वर उपाध्याय सहित अन्य लोगों ने मामले में आरोपी के खिलाफ रासुका लगाए जाने की मांग की है। शुक्रवार को कलेक्टर के नाम सौंपे ज्ञापन में संचालक पर गायों की तस्करी करने, गाय की हड्डियों को टेलकम कंपनी (पाउडर) को बेचने का आरोप लगाया है। कुछ भाजपा नेताओं ने भी ग्रामीणों के हवाले से आरोप लगाया है कि हरीश मृत गायों की खाल उतारकर मछलियों के चारा के रूप में इस्तेमाल करने बेच देता था। गांव के निकट एक तालाब के किनारे मृत गायों को फेंक देता था। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया चेयरमैन ज्ञानेश शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह यह कहते हुए राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां तो बटोर लेते हैं कि छत्तीसगढ़ में गौ हत्यारों को फांसी पर लटका देंगे, लेकिन जब कार्रवाई करने की बारी आती है तो मुख्यमंत्री महज जांच की बात करते हैं। शर्मा ने कहा कि धमधा में करीब 250 गायों की मौत हुई है। इससे पहले जुलाई में रायगढ़ स्थित चक्रधर गौशाला में 15 गायों की मौत, दुर्गुकोंदल के कर्रामाड़ में स्थित गौशाला में अगस्त 2016 में करीब 150 गायों की मौत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। शर्मा ने आरोप लगाया कि गौशाला का संचालक भाजपा से जुड़ा हुआ है, इसलिए शासन-प्रशासन उसे बचाने का प्रयास कर रहे हैं। राज्य के अधिकांश गौशाला संचालक किसी न किसी मंत्री के करीबी हैं, इसलिए उन पर सीधे कार्रवाई करने के निर्देश नहीं दिए जाते हैं। राज्य गोसेवा आयोग के अध्यक्ष बिसेसर पटेल ने कहा कि शगुन गोशाला के संचालक हरीश वर्मा के खिलाफ पुलिस में शिकायत की गई है। आरोपी के खिलाफ मृत गायों की खाल को उतारकर मछली चारा का उपयोग के लिए इस्तेमाल करने सहित अन्य शिकायतें मिली हैं। सभी शिकायतों की जांच कराई जाएगी।      

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अमित जोगी जाति

  अमित जोगी जाति मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट ने केंद्रीय गृहसचिव एलसी गोयल और छत्तीसगढ़ हाईपावर कमेटी की अध्यक्ष रीना बाबा कंगाले को तलब किया है। इन दोनों अधिकारियों को 13 सितंबर को पेश होना है। गौरतलब है कि अमित जोगी को विदेशी नागरिक बताते हुए समीरा पैकरा ने उनका जाति प्रमाण जारी करने वाले छह अधिकारियों को कोर्ट में बुलाने की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। इस मामले के बाद अमित जोगी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इससे पहले अमित जोगी के पिता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के जाति प्रमाण पत्र को हाई पॉवर कमेटी द्वारा बीते दिनों खारिज कर दिया गया था। अब इसके बाद अमित जोगी के निर्वाचन को भी रद्द करने की मांग की जा रही है।  

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सीएम रमन सिंह तिरंगा

छत्‍तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री रमन सिंह ने स्‍वतंत्रता दिवस के मौके पर रायपुर में पुलिस परेड ग्राउंड में तिरंगा फहराया। इसके बाद पुलिस परेड ग्राउंड में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस बीच वहां मौजूद लोगों का उन्‍होंने अभिवादन भी किया और इसके लिए वह पूरे ग्राउंड में गाड़ी से घूमते रहे। सलामी लेने के बाद वो मंच पर उपस्थित रहे और इस दौरान होने वाले कार्यक्रमों को देखा। इसके बाद मुख्‍यमंत्री रमन सिंह मंच से प्रदेश की जनता को स्‍वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी। इसके साथ ही उन्‍होंने अपनी योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी दी। उन्‍होंने योजनाओं की भी जानकारी दी जिन्‍हें इस वर्ष लागू किया जाना है। इस दौरान सुरक्षा का विशेष ध्‍यान रखा गया है। देश आज अपना 71वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है और इस मौके पर पूरे प्रदेश में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। बच्‍चे सड़कों पर तिरंगा लेकर दौड़ते और भारत माता की जय के नारे लगाते हुए नजर आ रहे हैं।  

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रायपुर 12वें नंबर पर

छत्तीसग़ढ  सरकार ने छह माह के परफॉर्मेंस के आधार पर नगरीय निकायों की रैंकिंग तय की है। इसके आधार पर प्रदेश के 13 नगर निगमों में रायपुर की रैकिंक 12वें नंबर पर है। कोरबा, चिरमिरी और भिलाई नगर निगम का भी परफॉर्मेंस बिगड़ा है, जबकि आठ नगर निगमों ने अपनी व्यवस्थाओं को कसकर रैंकिंग में सुधार किया है। निकायों को राज्य सरकार ने उनके काम के आधार पर 100 में से कम-ज्यादा अंक दिए हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मंत्री अमर अग्रवाल के निर्देश पर प्रदेश के सभी 168 नगरीय निकायों के कामकाज की हर छह में रैंकिंग होती है। दिसंबर 2016 के बाद अब नगरीय निकायों की रैंकिंग जारी की गई है। अभी सबसे अच्छा प्रदर्शन कोरबा नगर निगम का रहा है, हालांकि पिछली रैंकिंग से तुलना की जाए तो इसके अंक भी कम हुए हैं। दूसरे नम्बर पर भिलाईचरौदा नगर निगम है, इसने पिछली बार की तुलना में अपने अंक बढ़ाए हैं। तीसरे नम्बर पर बिलासपुर नगर निगम है। अंकों के आधार पर देखा जाए तो बिलासपुर नगर निगम ने पिछली बार की तुलना में अपना परफॉर्मेंस काफी ज्यादा सुधारा है, तभी तो इस बार 17 अंक बढ़कर मिले हैं। अंबिकापुर नगर निगम ऐसा नगरीय निकाय है, जिसने अपने परफॉर्मेंस का स्थित बनाकर रखा है। इसके अंक न बढ़े और न ही कम हुए। रायपुर नगर निगम के पास दूसरे नगर निगमों की तुलना में ज्यादा संसाधन है, उसके बावजूद यहां का प्रदर्शन बहुत ही ज्यादा खराब हुआ है। सीधे 22 अंक कम हो गए। रायपुर नगर निगम के लिए अब रैंकिंग को सुधारना बड़ी चुनौती है, क्योंकि राज्य सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम को भी शामिल कर अंक दिए हैं। इस बार स्वच्छता की रैंकिंग में केंद्र सरकार ने प्रदेश के सभी 168 निकायों को शामिल करने की सूचना पहले ही भेज दी है, इसलिए निकायों के लिए प्रतिस्पर्धा और चुनौतीपूर्ण हो गई है। अधोसंरचना मद से कराए जाने वाले विकास कार्यों की पूर्णता-अपूर्णता, राज्य व केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के क्रियान्वयन, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालयों के निर्माण और खुले में शौच को बंद कराने, निदान 1100 में आने वाली शिकायतों के निराकरण, आईएचडीपी और प्रध्ाानमंत्री आवास योजना के तहत आवास निर्माण व आवंटन, राजस्व वसूली और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम की समीक्षा की गई। सीए ने उसके आध्ाार पर अंक दिए। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सौ फीसदी रिजल्ट देकर धमतरी जिला पूरे देश में अव्वल आया है। पिछले साल धमतरीजिले में जितने ओडीएफ गांव बने थे, उनकी रैंकिंग के लिए छह घटक निर्धारित किए गए थे, यह जिला सभी घटक में पहले पायदान पर रहा। जियो टैगिंग और फोटो अपलोडिंग में एक भी शौचालय फर्जी नहीं मिला।

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आदिवासी दिवस

   विश्व आदिवासी दिवस पर बस्तर से रायपुर तक सत्तारूढ़ भाजपा और विरोधी कांग्रेस वोट बैंक साधते नजर आए। दोनों दलों के बीच बस्तर की 12 विधानसभा सीटों पर जोर-आजमाइश दिखी, जहां आदिवासी आबादी अधिक है। राजधानी में सूबे के मुखिया डॉ.रमन सिंह ने आदिवासियों के कल्याण की सभी योजनाओं का बखान किया। समाज के प्रतिभावान छात्रों, खिलाड़ियों और समाजसेवियों को सम्मानित किया। प्रधानमंत्री के 'मन की बात' सुनने वाले अति संरक्षित जनजाति के बुजुर्गों को कंबल, छतरी और रेडियो बांटे। आदिवासी लेखकों की कृतियों का विमोचन किया। उधर, बस्तर में कांग्रेसियों ने सम्मेलन के बहाने राज्य सरकार की रीति-नीति पर सवाल उठाए। नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने तो यहां तक कहा कि भाजपा आदिवासियों से छलावा करती है। उसका मकसद केवल वोट लेना है। समाज के आशीर्वाद से 14 साल से मुख्यमंत्री हूं: रमन सिंह राजधानी के इंडोर स्टेडियम में डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश भर से जुटे समाज के प्रतिनिधियों से कहा कि यह समाज के लोगों का आशीर्वाद है कि मैं 14 साल से मुख्यमंत्री हूं। 14 अगस्त को 5 हजार दिन पूरे हो जाएंगे। कोई पूछता है कि आपकी सबसे महत्वपूर्ण योजना क्या है? मैं कहता हूं-पीढ़ियों के निर्माण की। प्रयास विद्यालयों में नक्सल प्रभावित इलाकों के बच्चों को 2 साल की ट्रेनिंग देनी शुरू की गई, नतीजा सामने है। इसी साल 9 बच्चों का मेडिकल में चयन हुआ है। इसे 90 तक ले जाना है। प्रयास में अभी 15 सौ सीटें हैं। इन्हें 3 हजार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी की लड़ाई में शहीद वीरनारायण सिंह और गुंडाधूर जैसे शूरवीरों ने खून बहाया है। इस आजादी को हमें और मजबूत करना है। जगदलपुर में गुंडाधूर और रायपुर में शहीद वीरनारायण सिंह के नाम से संग्रहालय का निर्माण किया जाएगा। आदिवासियों को मिटाने का प्रयास कर रही सरकार : सिंहदेव कांकेर में चारामा ब्लॉक के जैसाकर्रा में बुधवार को आदिवासी सम्मेलन में सिंहदेव ने प्रदेश सरकार पर जमकर शब्दों के तीर छोड़े। कहा कि भाजपा सरकार आदिवासियों का शोषण कर रही है। उन्हें मिटाने का घटिया प्रयास किया जा रहा। आदिवासी संस्कृति हमारे समाज और देश की धरोहर है। समाज ने देश की एकता और अखंडता के लिए बलिदान दिया है। इसे भूलना नहीं चाहिए। प्रदेश सरकार को गरीब और किसानों के हित से कोई सरोकार नहीं है। विधायक मनोज मंडावी ने कहा कि आदिवासियों को नक्सली बताकर फर्जी मुठभेड़ में मारा जा रहा है। उन्हें आज भी अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य व अन्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। समाज के लोगों ने बस्तर के आदिवासी की समस्याएं, क्षेत्रों में छठवीं अनुसूची लागू करने, राज्य में पेशा एक्ट लागू करने सहित 18 सूत्रीय ज्ञापन सिंहदेव को सौंपा। सिंहदेव ने उसे सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।  

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छत्तीसगढ़ में व्यापारिक सुधार

व्यापार सुधार कार्ययोजना (इज ऑफ डूइंग बिजनेस) के मामले में छत्तीसगढ़ देश का चौथा अग्रणी राज्य है। यहां व्यापार सुधार के लिए लगातार प्रयास हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने मंत्रालय में इज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत बिजनेस एक्शन प्लान-2017 लागू करने के लिए आयोजित उद्योग एवं वाणिज्य विभाग समेत 21 विभागों की बैठक ली। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर अधिकारियों से कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में व्यापार और उद्योगों के लिए उपयुक्त माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी विभाग इज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत सुधारों को तुरंत लागू करें और व्यापार के लिए अनुकूल परिस्थिति निर्मित करें। सीएम ने कहा कि किसी भी विभाग में किए जा रहे सुधारों का आकलन उपयोगकर्ता के आधार पर तय किया जाएगा। गत वर्ष से लागू किए गए सुधारों के कारण छत्तीसगढ़ पिछले दो साल से व्यापार सुधारों को लागू करने वाले 28 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में चौथे स्थान पर है। वर्तमान में प्रक्रियागत सुधारों को लागू करने से प्रदेश प्रथम स्थान पर आ जाएगा। बैठक में बताया गया कि खाद्य विभाग रिटेल एवं बल्क ड्रग लाइसेंस के लिए, दवाओं के निर्माण के लिए लाइसेंस जारी करने ऑनलाइन भुगतान प्रणाली विकसित की जाएगी। राजस्व विभाग द्वारा नजूल रिकॉर्ड को डिजिटल कर आम जनता के लिए ऑनलाइन पोर्टल से उपलब्ध करवाया जाएगा। भूमि डायवर्सन और वृक्ष कटाई संबंधित कार्य के लिए समय सीमा निर्धारित की जाए और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत भी अधिसूचित करें। बैठक में नगरीय विकास विभाग को भवन निर्माण संबंधी अनुज्ञा के लिए कॉमन आवेदन पत्र तैयार करने एवं जल शुल्क के भुगतान के लिए ऑनलाइन मॉड्यूल विकसित करने के निर्देश भी दिए गए। लोक निर्माण, मापतौल विभाग, उद्योग एवं वाणिज्य कर विभाग तथा पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग में इज ऑफ डूइंग बिजनेस के संबंध में आवश्यक सुधार करने कहा गया। प्रदेश में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने सिंगल विंडो सिस्टम विकसित किया है, जो ऑनलाइन है। बैठक में मुख्य सचिव विवेक ढांड, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एमके राउत, उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव एन.बैजेंद्र कुमार, वन विभाग के प्रमुख सचिव आरपी मंडल, प्रमुख सचिव (वित्त) अमिताभ जैन सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।  

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जनअदालत

 सुकमा के छिंदगृढ ब्लॉक के ग्राम पंचायत कुंदनपाल में माओवादियों ने जनअदालत लगाकर डोलेरास सरपंच मुचाकी सुकड़ा के साथ ग्रामीण लखमा, अन्नू एवं बुधरा मंडावी की जमकर पिटाई की। कुकानार टीआई सलीम खाखा ने ग्रामीणों की सूचना पर एफआईआर दर्ज किए जाने की बात कही है। टीआई ने बताया कि नक्सलियों द्वारा की गई मारपीट के बाद से सरपंच मुचाकी सुकड़ा की हालत काफी गंभीर है। बावजूद नक्सली डर से परिजन सुकड़ा का इलाज कराने उसे अस्पताल लेकर नहीं आ रहे हैं। डोलेरास के घर में ही परिजन सुकड़ा का देसी उपचार करा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक रविवार को छिंदगढ़ ब्लाक के कुंदनपाल के पांडूपारा में कटेकल्याण एरिया कमेटी के सचिव व नक्सली कमांडर जगदीश ने कथित जनअदालत लगाकर डोलेरास सरपंच मुचाकी सुकड़ा पर जेल में बंद अपने साथियों को रिहा कराने जरूरी प्रयास नहीं करने का आरोप लगाते बंदूक के बट व डंडे से बेदम पिटाई की। इसके अलावा, माओवादियों ने जन अदालत में डोलेरास निवासी लखमा मंडावी, अन्नू मंडावी और बुधरा मंडावी पर पुलिस का मुखबिर होने का आरोप लगाते उनकी जमकर पिटाई की और उनके मोबाइल लूट लिए। रविवार को कुंदनपाल के पाण्डूपारा में बड़ी संख्या में नक्सलियों के जमावड़े की सूचना मिलने के बाद कुकानार टीआई सलीम खाखा की अगुवाई में जवानों की अलग-अलग टुकड़ी पांडूपारा के लिए रवाना हुई थी। फोर्स के आने की भनक लगते ही नक्सली आनन-फानन में जनअदालत खत्म कर भाग खड़े हुए। टीआई ने बताया कि मंगलवार को डोलेरास के ग्रामीणों ने कुकानार थाना पहुुंच नक्सलियों द्वारा जनअदालत में सरपंच समेत चार ग्रामीणों के साथ मारपीट किए जाने के मामले में एफआईआर दर्ज करवाई है।

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आईपीएस कल्लूरी किडनी

  खबर रायपुर से । रक्षाबंधन पर यूं तो कई उदाहरण है, लेकिन इस पवित्र त्योहार से पहले ही एक बहन अपने भाई को किडनी का अनमोल तोहफा देकर इस रिश्ते की गरिमा को और बढ़ाने की पहल कर रही है। कमेटी ने अनुमति दी तो 14 अगस्त को किडनी ट्रांसप्लांट होगा। आईजी एसआरपी कल्लूरी की दोनों किडनी खराब हो गई है। उन्हें जल्द से जल्द किडनी की जरूरत थी। ऐसे में जब उनकी बड़ी बहन डॉक्टर अनुराधा को इस बारे में पता चला तो उन्होंने तुरंत अपनी एक किडनी भाई को देने का फैसला कर लिया। बहन अनुराधा ने कहा कि वह ऐसा करके ऑर्गन ट्रांसप्लांट को लेकर लोगों में जागरूकता लाने का प्रयास कर रही हैं। ऐसे में भाई को किडनी की जरूरत पड़ने पर किसी और से इसके लिए कहने की बजाय मैंने अपनी किडनी देने का फैसला किया। डॉक्टरों की माने तो शनिवार को नईदिल्ली के मेदांता अस्पताल में उसके ब्लड आदि की जांच होगी। 9 अगस्त को इस बाबत कमेटी बैठेगी, जो किडनी ट्रांसप्लांट के बारे में निर्णय लेगी। यदि सबकुछ सही रहा तो 13 अगस्त को किडनी ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू होगी। 14 अगस्त को ऑपरेशन होगा। इसके बाद कल्लूरी करीब 3 महीने तक डॉक्टरों की निगरानी में रहेंगे। ज्ञात हो कि बस्तर आईजी रहते हुए कल्लूरी पर मानवाधिकार हनन के आरोप लगे थे। पिछले साल दिसंबर में उन्हें सीने में दर्द की शिकायत पर बस्तर से विशाखापटनम ले जाया गया था। वहां अपोलो अस्पताल के डॉक्टरों ने उनके हार्ट की सर्जरी की थी। तब बताया गया था कि उनके किडनी का भी उपचार किया गया है। हालांकि कहा जा रहा था कि वे अपोलो से पूरी तरह स्वस्थ होकर लौटे हैं। हाल ही में दोबारा समस्या शुरू होने पर कल्लूरी नईदिल्ली चले गए। वहां चेकअप कराने पर किडनी की समस्या सामने आई। इसके बाद डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट का निर्णय लिया है। ट्रांसप्लांट करने वाले मेदांता अस्पताल के डाक्टरों के अनुसार अलग ब्लड ग्रुप के लिए ट्रांसप्लांट प्रक्रिया काफी चुनौतीपूर्ण होती है। इस केस में यदि ब्लड ग्रुप एक ही रहा तो आसानी से ट्रांसप्लांट प्रक्रिया पूरी होगी। यदि ब्लड ग्रुप अलग-अलग हुआ तो ऐसे में इसे संभव करने के लिए हमें फेरेसिस प्लाज़्मा की सहायता लेनी पड़ेगी। इसके तहत प्राप्तकर्ता के ऐंटि बॉडी लेवल को कम करके इसे सफल बनाया जाएगा।    

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 छत्तीसगढ़ विधानसभा

  रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को पौधों की खरीदी को लेकर विपक्ष ने हंगामा किया। साढ़े 8 रुपए का नीलगिरी पौधा 732 रुपए में खरीद कर 73 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया। वनमंत्री महेश गागड़ा ने खरीदी में किसी भी तरह की गड़बड़ी से इंकार किया। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष के पास कोई दस्तावेज है तो उपलब्ध कराए, परीक्षण करा लूंगा। जरूरत पड़ी तो कार्रवाई भी की जाएगी। कांग्रेस विधायक मोहन मरकाम ने कांकेर वन वृत्त में 2015-16 में पौधा खरीदी को लेकर सवाल किया। उन्होंने कहा कि 732 रुपए में एक पौधा खरीदा गया है। मरकाम ने दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि इस खरीदी में 73 करोड़ 20 लाख की गड़बड़ी हुई है। उन्होंने इसकी जांच की मांग की। वनमंत्री ने प्रक्रिया की जानकारी देते हुए कहा कि कहीं कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। इस पर भूपेश बघेल सहित विपक्ष के कई सदस्य अपनी जगह पर खड़े हो गए और जांच की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे। विरोध में कांग्रेसियों ने नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव के नेतृत्व में सदन से वॉकआउट कर दिया।

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अंबिकापुर

अंबिकापुर के  मैनपाट के तराई में बसे लखनपुर ब्लॉक के पटकुरा गांव में हाथियों ने एक ग्रामीण की कुचल कर मार डाला। मिली जानकारी के मुताबिक रात करीब 11 बजे 17 हाथी गांव में घुसे और तबाही मचाने लगे। हाथियों ने एक ग्रामीण मंशाराम को भी कुचलकर मार डाला। स्थानीय लोगों के मुताबिक रात को जब हलचल हुई, तो मंशाराम रात को घर से बाहर निकला तो देखा कि उसके घर के पास जंगली हाथियों का डेरा जमा हुआ था। हाथियों को देखकर उसने भागने की कोशिश की, लेकिन घबराहट में मंशाराम खेत में गिर गया, इसी दौरान हाथियों ने उसे कुचलकर मार डाला। पटकुरा में सात ग्रामीणों का घर भी हाथियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया है। दो दिन में हाथियों ने डाँड़केसरा और पटकुरा में 15 घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। इसके अलावा ग्रामीणों का करीब 20 क्विंटल से अधिक अनाज भी खा गए हैं। गौरतलब है कि चार दिन पहले कापू रेंज से करीब 17 हाथी मैनपाट इलाके में घुसे थे।

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शिक्षक संघ जशपुर

छग पंचायत ननि शिक्षक संघ जशपुर की जिलास्तरीय बैठक प्रांतीय संगठन महामंत्री लीलाधर बंजारा की अध्यक्षता में पत्थलगांव में हुई। इसमें प्रांतीय निकाय के आह्वान पर 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव करने का निर्णय लिया गया है। विधानसभा घेराव के लिए जिले से अधिक से अधिक शिक्षाकर्मियों को शामिल कराने के लिए बैठक में रणनीति बनाई गई। श्री बंजारा ने बताया कि अप्रशिक्षित शिक्षकों के संबंध में शासन द्वारा ये स्पष्ट किया गया था कि एससीईआरटी के माध्यम से अप्रशिक्षित पंचायत संवर्ग शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा परंतु इस दिशा में अभी तक कोई स्पष्ट आदेश प्रसारित नहीं किया गया है। ऐसे में पंचायत संवर्ग के सभी अप्रशिक्षित शिक्षकों को उनकी सेवा शतोर् के अधीन व्यवसायिक योग्यता प्राप्त करने हेतु वैधानिक सहायता लेनी चाहिए। उन्होंने 2012 के आंदोलन के बाद बुलाई गई बैठक में शासन द्वारा प्राचार्य तथा प्रधानपाठक के 25 प्रतिशत्‌ पदों पर पंचायत शिक्षकों को पदोन्नति का भरोसा दिलाने के बावजूद 5 वर्ष उपरांत भी इस बारे में स्पष्ट दिशा निर्देश प्राप्त नहीं होने को निराशाजनक बताया। उन्होंने बताया कि संगठन का प्रयास है कि पहले शिक्षक से व्याख्याता पंचायत पद पर पदोन्नति तदुपरांत सहायक शिक्षक पंचायत से शिक्षक पंचायत पद पर पदोन्नति के बाद युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूर्ण की जानी चाहिए,ताकि न्यूनतम पंचायत संवर्ग शिक्षक अतिशेष की श्रेणी में हों। साथ ही पदोन्नत व्याख्याता पंचायत को रिक्त पद वाली संस्थाओं में पदस्थ किया जाना चाहिए ताकि व्याख्याता पंचायत अतिशेष सूची से बाहर हो सकें। श्री बंजारा ने बताया कि कैबिनेट बैठक में पंचायत संवर्ग शिक्षकों के हितों को ध्यान में न रखा जाना संगठन एवं पंचायत शिक्षकों में रोष का प्रमुख कारण है। जिसके लिए प्रांताध्यक्ष संजय शर्मा ने प्रांतीय उपाध्यक्ष सुधीर प्रधान की अध्यक्षता में कोर कमेटी का गठन किया है जिसमें प्रांताध्यक्ष संजय शर्मा, प्रांत सचिव मनोज सनाढ््य एवं अन्य प्रांतीय पदाधिकारी सम्मिलित हैं। शासन की उपेक्षा के विरोध में 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव एवं धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने सभी विकासखंड अध्यक्षों को 6 अगस्त की विकासखंड स्तरीय बैठक में अन्य शिक्षाकर्मी संगठनों के पदाधिकारियों को आमंत्रित करने के निर्देश दिए हैं। जिलाध्यक्ष अनिल श्रीवास्तव ने बैठक की समीक्षा में प्रत्येक समस्या के लिए केवल जिला इकाई पर ही निर्भर नहीं होने की बात कही। उन्होंने विकासखंड की समस्याओं को विकासखंड स्तर पर ही सुलझाने का प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि सीपीएस राशि की कटौती की जानकारी विकास खंड से प्राप्त नहीं हुई है और सभी विकासखंड अध्यक्षों को अतिशीघ्र इस संबंध में जानकारी प्रस्तुत करने को कहा गया है। इसे जिला परामर्शदात्री शिक्षा समिति की बैठक में प्रमुखता से रखा जाएगा। उन्होंने प्रत्येक शिक्षक के पास सीपीएस पासबुक होने को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि 10 अगस्त के विरोध प्रदर्शन के लिए सभी संगठन पदाधिकारी एवं अधिकाधिक शिक्षाकर्मियों को शामिल कराने के लिए प्रयास करने की बात कही। जिला पदाधिकारी सुदर्शन पटेल, अनिल रावत, वेदानंद आर्य एवं आदित्य गुप्ता द्वारा संगठनों के एकजुटता के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए । बैठक में जिलाध्यक्ष अनिल श्रीवास्तव, जिला सचिव विपिन ओझा, जिला महामंत्री जनक यादव, लीलाम्बर यादव, जिला उपाध्यक्ष आदित्य गुप्ता, जिला संगठन मंत्री सुदर्शन पटेल, अनिल रावत, वेदानंद आर्य समेत ब्लाक और संकुल कार्यकारिणी के पदाधिकारी उपस्थित रहे।  

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कांकेर cg

    कांकेर जिले के पखांजुर इलाके में सांप के काटने से मां-बेटी की दर्दनाक मौत हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक यह घटना पखांजुर इलाके के बेटिया पंचायत के अंतर्गत हुई। रात को जब मां बेटी सोई हुई थी तो सांप ने डंस लिया। सांप के डंसने के तत्काल बाद ही दोनों मां-बेटी की हालत बिगड़ने लगी तो उन्हें तत्काल एंबुलेंस के जरिए पखांजुर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। गौरतलब है कि बारिश के मौसम यहां सांप काटने की घटनाएं बढ़ जाती है। पुलिस ने दोनों की मौत के मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया है।

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राजेन्द्र जायसवाल

  राजेन्द्र जायसवाल राजनीति में नेताओं के अपने-अपने रंग हैं। कोई बल में मशगूल तो कोई हल में मशगूल है। तीखे बयानों के लिए मशहूर जमीन से जुड़े काका इन दिनों अपने गांव के खेत में साफा बांधकर धान का रोपा लगाते सुर्खियां बटोर रहे हैं तो कद्दावर नेता भी जमीन से ही जुड़े मामलों में रायपुर से दिल्ली तक सुर्खियों में हैं। काका ने अनदेखी करने पर परिणाम भुगतने के तीखे बोल का तीर छोड़कर खलबली मचा दी और शांत चित्त से खेती-किसानी, धर्म-कर्म में जुट गए हैं। अब इधर काका का हल और उधर कद्दावरों का बल प्रदेश की राजनीति में क्या रंग लाता है?* मुफ्त में बदनाम बेचारा चावल चाहे वह प्राईवेट हो या सरकारी इन दिनों अपनी हकीकत से परे प्लास्टिक की पहचान लिए घूम रहा है। उसे लोगों ने गेंद बनाकर फिर उछालकर तो कहीं जलाकर परखा। पेट दर्द भले किसी और वजह से हो पर जब से प्लास्टिक चावल का शिगूफा उड़ा है, बेचारे निर्दोष चावल के मुफ्त में बदनाम होने के कारण लोग उसकी ओर से नजरें फेरने लगे कि सरकारी जांच ने लाज बचा ली है। अब यह तो मोटे-पतले, टूटे-फूटे चावल के किस्मत की बात है कि कहीं हिकारत तो कहीं इज्जत की नजरों से देखा जा रहा है।*  दान की बछिया  पुरानी कहावत है कि दान की बछिया का दांत नहीं गिना जाता। पर एक नेता को लगता है यह कहावत नहीं मालूम! अब एमएलए ने घोषणा कर दी है तो सरकारी प्रक्रिया में देर-सबेर हो जाती है। टेबल से फाइल सरकना उसके वजन पर भी निर्भर करता है। अब लेने वाला सख्श एमएलए के पीछे ही पड़ गया है जबकि उसे तो अपनी सरकार होने का लाभ उठाकर अपना जुगाड़ पहले फिट करना चाहिए, पर जनाब इशारों की राजनीति में पुरानी कहावत भूल बैठे हैं। हाथी के दांत सरकारी तंत्र में योजनाओं का क्रियान्वयन हाथी के दांत की कहावत चरितार्थ कर रहे हैं। खाने का और-दिखाने का और की तरह फील्ड में काम कुछ नजर आता है तो रिकार्ड में उसे पूरा बताया जाता है। अब ठेका व कमीशन के फेर में सरकारी तंत्र को इतना भी गैर जिम्मेदार नहीं होना चाहिए कि जो दिख रहा है उसे भी अनदेखा कर दें। आखिर गरीबों व पीडितों की हाय भी देर-सबेर लग ही जाती है। अर्थी, घंटी और न जाने क्या-क्या विश्वविद्यालय के परीक्षा परिणामों से क्षुब्ध छात्र नेताओं के विरोध के तरीके काफी अलग-थलग होते जा रहे हैं। कहीं अर्थी निकालकर विरोध तो कभी घंटी बजाकर नींद से जगाने का प्रदर्शन अपने आप में अनोखा तो कहा जा सकता है लेकिन विरोध की ऐसी संस्कृति और तरीका कितना जायज हो सकता है, यह तो छात्र नेताओं के लिए आत्ममंथन का विषय है। विरोध के तरीकों से अब तो विचार भी उठने लगे हैं कि ये पाश्चात्य तरीके से विरोध का अनुशरण करना न शुरू कर दें वरना अर्थी, घंटी के बाद और न जाने क्या-क्या तरीका देखने को मिलेगा? * अंत में निगम के अधिकारियों और ठेकेदारों की मनमानी से परेशान पार्षदों की एकजुटता ने आखिरकार रंग ला ही दिया। विशेष सम्मिलन में सोमवार को साकेत का गलियारा चहल-पहल से भरा होगा तो बंद कमरे में विरोध के स्वर गूंजेंगे। वैसे भी जनप्रतिनिधियों को जनता की काफी खरी-खोटी सुननी पड़ रही है। अब अपनी भड़ास ये जनप्रतिनिधि कमरे में किस प्रकार निकालेंगे और इसका निचोड़ किस रूप में जनता और विकास कार्यों के लिए सामने आयेगा, यह वक्ती तौर पर देखने वाली बात होगी।  

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पत्रकार सुधीर जैन हुए सम्मानित

श्रमजीवी पत्रकार संघ के रायपुर में संपन्न प्रादेशिक पत्रकार सम्मेलन में उत्कृष्ठ पत्रकारिता एवं बस्तर की समस्याओं को निरंतर उठाने के लिए मुख्य अतिथि प्रदेश के कबीना मंत्री प्रेमप्रकाश पांडे द्वारा बस्तर के वरिष्ठ पत्रकार सुधीर जैन को सम्मानित किया गया।  इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह सहित संघ के प्रदेशाध्यक्ष अरविंद अवस्थी भी विशेष रूप से उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि सुधीर जैन विगत 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में सेवारत हैं। इस दौरान लगभग ढाई दशक तक वे दैनिक नवभारत एवं दैनिक भास्कर से बतौर ब्यूरो प्रमुख जुड़े रहे। वर्तमान में वे पिछले एक दशक से हिंदुस्थान समाचार एवं राष्ट्रीय न्यूज सर्विस समाचार सेवा के ब्यूरो प्रमुख के पद पर सेवारत हैं।  

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dantewada news

    छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में सोमवार सुबह जमकर विवाद हुआ। एक सड़क हादसे में मासूम बच्चे की मौत हो गई। जिसके बाद आक्रोशित भीड़ के दबाव में प्रशासन को आनन-फानन में ही 6 डॉक्टर्स को निलंबित करना पड़ा। दरअसल मामला गीदम का है। जगा एक बस ने मासूम को अपनी चपेट में ले लिया। जिसके बाद उसे तुरंत शासकीय चिकित्सालय में इलाज के लिए ले जाया गया था। जहां डॉक्टर्स ने बच्चे को प्राथमिक उपचार देते हुए केस खतरे से बाहर बताया। हद तो तब हो गई जब डॉक्टर्स ने गंभीर रूप से घायल बच्चे को घर तक ले जाने की बात कही। अस्पताल से निकलते ही मासूम की मौत हो गई। जिसके बाद देखते ही देखते भीड़ आक्रोशित हो गई। आक्रोशित भीड़ ने चक्का जाम करते हुए डॉक्टर्स पर उपचार और ड्यूटी में लापरवाही का आरोप लगाया। जिसके बाद प्रशासन ने छह डॉक्टरों को निलम्बित कर दिया। आपको बता दें कि दुर्घटना के बाद से ही बस ड्राइवर फरार है।

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दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़

  दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में मानसून बे्रक जैसे हालात बन गए हैं। 3 दिनों से इन इलाकों में बारिश नहीं हो रही है और हफ्तेभर होने की संभावना भी नहीं है। इससे मध्य छत्तीसगढ़ खासकर रायपुर, दुर्ग और बलौदाबाजार जिले में खेती खतरे में नजर आ रही है। यहां अब तक सामान्य से 35 फीसदी तक कम बारिश हुई है। रायपुर मौसम केंद्र के विज्ञानियों का कहना है कि झारखंड और मध्यप्रदेश के ऊपर बने निम्नदाब क्षेत्र ने दिशा बदल दी है, जिससे राज्य में बारिश बंद हो गई है। हालांकि बंगाल की खाड़ी के उत्तरी भाग में निम्नदाब क्षेत्र बनने की संभावना दिख रही है, लेकिन उसमें कम से कम 7 दिन का समय लगेगा। इसके प्रबल होने के बाद 2 दिनों में राज्य में इसका असर होगा और तब बारिश होगी। इस दौरान मणिपुर की ओर बने दाब क्षेत्र से उत्तरी छत्तीसगढ़ में जरूर हल्की बारिश होगी। इस बीच बाकी जगह स्थानीय प्रभाव से मामूली बारिश ही होगी। 30 सालों के वर्षा के औसत अनुसार रायपुर में 30 जुलाई तक 515 मिमी बारिश होनी चाहिए। इस बार 35 प्रतिशत कम 335 मिमी ही हुई है। दुर्ग में 489.9 मिमी के बजाय 317.2 मिमी और बलौदाबाजार में 508.6 मिमी के बजाय 300.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। राज्य के बाकी सभी जिलों में सामान्य वर्षा हुई है। बारिश का आंकड़ा औसत 488 से 644 मिमी के मुकाबले बालोद में 727.9 मिमी, बस्तर में 708.6, कोंडागांव में 701.2, सूरजपुर में 908.9 और सरगुजा में 908 मिमी वर्षा हो चुकी है। बारिश बंद होते ही प्रदेश में तापमान भी बढ़ने लगा है। रविवार को रायपुर का अधिकतम तापमान सामान्य से 2 डिग्री ज्यादा 32.6 डिग्री रहा जबकि 4 दिन पहले तक लगातार पड़ रही बौछार के कारण पारा 26.6 डिग्री था। शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात का न्यूनतम तापमान 26.1 डिग्री रहा। हवा में नमी की मात्रा 85 प्रतिशत से घटकर 65 प्रतिशत तक पहुंच गई। प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान माना एयरपोर्ट में सामान्य से 3 डिग्री अधिक 33.1 और न्यूनतम जगदलपुर में 23.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल

  छत्तीसगढ़ के सिरपुर में कथित सरकारी जमीन पर रिसोर्ट बनाने के मामले में फंसे प्रदेश के कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के परिजनों के खिलाफ सरकार सिविल कोर्ट में परिवाद दायर करेगी। महासमुंद जिला प्रशासन ने जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विभागों को यह निर्देश दिया है। महासमुंद कलेक्टर हिमशिखर गुप्ता का कहना है कि कलेक्टर को सीधे रजिस्ट्री पर किसी तरह का फैसला करने का अधिकार नहीं है। रजिस्ट्री को बहाल रखने या रद्द करने का आदेश सिविल न्यायालय ही दे सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में मंत्री या उनके परिजनों को नोटिस देने का सवाल ही नहीं है। हम विभागीय स्तर पर कार्रवाई कर रहे हैं। कमिश्नर के आदेश पर जल संसाधन, वन और राजस्व विभाग के अफसरों की कमेटी ने इस मामले की जांच कर 2 महीने पहले रिपोर्ट दे दी थी। मामले के दोबारा प्रकाश में आने के बाद फिर से जांच कराई गई, जिसकी रिपोर्ट भी सौंप दी गई है। अब संबंधित विभागों को प्रकरण का निराकरण करने कहा है। इसके लिए जल्द ही सिविल न्यायालय में वाद दायर किया जाएगा। कोर्ट के निर्णय के आधार पर संबंधित भूमि का निराकरण हो पाएगा। बृजमोहन पहुंचे दिल्ली उधर जल संसाधन से संबंधित बैठक में शामिल होने बृजमोहन दिल्ली चले गए हैं। माना जा रहा है कि वे इस प्रकरण में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे।

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मंत्री बृजमोहन अग्रवाल

खबर रायपुर से । कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के जमीन मामले पर फैसला भाजपा अध्यक्ष अमित शाह करेंगे। यह संकेत दिल्ली से लौटने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने दिया है। उन्होंने कहा कि पूरा प्रकरण केन्द्रीय नेतृत्व के संज्ञान में है। उनसे बातचीत और चर्चा के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। सीएम ने कहा- 'मंत्री कल अपना स्पष्टीकरण दे चुके हैं, उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि कोई भी जांच होती है तो मैं सामना करने को तैयार हूं।" दो दिन के दिल्ली प्रवास के बाद राजधानी लौटे मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने बताया कि इस मामले पर उनकी पूरी नजर है। इसको लेकर मीडिया में आई खबरों और विपक्ष के बयानों को मैंने देखा और सुना है। उन्होंने बताया कि इस बीच मैंने पूरे मामले में मुख्य सचिव से विस्तृत रिपोर्ट तलब की थी। मीडिया से चर्चा में रमन सिंह ने जानकारी दी कि सीएस ने रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। सीएस की जांच रिपोर्ट के संबंध में पूछे जाने पर सीएम ने कहा कि यह सरकारी रिपोर्ट है, आप लोगों (मीडिया) के सामने तब आएगी जब उसे मैं प्रस्तुत करूंगा। जमीन बेचने वाले किसान के आरोपों के संबंध में पूछे जाने पर सीएम ने कहा कि इस विषय में बहुत सारी बातें आ चुकी हैं, रिपोर्ट भी हमें मिल गई है, इसलिए इस पर ज्यादा कुछ नहीं बोलूंगा। गौरतलब है कि बृजमोहन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी पत्नी के नाम महासमुंद जिले के सिरपुर में कथित वनभूमि की खरीदी की है, जिस पर रिसॉर्ट का निर्माण चल रहा है। जबकि बृजमोहन का दावा है कि खरीदी नियम से की गई है और जब खरीदी तब वह एक किसान के नाम पर दर्ज थी। अब वन विभाग यह पता कर रहा है कि किसकी गलती से इतने सालों तक वन विभाग की भूमि राजस्व दस्तावेजों में वन विभाग के नाम नहीं चढ़ाई गई। वन मंत्री महेश गागड़ा ने 'नईदुनिया" से कहा- जांच के आदेश पीसीसीएफ को दिए गए हैं। हम यह भी पता लगा रहे हैं कि क्यों जमीन का नामांतरण नहीं किया जा सका। जांच रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। ज्ञात हो कि जिस भूमि पर विवाद है वह भूमि वन विभाग को जल संसाधन विभाग से मिली थी। वन विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि 2003 में उक्त भूमि पर प्लांटेशन किया गया, जिसमें 23 लाख रुपए खर्च किए गए। 2015 में जब वन भूमि पर रिसोर्ट की शिकायत हुई तो कलेक्टर ने जांच कराई। वन विभाग से पूछा गया कि नामांतरण क्यों नहीं हुआ? वन विभाग ने जवाब दिया कि उन्हें जमीन जल संसाधन विभाग से मिली है। नामांतरण कराने की जवाबदारी जल संसाधन विभाग की है। इस संबंध में वन विभाग ने जल संसाधन विभाग को पत्र लिखा तो जवाब मिला कि वह जमीन बिक चुकी है, इसलिए हम आपको लौटा नहीं सकते।

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नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल

रायपुर में नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (एनजीटी) ने छत्तीसगढ़ सरकार को ओडिशा के साथ महानदी जल साझा करने के मामले में  नदी पर चल रही 31 परियोजनाओं का काम बंद करने का निर्देश दिया है. एनजीटी की कोलकाता पीठ ने महानदी पर चल रही छत्तीसगढ़ सरकार की छह ग्रेड ए परियोजनाओं सहित 31 परियोजनाओं के निर्माण पर रोक का आदेश जारी किया है. एनजीटी ने यह आदेश सामाजिक कार्यकर्ता सुदर्शन दास निर्माण पर रोक की मांग की याचिका पर दिया. उन्होंने कहा है कि 81 परियोजनाओं में यह आदेश 31 परियोजनाओं पर प्रभावी होगी, जिसका अभी निर्माण किया जाना है. परियोजनाओं को पर्यावरण मंजूरी मिली है, लेकिन इन परियोजनाओं का कार्य ट्राइब्यूनल के आदेश के बिना नहीं शुरू किया जा सकता है. मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को तय की गई है. दास ने ट्राइब्यूनल से छत्तीसगढ़ सरकार से महानदी पर इन परियोजनाओं को निर्माण को तत्काल रोकने के लिए दखल देने की मांग की, क्योंकि उनका मानना है कि यह परियोजनाएं पारिस्थितिकीय को प्रभावित करने के साथ ही साथ ओडिशा के लोगों के जीवन को भी प्रभावित करती हैं.

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amit jogi

  मरवाही विधायक अमित जोगी का जन्म अलग-अलग दस्तावेज में अमेरिका, इंदौर व जोगीसार सारबहरा में बताए जाने और फर्जी जाति प्रमाण पत्र को लेकर बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। मामले में कोर्ट ने केंद्र सरकार, राज्य शासन व राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग समेत अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष समीरा पैकरा समेत मरवाही क्षेत्र के 200 आदिवासियों ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी व मरवाही विधायक अमित जोगी की जाति की सीबीआई जांच कराने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में कहा गया है कि अजीत जोगी ने 1967 में पेंड्रा तहसीलदार कार्यालय से कंवर आदिवासी होने का प्रमाण पत्र बनवाया था। जबकि उस समय पेंड्रा में तहसीलदार, नायब तहसीलदार का कार्यालय ही नहीं था। इसी प्रकार अमित जोगी ने तीन अलग-अलग स्थान में जन्म होने का प्रमाण पत्र दिया है। भारतीय नागरिकता लेने अमेरिका, ड्राइविंग लाइसेंस के लिए इंदौर और जाति प्रमाण पत्र के लिए पेंड्रा क्षेत्र के जोगीसार सारबहरा में जन्म बताया गया। सभी में जन्म तिथि भी अलग-अलग है। इसी प्रकार अमित जोगी ने अपनी चचेरी बहन नेहा जोगी का वंशावली के आधार पर पेंड्रा एसडीएम कार्यालय से जाति प्रमाण पत्र बनवाया है। नेहा जोगी ने 2008 में एसडीएम कार्यालय में जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन दिया था। एसडीएम ने उसके आवेदन को खारिज कर दिया। इसके बाद उन्होंने 2012 में फिर से आवेदन दिया। इस बार उनको कंवर आदिवासी का प्रमाण पत्र दिया गया। इसके बाद अमित जोगी ने नेहा कंवर को बहन बताते हुए जाति प्रमाण पत्र बनाने आवेदन दिया। इसी आधार पर उनका भी जाति प्रमाण पत्र बनाया गया। याचिका में पूरे मामले की सीबीआई या उच्च स्तरीय जांच समिति से जांच कराने की मांग की गई है। याचिका में मंगलवार को जस्टिस आरसीएस सामंत के कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार, राज्य शासन, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति आयोग, अमित जोगी, अजीत जोगी, पेंड्रा थाना, कलेक्टर बिलासपुर, एसडीएम पेंड्रा सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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जशपुरनगर

छत्तीसगढ़ में लगातार तेज बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जशपुरनगर में भारी बारिश के कारण बीते 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। मिली जानकारी के मुताबिक जशपुर में मंगलवार शाम से तेज बारिश हो रही है। जिले में अभी तक 131 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि इतनी बारिश होने के बाद भी प्रशासन ने स्कूली बच्चों की छुट्टी घोषित नहीं की है। वहीं जशपुरनगर में लगातार पांचवे दिन भी बारिश जारी रही। यहां नगर के बीच में स्थित तालाब के बीच सती उद्यान डूबने की कगार पर आ गया है।

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बिलासपुर हाईकोर्ट अमित जोगी

  बिलासपुर हाईकोर्ट के जस्टिस संजय के. अग्रवाल ने अमित जोगी के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया। उन्होंने इसे किसी अन्य बेंच को देने को कहा है। अमित जोगी के खिलाफ जाति मामले में कार्रवाई करने की याचिका नंद कुमार साय लगाई थी। इसी मामले में मंगलवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन जस्टिस ने सुनवाई से इंकार कर दिया। माना जा रहा है कि संजय अग्रवाल एक समय अजीत जोगी के वकील रह चुके हैं। इसी आधार पर उन्होंने सुनाई से इनकार कर दिया है अब इस मामले की सुनवाई नई बेंच करेगी।  

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रमन कैबिनेट

रायपुर में सोमवार को हुई रमन सरकार की कैबिनेट बैठक में आठ नए विधेयकों को मंजूरी दे दी गई है। मिली जानकारी के मुताबिक मानसून सत्र में ही आबकारी विधेयक को पेश किया जाएगा। बैठक में राज्य सामान्य भविष्य निधि और अंशदायी भविष्य निधि पर एक जुलाई 2017 से 30 सितंबर 2017 तक की अवधि के लिए ब्याज दर 7.8 फीसदी रखने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि भविष्य में भारत सरकार की अधिसूचना के अनुरूप ही ब्याज दर निर्धारित करने के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया जाएगा। सरकार ने छत्तीसगढ़ निराश्रित व निर्धन व्यक्तियों की सहायता, छत्तीसगढ़ नगर पालिका संशोधन विधेयक, आबकारी विधेयक सहित आठ विधेयकों को अनुमोदित कर दिया है।

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दुर्ग का पानी सबसे गन्दा

छत्तीसगढ़ के 13 शहरों में से सबसे ज्यादा दूषित पानी दुर्ग निगम क्षेत्र का है। यहां 17 स्थानों पर पेयजल स्रोतों में बैक्टिरिया का प्रतिशत औसतन 31 प्रतिशत है। भिलाई निगम में भी 17 स्थानों का एवं भिलाई चरोदा निगम क्षेत्र में तीन जल स्रोतों का पानी दूषित मिला। इसका खुलासा राज्य स्वास्थ्य संसाधन केन्द्र द्वारा मितानिनों के माध्यम से चार माह पहले कराई गई जांच की रिपोर्ट में हुआ है। प्रदेश में कुल 890 पेयजल स्रोतोें की जांच एचटूएस किट से की गई। इसमें 159 सैम्पल दूषित मिले। इन स्रोतों के दूषित पानी का ट्रीटमेंट एवं दुष्प्रभाव को रोकने के लिए ठोस पहल करने निकायों को संचालनालय नगरीय प्रशासन विभाग ने चिठ्ठी भेजी है। जानकारी के अुनसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा मार्च 2017 में प्रदेश के 13 प्रमुख शहरों में जल स्रोत से आने वाले पानी की जांच संबंधित क्षेत्र के मितानीन के माध्यम से कराई थी। मितानीन ने यह जांच एचटूएस पेपर स्ट्रीप से की थी। इस जांच की पूरी रिपोर्ट को स्वास्थ्य विभाग ने एकत्र कराया। इस जांच में दुर्ग जिले के तीन प्रमुख शहर दुर्ग निगम क्षेत्र के सभी 60 वार्ड, भिलाई निगम क्षेत्र के सभी 70 वार्ड एवं भिलाई चरोदा निगम क्षेत्र के सभी 40 वार्ड को भी शामिल किया गया। इन तीनों ही निकाय क्षेत्रों से कुल 178 जल स्रोतों का सैम्पल लिया गया था। इसमें से कुल 37 सैंपल दूषित पानी के निकले हैं। इन स्रोतों का पानी फिलहाल आम लोग प्रतिदिन उपयोग कर रहे हैं। नगरीय प्रशासन विभाग ने निकायों को भ्ोजी चिठ्ठी में रिपोर्ट का हवाला देते हुए दूषित जल स्रोतों जैसे बोर व हैंडपंप में ब्लीचिंग पावडर का घोल या लीक्विड सोडियम हाईपोक्लोराईट डालकर बैक्टिरिया रहित करने कहा है। बारिश के मौसम को देखते हुए हिदायत दी है कि नमूना लेकर इसे प्रयोगशाला भी भेजें। निगम के सभी ओवरहेड टैंक में भी ब्लीचिंग पावडर डालने के निर्देश दिए गए हैं। सभी निगमों को उनके यहां के दूषित जल स्रोत की फिर से जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे वतर्मान स्थिति स्पष्ट हो। नल से पेयजल सप्लाई वाली स्थिति में अंतिम छोर के नल के पानी का सैंपल लेने कहा है। इसके अलावा 15 दिनों के भीतर इस संबंध में उठाए गए कदम की जानकारी भी नगरीय प्रशासन विभाग ने मांगी है। यही नहीं जांच की संबंधित रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अध्ािकारी, सिविल सर्जन को भी देने के निर्देश दिए गए हैं |  रिपोर्ट के मुताबिक दुर्ग एवं चरोदा में निगम के वाटर सप्लाई का ही पानी सबसे अध्ािक दूषित मिला है। दुर्ग में 13 स्थानों पर लगे निगम के नल का पानी दूषित है। दो बोर एवं 1 हैंडपंप का पानी दूषित है। चरोदा में दो स्थानों पर सार्वजनिक नल एवं एक स्थान पर हैंडपंप का पानी दूषित है। इसके अलावा भिलाई में पांच स्थानों पर नल, आठ स्थानों पर बोर एवं चार स्थानों पर हैंडपंप का पानी दूषित बताया गया। प्रदेशभर में जितने शहरों के पानी की जांच की गई है, उसमें सबसे अधिक दूषित पानी दुर्ग में मिला है। यहां 17 स्थानों पर पानी दूषित है। इसमें बैक्टिरिया का प्रतिशत सबसे अधिक 31 प्रतिशत है। वहीं इसके बाद 27 प्रतिशत बैक्टिरिया रायपुर एवं अम्बिकापुर के दूषित पानी में मिला है। भिलाई निगम क्षेत्र में बैक्टिरिया का प्रतिशत 17 एवं चरोदा में यह आंकड़ा 12 प्रतिशत है। जिन शहरों में पानी की जांच की गई, उसमें रायपुर, दुर्ग, भिलाई, भिलाई चरोदा, अम्बिकापुर, बिलासपुर, बीरगांव, चिरमिरी, धमतरी,जगदलपुर, कोरबा, राजनांदगांव, रायगढ़ शामिल है। दूषित पानी वाली बस्ती 1.भिलाई निगम- लक्ष्मी नगर (वार्ड-5), हनुमान मंदिर सुपेला एवं उड़िया पारा (12), साहू पारा(13), मशानगंज पारा एवं गोड़ पारा कुरूद(16), उड़िया पारा (19),तालाब के पास (23), इंडियन स्कूल कैंप-2 एवं गणेश चौक संतोषी पारा (24), सोनिया गांध्ाी नगर (37), शिव मंदिर पारा (39), शिवपारा, बजरंग पारा, मिनिमाता नगर, एचएससीएल कॉलोनी एवं बीआरपी कॉलोनी (वार्ड 43) है। 2.दुर्ग निगम- सतनामी पारा (वार्ड-1), शंकर नगर (9), रामनगर (14), पुरानी बस्ती (19), ग्रीन चौक (25), सोनकर पारा (31), शिव पारा (33), कंडरा पारा (35), कब्र पारा (38), केलाबाड़ी बस्ती बीरबल बाड़ा (41) राव कॉटेज के पीछे (42), बल्ला डेयरी (43), सतनाम भवन (44), जोगी नगर (49), शिवपारा, माली बस्ती (51), क्रांति चौक (53) है। आयुक्त, भिलाई-चरोदा निगम लोकेश्वर साहू का कहना है शितला पारा (वार्ड-8), बाजार चौक (वार्ड-11) एवं शिवाजी चौक (वार्ड 21) है। भिलाई चरोदा में जिस प्वाइंट पर पानी के दूषित होने की रिपोर्ट आई है उसकी जांच कराएंगे। इसके अलावा एहतियातन कदम भी उठाएंगे।  

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सिम्स  घोटाले को लेकर पीएमओ ने मांगी रिपोर्ट

बिलासपुर सिम्स में 2013-14 की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत को पीएमओ ने गंभीरता से लेकर मुख्य सचिव से 15 दिनों में जांच रिपोर्ट मांगी है। साल 2013-14 में सिम्स में कर्मचारियों की नियमित भर्ती की गई थी। 14-15 सालों से कार्यरत 56 संविदा व ठेका कर्मियों को नौकरी से निकाल दिया। इन कर्मियों ने कलेक्टर से शिकायत की, तो जांच के लिए तत्कालिक अपर कलेक्टर नीलकंठ टेकाम के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम बनी। तीन साल बाद भी जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई, तो पीड़ित कर्मी किशनलाल निर्मलकर ने सीएम समेत विभागीय अफसरों को ज्ञापन सौंप। यहां भी निराशा हाथ लगी।  

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संतकुमार नेताम

खबर रायपुर से है। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की जाति संबंधी विवाद थम नहीं रहा है। अब याचिकाकर्ता संतकुमार नेताम ने शनिवार को नया खुलासा किया है। अजीत जोगी की जाति विवाद पर याचिका दायर करने वाले नेताम ने आरोप लगाया है कि उन्हें इस मामले में अब डराने धमकाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की निजी सचिव ओपी गुप्ता ने उन पर याचिका को वापस लेने के लिए दबाव बनाया है। नेताम ने एक मोबाइल नंबर भी जारी करते हुए दावा किया है कि यह नंबर ओपी गुप्ता का ही है। नेताम ने कहा कि ओपी गुप्ता ने उन्हें CM हाउस बुलाया था और जोगी की जाति संबंधि याचिका को वापस लेने पर 1 लाख रुपए देने की कोशिश की गई थी। उन्होंने कहा कि मेरी जान को खतरा है।  

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 करंट से चार लोगों की मौत

बालोद के गुरुर थाना क्षेत्र के ग्राम सोरर में शुक्रवार सुबह 7 बजे एक ही परिवार के चार लोगों की करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। इसमें मां राजबाई, पुत्र सत्यनारायण, बड़ी बहू डामीन और छोटी बहू चित्ररेखा हादसे का शिकार हो गई। रोज की तरह पानी के लिए स्विच आॅन करने के दौरान यह हादसा हुआ। जैसे ही घटना की जानकारी परिजनों को लगी, पुलिस को सूचना दी गई और तुरंत मौके पुलिस मौके पहुंच कर पंचनामा कर जांच में जुट गई। साथ ही पोस्टमार्टम के लिए शव को भेज दिया गया है। पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पोस्टमार्टम पश्चात शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा, जिसके बाद परिजन शवों का अंतिम संस्कार कर सकते हैं। हादसे का खुलासा पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। हालांकि पुलिस जांच में जुटी हुई है। अनुमान यह लगाया जा रहा है कि एक दूसरे को बचाने के प्रयास में पूरा का पूरा परिवार करंट की चपेट में आ गया होगा। साथ ही मौके पर पहुंचे पुलिस के जवानों का यह भी मानना है कि बाड़ी में बरसात की वजह से सब तरफ पानी-पानी होने की वजह से करंट एक दूसरे को जल्दी लगा होगा।

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kiranmayi nayak

  कांग्रेस प्रत्याशी किरणमयी नायक को बिलासपुर हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। बृजमोहन अग्रवाल के खिलाफ गलत तरीके से चुनाव जीतने के मामले में लगाई गई याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। शुक्रवार सुबह इस मामले में फैसला आया, जिसमें किरणमयी नायक की याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। दरअसल रायपुर दक्षिण से विधायक व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल पर चुनाव प्रचार के दौरान तय राशि से ज्यादा खर्च करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस प्रत्याशी ने साल 2014 में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।  

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नया रायपुर

  नया रायपुर को केंद्र सरकार ने स्मार्ट सिटी बनाने के लिए चुन लिया है, लेकिन नया रायपुर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) के लिए दोहरी चुनौती है। पहली तो स्मार्ट सिटी के लिए निर्धारित शर्त के अनुसार शहर की आबादी को एक लाख पहुंचाकर नगर निगम का दर्जा दिलाना है। प्राधिकरण के अधिकारियों का दावा है कि अभी नया रायपुर की आबादी 15 हजार है। एक साल में 85 हजार आबादी बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। यह तब संभव होगा, जब लोगों को आवास के साथ चिकित्सा, शिक्षा, व्यापार और मनोरंजन की सुविधा मिले। इस दिशा में प्राधिकरण ने पहले ही काम शुरू कर दिया था, लेकिन अब इसमें तेजी लाई जाएगी। दूसरी चुनौती, नया रायपुर को स्मार्ट सिटी प्लान को पूरा करने की है, जिसके लिए प्राधिकरण के पास पांच साल का समय है। नया रायपुर के मास्टर प्लान में किस सेक्टर का क्या उपयोग होगा, इसका ले-आउट के अनुसार काम चल रहा है। प्राधिकरण अब तक यहां आबादी बढ़ाने में कमजोर साबित हुआ है। हाउसिंग बोर्ड ने मकान तो बना दिए, लेकिन जनसुविधाएं नहीं दीं। रोजमर्रा की चीजें नहीं मिलतीं। इसी कारण लोगों ने केवल निवेश के लिए मकान खरीदकर छोड़ दिया है। प्राधिकरण को ऐसे लोगों को नया रायपुर में बसाने के लिए बिजली, पानी और सड़क के अलावा दूसरी आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध करानी हैं। जब नया रायपुर को स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल कर लिया गया, तब प्राधिकरण के अधिकारियों को यह बात समझ में आई है। लेकिन, इतना आसान नहंी है, क्योंकि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के लिए दो-तीन बार टेंडर बुलाया जा चुका है। पुराने शहर के पांच मॉल में मल्टीप्लेक्स है, इसलिए नया रायपुर में फिल्म देखने वालों की भीड़ कम होगी। ऐसी स्थिति में मल्टीप्लेक्स कंपनियां दिलचस्पी नहीं ले रहीं। ऐसे ही रिटेल कॉम्प्लेक्स और सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट में अभी दुकान और ऑफिस लेने वाले नहीं मिल पा रहे हैं। एनआरडीए सीईओ मुकेश बंसल ने कहा कि नया रायपुर क्षेत्र में कुछ हाउसिंग प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं और कुछ पर काम चल रहा रहा है। हाउसिंग प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए जरूरी है कि साथ में अन्य जनसुविधाओं को विकसित किया जाए। स्कूल तो चल रहे हैं, लेकिन अस्पताल, मॉल और मनोरंजन के क्षेत्र में भी काम हो रहा है, जिसमें तेजी लाई जाएगी। जिन्होंने हाउसिंग प्रोजेक्ट में निवेश किया है, वे नया रायपुर में आकर बसें, इसके लिए जनसुविधाओं का प्रचार-प्रचार किया जाएगा।  

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बस्तर में भारी बारिश

  बस्तर अंचल में बीते 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों सहित गृह मंत्रालय ने भी रहवासियों के लिए चेतावनी जारी की है। मिली जानकारी के मुताबिक बस्तर, जगदलपुर आदि इलाकों में मंगलवार से तेज बारिश हो रही है। यहां सभी नदी नाले उफान पर हैं और सैकड़ों गांव टापू में तब्दील हो गए हैं। प्रदेश सरकार द्वारा राहत व बचाव कार्य शुरू किए गए हैं, लेकिन तेज बारिश के कारण लोगों तक मदद पहुंचाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने स्कूल व कॉलेज की छुट्टी घोषित कर दी है। इधर रायपुर मौसम केंद्र के निदेशक डॉ. प्रकाश खरे ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के मध्य पश्चिमी भाग से ओडिशा के तटीय क्षेत्र तक निम्न दाब क्षेत्र बना हुआ था, वहां अब अवदाब विकसित हो गया है। इसके कारण प्रदेश के दक्षिणी भाग में भारी बारिश हो रही है। आने वाले दो दिनों में बिलासपुर और सरगुजा संभाग को छोड़ प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में अच्छी बारिश होगी। वैज्ञानियों ने बुधवार को रायपुर, दुर्ग के ज्यादातर इलाके समेत प्रदेश के कई हिस्सों में भारी वर्षा की चेतावनी दी है।

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गरियाबंद सुपेबेड़ा गांव

 छत्तीसगढ़ में गरियाबंद के सुपेबेड़ा गांव में लगातार हो रही मौतों की वजह से रहस्य उठ गया है। इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) जबलपुर ने राज्य स्वास्थ्य विभाग को प्राथमिक रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें फ्लोराइड को सबसे बड़ा कारण बताया है। आईसीएमआर के डायरेक्टर तापश चकमा पिछले महीने अपनी दो सदस्यीय टीम के साथ सुपेबेड़ा पहुंचे थे, जहां से टीम ने पानी के सैंपल लिए थे। आईसीएमआर ने यह भी कहा है कि सुपेबेड़ा से 40 किमी के दायरे में आने वाले सभी गांव का जल्द से जल्द सर्वे करवाएं, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। वहीं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने मिट्टी जांच (स्वाइल टेस्ट) रिपोर्ट भी भेज दी है, जिसमें केडमियम, क्रोमियम, आर्सेनिक जैसे हेवी मेटल पाए गए हैं। फ्लोराइड, केडमियम, आर्सेनिक और क्रोमियम सीधे किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सुपेबेड़ा में बीते 7 साल में 32 मौतों की पुष्टि की है, जबकि अभी भी 30 से अधिक व्यक्तियों की जांच में क्रेटिनम बढ़ा हुआ पाया गया है। डॉ. अंबेडकर अस्पताल की नेफ्रोलॉजी टीम मरीजों का इलाज कर रही है, अस्पताल के 2 पीजी डॉक्टर और तकनीशियन गरियाबंद में तैनात किए गए हैं। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय तक लगातार रिपोर्ट भेजी गई है। आईसीएमआर के विशेषज्ञों ने अपनी रिपोर्ट में फ्लोराइड को नियंत्रित करने के सुझाव दिए हैं। गांव के लोगों को विटामिन सी, विटामिन डी 3, कैल्शियम का दवा देने कहा है। आईसीएमआर ने शॉर्ट टर्म और लांग टर्म प्रोग्राम भेजे हैं। शॉर्ट टर्म में दवाएं और लांग टर्म के लिए सुरक्षित पेयजल सप्लाई प्लांट का जिक्र किया है। लोगों को नियमित जागरूक करने कहा है। स्वास्थ्य विभाग का जहाना है स्टेंडर्ड ऑपरेटिव सिस्टम लागू किया जाए, मरीजों को प्राइवेट अस्पताल में भी भर्ती करवाना पड़े तो करवाया जाए, इलाज नि:शुल्क हो। मरीजों को अस्पताल आने-जाने के लिए वाहन मुहैया करवाया जाए। गांव में नियमित डॉक्टर, मेडिकल स्टॉफ की नियुक्ति हो। खून, पेशाब की नियमित जांच, मरीजों का फॉलोअप। - कुपोषित परिवारों के लिए संतुलित आहार की व्यवस्था हो। स्वास्थ्य संचालनालय में एनसीडी नोड्ल अधिकारी डॉ. केसी उराव, फ्लोराइड नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश जैन, आईडीएसपी नोडल अधिकारी डॉ. केआर सोनवानी से आयुक्त रोजाना रिपोर्ट ले रहे हैं। इन्हें ग्रामीणों के स्वास्थ्य सुधार के लिए हर आवश्यक साधन-संसाधन मुहैया करवाने के निर्देश हैं। पंचायत विभाग- बोर बेल खोदने की घोषणा के पहले पीएचई से रिपोर्ट लेनी चाहिए।पीएचई- लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को बोर बेल खोदने से पहले मिट्टी की जांच करनी चाहिए। खुदाई के बाद भी हो पानी की जांच। स्वास्थ्य विभाग- अचानक से होने वाली मौत या मौतों पर विस्तृत जांच करवाए। आदिम जाति विकास विभाग- गांव स्तर पर इनके कर्मी सक्रिय हैं। वे सक्रियता से होने वाले घटनाक्रम की रिपोर्ट दें। आयुक्त, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग आर. प्रसन्ना का कहना है आईसीएमआर ने प्राथमिक रिपोर्ट भेजी है, कृषि विश्वविद्यालय की रिपोर्ट भी मिल चुकी है। इनके आधार पर निर्णय लिए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने पहले ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को पूरी स्थिति से अवगत करवा दिया है।  

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जगदलपुर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल

  नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में 200 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल खुलेगा। इसके लिए नगरनार स्टील प्लांट के पास 23 एकड़ जमीन का चयन किया गया है। निर्माण की जिम्मेदारी एनएमडीसी को सौंपी गई है। शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में हुई बस्तर प्राधिकरण की बैठक में 31 अगस्त तक टेंडर करने कहा गया। निर्माण नवंबर में शुरू होने की उम्मीद है। मंत्रालय में शनिवार को आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की 24वीं बैठक हुई। बताया गया कि पहले हुई बैठकों में 213 कार्य कराने का निर्णय हुआ था। इनमें से 91 प्रतिशत यानी 194 पूरे हो गए हैं। शहीद वीर नारायण सिंह स्वावलंबन योजना के तहत हितग्राहियों का चयन 3 माह में पूरा करने और बाकी 9 माह में दुकान निर्माण पूरा करने का फैसला हुआ। फ्लोराइड प्रभावित बैलाडीला और दल्लीराजहरा के 6 गांवों में सोलर पंप के जरिए पानी सप्लाई होगी। इसके लिए 62 करोड़ 37 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इससे 32 गांवों को साफ पानी मिलेगा। वहीं सभी मजरों-टोलों में पेयजल के लिए सोलर पंप लगाने अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। बैठक में बताया गया कि 12 जिलों में अब तक 307 देवगुड़ी निर्माण के लिए 1 करोड़ 53 लाख रुपए मंजूर किए जाएंगे। प्राधिकरण क्षेत्र के आश्रम छात्रावालों में पेयजल, शौचालय और बिजली व्यवस्था की समीक्षा भी की गई। इन संस्थाओं में छोटे-मोटे मरम्मत कार्य जल्द कराने कहा गया। गौरतलब है कि इसके लिए 50 सीट वाले छात्रावास, आश्रम के अधीक्षक को 25 हजार और 100 सीट या उससे अधिक के आश्रम-छात्रावास अधीक्षक को 40 हजार रुपए सालाना दिए जाते हैं।  

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नया रायपुर  स्वामीनारायण मंदिर

  नया रायपुर में विश्व प्रसिद्ध स्वामीनारायण संप्रदाय का मंदिर बनेगा। स्वामीनारायण संप्रदाय का एक प्रतिनिधिमंडल कुछ दिनों पहले नया रायपुर आया था। संस्था ने नया रायपुर स्थित जंगल सफारी के निकट रियायती दर पर सरकार से जमीन की मांग की है। स्वामीनारायण संप्रदाय के अलावा और भी कई धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन नया रायपुर में जमीन की मांग कर रहे हैं। नया रायपुर विकास प्राधिकरण अब ऐसे संगठनों को जमीन देने के लिए एक नीति तैयार करने में लगा है। फिलहाल जमीन देने पर कोई निर्णय नहीं किया गया है। नया रायपुर में पहले प्रजापति ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय को जमीन दी गई है। हालांकि उन्होंने जमीन बाजार मूल्य पर खरीदी है। इस्कॉन, बालाजी मंदिर ट्रस्ट जैसे धार्मिक संप्रदाय के अलावा अक्षयपात्र जैसे सामाजिक सांस्कृतिक संगठन भी नया रायपुर में जमीन चाहते हैं। एनआरडीए की दिक्कत यह है कि अगर किसी एक को रियायती दर पर भूमि दी तो सैकड़ों ऐसे संगठन हैं, जो जमीन की मांग करने लगेंगे। एनआरडीए के अफसरों का कहना है कि अगर यहां ऐसे संप्रदाय आएंगे तो इससे नया रायपुर को फायदा ही होगा। कई शहरों में अर्थव्यवस्था का आधार ही तीर्थ है। अगर नया रायपुर में ऐसे मंदिर बनें तो उससे शहर का विकास होगा। स्वामीनारायण संप्रदाय की स्थापना स्वामी रामानंद के शिष्य स्वामी सहजानंद ने 18 वीं सदी में की थी। अहमदाबाद सहित गुजरात के कई शहरों में इस संप्रदाय के मंदिर हैं। अमेरिका, इंग्लैंड, आस्टे्रलिया, अफ्रीका सहित दुनिया के अनेक देशों में इस संप्रदाय के मंदिर हैं। राधा कृष्ण के ये मंदिर शिलाओं से बने हैं और स्थापत्य कला का बेहतरीन नमूना माने जाते हैं। स्वामीनारायण संप्रदाय वैदिक परंपरा पर आधारित संप्रदाय है। इसमें सभी जाति के लोग शामिल हैं। एनआरडीए पीआरओ विकास शर्मा ने बताया स्वामीनारायण संप्रदाय ने नया रायपुर में जमीन मांगी है। हम उनके प्रस्ताव को बोर्ड मीटिंग में लाएंगे फिर सरकार को भेजेंगे। अभी जमीन देने का निर्णय नहीं हुआ है। इस बारे में नीति बनाने की तैयारी है। इस्कॉन, बालाजी मंदिर ट्रस्ट सहित कई दूसरे संगठनों ने भी जमीन की मांग की है।  

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चिंतागुफा

सुकमा के चिंतागुफा थाने में उस वक्त हड़कम्प मच गया जब जवानों ने जोरदार धमाके की आवाज सुनी। बम धमाके के बाद जवान अलर्ट हो गए। बताया गया कि चिंतागुफा थाने से लगभग एक किमी दूर जंगल में यह ब्लास्ट हुआ। ब्लास्ट कैसे हुआ और इसकी चपेट में कौन आया, इस संबंध में देर शाम तक कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई थी। ऐसी आशंका जाहिर की जा रही है कि नक्सली जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए प्रेशर बम प्लांट करते रहे होंगे और उसी दौरान आईईडी ब्लास्ट हो गया होगा। इसके अलावा माओवादियों द्वारा लगाए गए प्रेशर आईईडी के चपेट में किसी जानवर के आने की वजह से ब्लास्ट होने की आशंका भी एएसपी नक्सल ऑपरेशन जितेंद्र कुमार शुक्ला ने जाहिर की है।

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नईदुनिया जागरण समूह

नईदुनिया जागरण समूह के भारत रक्षा रथ को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना। शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग शामिल हुए। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को भारत रक्षा रथ पूरे दिन राजधानी रायपुर में घूमेगा। इसके बाद यह रथ बिलासपुर के लिए रवाना हो जाएगा। वहां ये यह रथ जबलपुर, भोपाल, इंदौर और ग्वालियर होते हुए 2 अगस्त को जम्मू पहुंचेगा।

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 छत्तीसगढ़ की खेल नीति

16 साल बाद छत्तीसगढ़ की खेल नीति बदलने जा रही है। नई खेल नीति में प्रदेश के खिलाड़ियों को विदेश में कोचिंग मिलेगी। कोचिंग का पूरा खर्च खेल विभाग उठाएगा। अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर गोल्ड मेडल लाने वाले खिलाड़ियों को खेल निखारने पॉलिसी लागू की जाएगी। वहीं खिलाड़ियों के लिए नौकरी में 2 प्रतिशत आरक्षण का नियम लागू किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि खेल नीति बनकर तैयार है। 29 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय खेल दिवस पर लागू की जाएगी। बता दें कि प्रदेश के अलग-अलग खेल संघों से आए सुझाव के बाद खेल नीति संशोधन कर बनाई गई है। इसमें सबसे अहम उन बिन्दुओं को ध्यान में रखा गया है, जिससे खेल और खिलड़ियों का विकास हो सके।  रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और राजनांदगांव में खेल विभाग नई खेल नीति की तहत नेशनल स्तर की कोचिंग देने की तैयारी कर रहा है। जहां उच्च स्तर के कोच, स्पोर्ट्स किट खिलाड़ियों को उपलब्ध करवाई जाएगी। स्पेशल कोचिंग की सुविधा उन खिलाड़ियों को मिलेगी, जो लगातार नेशनल और इंटरनेशन में बेहतर परफॉर्मेंस कर रहे हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि जो खेल नीति लागू होने जा रही है, उसका पूरा फोकस ओलिंपिक गेम्स पर है। खिलाड़ियों को उसी लेवल पर तैयार किया जाएगा। इसमें सबसे खास बात है कि खेल विभाग ओलिंपिक गेम्स पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। पिछले कुछ वर्षों में जिन खेलों में खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया उन्हें स्पेशल सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। वहीं आगामी नेशनल गेम्स पर भी फोकस होगा। जिन खेलों में पिछले वर्ष सिल्वर तक सीमित रह गए थे उन्हें गोल्ड की तैयारी करवाई जाएगी। सहायक संचालक, खेल विभाग राजेंद्र डेकाटे नई खेल नीति बनकर तैयार है। खेल विभाग ने ओलिंपिक खेलों को ध्यान में रख पॉलिसी को लागू करेगा। विदेशों में कोचिंग भी खिलाड़ियों को दी जाएगी।   

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rto raipur

    रायपुर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में शुक्रवार से नई व्यवस्था लागू हो जाएगी। परमिट और फिटनेस को छोड़कर वाहन संबंधी सभी काम तभी हो पाएंगे, जब कार्यालय पहुंचे व्यक्ति के पास शपथपत्र होगा। शपथपत्र की जरूरत तब पड़ेगी, जब वाहन मालिक खुद उपस्थित नहीं होगा। उसके प्रतिनिधि के तौर पर पहुंचे व्यक्ति को शपथपत्र दिखाने के बाद ही कार्यालय परिसर में प्रवेश दिया जाएगा। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में प्रभारी आरटीओ और एजेंटों के बीच लगातार टकराव हो रहा है। गुस्र्वार को प्रभारी आरटीओ ने एक बार फिर एजेंटों को कार्यालय से बाहर कर दिया। एजेंटों ने विरोध किया। इसके बाद प्रभारी आरटीओ ने एजेंटों को बुलाया और दोटूक कहा कि मोटरयान अधिनियम में आरटीओ एजेंट का कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन प्रतिनिधि के तौर पर वे वाहन मालिकों का काम कर सकते हैं। इसके लिए शर्त यह है कि वे जिस भी वाहन का काम कराने आएं, उसके मालिक का शपथपत्र लाएं। शपथपत्र में प्रतिनिधि का फोटो चस्पा होगा और वाहन मालिक प्रतिनिधि का नाम व पता के साथ उसे अधिकृत करेगा। सौ स्र्पए के स्टाम्प पेपर पर शपथपत्र बनवाना होगा। वाहन के ट्रांसफर, आरसी बुक, लोन निरस्त, एनओसी के लिए हर बार नया शपथपत्र बनवाना होगा। किसी के पास एक या उससे अधिक वाहन है तो वह उनके परमिट और फिटनेस के लिए एक बार शपथपत्र बनवाएगा और उसका प्रतिनिधि हर बार उपयोग में ला सकेगा। हालांकि आरटीओ एजेंट इसका विरोध कर रहे हैं, क्योंकि इससे वाहन मालिकों का खर्च बढ़ेगा और शपथपत्र बनवाने का समय अलग लगेगा। परिवहन विभाग की कई सुविधाएं ऑनलाइन कर दी गई हैं, लेकिन बहुत से लोग इंटरनेट का उपयोग नहीं कर पाते हैं। इसलिए दुर्ग और बिलासपुर के बाद रायपुर आरटीओ कार्यालय में भी लोक सेवा केंद्र खोलने का विचार चल रहा है। प्रभारी आरटीओ ने बताया कि इस संदर्भ में वे जल्द ही कलेक्टर से चर्चा करेंगे। रायपुर आरटीओ पुलक भट्टाचार्य ने बताया कार्यालय में गड़बड़ी करने वालों की भीड़ खत्म करने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। विभाग चाहता है कि वाहन मालिक खुद अपना काम कराने पहुंचे, ताकि बिचौलियों के कारण होने वाली गड़बड़ी को रोका जा सके। किसी कारणवश मालिक उपस्थित नहीं हो पाता है तो वह शपथपत्र बनाकर किसी भी व्यक्ति को प्रतिनिधि नियुक्त कर सकता है।   

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छत्तीसगढ़  कोरिया

  छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में गुरुवार को एक हादसे में 20 बच्चों की जान बाल-बाल बच गई। मिली जानकारी के मुताबिक कोरिया जिले के बैकुंठपुर इलाके के बदरिया गांव में एक स्कूली वैन में भीषण आग लग गई। यह हादसा तब हुआ जब उसमें करीब 20 स्कूली बच्चे बैठे हुए थे। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक स्कूल वैन कटकोना से पटना ऐरो किड्स स्कूल जा रही थी, तब शार्ट सर्किट के कारण वैन में आग लग गई। ड्राइवर और स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण वैन में बैठे 20 लोगों को तत्काल बाहर निकाल लिया गया और आग बुझाने का प्रयास किया गया। हालांकि जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक वैन पूरी तरह से जलकर खाक हो चुकी थी।

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छत्तीसगढ़ युवा नीति

छत्तीसगढ़ की पहली युवा नीति के मसौदे को बुधवार को रमन सरकार ने हरी झंडी दे दी। इसमें सबसे अहम है, छत्तीसगढ़ के सारे ग्राम पंचायतों में विवेकानंद युवा केंद्र की स्थापना और पढ़े-लिखे युवाओं के लिए सरकारी विभागों में इंटर्नशिप देने की योजना है। इससे सरकार और युवाओं दोनों को लाभ होगा। युवाओं को सरकारी सिस्टम को समझने का अवसर मिलेगा।मुख्यमंत्री निवास में दो घंटे से अधिक समय तक चली इस मीटिंग में मुख्यमंत्री रमन सिंह समेत उनके कैबिनेट के कई मंत्री और शीर्ष नौकरशाह मौजूद थे। सरकारी सूत्रों के मुताबिक सरकार के इस कदम को रोजगार की दिशा बदलावकारी माना जा रहा है।

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छत्तीसगढ़ -वित्तीय प्रबंधन

वित्तीय प्रबंधन में छत्तीसगढ़ पूरे देश में पहले स्थान पर आ गया है। नीति आयोग ने देश के 29 राज्यों का आंकड़ा जारी किया है। 2015 की तुलना में छत्तीसगढ़ दो पायदान चढ़ा है। 2 साल पहले छत्तीसगढ़ तीसरे स्थान पर था। नई दिल्ली में नीति आयोग के प्रवासी भारतीय केन्द्र में राज्यों के मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन में ये आंकड़े प्रस्तुत किए गए। इस सूची में उत्तर प्रदेश दूसरे, तेलंगाना तीसरे और आंध्रप्रदेश चौथे स्थान पर है।  

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डॉ. रमन सिंह-रामनाथ कोविंद

राष्ट्रपति पद के लिए यूपीए की उम्मीदवार मीरा कुमार बुधवार को रायपुर आ रही हैं। उनके पक्ष में वोट डलवाने के लिए कांग्रेस विधायक दल के नेता टीएस सिंहदेव ने पार्टी के 39 विधायकों के अलावा एकमात्र निर्दलीय विधायक डॉ. विमल चोपड़ा, बसपा विधायक केशव चंद्रा और जोगी समर्थक सियाराम कौशिक से बात कर उन्हें बुलाया है। निर्दलीय विधायक को साधने की कोशिश पर सीएम डॉ. रमन सिंह पानी फेर दिया है। उन्होंने न केवल खुद चोपड़ा से बात की, बल्कि भाजपा के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद से भी बात करा दी। इस कारण अब डॉ. चोपड़ा ने भाजपा उम्मीदवार को ही वोट देने का फैसला कर लिया है। चंद्रा ने यूपीए उम्मीदवार को वोट करने का संकेत दिया है। ऐसे ही जोगी समर्थक कौशिक ने भी साफ कर दिया है कि वे कांग्रेस उम्मीदवार को ही वोट देंगे। प्रदेश की 90 विधानसभा सीटों में से 49 में भाजपा का कब्जा है। कांग्रेस के 38 विधायक हैं, लेकिन इसमें से एक अमित जोगी पार्टी से निष्कासन के बाद कांग्रेस से असम्बद्ध विधायक हैं। मतलब अब अधिकारिक तौर पर कांग्रेस में 37 विधायक रह गए हैं। एक सीट पर बसपा और एक सीट पर निर्दलीय विधायक हैं। जिस तरह से अभी समीकरण बना है, उससे तो यही तय माना जा रहा है कि राष्ट्रपति पद के लिए भाजपा के उम्मीदवार कोविंद को पार्टी के 49 विधायकों के अलावा एक निर्दलीय विधायक डॉ. चोपड़ा का वोट मिलेगा। इनका छत्तीसगढ़ से 50 वोट तय माना जा रहा है। कांग्रेस उम्मीदवार मीरा कुमार को पार्टी के 37 और बसपा विधायक को मिलाकर 38 वोट मिलने की पूरी संभावना है। कांग्रेस से निष्कासित अमित जोगी और निलंबित आरके राय से कांग्रेस ने बात ही नहीं की है, इसलिए ये दो वोट किस पाले में गिरेंगे, इसे लेकर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के सुप्रीमो अजीत जोगी ने 16 बिंदुओं का छत्तीसगढ़ एजेंडा तैयार किया है, जिसे वे दोनों पार्टियों के उम्मीदवारों को भेजेंगे। जोगी का कहना है कि उनके एजेंडा को पूरा करने वाले प्रत्याशी को ही उनके समर्थक विधायक वोट देंगे।  

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नग्न लाश

अंबिकापुर शहर में एक 28 वर्षीय विवाहिता की बिना कपड़ों में फंदे से लटकी हुई लाश मिली है। विवाहिता का अपने पति से आए दिन झगड़ा होता था वो सास से अलग अपने बच्चे के साथ रहती थी। मृतका की बॉडी पर चोट के कई निशान हैं और गले में दो फंदे के निशान है। सास ने जब बहू को इस हाल में लटका देखा तो वो चिल्लाते हुए घर से बाहर भाग गई।  खटिकपारा निवासी 28 वर्षीय अर्चना तिर्की अपने पति रवि केरकेट्टा, सास तथा बेटे के साथ रहती थी। बाद में कुछ विवाद होने पर सास से अलग रहने लगी। बताया जा रहा है कि अर्चना की उसके पति रवि के साथ नहीं बनती थी। आए दिन दोनों में मारपीट होती रहती थी। इधर रवि पिछले 20 दिन से काम से बाहर गया था। गुरुवार की रात गर्मी के कारण अर्चना दरवाजा खुला रखकर अपने कमरे में सो रही थी। वहीं सास पास वाले मकान में सो रही थी। सुबह 5:30 बजे जब उसकी सास ने कमरे में जाकर देखा तो उसकी लाश पाइप के सहारे दुपट्टे से लटक रही थी। विवाहिता के शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं था। उसके कपड़े वहीं बेड पर पड़े हुए थे। ये देख सास चिल्लाने लगी। आवाज सुनकर पड़ोसी वहां पहुंचे और घटना की सूचना कोतवाली पुलिस को दे दी।मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका की छोटी बहन का आरोप है कि उसके जीजा का किसी दूसरी महिला से अवैध संबंध है। ऐसे में वो मृतका से आए दिन लड़ता रहता था। पुलिस के मुताबिक मृतका को दो बार फंदे से लटकाने की कोशिश की गई है। पहली कोशिश में फंदा टूट गया फिर दूसरी कोशिश में उसे लटकाया गया है।

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अमित जोगी

कांग्रेस के तर्क के अनुसार उनकी पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी पर मुकदमा चलना चाहिए। यह कहना है विधायक अमित जोगी का। उनका कहना है कि जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के संस्थापक अध्यक्ष अजीत जोगी जब कांग्रेस में थे तब 16 साल तक सोनिया गांधी ने उन्हें आदिवासी माना। इसी आधार पर उन्होंने जोगी को कांग्रेस के आदिवासी विभाग का राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बनाया था। पार्टी के दूसरे पदाधिकारियों ने भी संयुक्त बयान जारी किया है कि जिन आदिवासी विधायकों की मांग पर ही जोगी को प्रदेश का पहला मुख्यमंत्री बनाया गया था, उन्हीं में से कई अब जोगी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अमित जोगी का कहना है कि हाईपावर कमेटी के फैसले में थोड़ी भी सच्चाई है तो कांग्रेस को न केवल जोगी बल्कि, सोनिया गांधी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजना चाहिए। सोनिया गांधी ने ही जोगी को आदिवासी मानकर कई जिम्मेदारियां दी थीं। 2004 से 2016 तक जोगी को आदिवासी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद दिया था। अमित के मुताबिक 2000 में दिग्विजय मंत्रिमंडल ने जोगी के आदिवासी न होने की लिखित शिकायत की थी, जिसे सोनिया गांधी ने खारिज कर दिया था। 29 अक्टूबर 2000 को दिग्विजय सिंह को दिल्ली बुलाकर सोनिया गांधी ने कहा था, जोगी काबिल और अनुभवी आदिवासी नेता हैं। इस बात को दिग्विजय भी नहीं झुठला सकते, क्योंकि सोनिया गांधी के निवास में रजिस्टर में दिग्विजय के आने का रिकॉर्ड है। इसी तरह जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के महासचिव गौरीशंकर पांडेय, युवा जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद तिवारी और प्रदेश प्रवक्ता भगवानू नायक ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि आठ सितंबर 2000 को कांग्रेस के 21 विधायकों ने छत्तीसगढ़ का पहला मुख्यमंत्री आदिवासी को बनाने की मांग की थी। इसमें मनोज मंडावी, कवासी लखमा, मंतुराम पवार, गुलाब सिंह, गोपाल राम, डोमेंद्र भेड़िया समेत अन्य विधायक शामिल थे। तब न केवल मनोज मंडावी बल्कि, अरविंद नेताम को भी जोगी सच्चे आदिवासी लगते थे। जब राजनीति में बदलाव आया तो उन्हें जोगी नकली आदिवासी लगने लगे हैं।

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पूर्व सांसद महाबल मिश्रा

खबर बिलासपुर से । कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ अभद्रता करने वाले कांग्रेस के पूर्व सांसद महाबल मिश्रा का इंटक यूथ ने विरोध किया। जोनल स्टेशन में उन्हें व उनके सहयोगी केके तिवारी को उत्कल एक्सप्रेस से उतारकर उनके ऊपर काली स्याही उंड़ेल दी गई। इसके अलावा जमकर नारेबाजी भी की गई। पश्चिम दिल्ली के पूर्व सांसद श्री मिश्रा व श्री तिवारी दिल्ली से हरिद्वार-पुरी उत्कल एक्सप्रेस से चांपा के लिए सफर कर रहे थे। उनका रिजर्वेशन ए-1 कोच में था। उनके बिलासपुर से गुजरने की सूचना पर इंटर यूथ सक्रिय हो गया और ट्रेन के पहुंचने से पहले प्रदेश अध्यक्ष सुशील अग्रवाल साथियों के साथ स्टेशन पहुंच गए। ट्रेन 11 बजे प्लेटफार्म एक पर आई। इसके बाद श्री अग्रवाल व साथी कोच में चढ़े और स्वागत की बात कहते हुए दोनों को नीचे उतारवाया। उन्हें समर्थक मानकर दोनों उत्साह के साथ नीचे उतरे। इसके बाद उन पर काली स्याही उंड़ेल दी गई। इससे दोनों के चेहरे काली स्याही से रंग गए। प्रदेश अध्यक्ष श्री अग्रवाल ने बताया कि महाबल मिश्रा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बारे में अपशब्दों का इस्तेमाल किया था। इसके बाद इंटक यूथ में उनके खिलाफ बेहद आक्रोश है। इतना ही नहीं वे खुद को इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केके तिवारी महामंत्री बताते हैं। जबकि वर्तमान में राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी डॉ. जी संजीवन रेड्डी के पास है। इसके बावजूद दोनों गलत ढंग से पद पर काबिज होने की बात कहते हैं। इसके अलावा सभा व कार्यक्रम आयोजित कर माहौल का बिगाड़ने की साजिश करते हैं। कोरबा भी इसी सिलसिले में जा रहे थे। जोनल स्टेशन में हुई इस घटना की भनक आरपीएफ और जीआरपी नहीं लगी। इस संबंध में उनका कहना था कि हमारे पास किसी ने इस तरह की शिकायत नहीं आई है।

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m ravi ceo

काम करने का जज्बा हो और ईमानदारी से मेहनत की जाए तो किस्मत बदलते देर नहीं लगती। भिलाई स्टील प्लांट के सीईओ (चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर) एम रवि पर यह कहावत बिल्कुल सटीक बैठती है। रवि को करीब बीस साल पहले जिस बंगले के गार्ड ने वहां प्रवेश की इजाजत तक नहीं दी थी, आज उसी बंगले में वे बतौर मुखिया रहते हैं। बीएसपी के सीईओ एम रवि ने खुद इसकी पुष्टि की। बीएसपी के सीईओ शनिवार को एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। वहां पहले से बीएसपी के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे। इसी दौरान चर्चा में बीएसपी के सीईओ बंगले की बात छिड़ी। एक अधिकारी ने कहा कि तालपुरी स्थित बीएसपी एमडी (अब सीईओ) बंगले की भव्यता की चर्चा सेल की दूसरी यूनिटों सहित शासन- प्रशासन के लोगों में होती है। इसपर सीईओ रवि ने कहा कि सन् 1997- 98 में जब वे बीएसपी के एसएमएस-1 में एजीएम थे तो उनके बेटे ने एमडी बंगला देखने की जिद्द की। इस पर रवि ने अपने स्कूटर पर बेटे को बिठकार एमडी बंगला दिखाने पहुंचे तो वहां के गार्ड ने उन्हें रोक दिया। रवि ने गार्ड से कहा कि उन्हें बंगला देखना है। इस पर गार्ड ने यह कहकर वापस कर दिया कि यह एमडी बंगला है, घूमने की जगह नहीं। इसके बाद बीएसपी का सीईओ बनने के बाद अगस्त 2016 से एम रवि उसी बंगले में मुखिया के तौर पर रह रहे हैं। सीईओ एम रवि ने बताया कि तालपुरी में एमडी (सीईओ) बंगला में शिफ्ट होने के कुछ समय बाद उनके बेटे ने सन् 1997-98 की उक्त घटना की याद दिलाई। पूर्व में उनके साथ घटित हुई घटना को वे भूल चुके थे। गौरतलब है कि भिलाई स्टील प्लांट के सीईओ व ईडी स्तर के अधिकारियों के लिए तालपुरी में सर्व सुविधायुक्त अलग-अलग बंगले बनाए गए हैं। इसमें बंगला-1 सबसे खास है। इसमें ही सीईओ रहते हैं।

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अरुण जेटली  जीएसटी

एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली रविवार को रायपुर पहुंच यहां उन्‍होंने मुख्यमंत्री निवास में वे भाजपा के सभी सांसदों, विधायकों तथा राष्ट्रीय पदाधिकारी की उपस्थिति में आयोजित बैठक में हिस्‍सा लिया। इसके बाद जीएसटी के ऊपर बेबीलोन होटल में आयोजित वर्कशॉप में उन्‍हेांने हिस्‍सा लिया। जेटली की इस क्‍लास में चेंबर ऑफ कॉमर्स और सीए एसोसिएशन के लोग उपस्थित रहे। इस दौरान पहले छत्‍तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री रमन सिंह ने अरुण जेटली का स्‍वागत करते हुए लोगों को संबोधित किया। उनका कहना था कि जीएसटी हमारे देश के विकास के लिए बहुत ही महत्‍वपूर्ण साबित होगा। इसके साथ ही इसका पूरा श्रेय अरुण जेटली को जाता है क्‍योंकि इसे लागू कराना आसान नहीं था। इसी के साथ उन्‍होंने व्‍यापारियों और कंपनियों से छत्‍तीसगढ़ में निवेश करने के लिए निमंत्रित किया। मुख्‍यमंत्री के भाषण के बाद वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने लोगों को संबांधित किया और जीएसटी से जुड़ी कई भ्रांतियों को दूर करने की कोशिश की। इसके साथ ही उनका कहना था कि छत्‍तीसगढ़ निवेश के लिए एक बहुत ही महत्‍वपूर्ण जगह है क्‍योंकि यह देश के बीचों बीच है और यहां से यातायात के माध्‍यम से देश के किसी भी हिस्‍से तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद भी उनके साथ इस कार्यक्रम में उपस्थित थे। राष्ट्रपति चुनाव को लेकर रामनाथ कोविंद भाजपा सांसदों और विधायकों से मुलाकात की और अपने लिए समर्थन की मांग की है।

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राजनंदगांव

राजनंदगांव में भवाना टोला गांव के ऊपर स्थित मंदिर में एक प्रेमी युगल ने कीटनाशक पीकर आत्‍महत्‍या कर ली है। जैसे ही लोगों को इस बात की जानकारी लगी मंदिर में भीड़ एकत्र होना शुरू हो गई। इस बात की जानकारी पुलिस को दे दी गई है। आत्‍महत्‍या करने वाले लड़के की पहचान पेडकोडो निवाशी नीरज कुमार पिता आत्‍माराम नेताम के रूप में हुई है। लड़के की उम्र 20 वर्ष बताई जा रही है, वहीं लड़की की पहचान मुरेटिटोला निवासी दामनी कोमर (19 वर्ष) पिता ललित कोमर के रूप में हुई है। दोनों ने कीटनाशक का सेवन कर मौत को गले लगा लिया। मौत के कारणों को अभी खुलासा नहीं हो सका है।

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छत्तीसगढ़ गरियाबंद

छत्तीसगढ़ गरियाबंद जिले के मैनपुर ब्लॉक के इंदागांव के आदिवासियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर गांव में 30 बिस्तर अस्पताल खुलवाने की गुजारिश की है। अति पिछड़े संरक्षित कमार भुंजिया जनजाति के ग्रामीणों ने लिखा है-'साहब, अधिकारी यहां डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, अवेकनिंग इंडिया की बात करने आते हैं, आदमी जिंदा रहे, उसकी बात नहीं करते।" पीएमओ ने इस सिलसिले में राज्य सरकार को कार्रवाई करने को कहा है। गरियाबंद कलेक्टर श्रुति सिंह ने बताया कि मामले की पड़ताल की जा रही है। जरूरी हुआ तो अस्पताल का प्रस्ताव भेजा जाएगा। मैनपुर ब्लॉक का अधिकांश हिस्सा घने जंगलों, पहाड़ों, नदी-नालों से घिरा है। इंदागांव क्षेत्र में संरक्षित कमार भुंजिया आदिवासियों के कई गांव हैं। इलाके में इनकी जनसंख्या 15 से 20 हजार तक है। 4 हजार की आबादी वाले इंदागांव में पुलिस स्टेशन, पोस्ट ऑफिस, बाजार, हायर सेकंडरी स्कूल समेत सारी सुविधाएं हैं। इंदागांव छत्तीसगढ़ सरकार के संसदीय सचिव तथा बिंद्रानवागढ़ के विधायक गोवर्धन मांझी का गृहग्राम भी है। मांझी ने नईदुनिया से कहा-हमने गांव में अस्पताल खोलने के लिए कई बार सरकार से मांग की। पहले मैनपुर से मेडिकल टीम वहां जाकर कैंप लगाती थी, अब वह भी बंद है। इंदागांव से मैनपुर की दूरी 40 किमी है। दूसरा अस्पताल बोहरापदर में है, लेकिन वह भी 19 किमी दूर है। रात में प्रसव आदि के प्रकरण आने पर ग्रामीणों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इलाके में 20 किमी के दायरे में संरक्षित जनजाति के 10-12 गांव हैं। सबको यही समस्या है। मांझी ने कहा कि अस्पताल खोलने का प्रस्ताव फिर से भेजूंगा। इंदागांव, सरनबहाल, तौरेंगा, मदनगुमड़ा आदि गांवों में बसे कमार भुंजिया आदिवासियों ने इससे पहले अस्पताल की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखा था। इंदागांव की सरपंच बेलमति और अन्य ग्रामीणों ने लिखा है- गरीब आदिवासियों को 40-60 किमी दूर अस्पताल जाने में बहुत परेशानी उठानी पड़ती है। चिकित्सा सुविधा न होने से मलेरिया जैसी बीमारियों से भी आदिवासियों की मौत हो जाती है। कलेक्टर गरियाबंद श्रुति सिंह का कहना है पीएचसी, सीएचसी का परीक्षण करा रहे हैं। जरूरी हुआ तो इंदागांव में अस्पताल खोलने के लिए प्रस्ताव सरकार को भेजेंगे।

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स्मार्ट सिटी रायपुर

  स्मार्ट सिटी बनने की दौड़ में राजधानी रायपुर ने लंबी छलांग लगाई है. मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह ने एक्सप्रेस वे, ओवरब्रिज, ओवरपास, स्काई वाक, अंडर ब्रिज बनाने 680 करोड़ रूपए की विकास योजनाओं का शिलान्यास किया.  इस दौरान डा.रमन सिंह ने कहा कि – 13 सालों के मेरे कार्यकाल में ये पहला मौका है, जब 680 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास एक साथ रखा है. उन्होंने कहा कि पूरे देश में 17 सालों की यात्रा को देखा जाए तो किसी भी राज्य की राजधानी में अधोसंरचना का इतना काम नहीं हुआ। डा.रमन सिंह ने कहा कि- आज भी मैं जब भोपाल जाता हूँ, तो देखता हूँ, भोपाल वैसा का वैसा है, लेकिन कोई यदि रायपुर आता है, तो यहां का विकास देखकर हतप्रभ हो जाता है.

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 कोविंद छत्तीसगढ़

एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद 9 जुलाई को छत्तीसगढ़ के दौरे पर आएंगे। कोविंद देशभर में समर्थन जुटाने की मुहिम के तहत दौरा कर रहे हैं। दिल्ली और हिमाचल प्रदेश के दौरे से लौटे मुख्यमंत्री डा रमन सिंह ने बताया कि कोविंद के साथ वित्त मंत्री अस्र्ण जेटली भी आएंगे। जेटली राजधानी में जीएसटी को लेकर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। धान के बोनस के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसको लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से कोई चर्चा नहीं हुई। उनके निर्देशों के तहत संगठन ने कितना काम किया है, इसका ब्यौरा दिया गया।  

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नक्सली  गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ पुलिस ने गुरुवार को दो नक्सलियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस को नारायणपुर जिले के बागझर के जंगलों में नक्सलियों की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके को घेरकर सर्चिंग अभियान शुरू किया, जिसमें दो नक्सलियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। पुलिस ने बताया कि दोनों नक्सलियों पर छेरीबेड़ा में बम लगाने का आरोप है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।  

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कोरबा / चाय की चौपाल

राजेन्द्र जायसवाल कोरबा जिले की पुलिस आधी रात जगह-जगह चाय की चौपाल लगा रही है जिसमें रूक कर चाय पीने वालों को सुखद और खास अनुभूति होने लगी है। वैसे पुलिस के बारे में जुमला है कि इनकी चाय बड़ी महंगी पड़ती है पर अभी रात में जागकर पिलाई जा रही चाय वाहन चालकों के जीवन पर नींद की झपकी के कारण आने वाले संकट को टालने की वजह से काफी फायदेमंद हो रही है। अब आखिर पुलिस के द्वारा रात में चाय-पानी पिलाते समय कैसा नजारा रहता होगा, यह देखने के लिए ही कुछ लोग अपनी गाड़ी निकालकर रात में घूमने निकल पड़ते हैं। वैसे पुलिस कप्तान के इस अभिनव पहल को सराहना मिल रही है।  चार दिन की चांदनी गली-गली झाडू उठाकर साफ-सफाई को बढ़ावा देने वाला स्वच्छता अभियान चार दिन की चांदनी बनकर रह गया। शोर- शराबे, तामझाम, लाव लश्कर के साथ गली कूचों में निकलने वाले खास चेहरे भी अब अभियान से दूर हो चुके हैं। शुरूआती दौर में एक अलग समिति ही बना दी गई किन्तु कागजों में सिमटी समिति कागज से बाहर निकलकर धरातल पर नहीं पहुंच पाई है। बारिश में बजबजाती गंदगी इस बड़े अभियान और समिति के जिम्मेदारों को चिढ़ाती नजर आती है।  मखमल पर टाट का पैबंद नगर को संवारने एवं यहां आने वालों को मंत्रमुग्ध कर देने के लिए लाखों रूपये बहाकर सौंदर्यीकरण, चित्रकारी और अन्य जतन लगातार निगम क्षेत्र में कराये जा रहे हैं। दूसरी तरफ इन्हीं साज-सजावट के दूसरे पहलू के रूप में नगर की उबड़-खाबड़ और एक तरफा भागती सड़कें, बरसात के दौरान छोटे-बड़े तालाब, नहर का शक्ल लेती सड़कें सौंदर्यीकरण के मखमल पर टाट का पैबंद साबित हो रही हैं। अब जनता तो यहां तक कहती है कि सौंदर्यीकरण भले न करें पर पानी की निकासी और सड़कों और नालियों की व्यवस्था दुरूस्त कर दें तो यही उनके लिए सौंदर्यीकरण होगा।  अफसरों की नजर-ए-इनायत दिया तले अंधेरा की कहावत को साकार करने वाले ऊर्जानगरी के बिजली अफसरों की नजरें यहां की जनता पर इनायत नहीं हो पा रही है। वजह चाहे कुछ भी हो किन्तु मेंटनेंस में लापरवाही, उपकरणों की खरीदी में भ्रष्टाचार का नतीजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। बिजली जले या न जले भारी भरकम बिल अपने समय पर दस्तक दे जाता है। अब तो बारिश के मौसम में आंधी चलने, हल्की सी बारिश होने पर ही लाईट गुल करने का सुनहरा मौका भी इन्हें मिल जाता है। जनता इस सवाल का जवाब खोज रही है कि जब 24 में से बमुश्किल 5-6 घंटे ही बिजली नसीब हो पाती है तो बिल पूरा क्यों भरा जाए? गांव की जनता के लिए तो बिजली का बिल दूध-भात के समान होना चाहिए, क्योंकि यहां हफ्ते भर बिजली लौटने का नाम नहीं लेती। लोजपा नेता की अपनी धाक केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान की पार्टी के नेता को मंत्री महोदय ने खाद्य निगम आयोग का डायरेक्टर नियुक्त कर जिले का जिम्मा सौंपा है। लोजपा नेता की नई-नई चमचमाती वाहन के आगे-पीछे और नंबर प्लेट पर लगे पदनाम की चर्चा खूब है।  बैन हटे तो किस्मत चमके सरकारी कर्मचारियों के तबादला पर इस साल अभी तक प्रतिबंध नहीं हटने पर शासकीय सेवकों में तो मायूसी है ही, इससे कहीं ज्यादा मायूस और निराश वे छुटभइये नेता हैं जो मनपसंद जगह पर तबादला कराने के बहाने अपनी किस्मत चमकाने की फिराक में रहते हैं। वैसे अगले वर्ष विधानसभा चुनाव की डुगडुगी बज जाएगी और इससे पहले अपना हित साधने के प्रति चिंतित लोग ईश्वर से मनाने लगे हैं कि तबादले पर लगा प्रतिबंध जल्द हटाने की सद्बुद्धि सरकार को मिले।  अफवाह यह भी अब यह अफवाह कौन फैला रहा है कि कोरबा नगर निगम को स्वच्छ सर्वेक्षण में तीसरा रेंक दिलाने व उनकी बेहतर कार्य प्रणाली से प्रभावित होकर प्रदेश के एक कद्दावर मंत्री निगम आयुक्त को अपने क्षेत्र में लाने प्रयासरत हैं।  एक सवाल आप से❓ सत्तापक्ष की महिला नेत्री से छेड़छाड़ करने के आरोपी युवा नेता को आखिर संगठन के किस नेता का वरदहस्त प्राप्त है कि उस पर एफआईआर के बाद भी न तो पुलिस और न संगठन कोई कार्यवाही कर रहा है?  

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 नकली पनीर जब्त

 रायपुर रेलवे पुलिस ने 800 किलो से ज्यादा नकली पनीर जब्त किया है। मिली जानकारी के मुताबिक रेलवे पुलिस जब सर्चिंग कर रही थी, तब काफी तादाद में पनीर ले जाने पर पुलिस को शक हुआ, जब मामले की जांच की गई तो पता चला कि पूरा पनीर नकली है और इसे अमरकंटक एक्सप्रेस से रायपुर लाया गया था। जांच में दौरान हिरासत में लिए गए व्यक्ति ने खुलासा किया कि इस नकली पनीर को भोपाल से किशन मोदी नाम के व्यक्ति द्वारा भेजा गया था। रायपुर रेलवे पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। इसके अलावा भोपाल पुलिस को भी इस मामले में सूचित किया जा रहा है।

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ajit jogi

    जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के संस्थापक अध्यक्ष अजीत जोगी का कहना है कि उनका जाति प्रमाणपत्र निरस्त होगा, हाईपॉवर कमेटी का फैसला आने के बाद यह तो तय ही था। जोगी ने कहा कि इसके पहले छह बार उनका जाति प्रमाणपत्र निरस्त किया जा चुका है और कोर्ट से बहाल भी हुआ। अभी जोगी पत्नी डॉ. रेणु जोगी, बेटे अमित जोगी और बहू रिचा जोगी के साथ राजस्थान में हैं। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिलीप सिंह भूरिया ने सबसे पहले उनका जाति प्रमाणपत्र निरस्त किया था, जो कि हाईकोर्ट से बहाल हो गया था। जोगी ने कहा कि ऐसे पांच बार और जाति को चुनौती देकर प्रमाणपत्र निरस्त कराए गए। तीन बार हाईकोर्ट और दो बार सुप्रीम कोर्ट ने बहाल किया। जोगी ने कहा कि वे पहले ही कह चुके हैं, मुझे आदिवासी अमान्य करने का फैसला रमन पॉवर कमेटी का है। जोगी का कहना है कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है। इसलिए, याचिका लगाकर हाईपॉवर कमेटी के फैसले को चुनौती देंगे। जोगी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के वकीलों से सलाह लेंगे, उसके बाद हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई जाएगी।  

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chattisgadh news

कोरिया जिले में बहने वाली गुड़घेला नदी पर पुल बन जाने से दो जिले के दर्जनों गांव जुड़ सकते हैं। वहीं ग्राम पंचायत गीरजापुर में बरसाती नाले पर करोड़ों रुपए की लागत से महज 20 परिवार के लिए पुल बनाया जा रहा है। कोरिया- सूरजपुर जिले के सरहद पर स्थित ग्राम पंचायत डूमरिया स्थित है। यहां के ग्रामीणों को सड़क व पुलिया की समस्या जूझना पड़ रहा है पुलिया के लिए ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधियों ने कई बार आंदोलन भी किया, तब भी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया । जबकि इस पुल के बनने से दो जिले के दर्जनों गांव जुड़ सकते हैं। डुमरिया के बगल गांव गिरजापुर स्टेट हाईवे पर नाले के ऊपर सिर्फ एक मुहल्ला के लिए सेतु विभाग द्वारा करोड़ों की लागत से पुल बनाया जा रहा है, जबकि इस नाले पर छोटे पुल से भी काम चल सकता है। खास बात यह कि सिर्फ एक किलोमीटर के अंतराल में एक और पुल का निर्माण हो रहा है। डुमरिया से पंड़री छापरपारा पोंड़ी, रामानुज नगर तक ढ़ाई किमी सड़क बननी थी। यहां पुल बनने से सूरजपुर जिले के पोंड़ी, पंड़री, छापरपारा, मोरगा, बरहोल, नावापारा, तेलईमुड़ा, धनेद्गापुर, श्रीनगर, देवनगर 10 गांव एवं कोरिया जिले के डूमरिया, आंजो कला, तेंदुआ, आंजो खुर्द, पीपरा, रनई, कुड़ेली सहित 10 से अधिक गांव जुड़ते हैं। पुल नहीं होने से लोग 6 महीने ऐसे ही आवागमन करते हैं ।

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अजीत जोगी कंवर

  पूर्व मुख्यमंत्री व जकांछ सुप्रीमो अजीत जोगी के जाति मामले में तीसरे दिन शुक्रवार को भी सियासी दांव-पेच चले। आदिवासी कांग्रेसियों ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मिलकर जोगी के आदिवासी न होने की रिपोर्ट के आधार पर पिता-पुत्र के खिलाफ एफआईआर कराने की मांग की। इस पर डॉ. सिंह ने उन्हें कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद हमने हाईपावर कमेटी बनाई। अब प्रकरण को मुकाम तक पहुंचाएंगे। इधर जोगी कुनबा भी लामबंद है। अजीत जोगी बिलासपुर और रायपुर में वकीलों से रायशुमारी के बाद दिल्ली रवाना हो गए। वे वहां भी वरिष्ठ वकीलों के साथ मंथन कर अगला कदम उठाएंगे। रायपुर में जूनियर जोगी ने सरकार और कांग्रेस को निशाने पर रखा। उधर अजीत जोगी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाली समीरा पैकरा ने भी अपना पक्ष सुनने हाईकोर्ट में केविएट दायर कर दी है। प्रकरण के विरोध और समर्थन में कई शहरों में हल्लाबोल जारी है। इस बीच नईदुनिया टीम ने जोगी के पैतृक ग्राम जोगीसार जाकर पड़ताल की तो चौंकाने वाली बात सामने आई। यहां के ज्यादातर ग्रामीणों का कहना है कि जोगी कंवर जाति के नहीं हैं। कुछ ने उनकी जाति की सही जानकारी होने से इनकार किया। मरवाही विधानसभा के गौरेला से 22 किमी दूर जोगीसार को जोगी अपना पैतृक गांव और लोगों को रिश्तेदार बताते हैं। नईदुनिया टीम ने पाया कि गांव में चार टोला (मोहल्ला) हैं। यहां कंवर जाति के लोगों की संख्या अधिक है। पहले शख्स नानू सिंह कंवर (90) मिले, जिन्होंने बताया कि हम कई पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं। जोगी कंवर हैं, नहीं जानते। तराईपारा मोहल्ले के मानसिंह नागेश (63) ने दो टूक कहा कि वे नहीं मानते कि जोगी आदिवासी हैं। इसी तरह सरिसटोला के कुंवर सिंह कंवर (65) का कहना था कि जोगी चुनाव के चलते आदिवासी बने हैं। खट्टरपारा मोहल्ले के जेवन सिंह पैकरा (60) ने कहा कि सरकार ने तो फैसला कर दिया है कि वे नकली आदिवासी हैं। अजीत जोगी की जाति मामले में आदिवासी कांग्रेसियों ने शुक्रवार शाम मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मुलाकात कर एफआईआर कराने की मांग की। आदिवासी कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष शिशुपाल सोरी और आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोज मंडावी के नेतृत्व में सीएम हाउस पहुंचे प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि अधिनियम की धारा 10 व नियम 24 के अंतर्गत कमेटी अपने निर्णय के तहत एफआईआर कराने के लिए बाध्य है। बाद में सोरी ने मीडिया से कहा कि छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग अधिनियम के प्रावधानों में जाति फर्जी पाए जाने पर सजा और अर्थदंड का प्रावधान भी है। आदिवासी होने के नाम पर जोगी ने आज तक जितना धन अर्जित किया है, उसकी भी वसूली की जानी चाहिए। कमेटी को इसका पूरा अधिकार है। आदिवासी समाज चाहता है कि इस मामले में कठोर कार्रवाई हो, जिससे आदिवासी होने के नाम पर लाभ लेने वालों का गोरखधंधा खत्म हो सके। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जाति मामले में हाईपावर कमेटी का निर्णय ही अंतिम माना जाएगा। प्रतिनिधि मंडल को डॉ. सिंह ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद हमने हाईपावर कमेटी का गठन कर जो काम किया है, उसे मुकाम तक पहुंचाएंगे। सीएम को सौंपे ज्ञापन में शिशुपाल सोरी, गंगा पोटाई, डॉ.प्रेमसाय सिंह, कवासी लखमा, अनिला भेड़िया, तेजकुंवर नेताम समेत कई नेताओं के दस्तखत हैं। हाईपावर कमेटी की रिपोर्ट को झूठा करार देते हुए जोगी समर्थकों ने जोरदार विरोध किया। जकांछ युवा के प्रदेश अध्यक्ष विनोद तिवारी के नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं ने कमेटी के सदस्यों पर सवाल उठाया। वहीं, मुख्यमंत्री को आदिवासी विरोधी बताते हुए पुतला जलाया। जोगी की जाति मामले में समीरा ने भी पेश की केविएट जोगी की जाति मामले में जिला पंचायत उपाध्यक्ष समीरा पैकरा ने भी हाईकोर्ट में केविएट दाखिल की है। पैकरा ने इसमें कहा है कि पूर्व विधायक पहलवान सिंह मरावी समेत मरवाही क्षेत्र के 200 लोगों ने जोगी और उनके पुत्र की जाति को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका हाईकोर्ट में लंबित है। ऐसी स्थिति में समिति की रिपोर्ट के खिलाफ याचिका दाखिल की जा सकती है,तो उनका पक्ष भी सुना जाए। उल्लेखनीय है कि गुरुवार को इसी मामले में याचिका दाखिल करने वाले संतकुमार नेताम ने अलग से केविएट दाखिल की है। अजीत जोगी 2 दिन तक बिलासपुर और रायपुर में वरिष्ठ वकीलों से सलाह-मशविरा के बाद शुक्रवार शाम नियमित विमान से दिल्ली रवाना हुए। पार्टी प्रवक्ता सुब्रत डे ने बताया कि जोगी शनिवार को अजमेर में एक कार्यक्रम में शामिल होने गए हैं, जो पहले से तय था। जोगी के आदिवासी न होने के हाईपावर कमेटी के निर्णय को चुनौती देने उसका बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है।

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cg gst band

 जीएसटी के कड़े प्रावधानों के खिलाफ शुक्रवार को छत्तीसगढ़ बंद का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। गौरतलब है कि चेम्बर ऑफ कॉमर्स के आह्वान इस बंद का आह्वान किया गया है। शुक्रवार सुबह बड़ी तादाद में व्यापारी जय स्तंभ चौक पहुंचे और जीएसटी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इसके अलावा बिलासपुर में सदर बाजार, गोल बाजार, लिंक रोड, प्रताप चौक सहित शहर के अधिकांश हिस्सो में बंद बेअसर दिखा। यहां अधिकांश इलाकों में दुकानें खुली हुई दिखी। बिलासपुर में कपड़ा मार्केट पूरी तरह से खुला दिखाई दिया, जब कुछ व्यापारिक संगठन यहां भी विरोध प्रदर्शन देखे गए। ये हैं 11 सूत्रीय मांगें जीएसटी को सरल, पारदर्शी और व्यवहारिक बनाया जाए ,ईवे बिल व्यापारी पर लागू न हो ,व्यापारी को सजा का प्रावधान न हो,महीने में 3 रिटर्न के स्थान पर एक त्रैमासिक रिटर्न हो ,विक्रेता अगर जीएसटी जमा नहीं करता है तो खरीदार की जिम्मेदारी न हो ,एक सूत्रीय सरल जीएसटी की व्यवस्था हो ,ऑनलाइन रिटर्न की बाध्यता समाप्त हो ,कपड़ा, ब्रांडेड अनाज, तिलहन, कृषि यंत्र और आवश्यक वस्तुएं जीएसटी से मुक्त हों ,मिसमैच-जीएसटी में प्रत्येक आइटम वाइज मिसमैच के मिलान का प्रावधान है, इससे परेशानियां होंगी। इस प्रावधान को हटाना चाहिए ,जीएसटी एडवांस पेमेंट का नियम नहीं होना चाहिए , रिवर्स चार्जेस नहीं होना चाहिए।  स्कूल-कॉलेज, अस्पताल नहीं रह बंद  स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, खुदरा दवा दुकानों में बड़े अस्पतालों के मेडिकल स्टोर्स, कच्ची सामग्री जैसे सब्जी, दूध आदि को बंद से मुक्त रखा गया है। जबकि थोक दवा बाजार पूरी तरह से बंद रहा ।

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naxli cg

  सुरक्षा बलों द्वारा जवाबी कार्रवाई में मारे गए नक्सलियों से छत्तीसगढ़ में नक्सली बौखला गए हैं। शुक्रवार को नक्सलियों ने राजनांदगांव-पेंदोडी मार्ग पर पेड़ों को काटकर रख दिया और पोस्टर बैनर लगाए। मिली जानकारी के मुताबिक नक्सलियों ने मानपुर-कोहका मार्ग पर कोरकोटी के पास पेड़ों को काटकर मार्ग अवरूद्ध कर दिया और पोस्टर बैनर लगाकर मारे गए नक्सलियों के प्रति संवेदना जताई और बंद का आह्वान किया। मार्ग अवरुद्ध होने के कारण यहां सड़क के दोनों ओर जाम की स्थिति निर्मित हो गई। जानकारी मिलने पर स्थानीय प्रशासन के अधिकारी व पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचे और कटे पेड़ों को हटाकर यातायात व्यवस्था दुरुस्त की और पोस्टर बैनर हटाए।

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छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार

  छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार से वित्त पोषित कई ऐसी योजनाएं हैं, जिनमें समय पर पैसा न मिलने से काम अटका है। मनरेगा जैसी योजनाओं में अब पैसा आ रहा है, लेकिन शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई आदि विभागों में कई योजनाओं में पैसा मिलने में लेटलतीफी की शिकायतें आ रही हैं। अब मुख्यमंत्री सचिवालय ने सभी विभागों से ऐसी लंबित परियोजनाओं की जानकारी मांगी है, जिनका प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है, लेकिन पैसा नहीं मिला है। मुख्यमंत्री के सचिव सुबोध कुमार सिंह ने लिखा है कि यह जानकारी इसलिए चाहिए, ताकि सांसदों को मानसून सत्र के पहले प्रदेश की योजनाओं की पूरी जानकारी दी जा सके। सांसद जानकारी के आधार पर संसद में प्रश्न पूछ सकें और चर्चा में भाग ले पाएं। सीएम सचिवालय ने कहा है कि सरकार ऐसी कई योजनाएं चलाती हैं, जिनकी स्वीकृति केंद्र से मिलती है। ऐसी योजनाओं के क्रियान्वयन की राशि पूर्णतः या अंशतः केंद्र से मिलती है। विभागों से कहा गया है कि ऐसी योजनाओं की जानकारी दें, जिनके प्रस्ताव केंद्र को भेजे गए हैं, लेकिन राशि नहीं मिली है। पहले से चल रही ऐसी योजनाएं, जिनका काम पैसा न मिलने से अटका हो, उसकी भी जानकारी मांगी गई है। सांसदों को राज्यहित के मुद्दे बताने के लिए यह भी पूछा गया है कि विभागों ने स्वीकृत परियोजनाओं में आवंटन पाने के लिए केंद्र के संबंधित मंत्री या सचिव को कब-कब पत्र लिखा। जो पत्र व्यवहार किया गया है, उसकी फोटोकॉपी भी देने को कहा गया है। समेकित बाल विकास परियोजना, हार्टीकल्चर, वन विकास परियोजना, मिड डे मील, स्मार्ट सिटी परियोजना, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय आयुष मिशन, कृषि, राष्ट्रीय ग्रामीण लाइवलीहुड मिशन आदि परियोजनाओं में जून के महीने में कोई पैसा नहीं मिला है। पीएम आवास योजना, पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप आदि योजनाओं में भी पैसा नहीं मिला है। हालांकि मनरेगा में इस महीने अब तक का पूरा बकाया मिला है। ग्रामीण विकास विभाग के सचिव पीसी मिश्रा ने बताया कि पीएम आवास के लिए पैसा मांगा गया है। केंद्र से आश्वासन मिला है कि इसी हफ्ते राशि जारी कर दी जाएगी। केंद्र सरकार ने शिक्षा विभाग का करीब एक हजार करोड़ रूपया रोक रखा है। सर्व शिक्षा अभियान, माध्यमिक शिक्षा मिशन, साक्षरता मिशन आदि सभी मदों में पैसे का इंतजार किया जा रहा है। सर्व शिक्षा अभियान के पैसे से शिक्षाकर्मियों का मानदेय दिया जाता है। इस मद में राज्य सरकार अपने खाते से एडवांस जारी करके काम चला रही है।

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naxli

राजनांदगांव के सुकतरा जंगल में एसटीएफ और डीएफ के सर्चिंग अभियान के दौरान मुठभेड़ में दो नक्सली मारे गए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक नक्सलियों की विस्तार प्लाटून नंबर दो के डिप्टी सेक्शन कमांडर और तीन लाख रुपए का इनामी नक्सली राजू मारा गया है। राजू बीजापुर जिले का रहने वाला था। इसके अलावा मुठभेड़ में सुकमा जिले का निवासी नंदू भी मारा गया है। घटना स्थल से सर्चिंग टीम को एक पिस्टल, पांच कारतूस, रायफल, एक जिंदा कारतूस, वॉकीटॉकी के अलावा नक्सली वर्दी और अन्य सामान बरामद हुआ है।  

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raman singh

  छत्तीसगढ़ में कौशल विकास का हाल देखने केंद्रीय कौशल विकास मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राजीव प्रताप रूड़ी बुधवार को रायपुर पहुंचे। मिली सूचना के मुताबिक राजीव प्रताप रूड़ी इंडिगो एयरवेज की नियमित उड़ान से रायपुर पहुंचे। ऐसी भी सूचना है कि केंद्रीय मंत्री खुद एक पायलट के रूप में विमान चलाते हुए रायपुर पहुंचे। रायपुर पहुंचने के बाद सबसे पहले मुख्यमंत्री रमन सिंह से मुलाकात की और उसके बाद कौशल विकास कार्यक्रम की समीक्षा बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे। जानकारी के मुताबिक कुछ अन्य कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी शाम को दिल्ली रवाना हो जाएंगे।

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कोरबा में एसईसीएल की घाटे में चल रही भूमिगत खदानों को बंद करने के निर्णय पर अंतत: अंतिम मुहर लग गई। बांकीमोंगरा खदान को अगले माह जुलाई में ही बंद कर दिया जाएगा। अगस्त में मीरा व बलरामपुर को बंद करने का आदेश जारी किया गया है। कुल 14 खदानों को चिंहाकित किया गया है। दो माह के अंदर छह खदान बंद कर दिए जाएंगे। काफी समय से कोल इंडिया देश में भर चल रही घाटे की 270 कोयला खदानों को बंद करने के फिराक में थी। श्रमिक संगठनों के विरोध को देखते हुए निर्णय नहीं लिया जा सका था, पर आर्थिक संकट से उबरने अंतत: खदानों को बंद करने व आउटसोर्सिंग में दिए जाने का आदेश शनिवार को जारी कर दिया गया। छह खदान हसदेव क्षेत्र की पालकीमारा, चिरमिरी की नार्थ चिरमिरी, जोहिला क्षेत्र की वीरसिंहपुर, कोरबा एरिया की बांकीमोंगरा 3-4 नंबर, जमुना कोतमा की मीरा व विश्रामपुर क्षेत्र की बलरामपुर माइंस को तत्काल प्रभाव से आने वाले दो माह के अंदर बंद किया जाना है। इन खदानों में काम करने वाले 1983 कर्मचारी प्रभावित होंगे। कोल इंडिया का कहना है कि पिछले दो साल से ये खदान लगातार घाटे में चल रही। यानि कोयला उत्पादन से जो लाभ हो रहा है, उससे कहीं अधिक उत्पादन में लागत आ रही। इसके लिए श्रमिक संगठन कोल इंडिया की नीति को ही जवाबदार मानते रहे हैं। यही वजह है कि अभी हाल ही में कोयला उद्योग में हड़ताल की घोषणा कर दी गई थी। समझौता वार्ता के दौरान कोल इंडिया व कोल मंत्रालय ने घाटे में चल रहे खदानों को श्रमिक संगठन के बाद ही बंद किए जाने का आश्वासन दिया था, पर बिना किसी बैठक व सहमति के ही आदेश जारी कर दिया गया। छह खदानों को बंद करने के अलावा तीन खदान बैकुंठपुर एरिया की कटकोना, झिलमिली व भटगांव क्षेत्र की शिवानी माइंस को आउटसोर्सिंग में दिए जाने का भी आदेश जारी कर दिया गया है। इसके अलावा हसदेव एरिया की वेस्ट झगराखंड व भटगांव क्षेत्र की कल्यानी भूमिगत खदान यदि आउटसोर्सिंग में चली गई तो ठीक, नहीं तो इन दोनों को भी हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा। पहले से तीन खदान जमुना-कोतमा क्षेत्र की कोतमा वेस्ट, गोविंदा तथा चिरमिरी की अंजनहिल बंद हैं। इन्हें भी आगे प्रारंभ नहीं किए जाने का निर्णय ले लिया गया है। कोतमा वेस्ट में 19 मार्च 2011, अंजनहिल में 6 मई 2010 तथा गोविंदा में 1 मई 2013 से प्रोडक्शन बंद है। जेबीसीसीआई सदस्य नाथूलाल पांडेय ने बताया एसईसीएल प्रबंधन ने भूमिगत खदान को घाटे में बता बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। कुछ खदान में कोयला का भंडार खत्म हो चुका है, जबकि कई खदान में कोयला होने के बाद भी बंद किया जा रहा। इसका विरोध करेंगे। मंगलवार को प्रबंधन के साथ बैठक में सभी खदानों की पूरी रिपोर्ट ली जाएगी। 

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रामनाथ कोविंद

  राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन भरने के बाद एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद ने प्रचार अभियान शुरू कर दिया है। रविवार को उत्तर प्रदेश से कोविंद ने प्रचार अभियान की शुस्र्आत की। भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो कोविंद प्रचार के लिए मध्यप्रदेश और  छत्तीसगढ़ भी आ सकते हैं। हालांकि अभी उनके प्रवास की तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन संभावना व्यक्त की जा रही है कि वे इस सप्ताह प्रदेश के दौरे पर आ सकते हैं। बिहार के राज्यपाल रहे कोविंद के छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं से घनिष्ठ संबंध हैं। सरगुजा सांसद कमलभान के बेटे की शादी में कोविंद हाल ही में सरगुजा आए थे। भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार कोविंद से पार्टी के 20 विधायकों और सभी सांसदों ने दिल्ली में मुलाकात की है। नामांकन प्रक्रिया में भाजपा विधायक प्रस्तावक और समर्थक बने थे। उस दौरान कोविंद ने विधायकों से अलग से चर्चा की थी। अब बताया जा रहा है कि उनका दौरा कार्यक्रम तय किया जा रहा है। वहीं यूपीए की उम्मीदवार मीरा कुमार ने दिल्ली में कांग्रेस के 20 विधायकों से मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि मीरा कुमार का प्रचार का अभी कोई कार्यक्रम तय नहीं हुआ है। प्रदेश के विधायक दिल्ली में ही मुलाकात कर लिए हैं, इसलिए छत्तीसगढ़ आने की संभावना कम ही नजर आ रही है। लेकिन अगर मीरा कुमार का प्रदेश में दौरा होता है तो कांग्रेस संगठन पूरी तैयारी में रहेगा। कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र शर्मा ने बताया कि केंद्रीय कार्यालय से अभी दौरा कार्यक्रम नहीं आया है। अगर मीरा कुमार आती हैं तो उनका भव्य स्वागत किया जाएगा।

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नक्सली मुठभेड़,तीन जवान शहीद

  छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में शनिवार को नक्सलियों और पुलिस फोर्स के बीच हुई मुठभेड़ में शहीद हुए जवानों की संख्‍या अब तीन हो गई है। शहीद जवानों में कांस्टेबल कट्टम राजकुमार, सहायक आरक्षक सुनम मनीष और राजेश कोरमा शामिल हैं। कट्टम राजकुमार सुकमा जिले के एर्राबोर के कोगड़ा गांव के रहने वाले हैं। जबकि सुनम मनीष सुकमा के ही दोरनापाल स्थित बोदिगुड़ा के रहने वाले हैं। वहीं राजेश कोरमा कांकेर जिले के रहने वाले है। घायल जवान का नाम मडकम चंद्रा है जो सुकमा के एर्राबोर स्थित तेतरी गांव के रहने वाले हैं। सुकमा एसपी अभिषेक मीणा ने बताया कि शनिवार सुबह पौने नौ बजे से शुरू हुई मुठभेड़ चार घंटे तक चली। जवानों ने कई नक्सलियों को मार गिराया, लेकिन उनके शव लेकर नक्सली भागने में सफल हो गए। तोंडामरका मुठभेड़ में पांच एसटीएफ जवानों के घायल होने की सूचना के बाद जगदलपुर से वायुसेना का हेलिकॉप्टर रवाना किया गया था। बारिश के बीच हेलिकॉप्टर घायल जवानों को लाने के लिए तोंडामरका के जंगलों में उतरा और घायलों को लेकर सुरक्षित रायपुर के लिए रवाना हुआ।  

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कोरबा -बैकफुट पर कोल इंडिया

राजेन्द्र जायसवाल संगठन की शक्ति से हर बड़ी से बड़ी समस्या से जूझकर जीत तय हो सकती है, इस मूलमंत्र ने मजदूर एकता की ताकत को न सिर्फ बढ़ाया बल्कि बड़ी तेजी से श्रम विरोध नीतियों की ओर आगे बढ़ रहे कोल इंडिया व सरकार को बैकफुट पर वापस लौटना ही पड़ा। हालांकि मजदूर ताकत को तोडऩे की भरसक कोशिश और एक बड़े श्रम संगठन इंटक को बैठक से अलग कर कमजोर करने का प्रयास करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कहा गया है कि जहां चाह होती है वहां राह निकल ही जाती है और मजदूरों ने अपनी राह निकाल ही ली।  कोयला की कोठरी में सब काला कोयले की कोठरी में जाकर कोई बेदाग निकल जाये, ऐसा चमत्कार न हुआ है और न होगा। इस कोठरी में जाने वाला हर सफेदपोश काला होकर ही निकला है। एसईसीएल से जुड़े एक सख्श ने ऐसे सफेदपोश के नाम का खुलासा किया है जिस पर हाथ डालने में अच्छे-अच्छों की रूह कांप सकती है। छोटे मोहरे के राज भी उसने प्रधानमंत्री से लेकर कोयला मंत्री, मुख्यमंत्री, डीजीपी और सीएमडी को लिखे पत्र में खोले हैं। सारा नेटवर्क और कच्चा चिट्ठा खोलने के बाद गेंद शासन, पुलिस और सीबीआई के पाले में चली गई है। अब वक्त बताएगा कि सफेदपोश और उसके नेटवर्क को कब और कितना हद तक जाकर ध्वस्त किया जा सकेगा।  साहब... बगीचा तो दिलवा दो वर्षों पहले पूर्व महापौर के द्वारा शासकीय जमीन पर बनवाया गया बगीचा यहां के बसोड़ों के बच्चों के काम नहीं आ रहा। पहले बच्चों के खेलने के नाम पर मैदान में बड़ा बगीचा बनवाया और बाद में घुसने से मना किया जाने लगा। अब खेलकूद से महरूम बच्चों के लिए जिले के मुखिया से इस बगीचे को खोलकर मनोरंजन के साधन विकसित करने व जिम खाना खोलने की गुहार लगाई है। मैदान में बगीचा बनाने और फिर इसमें जाने से रोक लगाने का राज ये बसोड़ आज तक समझ नहीं पाये हैं। अब इस राज का पर्दाफाश हो या न हो लेकिन बगीचा तो खुलना चाहिए।  एक सवाल आप से वह कौन अधिकारी है जो जिले में कोयला और कबाड़ का परिवहन पकड़े जाने पर अपने और बड़े साहब के रूतबे से छुड़वाने की कोशिश करता है?  

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मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में रायपुर  में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सौर ऊर्जा नीति  2017-2027 का अनुमोदन भी किया गया।  सौर ऊर्जा नीति 2017-27 का अनुमोदन। राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के दोहन के लिए वर्ष 2002 में जारी नीति की वैधता 31 मार्च 2017 तक थी। विगत कुछ वर्षों में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तकनीकी बदलाव हुए हैं। लागत व्यय में कमी आयी है तथा अपरम्परागत स्रोत आधारित बिजली खरीदी की अनिवार्यता के लिए विनियमों में परिवर्तन हुआ है। इसे ध्यान में रखकर  आगामी दस वर्ष में इस क्षेत्र में निवेश की बहुत अधिक संभावनाओं को देखते हुए छत्तीसगढ़ में नई सौर ऊर्जा नीति की आवश्यकता महसूस की जा रही है। छत्तीसगढ़ केबिनेट में वर्ष 2017 से 2027 तक के लिए सौर ऊर्जा नीति का अनुमोदन किया गया। यह नीति जारी होने की तारीख होने से 31 मार्च 2027 तक प्रभावशील रहेगी। इस नीति के मुख्य प्रावधान इस प्रकार हैं।  1.कोई भी व्यक्ति, पंजीकृत व्यक्ति, केन्द्रीय और राज्य विद्युत उत्पादन और वितरण कम्पनियां, सार्वजनिक अथवा निजी क्षेत्र के सौर बिजली परियोजना विकासकर्ता  तथा इन परियोजनाओं से  संबंधित उपकरणों के निर्माणकर्ता और सहायक उद्योग इसके पात्र होंगे चाहे वे समय-समय पर यथा संशोधित विद्युत अधिनियम 2003 के अनुशरण में सौर ऊर्जा  परियोजनाओं  का संचालन केप्टिव उपयोग अथवा बिजली विक्रय के उद्देश्य से  कर रहे हैं। 2.नई सौर ऊर्जा नीति (2017-27) के तहत 10 किलोवॉट तक के रूफ टॉप, सोलर पॉवर प्लांट को ग्रिड कनेक्टिविटी की सुविधा दी जाएगी। 3. प्रत्येक सौर ऊर्जा विद्युत परियोजना द्वारा संयंत्र की स्वंय की खपत और राज्य के भीतर की गई केप्टिव खपत पर विद्युत शुल्क से भुगतान की छूट मिलेगी । यह छूट सौर ऊर्जा नीति के तहत मार्च 2027 तक स्थापित होने वाली परियोजनाओं को मिलेगी। 4.छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा समय-समय पर अधिसूचित औद्योगिक नीति के तहत अपरम्परागत स्रोत आधारित बिजली संयंत्रों को प्राप्त होने वाली सुविधाओं की पात्रता होगी। भण्डार क्रय नियम 2002 में संशोधन प्रस्ताव का अनुमोदन  छत्तीसगढ़ शासन भंडार क्रय नियम 2002 में संशोधन के लिए वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के प्रस्ताव  का अनुमोदन किया गया। भारत सरकार के डीजी एस एण्ड डी द्वारा संचालित जेम (ळवअमतदउमदज म.डंतामज च्संबम) का उपयोग छत्तीसगढ़ सरकार के विभागों  द्वारा करने के लिए यह संशोधन अनुमोदित किया गया। इलेक्ट्रॉनिक सामग्री खरीदी के लिए भण्डार क्रय नियम में संशोधन शासकीय विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, मण्डलों, जिला और जनपद पंचायतों तथा नगरीय निकायों में इलेक्ट्रॉनिक सामग्री की खरीदी के लिए छत्तीसगढ़ शासन भण्डार क्रय नियम 2002 में संशोधन हेतु वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इसके अनुसार इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित सामग्री खरीदने के लिए संबंधित नीति, नियम एवं प्रक्रिया तथा आवश्यक होने पर दर निर्धारण का कार्य इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा किया जाएगा। इसके लिए सामग्री की सूची का निर्धारण इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा भण्डार क्रय नियम के अनुसार किया जाएगा।

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cg yoga  विश्व रिकॉर्ड

रायपुर में  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में बुधवार सुबह छत्तीसगढ़ राज्य ने एक अनोखा विश्व कीर्तिमान बनाया। मुख्यमंत्री के साथ राज्य के लगभग 50 लाख लोगों ने अलग-अलग स्थानों पर एकसाथ योगाभ्यास किया। प्रदेश के लगभग 11 हजार स्थानों पर स्कूली बच्चों, बुजुर्गो, युवाओं और महिलाओं सहित समाज के सभी वर्गों ने पूरे उत्साह के साथ योगाभ्यास किया। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह राजधानी रायपुर के बूढ़ातालाब (विवेकानंद सरोवर) के सामने इंडोर स्टेडियम में 600 स्कूली बच्चों के साथ एक घण्टे तक सामान्य योग अभ्यास क्रम के अनुसार योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास किया। योग अभ्यास कार्यक्रम छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में एक साथ लगभग 50 लाख लोगों के योगाभ्यास के कीर्तिमान को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित गोल्डन बुक ऑफ वर्ड रिकार्डस् के आब्जर्वर संतोष अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को इस विश्व कीर्तिमान का प्रमाण पत्र सौंपा। आयोजन में मुख्यमंत्री के साथ स्कूली बच्चों के अलावा कई जनप्रतिनिधियों और शासन प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी योग अभ्यास किया। डॉ.रमन सिंह ने सामूहिक योग अभ्यास के बाद स्कूली बच्चों और नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि योग को हमें अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। हमने यहां केवल आज ही नही बल्कि वर्ष के पूरे 365 दिन योग करने का संकल्प लिया है। इस संकल्प पर हमें कायम रहना होगा।  

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कांग्रेस नेता की हत्या

दंतेवाड़ा के किरंदुल थाना क्षेत्र के चोलनार गांव में नक्सलियों ने मुखबिरी के शक में एक कांग्रेस नेता की मंगलवार को हत्या कर दी। मिली जानकारी के मुताबिक कुआकोंडा ब्लॉक के पूर्व जनपद अध्यक्ष और कांग्रेस नेता छन्नूराम मंडावी की नक्सलियों ने धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। नक्सलियों ने जनअदालत लगाकर मंडावी पर पुलिस मुखबिरी करने का आरोप लगाया था। गौरतलब है कि इससे पहले भी नक्सली जनअदालत लगाकर मंडावी को सजा दे चुके हैं।घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस बल घटना स्थल पर रवाना हो चुका है और मामले की जांच शुरू कर दी है।  

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cg kisan

     छत्तीसगढ़ में पांच दिन के भीतर दो किसानों की खुदकुशी की इन घटनाओं के साथ ही छत्तीसगढ़ में किसानों के कर्ज का मुद्दा अब सुलगने लगा है। सरकारी दावों के विपरीत राज्य के छोटे और सीमांत किसान कर्ज के बोझ तले दबे पड़े हैं। किसान नेताओं का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सभी किसानों को नहीं मिलता। ऐसे में उन्हें बाजार, परिचितों या साहूकारों से कर्ज लेना पड़ता है। यही कर्ज उन पर भारी पड़ रहा है। इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो खुदकुशी के आंकड़े बढ़ते जाएंगे। सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य में 37.46 लाख किसान हैं। इनमें 76 फीसदी लघु व सीमांत श्रेणी में आते हैं। नाबार्ड में पंजीकृत किसानों की संख्या 10 लाख 50 हजार है। मापदंडों के अनुसार केवल इन्हीं किसानों को शून्य फीसदी ब्याज पर कृषि ऋण मिल पाता है। यानी करीब 27 लाख किसान सरकारी ऋण योजना के दायरे से बाहर हैं। ऐसे किसान खुले बाजार या दूसरों से कर्ज लेते हैं। किसान नेता संकेत ठाकुर के अनुसार सरकार किसानों को ब्याज मुक्त लोन देती है। यह अल्पकालीन ऋण है, जो खेती करने के लिए दी जाती है, वह भी नाबार्ड में पंजीकृत किसानों को ही दिया जाता है। यह ऋण खाद- बीज आदि खरीदने के लिए दिया जाता है। ट्रैक्टर, कृषि उपकरण सहित अन्य कामों के लिए उन्हें बाजार दर पर कर्ज लेना पड़ता है। किसान नेताओं के अनुसार खाद-बीज के अलावा अन्य जरूरतों के लिए न केवल छोटे बल्कि बड़े किसान भी निजी बैंकों के हवाले कर दिए गए हैं। जहां ट्रैक्टर सहित अन्य उपकरणों की खरीदी में उन्हें कोई राहत नहीं मिलती। बैंक सामान्य दर पर ही फाइनेंस करते हैं। इसी वजह से सरकार के पास इसका कोई रिकॉर्ड भी नहीं रहता है। सरकार ने खरीफ सीजन में किसानों को 3 हजार 200 करोड़ स्र्पए का ब्याज मुक्त ऋ ण देने का लक्ष्य रखा है। अपेक्स बैंक के अध्यक्ष अशोक बजाज का कहना है छत्तीसगढ़ के किसान लोन चुकाने के मामले में दूसरे राज्यों के किसानों से बेहतर हैं। यहां 80 से 85 फीसदी तक लोन किसान लौटा देते हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि यहां पैदावार अच्छी होती है और सरकार जीरो फीसदी ब्याज दर पर लोन उपलब्ध कराती है। मौसम की मार जैसी प्रतिकूल परिस्थिति में ही उन्हें दिक्कत होती है। इसके बावजूद कर्ज वसूली के लिए बैंक तंग नहीं करते। छत्तीसगढ़ किसान- मजदूर महासंघ के सयोंजक संकेत ठाकुर ने बताया छत्तीसगढ़ में भी किसान कर्ज में डूबे हुए हैं। कर्ज माफी यहां भी बड़ा मुद्दा है। सरकार बिना ब्याज के जो लोन देती है, वह खेती के लिए देती है। ट्रैक्टर सहित अन्य कृषि उपकरण के लिए किसान बैंकों से व्यावसायिक दर पर लोन लेते हैं। इसका रिकॉर्ड सरकार नहीं रखती है। यही कर्ज किसानों को भारी पड़ रहा है। अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो किसानों की आत्महत्या की दर बढ़ती जाएगी। भूषण की दास्ताँ  खैरागढ़ के गोपालपुर में युवा किसान भूषण गायकवाड़ ने शुक्रवार (16 जून) को कीटनाशक सेवन कर खुदकुशी कर ली। मृतक के पिता मेघनाथ का कहना है कि भूषण कर्ज से परेशान था। सब्जी के दाम घटने से काफी नुकसान हुआ था। मजदूरों को छह महीने से भुगतान नहीं कर पाया था। ट्रैक्टर लोन के साथ ही करीब 10 से 15 लाख रुपए कर्ज था। बैंक वालों के साथ ही मजदूर भी तगादा करते थे। इसी वजह से उसने खुदकुशी की। हालांकि सुसाइड नोट में मृतक ने पारिवारिक विवाद को कारण बताया है। कुलेश्वर की दास्ताँ  दुर्ग के पुलगांव थाना के बघेरा गांव निवासी कुलेश्वर देवांगन (50) ने 12 जून को कुएं में कूदकर खुदकुशी कर ली थी। देवांगन के पास 12 एकड़ खेत है। परिजन के अनुसार पिछले साल उसे खेती में काफी नुकसान उठाना पड़ा था। मृतक ने करीब ढ़ाई-तीन लाख रुपए साहूकारों से कर्ज ले रखा था, जिसे अदा करने का दबाव उस पर था। छत्तीसगढ़ में भी किसानों की कर्जमाफी का मुद्दा अब सुलगने लगा है।

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new naxli

मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के बीच बन रहे नक्सलियों के नए जोन (राज्य) में सेंट्रल कमेटी के बड़े नक्सली नेताओं की आमद के भी संकेत मिले हैं। दिसंबर, 2016 में राजनांदगांव जिले में हुई एक मुठभेड़ के बाद पुलिस ने जो दस्तावेज बरामद किया है, उसमें पॉलिटिकल और इकॉनामिक वीकली पत्रिकाएं भी मिली हैं। नक्सलियों ने नए जोन का कमांडर सुरेंद्र को बनाया है, जो बस्तर के गोलापल्ली का रहने वाला बताया जा रहा है। नया जोन बनाने के लिए बस्तर से जो 58 नक्सली भेजे गए हैं, वे सभी वहां के स्थानीय हैं। ऐसे में अंगे्रजी की पत्रिकाएं मिलने से यह आशंका जताई जा रही है कि इस इलाके में नक्सलियों के बड़े लीडर भी डेरा जमा रहे हैं। दुर्ग आईजी दीपांशु काबरा का कहना है कि उस इलाके में नक्सलियों की रणनीति पर पुलिस का पूरा फोकस है। चुनौती से निपटने की तैयारी पहले से चल रही है। ज्ञात हो कि अप्रैल 2017 में एक मुठभेड़ के बाद पुलिस ने नक्सलियों का 25 पेज का एक दस्तावेज बरामद किया है। इससे पता चला है कि नक्सली छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव, कवर्धा, मुंगेली, मध्यप्रदेश के बालाघाट और महाराष्ट्र के गोंदिया जिलों को जोड़कर एक नया जोन खड़ा कर रहे हैं। इस जोन को एमएमसी जोन कहा गया है। दस्तावेज में नक्सलियों ने कहा है कि हमें हमेशा तैयार रहना चाहिए। हर छह महीने के लिए कम से कम 50 किलो गन पाउडर, 3 हजार पीस लोहे के टुकड़े, 25 पाइप, 20 बंडल वायर, 10 फ्लैश तैयार रखना होगा। फोर्स का पीछा करने के बजाय एंबुश लगाने की बात इस दस्तावेज में कही गई है। नक्सलियों ने लिखा है कि हम यहां के लोगों की समस्या समझने में सफल नहीं हुए हैं। जमीन की ज्यादा दिक्कत नहीं है। बांस और तेंदूपत्ता के दामों पर एरिया कमेटी और डिवीजन कमेटी ने ज्यादा काम नहीं किया है। हमारे नए जोन में तीन राज्य हैं। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा महाराष्ट्र में बांस का अलग-अलग रेट है। स्थानीय कैडर से कहा है कि इस साल सितंबर तक बांस के मामले में एक्शन प्लान तैयार करो। तीनों राज्यों में क्या दाम है, कितना बोनस है यह पता करो। बांस कौन काट रहा है, वन सुरक्षा समिति, पेपर मिल, ठेकेदार या वन विभाग यह पता लगाएं। मध्यप्रदेश के मलाजखंड में तांबा खदानों में 70 फीसदी स्थानीय को रोजगार देने का मुद्दा भी उठाने की बात कही गई है। नक्सल दस्तावेज में कहा गया है कि गोपनीयता नहीं रखी जा रही है। कैडर जल्दबाजी कर रहे हैं। कैडर से राजनीति और प्लानिंग पर और बात करने की जरूरत है। कहा है-वाकी-टाकी या फोन पर बात करते हुए हमेशा कोडवर्ड इस्तेमाल करें। इसमें कहा गया है कि हमारे कैडर के लोग छत्तीसगढ़ी और हिंदी सीखने में रूचि नहीं दिखा रहे। ऐसे में जनता से कैसे जुड़ेंगे। भाषा सीखने पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। हमेशा सतर्क रहने को कहा है। लिखा है-कैडर किसी पेड़ के पास होते हैं तो बंदूक पेड़ से टिका देते हैं जबकि उसे हमेशा कंधे पर रखना चाहिए। संतरी को हमेशा बंदूक लोड रखनी चाहिए।  

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गोंचा महापर्व

जगदलपुर में बीमार होने के कारण अनसर पर गए भगवान जगन्नाथ को प्रतिदिन पांच औषधियों का मिश्रण मुक्ति मंडप में दिया जा रहा है। वहीं भगवान को दवा तीखी न लगे इसलिए काजू किसमिस भी मिलाया जा रहा है। पिछले नौ दिनों से दवा ले रहे भगवान के लिए मंदिर के पुजारी अभी छह दिन और दवा कूटेंगे। बस्तर में गोंचा महापर्व की रस्में गत नौ जून से जारी है। चंदन यात्रा के बाद इस पर्व की दूसरी रस्म भगवान का 15 दिनों के लिए अनसर पर जाना होता है। इस रस्म को भगवान का बीमार होना कहा है। भगवान जगन्नाथ के साथ बलभद्र और सुभद्रा की काष्ठ प्रतिमाओं को मुक्ति मंडप में रखा जाता है। स्थानीय जगन्नाथ मंदिर के मुक्ति मंडप में इन देवताओं की 21 प्रतिमाओं को रखा गया है। जगन्नाथ मंदिर बड़े गुड़ी के पुजारी भूपेन्द्र जोशी ने बताया कि बीमार भगवान के लिए प्रतिदिन कुंठी आदा (सोंठ), भुईलिंम (चिरायता), कालीमिर्च, पिपली और अजवाईन को कूट कर दवा तैयार की जाती है। पांच औषधियों का यह मिश्रण काफी तीखा होता है, दवा भगवान को तीखी न लगे इसलिए भावनात्मक रूप इसमें काजू किसमिस भी कूट कर मिलाया जाता है। अनसर के दौरान भगवान की सेवा करने वाले कुरंदी के बृजलाल विश्वकर्मा की उपस्थिति में पिछले नौ दिनों से भगवान को यह दवा अर्पित की जा रही है। अगले छह दिनों तक यह प्रक्रिया और चलेगी। आगामी 24 जून को नेत्रोत्सव के दिन भगवान को स्वस्थ माना जाएगा वहीं 25 जून को बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ रथारूढ़ होकर नगर भ्रमण करेंगे। तत्पश्चात सात दिनों तक जनकपुरी में रहने के बाद तीन जुलाई की शाम मंदिर लौटेंगे।  

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अंबिकापुर-गोंदिया ट्रेन

अंबिकापुर से गोंदिया के बीच आज ट्रेन का शुभारंभ किया गया है। इस दौरान टीएस सिंहेव का बैकुण्‍ठपुर रोड स्‍टेशन पर लोगों ने ट्रेन सुविधा के लिए उनका आभार व्‍यक्‍त किया। ट्रेन रवाना होने के पूर्व एसी और नान एसी चेयरकार वाली इस ट्रेन को देखने के लिए भारी संख्‍या में लोग स्‍टेशन पहुंचे। इस दौरान लोगों ने मिठाई भी बांटी और साथ में इस बात पर भी जोर दिया कि ट्रेन को नियमित किया जाए। लोगों के उत्‍साह ने पहले ही दिन इस ट्रेन को अच्‍छी संख्‍या में यात्री उपलब्‍ध करा दिए। लोगों में इसे लेकर काफी उत्‍साह देखा गया। इस दौरान स्‍टेशन पर कई कांग्रेसी नेताओं को भी देखा गया जो एक दूसरे को बधाई देते हुए नजर आए।  

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ajit jogi

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के संस्थापक अध्यक्ष अजीत जोगी ने गुरुवार को मंदिर हसौद-चंदखुरी पहुंचकर किसानों के साथ खेत में उतरे और शपथपत्र पढ़ा। उन्होंने खेत की मिट्टी को हाथ में लेकर किसानों के शपथ ली कि उनकी पार्टी की सरकार बनी तो किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा और धान का समर्थन मूल्य 25 सौ रुपए किया जाएगा। जोगी ने बिलासपुर में 14 जून को शपथपत्र तैयार कराया। उसे लेकर जोगी, विधायक आरके राय और पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सुब्रत डे के साथ मंदिर हसौद-चंदखुरी पहुंचे। जोगी किसानों के साथ खेत में उतरे। हल, नागर, कुदाली, बैल की पूजा की। इसके बाद जोगी ने अपने शपथपत्र को पढ़ा। शपथ लेने के बाद उन्होंने कहा कि चंदखुरी माता कौशल्या की जन्मस्थली है। भगवान राम का ननिहाल है। इसलिए यहां के खेत की मिट्टी को हाथ में लेकर शपथ लेना सौभाग्य है। पार्टी के प्रवक्ता डे ने बताया कि जोगी 21 जून से पार्टी के स्थापना दिवस से जन जन जोगी अभियान की शुरुआत कर रहे हैं। दस लाख कार्यकर्ता जोगी के शपथपत्र को लेकर मतदाताओं के घरों तक जाएंगे। मतदाताओं को शपथपत्र की प्रति दी जाएगी। उन्हें यह बताया जाएगा कि अगले साल जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ की सरकार बनी और शपथपत्र पर लिखे वादों को पूरा नहीं किया तो कोई भी व्यक्ति जोगी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए कोर्ट में शिकायत कर सकता है।  

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raipur

  रायपुर के स्वच्छता सर्वेक्षण 2017 में पिछड़ने के बाद नगर निगम कचरा कलेक्शन को लेकर गंभीर हुआ है। इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत जोन 3 में पहली 'ग्रीन गैंग' बनाई गई है। गैंग में 16 महिलाएं हैं। इन्हें प्रशिक्षण देकर स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने, गीला-सूखा कचरा अलग-अलग एकत्रित करने और मासिक यूजर चार्ज वसूली का जिम्मा सौंपा गया है। गुरुवार से 'गैंग' ने काम शुरू कर दिया। यह प्रोजेक्ट सफल होता है तो इसे जोनवार लागू किया जाएगा। आयुक्त ने इसकी मासिक रिपोर्ट भी मांगी है। उल्लेखनीय है कि स्वच्छता सर्वेक्षण में शहरर 129वीं रैंक पर आया। ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरा निष्पादन, खुले में शौचमुक्त और डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन न होना प्रमुख वजहें थीं। इसलिए नगर निगम ने यह कदम उठाया है। जोन 3 में 8 वार्ड आते हैं। इनमें 65 फ्लैट, 26 कॉलोनियां हैं। गैंग की सदस्य कचरा कलेक्शन के लिए रिक्शावालों के साथ क्षेत्रों में जाएंगी। लोगों को जागरूक करेंगी और निर्धारित समय के बाद दूसरे क्षेत्र में जाएंगी। इन 16 महिलाओं के जरिए चरणबद्ध ढंग से स्वच्छता बनाए रखने में जनभागीदारी सुनिश्चित करने की तैयारी है। निगम से मिली जानकारी के मुताबिक स्व-सहायता समूह की महिलाओं से बनी 'ग्रीन गैंग' की सदस्यों को 5 हजार रुपए मासिक वेतन मिलेगा। शहर के 70 वार्डों में करीब 13 लाख आबादी 2.20 लाख मकान हैं। एक वार्ड से कम से कम 2 लाख रुपए यूजर चार्ज की वसूली होनी चाहिए, लेकिन नहीं हो रही है। 4 से 5 वार्ड को छोड़ दें तो कई वार्ड ऐसे हैं, जहां से 10 हजार रुपए भी निगम के खाते में नहीं पहुंचते। इसलिए महिलाओं को जिम्मा सौंपा जा रहा है। वे कचरा कलेक्शन के लिए घर-घर पहुंचने वाले ठेका कर्मियों पर नजर रखेंगी, नहीं पहुंचने पर निगम को जानकारी देंगी। जोन तीन के आयुक्त रमेश जायसवाल ने कहा आपके दरवाजे पर कचरा कलेक्शन करने वाला आ रहा है या निगम ने डस्टबीन फ्लैट के बाहर रखा है तो उसमें ही कचरा डालें। हमारा पहला मकसद लोगों को जागरूक करना है। इसके लिए 'ग्रीन गैंग' बनाई गई है।  

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kisan sangh kelkar

छत्तीसगढ़ में किसानों के चक्काजाम को भारतीय किसान संघ समर्थन नहीं देगा। रायपुर में किसान संघ के प्रभाकर केलकर ने  पत्रकारों से चर्चा में कहा कि हिंसा से निकले आंदोलन को संघ का समर्थन नहीं है। प्रदेशभर के किसान 16 जून को चक्काजाम कर रहे हैं। किसानों के इस आंदोलन को कांग्रेस, जोगी कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों का समर्थन है। भारतीय किसान संघ ने सरकार का पक्ष लेते हुए समर्थन नहीं देने का निर्णय लिया है। केलकर ने बताया कि किसानों को धान को लागत मूल्य पर खरीदी की मांग को लेकर विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा गया है। इसमें किसानों के सभी उत्पाद की खरीदी लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य पर करने की मांग की गई है। केलकर ने भाजपा सरकार से चुनाव घोषणापत्र में धान का समर्थन मूल्य 2100 स्र्पए और 300 स्र्पए बोनस का वादा पूरा करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सभी कृषि उत्पाद की समर्थन मूल्य पर खरीदी की व्यवस्था वर्षभर हो। कृषि मंडियों में किसानों के फसल विक्रय के पश्चात 24 घंटे के अंदर बैंक के माध्यम से भुगतान हो। कृषि सिंचाई पंपों पर बिजली बिल 50 स्र्पए फ्लैट किया जाए। कृषि भूमि के विवाद को निपटारे के लिए कृषि न्यायालय बनाया जाए। पारिवारिक बंटवारे और कृषि भूमि का आपसी अदला-बदली पर स्टांप और पंजीयन शुल्क न लिया जाए। रसायन मुक्त खेती के लिए गोपालन एवं पशुपालन नीति बनाकर गोचर भूमि का संरक्षण, संवर्धन कर सस्ता चारा उपलब्ध कराया जाए। किसानों के लिए कृषक बीमा, कृषक भविष्य निधि एवं कृषक पेंशन योजना लागू किया जाए। केलकर ने मध्यप्रदेश में हिंसा के दौरान मारे गए किसानों को सरकार की तरफ से एक करोड़ स्र्पए मुआवजा देने की निंदा की है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में अराजक स्थिति पैदा होगी। आंदोलनों में मुआवजा का लालच देकर किसानों की हत्या भी शुरू हो जाएगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों की आकस्मिक मृत्यु पर उनके परिवार को दस लाख स्र्पए की सहायता राशि प्रदान की जाए।   

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जगदलपुर-सिलकझोड़ी

  जगदलपुर रेलखंड के बड़े आरापुर-डिलमिली के बीच 11 किलोमीटर लंबी दूसरी रेललाइन में बुधवार से नान इंटरलॉकिंग का काम शुरू हो गया। अधिकारियों ने संभावना जताई है कि 20 जून तक जगदलपुर से सिलकझोड़ी के बीच दूसरी लाइन पर ट्रेनें दौड़ने लगेंगी। चार जून को कोलकाता से चीफ कमिश्नर रेलव सेफ्टी ने डिलमिली-आरापुर खंड में दूसरी लाइन की जांच की थी। उनकी रिपोर्ट आने के बाद नान इंटरलॉकिंग का काम शुरू किया गया है। विदित हो कि केके रेललाइन में किरंदुल-जगदलपुर के बीच 150 किलोमीटर में से जगदलपुर से सिलकझोड़ी के बीच 42 किलोमीटर तक दूसरी लाइन बिछाई जा चुकी है, जिसमें आरापुर-डिलमिली के बीच रेल पुल का निर्माण पूरा नहीं हो पाने के कारण मार्च में कमिश्नर रेलवे सेफ्टी ने इस खंड की जांच नहीं की थी। अधिकारियों ने बताया कि नान इंटरलॉकिंग के बाद जगदलपुर से सिलकझोड़ी के बीच दूसरी लाइन पर रेल आवागमन शुरू हो जाएगा।

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raman singh

  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य कर्मचारियों को महंगाई भत्ते (डी.ए.) की चार प्रतिशत की अतिरिक्त किस्त देने की घोषणा की है। भत्ते में एक जनवरी 2017 से चार प्रतिशत की वृद्धि गई है। अब मंहगाई भत्ते की दर 132 प्रतिशत से बढ़कर 136 प्रतिशत हो गई है। आदेश के अनुसार महंगाई भत्ते की यह अतिरिक्त किस्त एक जनवरी 2017 से (माह जनवरी का वेतन जो माह फरवरी 2017 में देय है) से दी जाएगी। बढ़े हुए भत्ते की राशि का नगद भुगतान किया जाएगा। गणना मूल वेतन (वेतन बैंड में वेत) ग्रेड वेतन) के आधार पर की जाएगी। यह आदेश यू.जी.सी., ए.आई.सी.टी.ई. तथा कार्यभारित एवं आकस्मिकता से वेतन पाने वाले कर्मचारी की सेवा के सदस्यों पर भी लागू होंगे। राज्य शासन द्वारा ऐसे कर्मचारियों जिन्होंने छत्तीसगढ़ वेतन पुनरीक्षण नियम 1998 के अन्तर्गत वेतन प्राप्त करते रहने का विकल्प दिया है अथवा जिनके वेतन भत्तों का पुनरीक्षण किन्ही कारणों से नहीं हुआ है। इन कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की दरों में भी संशोधन किया गया है। अब इन कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की दर एक जुलाई 2016 से 256 प्रतिशत और एक जनवरी 2017 से 264 प्रतिशत की गई है। बढ़े हुए महंगाई भत्ते की राशि नगद दी जाएगी। यह आदेश यूजीसी, एआईसीटीई तथा कार्यभारित च आकस्मिकता से वेतन पाने वाले कर्मचारियों पर भी लागू होगा।  

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जनसंपर्क सचिव बने टोप्पो

जनसंपर्क आयुक्त राजेश सुकुमार टोप्पो (आईएएस) को विभागीय सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।  अभी तक यह जिम्मेदारी तमिलनाडु कैडर के आईएएस संतोष मिश्रा संभाल रहे थे। टोप्पो अब आयुक्त और सचिव दोनों का काम देखेंगे। उनकी प्रतिनियुक्ति खत्म हो गई है और अब वे अपने मूल कैडर में लौट रहे हैं। वहीं, मिश्रा के प्रभार वाले संस्कृति और पर्यटन विभाग के सचिव का पद एम. गीता को दिया गया है।  

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ias सुब्रत साहू

  स्वास्थ्य सचिव आईएएस सुब्रत साहू को छत्तीसगढ़ का मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) बनाया गया है। केंद्रीय चुनाव आयोग की अनुशंसा पर उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूर्व सीईओ निधि छिब्बर करीब महीनेभर पहले ही केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर गईं, तब से संयुक्त निर्वाचन पदाधिकारी डीडी सिंह प्रभार पर थे। अफसरों के अनुसार सीईओ के लिए आयोग को तीन नामों की सूची भेजी गई थी। आयोग ने साहू के नाम को हरी झंडी दे दी है।  

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kanker soniya gandhi

  कांकेर में सोशल मीडिया पर कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर की गई अभद्र टिप्पणी से नाराज कांग्रेसियों ने दो युवकों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। कांकेर पुलिस ने आईटी एक्ट 67 व 294, 501 के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है। वहीं रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद एक आरोपी ने महात्मा गांधी पर भी असंसदीय टिप्पणी की। इस मामले में पुलिस ने चारामा के गंगूराम सोनकर को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। कांकेर जिला के पूर्व युकां अध्यक्ष गौतम लुक्कड़ ने रिपोर्ट में कहा है कि चारामा के गंगूराम सोनकर और बिलासपुर के सुरेंद्र खैरवार ने सोशल साइट के छत्तीसगढ़ मीडिया ग्रुप पर पहले सोनिया गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। इसके बाद दोनों युवकों ने राहुल गांधी पर भी अभद्र टिप्पणी की। कांकेर पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत दोनों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। लुक्कड़ ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के साथ ही गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आरोपियों को बचाने का प्रयास किया गया तो कांग्रेसी सड़क पर आंदोलन करेंगे। गौतम लुक्कड़ का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद आरोपियों ने उन्हें धमकियां दी। बिलासपुर के सुरेंद्र खैरवार ने महात्मा गांधी पर भी असंसदीय टिप्पणी की।  

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adivasi cg

पिथौरा में विगत पांच साल से सामाजिक बहिष्कार की पीड़ा झेल रहे आदिवासियों ने अनुसूचित जनजाति आयोग में अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए न्याय की गुहार लगाई है। साथ ही उन्होंने पुलिस थाना तुमगांव, पुलिस अधीक्षक महासमुंद में भी आवेदन देकर उचित कार्रवाई की मांग की है। मामला सिरपुर क्षेत्र के ग्राम सुकुलबाय एवं मरौद का है। यहां के आदिवासी समाज के बसंत पिता पलटन गोंड़ (सुकुलबाय), मंशाराम पिता बिसौहा गोंड़, मिलन पिता आनंद गोंड़ व लखेश्वर पिता हुमन गोंड़ (सभी ग्राम मरौद) ने आवेदन में बताया है कि बिना किसी ठोस कारण से करीब पांच वर्षों पूर्व समाज व गांव से बहिष्कृत कर दिए जाने एवं हुक्का-पानी बंद कर देने से परिवार का जीना दूभर हो गया है, जिसके चलते अब पीड़ित परिवारों से समाज का कोई भी व्यक्ति रोटी-बेटी का लेन-देन नहीं कर रहे हैं। फलस्वरूप परिवार की जवान बेटी-बेटों का विवाह नहीं हो रहा है। इतना ही नहीं परिवार के किसी शोक कार्यों में भी गांव व समाज की भागीदारी नहीं हो पा रही है। इस वजह से सभी पीड़ित मानसिक प्रताड़ना के साथ भयभीत हैं। इस मामले को सुलझाने की दिशा में सामाजिक संगठन भी कमजोर दिखाई दे रही है, जिसके कारण सभी पीड़ितों ने थक हार कर अब शासन-प्रशासन के पास अपनी फरयाद की है। पीड़ितों के मुताबिक आज से लगभग पांच वर्षों पूर्व सिरपुर क्षेत्र में स्थित आदिवासी समाज के प्रसिद्ध देव स्थल सिंघाध्रुवा से बोरिद निवासी एक व्यक्ति अचानक लापता हो गया। जिसका आज तक पता नहीं चल सका है। उक्त गुम इंसान के लापता होने का ठीकरा पीड़िता परिवारों पर फोड़ा गया और यहां के करीब आठ परिवारों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए सामाजिक एवं ग्राम स्तर पर दंडित करते हुए सामाजिक बहिष्कार के अलावा हुक्का पानी बंद करने का फरमान सुनाया। तब से अब तक पीड़ित आठ परिवारों में से बोरिद के तुलसीराम ध्रुव एवं बिसाहू ध्रुव, पासिद के प्रदीप ध्रुव, चुहरी के बिसहत ध्रुव को बाद में समाज में शामिल कर लिया गया। लेकिन इन पीड़ित परिवारों को आज तक न तो समाज में शामिल किया गया और न ही ग्रामवासियों ने उन्हें ग्राम में जीने का हक दिया, जिसके चलते अब सभी पीड़ित परिवार बहिष्कार की जिंदगी जीने मजबूर है। बहरहाल, सामाजिक बहिष्कार की पीड़ा झेल रहे पीड़ित चारों व्यक्तियों ने पुलिस थाना तुमगांव, पुलिस अधीक्षक, कलेक्टर महासमुंद के अलावा राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग, राज्य मानवाधिकार आयोग को पत्र प्रेषित कर न्याय की फरियाद की है। विश्राम ध्रुव, अध्यक्ष ध्रुव गोंड़ समाज सिरपुर राज ने कहा मामला बहुत पुराना है। पूर्व के पदाधिकारियों द्वारा लिए गए इस निर्णय के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। सामाजिक एकता स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।  

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नक्सलवादी  किसान आंदोलन

छत्तीसगढ़ में विपक्षी दलों के बाद अब नक्सलियों ने भी किसान आंदोलन की आग में घी डालने का काम किया है। छत्तीसगढ़ के पखांजुर थाना क्षेत्र के द्वारिकापुरी-बारदा मार्ग पर सोमवार को माओवादियों ने बैनर लगाकर व पर्चे फेंक कर अपना समर्थन जताया है। मिली जानकारी के मुताबिक माओवादियों की प्रतापपुर एरिया कमेटी ने किसानों की मांगों का समर्थन किया है। इस मामले की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन ने इलाके में सर्चिंग बढ़ा दी है और जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा मंदसौर में किसानों पर हुए तथाकथित गोलीकांड के विरोध में बीजापुर में भी नक्सलियों ने पर्चें फेंके और गोलीकांड की निंदा की। माओवादियों ने ये पर्चे तुमनार मार्ग पर गैस गोडाउन के सामने फेंके। पर्चों में नक्सलियों ने किसानों के आंदोलन को जनयुद्ध बताया।  

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रायपुर अमित शाह

रायपुर में बीजेपी भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को कहा कि छत्तीसगढ़ में रमन सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है, इसलिए आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा शानदार प्रदर्शन कर फिर सरकार बनाएगी। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनाव में भाजपा 65 से ज्यादा सीटें जीतेगी। गौरतलब है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह बीते तीन दिन से छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं। इन तीन दिनों में प्रदेश भाजपा के आला नेताओं के अलावा विधायकों और सांसदों से मुलाकात की। तीन दिनों की यात्रा के बाद शनिवार को प्रेस वार्ता में अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने हर स्तर पर बेहतर काम किया है इसलिए हम सरकार के काम को जनता के बीच लेकर जाएंगे और चौथी बार छत्तीसगढ़ में फिर भाजपा की सरकार बनाएंगे। अमित शाह ने कहा  मनमोहन सरकार के समय जीडीपी 4.4 के पास थी। मोदी सरकार ने इसे दुनिया की सबसे तेज़ गति से विकास होता राष्ट्र बनाया है। मुद्रा बैंक में पौने सात करोड़ का लोन उपलब्ध कराया। GST का विचार अटल सरकार की योजना थी। सरकार ने ONE RANK ONE PENSION लागू किया। भारत दुनिया में स्पेस लीडर बना। 13000 गांव में बिजली पहुंचाई है। 2018 तक भारत के सभी गांव बिजली वाले होंगे। 2014 के चुनाव के बाद बीजेपी ने अपनी स्थिति सुधरी है। छत्तीगढ़ सरकार ने बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं।भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ को पहले से ज्यादा पैसे दिए है। उप्र के चुनाव ने साबित कर दिया कि जातिवाद, क्षेत्रवाद की राजनीति नही चलेगी। अब देश मे पॉलिटिक्स ऑफ परफॉरमेंस की राजनीति चलेगी। धान का बोनस अंडर कंसीडेरेशन है। मध्यप्रदेश में कांग्रेस विधायकों ने लोगो को भड़काया, ये निंदनीय है। स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों को लागू होने का समय आ चुका है। 2100 धान के मूल्य पर विचार करेंगे।

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कांग्रेसियों का प्रदर्शन

  खबर रायपुर से। मध्यप्रदेश में किसानों पर हुई गोलीबारी और भाजपा के वायदा खिलाफी के विरोध में किसान आंदोलन की आग अब छत्तीसगढ़ तक पहुंच गई है। शनिवार को कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने प्रदेशभर में प्रदर्शन किए और चक्काजाम करने का प्रयास किया। हालांकि प्रशासन की सख्ती के चलते चक्काजाम सफल नहीं हो पाया। मिली जानकारी के मुताबिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रायपुर, बिलासपुर, धमतरी, कोरबा, जशपुर और अंबिकापुर सहित कई जिलों में विरोध प्रदर्शन किया। रायपुर में टाटीबांध चौक पर प्रदर्शन कर रहे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल को पुलिस ने जब पुलिस वैन में डाला।    

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अमित शाह

रायपुर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने रायुपर में मोदी फेस्ट का शुभारंभ किया। इस दौरान उनके साथ सीएम डॉ रमन सिंह भी मौजूद थे। केंद्र में भाजपा की सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर सरकार की उपब्धियां बताने के लिए मोदी फेस्ट आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान अमित शाह ने कहा कि तीन साल में हमारी सरकार गुड गर्वनेंस लेकर आई है इसके साथ ही केंद्र की नितियों के बारे में लोगों को जागरुक किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने की जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं को दी। इसके साथ ही शाह ने उम्मीद जताई कि छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार चौथी बार जनता के ज्यादा समर्थन से बनेगी। रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर ले जाने का काम किया है।  

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amit shah

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तीन दिवसीय प्रवास पर गुरुवार सुबह रायपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष धरम माल कौशिक, राष्ट्रीय महामंत्री सरोज पांडेय, राज्य के मंत्री और संगठन के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट से शाह सीधे छत्तीसगढ़ भाजपा मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने संगठन की बैठक में भाग लिया और चुनावी रणनीति पर चर्चा की।  छत्तीसगढ़ भाजपा मुख्यालय में जारी बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के सुरक्षा कर्मियों के वाहन को बाहर रोक लिया गया। इसको लेकर सीएम की सिक्योरिटी में तैनात अफसरों और पदाधिकारियों के बीच जमकर बहस भी हुई। सीएम के गार्ड ने सुरक्षा कारणों का हवाला भी दिया लेकिन पार्टी के नियम के आगे किसी की नहीं चली। काफी जद्दोजहद के बाद सीएम सुरक्षा गार्ड के केवल एक वाहन को ही अंदर जाने दिया गया। यही नहीं मंत्रियों और विधायकों के पीए को भी कार्यालय के बाहर ही रोक दिया गया। सिर्फ प्रदेश पदाधिकारियों को ही कार्यालय के अंदर जाने दिया गया। संगठन पदाधिकारियो के वाहन को मेन गेट के बहर ही रोक लिए गए। केवल मंत्रियों की गाड़ी ही दो नंबर गेट तक गई, लेकिन उन्हें भी कार्यालय परिसर में जाने नहीं दिया गया। प्रदेश कार्यालय में राष्ट्रीय पदाधिकारियों, कोरग्रुप, सांसद-विधायक, प्रदेश पदाधिकारियों, प्रदेश मोर्चा अध्यक्ष/महामंत्री, महामंत्री, प्रदेश प्रकोष्ठों के संयोजक, जिला संगठन प्रभारी, जिला भाजपा अध्यक्ष/ महामंत्री, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, निगम, मंडल, आयोग के अध्यक्ष, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष/ उपाध्यक्ष भी मौजूद हैं।  

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ajit jogi

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के संस्थापक अध्यक्ष अजीत जोगी दूसरी राजनीतिक पार्टियों की तरह चुनावी घोषणापत्र जारी नहीं करेंगे। जोगी ने कहा कि पार्टी के स्थापना दिवस पर स्टाम्प पेपर में संकल्पों का शपथपत्र जारी करेंगे, जो कि नोटराइज होगा। पार्टी के दस लाख सदस्य एक करोड़ परिवार तक शपथपत्र की प्रति को पहुंचाएंगे। जोगी का कहना है कि 2018 के विधानसभा चुनाव में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ की सरकार बनती है और संकल्पों को समयसीमा में पूरा नहीं करती है तो कोई भी व्यक्ति सीधे कोर्ट जा सकेगा। इसके आधार पर उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया जा सकेगा। जेल रोड स्थित एक होटल में जोगी और उनकी पार्टी के लोगों ने 'कोटमी घोषणा" की पहली वर्षगांठ मनाई। पिछले साल छह जून को कोटमी गांव में पार्टी का नाम और उद्देश्य तय हुआ था। 21 जून को पार्टी की घोषणा की गई थी। मीडिया से चर्चा में जोगी ने कहा कि देश में उनकी एकमात्र पार्टी होगी, जो चुनाव के पहले शपथपत्र जारी करने जा रही है, जिसमें हर संकल्प को पूरा करने की समय सीमा भी होगी। शपथपत्र को जनता तक पहुंचाने के लिए आरएसएस फॉर्मूले पर स्थापना दिवस से जन जन जोगी अभियान शुरू किया जाएगा। पार्टी के हर कार्यकर्ता को कम से कम दस परिवार तक शपथपत्र की प्रति पहुंचाने की जिम्मेदारी दी जाएगी। जोगी ने कहा वे खुद मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के विधानसभा क्षेत्र राजनांदगांव जाएंगे और दस परिवारों तक शपथपत्र पहुंचाएंगे। जनता को बताया जाएगा कि भाजपा और कांग्रेस की तरह दिल्ली से चलने वाली सरकार प्रदेश को समृद्ध नहीं बना सकती। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ ऐसी पार्टी होगी, जो यहीं से सरकार चलाएगी। जोगी का दावा है कि जन जन जोगी अभियान के माध्यम से उनकी पार्टी प्रदेश की आधी आबादी तक अपना संदेश पहुंचाने में सफल रहेगी।जोगी ने कहा कि धन के मामले में कमजोर हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव में भाजपा के धनबल और जोगी के जनबल का ही सीधा मुकाबला होना है।  

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 मुख्यमंत्री रमन सिंह

 मुख्यमंत्री रमन सिंह दक्षिण कोरिया और जापान के दौरे से लौटकर मंगलवार को राजधानी रायपुर पहुंचे। अपने नौ दिन के विदेशी प्रवास के दौरान रमन सिंह ने दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल और जापान के दो प्रमुख शहरों टोक्यो और ओसाका का दौरा किया और कई निवेशकों से चर्चा की। रायपुर लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा करते हुए अपने यात्रा का संक्षिप्त ब्योरा दिया। मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया कार्यक्रम की तर्ज पर ही छत्तीसगढ़ में मेक इन छत्तीसगढ़ अभियान चलाया जा रहा है। इसमें निवेशकों को जुटाने के लिए जापान व दक्षिण कोरिया का दौरा किया गया था। उन्होंने कहा कि जापान और दक्षिण कोरिया में भारत को एक महाशक्ति के रूप में देखा जा रहा है। खासतौर पर मेक इन इंडिया जैसे अभियान को के कारण दुनिया में देश का मान-सम्मान बढ़ा है। वहीं जीएसटी लागू होने के बाद भारत में विदेशी निवेश को लेकर भी विश्वास बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जापान के व्यापारिक संगठन जेट्रो, कोरिया के व्यापारिक संगठन कोटरा और सीआईआई के साथ सार्थक चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि हमने 25 से ज्यादा कंपनियों के साथ छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए चर्चा है। आईटी, रक्षा उपकरण, ऊर्जा, आटोमोटिव, विद्युत मोटर्स, इलेक्ट्रानिक्स, स्मार्ट सिटी जैसे कई क्षेत्रों में प्रदेश में निवेश की संभावना है। मुख्यमंत्री ने दक्षिण कोरिया में स्मार्ट सिटी सिंगम का दौरा भी किया। उन्होंने बताया कि सुंग ह टेलीकॉम कंपनी छत्तीसगढ़ में 120 करोड़ का पूंजीनिवेश करेगी। इसके अलावा जापान के 100 से अधिक उद्योग समूहों के साथ निवेश को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई।  

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dayaldas baghel

बिलासपुर में छत्तीसगढ़ के सहकारिता मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि किसानों को बोनस नहीं देंगे। प्रदेश के किसान साधन संपन्न हैं। वैसे भी राज्य सरकार कई ऐसी योजनाओं के माध्यम से किसानों को सीधा फायदा पहुंच रही है। जब उनको फायदा पहुंचाया जा रहा है तो बोनस की जरूरत ही कहां है। सहकारिता मंत्री श्री बघेल  छत्तीसगढ़ भवन में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। वे लोक सुराज अभियान में प्राप्त आवेदनों के निराकरण के संबंध में समीक्षा बैठक लेने आए थे। यह पूछे जाने पर कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के माध्यम से किसानों ने धान बेच दिया है पर राज्य शासन द्वारा बोनस नहीं दिया है। किसान अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं। सहकारिता मंत्री ने दोटूक कहा कि हम किसानों को बोनस नहीं दे रहे हैं। इसकी जरूरत भी नहीं है। मंत्री ने यह भी खुलासा किया कि राज्य शासन द्वारा किसानों को फायदा पहुंचाने के लिए उनके हित से जुड़ी कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। योजना से जुड़कर किसान फायदा भी ले रहे हैं। जब किसानों को शासन सीधे फायदा पहुंचा रहा है तो बोनस की जरूरत ही कहां है। मंत्री ने सीधे कहा कि किसानों को बोनस फिलहाल नहीं दे रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के साथ फ्रांस दौरे का अनुभव बताते हुए कहा कि वहां अंगूर से शराब बनाई जाती है। हम लोगों ने भी यह कला सीखी है। प्रदेश में अंगूर की फसल की अपार संभावनाएं हैं। अंगूर की खेती के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा व राज्य सरकार शराब भी बनाएगी। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में करोड़ों के घोटाले के संबंध में मंत्री ने कहा कि जांच चल रही है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा । सुराज अभियान के दौरान प्राप्त आवेदनों के संबंध में मंत्री श्री बघेल ने कहा कि सुराज के दौरान कुछ ऐसे भी आवेदन आए हैं जिसका प्रकरण कोर्ट में चल रहा है। ऐसे मामलों को लंबित रखा गया है। कोर्ट के फैसले के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी । जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में पीओएस मशीन वितरण के संबंध में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि इसकी जानकारी नहीं है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सीईओ अभिषेक तिवारी ने मंत्री को बताया कि कृषि विभाग की योजना के तहत बैंक में पीओएस बांटा जा रहा है।  

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शिवराम कल्लुरी

बस्तर के पूर्व आईजी शिवराम कल्लुरी को जल्दी ही काम सौंपा जा सकता है. वे पिछले चार महीनों से पुलिस मुख्यालय में हैं और सरकार ने उन्हें अब तक कोई काम नहीं सौंपा था. वे पुलिस मुख्यालय में काम नहीं होने के कारण कम समय के लिये ही आ रहे थे. बस्तर से हटाये जाने के बाद वे बिना काम के ही पुलिस मुख्यालय में पदस्थ थे. खबर है कि संघ के कुछ नेताओं के दबाव के बाद भी सरकार ने उन्हें कोई जिम्मेवारी सौंपने से इंकार कर दिया था. अब चार महीने बाद उन्हें कोई काम सौंपने पर विचार किया जा रहा है. बस्तर में आई जी रहते हुये मानवाधिकार आयोग समेत कई सरकारी और गैर सरकारी संगठनों के निशाने पर रहे शिवराम प्रसाद ने स्वास्थ्यगत कारणों से अवकाश लिये था. लेकिन सरकार ने उन्हें लंबी छुट्टी पर भेज दिया था. इसके बाद वे यह कहते हुये वापस लौट आये थे कि वे अब स्वस्थ हैं. इन परिस्थितियों में कल्लुरी को बस्तर से हटा कर फरवरी में पुलिस मुख्यालय में पदस्थ कर दिया गया था. हालांकि यहां पदस्थ रहते हुये उन्होंने सोशल मीडिया में जो टिप्पणियां की, जिस तरीके से बिना सूचना के निजी आयोजनों में भाग लिया, उसे लेकर सरकार में भारी नाराज़गी दिखाई गई. इन मामलों में उन्हें नोटिस भी जारी किया गया. सरकार की नाराज़गी का ही सबब है कि शिवराम प्रसाद कल्लुरी को पिछले चार महीने से कोई काम नहीं दिया गया. इन चार महीनों में वे रायपुर और दिल्ली के एक-एक नक्सल विरोधी आयोजनों में शामिल हुये और सुर्खियां भी बटोरी. इन आयोजनों के अलावा मानवाधिकार आयोग और दूसरे संगठनों में भी कल्लुरी के नाम की चर्चा बनी रही.सोशल मीडिया में कल्लुरी के समर्थक लगातार उनकी बस्तर वापसी की भी मांग के साथ सक्रिय रहे हैं. खबर है कि अब कल्लुरी को सरकार कोई कार्यभार सौंपने पर विचार कर रही है. अगले सप्ताह तक सरकार किसी कार्यभार के साथ उनकी वापसी कर सकती है. हालांकि अभी कल्लुरी अवकाश पर हैं.

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sharab

छत्तीसगढ़ में शराब की अवैध बिक्री और कोचियों की शिकायत अब टोल फ्री नम्बर पर की जा सकेगी। सरकार ने 14405 नम्बर जारी किया है। इसके अलावा शराब की अवैध बिक्री रोकने और कॉर्पोरेशन की शराब दुकानों की निगरानी के लिए 15 जून तक सभी दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लग जाएंगे। कोचियाबंदी अभियान में लापरवाही बरतने पर वाणिज्यिक कर (आबकारी) मंत्री अमर अग्रवाल ने तीन आबकारी उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया है। आबकारी भवन में मंत्री अग्रवाल ने विभागीय कामकाज की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पूर्ण कोचियाबंदी करनी है। इसमें लापरवाही बरतने पर कोई भी बख्शा नहीं जाएगा। शिकायत के आधार पर सरगुजा जिले के उपनिरीक्षक छविलाल पटेल, पूनम सिंह और धमतरी जिले की उपनिरीक्षक सुशीला साहू को निलंबित कर दिया है। तीनों उपनिरीक्षकों की शिकायत थी कि वे कर्तव्य में लापरवाही बरतते हैं और मुख्यालय से अनुपस्थित रहने के कारण राजस्व का नुकसान हुआ है। मंत्री ने निलंबन अवधि में पटेल को जशपुर जिला आबकारी कार्यालय, पूनम सिंह को कोरिया जिला आबकारी कार्यालय और सुशीला साहू को गरियाबंद जिला आबकारी कार्यालय अटैच किया है। अग्रवाल ने अधिकारियों से कहा कि टोल फ्री नम्बर का अधिकाधिक प्रचार करें। लोगों को यह बताएं कि शिकायकर्ता की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी। टोल फ्री नम्बर में निर्धारित दर से ज्यादा में शराब बिकने की शिकायत भी दर्ज कराई जा सकेगी। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि शराब बिक्री की राशि को किसी और उद्देश्य के लिए खर्च नहीं किया जाए । सभी देसी और विदेशी मदिरा दुकानों में रजिस्टर भी अनिवार्य रूप से रखे जाएं और उनमें बिक्री का विवरण दर्ज किया जाए।  

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कोरबा में पॉवर प्लांट का राखड़ डेम फूटा

कोरबा डीएसपुएम पॉवर प्लांट का राखड़ डेम गुरुवार को फूट गया, जिससे काफी तादाद में राख बहकर किसानों के खेतों में जा रही है। मिली जानकारी के मुताबिक इस घटना का गुरुवार सुबह तब पता चला, जब कुछ किसान अपने खेतों में पहुंचे। इधर डीएसपुएम पॉवर प्लांट प्रबंधन ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक डेम फूटने के घटना रखरखाव में लापरवाही के कारण हुई है। इस कारण कई खेतों की जमीन बर्बाद हो गई है। खेत की जमीन खराब होने से किसानों में भी आक्रोश है।  

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raman singh

  दक्षिण कोरिया की कंपनी सुंग हा टेलीकॉम छत्तीसगढ़ में प्लांट स्थापित करेगी। कंपनी 130 करोड़ रुपए निवेश कर मोबाइल उपकरण बनाएगी। काम 2018 तक शुरू होने की संभावना है। सियोल में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में राज्य सरकार व कंपनी के बीच हुए एमओयू के तहत नया रायपुर में प्लांट लगेगा। टीम के साथ द. कोरिया व जापान दौरे पर गए सीएम ने मंगलवार को वहां निवेशक सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि व्यापार व्यवसाय को आसान बनाने इज ऑफ डुइंग बिजनेस में छत्तीसगढ़ भारत की अग्रिम पंक्ति का राज्य है। गुरुवार को सीएम जापान जाएंगे।  

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आईजी कल्लूरी

 पूर्व बस्तर आईजी कल्लूरी के बस्तर से विदा होने के बाद पुलिस मुख्यालय और crpf सहित केंद्रीय बलों के वरिष्ठ अधिकारियों   के सामंजस्य के आभाव में लगातार नक्सल मोर्चे पर पुलिस को विफलता मिली है।crpf को सर्वाधिक नुकसान उठाना पड़ा है।कोबरा सहित उनके जवानों को सड़क निर्माण में तैनात किया गया था ।किन्तु उन्हें नक्सली लगातार  नुकसान पहुंचते रहे हैं।अब जाने किस मज़बूरी के चलते आलाकमान सड़क निर्माण में लगे ठेकेदारों को लाभ पहुँचने बस्तर में सर्वाधिक कामयाब drg को सड़क निर्माण सुरक्षा में तैनात किया जा रहा है।इन drg के जवानों पर वरंगटे में नक्सल विरोधी उच्च कोटि के प्रशिक्षण में करोड़ो खर्च किया गया था।अब ये जवान मुख्य मोर्चे से हटकर रोड निर्माण में तैनात है।जिससे नक्सल उन्मूलन अभियान प्रभावित हो रहा है।पुलिस मुख्यालय और आलाधिकारियों को बेहतर रणनीति बनाने की जरुरत है तभी नक्सलियों पर प्रभावी कार्यवाही हो सकेगी।अभी तो ऐसा लग रहा रोड बनाना केवल  छत्तीसगढ़ पुलिस का ठेका हो गया है जबकि हर कैम्प में लगभग 300 crpf,कोबरा के जवान आधुनिक हथियारों  से लैस  4 किलोमीटर के दूरी पर सुरक्षित कैम्प में  तैनात है जिसे देखकर  drg  के जवानों में आक्रोश पैदा होने लगा है । इसी कारण नक्सलियों को फिर बड़ी घटना को आजम  देने का मौका मिल सकता है अभी भी समय है बड़े अधिकारी इस समस्या को सुलझा ले वरना बाद में केवल आरोप एक दूसरे को लगाते रह जाएंगे।

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bastar

बस्तर के जंगलों में ड्रोन कैमरे से लिया गया एक वीडियो सामने आया है, जिसमें बड़ी संख्या में नक्सली मूवमेंट करते दिखाई दे रहे हैं। सुरक्षा बल बस्तर के जंगलों में नक्सलियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि इस तस्वीर को पुलिस के ड्रोन कैमरे से लिए जाने की कोई भी अधिकारी पुष्टि नहीं कर रहा है। सोशल मीडिया में आए वीडियो की खुफिया विभाग की टीम ने जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि वीडियो के ओरिजनल सोर्स के बारे में जानकारी ली जा रही है। पुलिस मुख्यालय के आला अधिकारियों ने बताया कि नक्सली अमूमन छोटे-छोटे दलों में ही जंगलों में घूमते हैं। किसी बड़े हमले से पहले ही वे किसी खास जगह पर एकत्र होते हैं। वीडियो में एकसाथ करीब 100 से अधिक नक्सली दिखाई दे रहे हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि ये वीडियो हाल ही में हुए किसी हमले से पहले का होगा। आईबी के डायरेक्टर राजीव जैन के दो दिवसीय दौरे के तत्काल बाद सोशल मीडिया में जारी वीडियो को लेकर हड़कंप है। पुलिस मुख्यालय के आला अधिकारियों की मानें तो अगले एक महीने में नक्सलियों के खिलाफ बड़ी लड़ाई का प्लान तैयार किया गया है। ऐसे में ड्रोन से वीडियो और अन्य मुद्दे सिर्फ गुमराह करने की कोशिश है। इससे नक्सल आपरेशन के प्लान में कोई बदलाव नहीं आने वाला है। आईजी बस्तर विवेकानंद ने बताया कि वीडियो के बारे में कोई जानकारी नहीं है। छत्तीसगढ़ पुलिस की तरफ से ऐसा कोई वीडियो नहीं बनाया गया है।  

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बिलासपुर पारा 49 डिग्री

  छत्तीसगढ़ में गर्मी ने सोमवार को आज तक की गर्मी का रिकॉर्ड तोड़ दिया। बिलासपुर में पारा दोपहर ढाई बजे के बाद 49.3 डिग्री तक जा पहुंचा। मौसम विज्ञानियों ने बताया कि ढाई बजे तक तापमान 46 डिग्री था। इसके बाद पारा अचानक ही चढ़ता गया। बिलासपुर मौसम केंद्र ने जब इसकी जानकारी रायपुर मुख्यालय को दी तो यहां हड़कंप मच गया। केंद्र्र के निदेशक प्रकाश खरे ने इसकी पुष्टि करने के लिए थर्मामीटर की वीडियो रिकॉर्डिंग मंगवाई। इसके बाद ही शाम को विभाग से जानकारी सार्वजनिक की गई। विज्ञानियों ने आने वाले दो दिनों में रायपुर का अधिकतम तापमान 47 डिग्री तक पहुंचने की आशंका जताई है। बचाव के साधनों के बिना लोगों को घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। मौसम केंद्र के अधिकारियों ने बताया कि हालांकि उनके पास सिर्फ 2007 से ही तापमान के आंकड़े मौजूद हैं, लेकिन राज्य में आज तक पारा 49 डिग्री तक पहुंचने की अधिकृत जानकारी नहीं है। मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को रायपुर का अधिकतम तापमान 45 डिग्री तक पहुंचा, न्यूनतम तापमान 28.7 डिग्री रहा।  मौसम केंद्र से मिली जानकारी के दर्ज जानकारी के अनुसार 1988 में रायपुर का अधिकतम तापमान 47.9 डिग्री तक पहंुचा था। इसे प्रदेश का अब तक दर्ज अधिकतम तापमान माना जा रहा था। 2013 में बिलासपुर का तापमान 47.4 डिग्री दर्ज किया। इसे अब तक का रिकार्ड माना जा रहा था।  

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ieed blast

सुकमा जिले के दोरनापाल और मिसमा के बीच नक्सलियों ने शुक्रवार को आईईडी ब्लास्ट कर दिया, जिसमें दो जवान गंभीर घायल हो गए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक दोनों घायल जवानों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक घायल जवानों को बेहतर इलाज के लिए हेलिकॉप्टर से राजधानी रायपुर भी रैफर किया जा सकता है। गौरतलब है कि जिल में बढ़ती नक्सली गतिविधियों के चलते सुरक्षा बलों ने इन दिनों ने सर्चिंग अभियान तेज कर दिया है। शुक्रवार को भी जब सुरक्षा बल सर्चिंग अभियान के निकलने थे तो नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर दिया।  

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पोड़ियाम पंडा

  सुकमा जिले के चिंतागुफा के पूर्व सरपंच तथा सीपीआई के जिला परिषद के सदस्य पोड़ियाम पंडा को सुकमा पुलिस ने 15 दिन से अवैध हिरासत में रखा है। बस्तर संयुक्त संघर्ष समिति का आरोप है कि पंडा को पुलिस ने गांव से उठाया और परिजनों को कई दिनों तक इसकी सूचना नहीं दी। पंडा की पत्नी जब हाईकोर्ट पहुंची तो पुलिस ने आनन- फानन में उसे समर्पित नक्सली बता दिया। इधर सुकमा एसपी का कहना है पंडा नक्सली है। वह बुरकापाल, ताड़मेटला सहित कई बड़ी नक्सल वारदातों में शामिल रहा है। हम तो यह पता कर रहे हैं कि सीपीआई के कितने नेता हैं जो नक्सलियों की तरफ से हथियार उठा चुके हैं। बस्तर संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बुधवार को आम आदमी पार्टी के राज्य संयोजक संकेत ठाकुर, सीपीएम के संजय पराते, सीपीआई नेता चितरंजन बख्शी और आरडीसीपी राव, पीयूसीएल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.लाखन सिंह तथा हाईकोर्ट की वकील प्रियंका शुक्ला ने मीडिया के सामने पंडा की पत्नी पोड़ियम मुये तथा उसके भाई कोमल को पेश किया। मुये ने गोंडी में बताया कि पंडा 15 साल तक चिंतागुफा के सरपंच रहे। वे पुलिस की भी मदद करते थे। गांव में हेलिपैड बनाने, सीआरपीएफ का कैंप खुलवाने सहित कई काम कराए। 2005 में नक्सलियों ने 7 सीआरपीएफ जवानों का अपहरण किया था तो पंडा छुड़ाने गए थे। कलेक्टर अलेक्स पॉल मेनन के अपहरण के समय भी सरकार की मदद दी। 2016 में नक्सली पंडा को उठाकर जनअदालत ले गए थे और उनसे काफी मारपीट की। मुये का कहना है 3 मई को वह मिनपा के पास खेत में मछली पकड़ने गया था। तभी पुलिस ने उसे पकड़ लिया और मौके पर ही जमकर मारपीट की। फिर उसे उठाकर ले गए। एसपी अभिषेक मीणा ने  कहा कि पंडा कई नक्सल वारदातों में शामिल रहा। उसने मीडिया के सामने कबूल किया है। वह पिछले साल भी सरेंडर करना चाहता था लेकिन नक्सलियों का भनक लग गई और उसके पीछे गार्ड लगा दिए। उसने 9 मई को सरेंडर किया था लेकिन हमने मामले को गोपनीय रखा। बुधवार को सरेंडर घोषित किया है। उसे सरेंडर पॉलिसी के तहत सभी मदद मिलेगी।  

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रायगढ़ elephant

रायगढ़ से छाल-हाटी की ओर जाने वाले मार्ग को 40 हाथियों के एक दल ने रोक दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक कोरबा के घने जंगल के निकलकर करीब हाथियों का दल मुख्य मार्ग पर आ गया है। वन विभाग के मुताबिक हाथियों के दल को मुख्य मार्ग से दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। हाथियों के गतिविधियों पर वन विभाग के कर्मचारी नजर रख रहे हैं। गौरतलब है कि मुख्य मार्ग बाधित होने के कारण यहां यातायात पर भी असर पड़ा है। कई लोगों को अपने गंतव्य स्थल पर जाने में देरी हो रही है। जिस क्षेत्र में हाथियों का दल घूम रहा है वहां के ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया गया है।  

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 सीआरपीएफ

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ सीआरपीएफ के जवानों ने अब आखिरी लड़ाई का मोर्चा खोल दिया है। सीआरपीएफ के सेंट्रल जोन कमांड का मुख्यालय रायपुर में बनने के बाद ही सीआरपीएफ स्पेशल डीजी कुलदीप सिंह ने रायपुर में डेरा डाल दिया है। सीआरपीएफ अब बारिश से पहले तक नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाएगी। सीआरपीएफ के आला अधिकारियों की मानें तो सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा में 20 हजार जवानों को जंगलों में रणनीति के साथ आपरेशन के लिए उतार दिया गया है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के बार्डर पर भी नक्सलियों के खिलाफ स्पेशल आपरेशन शुरू कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने बालाघाट, गढ़चिरौली और राजनांदगांव में गोपनीय आपरेशन शुरू किया है। इसको देखते हुए प्रदेशों के ज्वाइंट पर विशेष फोकस किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि कोबरा कमांडोज सुकमा को घेरकर रुटीन ऑपरेशन के अलावा अलग से अभियान चलाएंगे। कोबरा कमांडो के साथ आईईडी एक्सपर्ट भी तैनात किए जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो सीआरपीएफ अब माओवादियों के खिलाफ आक्रामक रवैया अपनाएगा। नक्सलियों को जंगल में घुसकर मारने के लिए सुरक्षाबलों को फ्री हैंड कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि पांच राज्यों की मानिटरिंग के लिए स्पेशल डीजी को रायपुर में तैनात किया गया है। यहां से अगले दस दिन में ज्वाइंट आपरेशन प्लान किया जा रहा है, जो ओडिशा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, झारखंड, उत्तर प्रदेश में एक साथ शुरू होगा। इस ज्वाइंट आपरेशन का बेस कैंप रायपुर में रहेगा। सूत्रों की मानें तो नक्सलियों के बड़े नेताओं की लोकेशन भी सुकमा और आसपास के इलाकों में मिली है। इसी को देखते हुए सुकमा में विशेष फोकस किया जा रहा है। सीआरपीएफ के आईजी डीएस चौहान ने बताया कि सीआरपीएफ के जवान बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं। सुकमा में हमले के बाद अभियान को और भी मुस्तैदी के साथ शुरू किया गया है। जवान जंगलों में उतरकर नक्सलियों से मोर्चा लेने को तैयार हैं।   

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भूपेश बघेल

  आवासीय प्लॉट के फर्जीवाड़े के मामले में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख भूपेश बघेल के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने सोमवार को मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले में भूपेश बघेल के मां और पत्नी के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया है। साथ ही सारड़ा में काम करने वाले अधिकारियों के खिलाफ शिकंजा कसा गया है। मिली जानकारी के मुताबिक मानसरोवर योजना के तहत पीसीसी प्रमुख भूपेश बघेल ने बड़ा फर्जीवाड़ा किया था। इस मामले में आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो जांच कर रहा था। भूपेश बघेल पर आरोप है कि उन्होंने अवैध तरीके से आवासीय प्लॉट का आवंटन किया। वहीं प्रकरण दर्ज किए जाने के बाद भूपेश बघेल ने कहा कि वह इस मामले में हर तरह की जांच करने के लिए तैयार है।  

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varsha dongre

    बुरकापाल नक्सली हमले में शहीद जवानों को लेकर फेसबुक पर विवादित पोस्ट लिखकर सुर्खियों में आई रायपुर केन्द्रीय जेल की निलंबित डिप्टी जेलर वर्षा डोंगरे 3 मई से अपने सरकारी आवास से गायब हैं। जेल परिसर स्थित वर्षा के घर में पांच दिनों से ताला लगा हुआ है। लिहाजा बंद दरवाजे पर ही जेल प्रशासन ने उनके नाम पर जारी नोटिस और निलंबन आदेश को चस्पा कर दिया है। घर के बाहर 3 मई से लेकर 7 मई तक के अखबार पड़े होने से यह संभावना जताई जा रही है कि पिछले पांच दिनों से दरवाजा नहीं खुला है। वर्षा कहां गईं, इस बारे में जेल प्रशासन के पास किसी तरह की अधिकृत जानकारी नहीं है।  रायपुर सेंट्रल जेल परिसर स्थित वर्षा डोंगरे के सरकारी आवास पर रविवार को नईदुनिया टीम पहुंची। दरवाजे पर ताला बंद मिला। पड़ोसियों ने बताया कि कई दिनों से घर में कोई नहीं है। वर्षा कहां गई हैं, इसका पता किसी को नहीं है। उनका मोबाइल स्वीच ऑफ है। दरवाजे पर चस्पा नोटिस में निलंबन अवधि में उन्हें अंबिकापुर केंद्रीय जेल संलग्न में करने का उल्लेख है। शरारती तत्वों ने इस नोटिस को फाड़ दिया है।  डीआईजी जेल एवं रायपुर सेंट्रल जेल अधीक्षक के के गुप्ता ने कहा कि बिना पूर्व सूचना के ड्यूटी से गायब वर्षा डोंगरे कहां हैं, इसकी जानकारी जेल प्रशासन को नहीं है। इसी मामले में उनका निलंबन किया गया है। निलंबन आदेश की एक प्रति उनके सरकारी आवास पर चस्पा की गई है। साथ ही एक प्रति सेवा पुस्तिका में दिए गए पते पर रजिस्ट्री के जरिए भेजी गई है।   

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raman singh

  नक्सल मोर्चे की समीक्षा के लिए  मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह की अध्यक्षता में हुई यूनीफाइड कमांड की बैठक में जिला स्तर पर यूनीफाइड कमांड बनाने का फैसला हुआ। तय हुआ कि फोर्स विकास कार्यों को पहले की तरह सुरक्षा देती रहेगी। बैठक शुरू होते ही बुरकापाल हमले में सुरक्षाबलों में तालमेल की कमी सामने आई तो आंतरिक सुरक्षा सलाहकार और यूनीफाइड कमांड में केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के. विजय कुमार भड़क गए। उन्होंने डीजीपी से जवाब तलब किया। कहा-पड़ोसी राज्यों से तालमेल कर अभियान चलाने कहा गया है, लेकिन पुलिस उनके संपर्क में नहीं रहती। अर्धसैन्य बलों को पूरा सहयोग नहीं मिल रहा। इस पर सीएम भी नाराज हुए। अंदरूनी इलाकों में मोबाइल नेटवर्क न होने की शिकायत पर सीएम ने बीएसएनएल अफसरों को तलब कर खरी-खोटी सुनाई। सुरक्षा बलों की दिक्कतों और उनकी जरूरतों पर चर्चा हुई। समस्याओं की राज्य व केंद्र स्तर की अलग-अलग सूची बनाई गई। बैठक में पहली बार रेलवे के अधिकारियों को भी बुलाया गया था। बैठक में यूनीफाइड कमांड के उपाध्यक्ष गृह मंत्री रामसेवक पैकरा, मुख्य सचिव विवेक ढांड, एसीएस एन बैजेंद्र कुमार, एमके राउत, पीएस अमन सिंह, सचिव सुबोध सिंह, डीजीपी एएन उपाध्याय, स्पेशल डीजी नक्सल ऑपरेशन डीएम अवस्थी, सीआरपीएफ, आरएपी, सीआईएसएफ के डीजी, बीएसएफ के एडिशनल डीजी, एसआईबी, आईटीबीपी, गृह मंत्रालय के डायरेक्टर, आर्मी के कर्नल, एयरफोर्स के एयर कमाडोर, प्रशासन के अफसर उपस्थित थे। सीएम ने कहा कि जिलों में एसपी की अध्यक्षता में यूनीफाइड कमांड बनाएं जिसमें अर्धसैन्य बलों के अफसरों को भी शामिल करें। ताकि केंद्र व राज्य मिलकर इस चुनौती का सामना कर पाएं। सुकमा व बीजापुर में केंद्र व राज्य के जवानों के संयुक्त प्रशिक्षण के लिए जंगलवार स्कूल बनाएं। जहां एक साथ जवानों को 3 दिन विशेष प्रशिक्षण दिया जाए, जिससे तालमेल बढ़े। कहा-सभी सुरक्षा बलों को अपने कार्यक्षेत्र की भौगोलिक जानकारी हो। हथियारबंद नक्सलियों और उनके समर्थकों की पूरी सूचना होनी चाहिए। नक्सल विरोधी अभियानों में कार्यरत सभी अधिकारियों कर्मचारियों को इन अभियानों की वीडियो फुटेज दिखाई जानी चाहिए। उन्होंने नक्सल इलाकों मेंं शिक्षा और विकास की जरूरत पर जोर दिया।

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aaykar

छत्तीसगढ़ में आयकर की टीम ने चार समूहों की जांच में 150 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी है। तीन दिन चली कार्रवाई के बाद ग्रीनवुड होटल और शुक्ला किचन के संचालकों ने छह करोड़ 70 लाख स्र्पए सरेंडर किए हैं। मुख्य आयकर आयुक्त केसी घुमरिया ने बताया कि ग्रीनवुड के दस्तावेजों की जांच चल रही है। विभाग को अनुमान है कि कंपनी ने 15 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी की है। घुमरिया ने बताया कि कंपनी ने आय से ज्यादा निवेश दिखाया है। कैपिटल गेन टैक्स की चोरी के भी दस्तावेज मिले हैं। जमीनों की खरीदी और बिक्री में बड़े पैमाने पर अनियमितता मिली है। उन्होंने बताया कि बिलासपुर के हरिओम ग्रुप में 70 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी गई है। इसमें 48 करोड़ स्र्पए चावल सप्लाई में बोगस बिलिंग के पकड़ में आए हैं। शेयर कैपिटल में 12 करोड़ स्र्पए की टैक्स चोरी की गई है। हरिओर समूह की जांच पूरी हो गई है। हरिओम समूह के संचालकों ने बोगल बिल का कारोबार करने वालों से कोलकाता की कंपनियों से बिल लिए हैं। इन कारोबारियों के खिलाफ आयकर की टीम ने पिछले साल कार्रवाई की थी। इन बिलों की जांच के लिए विभाग ने कोलकाता आयकर की टीम को पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि भगवती स्टील एंड पावर मंे 50 करोड़ की टैक्स चोरी की है। इसकी जांच भी कोलकाता की टीम को सौंपी गई है। सार्थक समूह के संचालक आयकर की टीम को जवाब नहीं दे रहे हैं। घुमरिया ने बताया कि कंपनी के डायरेक्टर विदेश दौरे पर हैं। संभवत: गुस्र्वार को वे रायपुर आ जाएंगे, इसके बाद ही सही जानकारी मिल पाएगी। उन्होंने बताया कि छह-सात करोड़ की फैक्ट्री खरीदी है, जिसके दो एग्रीमेंट भी मिले हैं। शेयर कैपिटल, शेयर प्रिमियम में निवेश के दस्तावेज मिले हैं। समूह के संचालकों का आयकर की टीम ने देर रात तक बयान दर्ज किया। सभी से मुख्य आयकर कार्यालय में जांच चल रही है।  

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aaykar

छत्तीसगढ़ में आयकर की टीम ने चार समूहों की जांच में 150 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी है। तीन दिन चली कार्रवाई के बाद ग्रीनवुड होटल और शुक्ला किचन के संचालकों ने छह करोड़ 70 लाख स्र्पए सरेंडर किए हैं। मुख्य आयकर आयुक्त केसी घुमरिया ने बताया कि ग्रीनवुड के दस्तावेजों की जांच चल रही है। विभाग को अनुमान है कि कंपनी ने 15 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी की है। घुमरिया ने बताया कि कंपनी ने आय से ज्यादा निवेश दिखाया है। कैपिटल गेन टैक्स की चोरी के भी दस्तावेज मिले हैं। जमीनों की खरीदी और बिक्री में बड़े पैमाने पर अनियमितता मिली है। उन्होंने बताया कि बिलासपुर के हरिओम ग्रुप में 70 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी गई है। इसमें 48 करोड़ स्र्पए चावल सप्लाई में बोगस बिलिंग के पकड़ में आए हैं। शेयर कैपिटल में 12 करोड़ स्र्पए की टैक्स चोरी की गई है। हरिओर समूह की जांच पूरी हो गई है। हरिओम समूह के संचालकों ने बोगल बिल का कारोबार करने वालों से कोलकाता की कंपनियों से बिल लिए हैं। इन कारोबारियों के खिलाफ आयकर की टीम ने पिछले साल कार्रवाई की थी। इन बिलों की जांच के लिए विभाग ने कोलकाता आयकर की टीम को पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि भगवती स्टील एंड पावर मंे 50 करोड़ की टैक्स चोरी की है। इसकी जांच भी कोलकाता की टीम को सौंपी गई है। सार्थक समूह के संचालक आयकर की टीम को जवाब नहीं दे रहे हैं। घुमरिया ने बताया कि कंपनी के डायरेक्टर विदेश दौरे पर हैं। संभवत: गुस्र्वार को वे रायपुर आ जाएंगे, इसके बाद ही सही जानकारी मिल पाएगी। उन्होंने बताया कि छह-सात करोड़ की फैक्ट्री खरीदी है, जिसके दो एग्रीमेंट भी मिले हैं। शेयर कैपिटल, शेयर प्रिमियम में निवेश के दस्तावेज मिले हैं। समूह के संचालकों का आयकर की टीम ने देर रात तक बयान दर्ज किया। सभी से मुख्य आयकर कार्यालय में जांच चल रही है।  

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अंबिकापुर

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह मंगलवार को अचानक अंबिकापुर के मैनपाट के पैगा इलाके में पहुंचे। मिली जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री ने यहां लोक सुराज अभियान के तहत पैगा में ग्राम चौपाल भी लगाई और पैगा से परपतिया तक सड़क निर्माण कार्य करने के साथ-साथ पुलिया निर्माण कराने की घोषणा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ग्राम चौपाल में आए ग्रामीणों से शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर भी पूछताछ की। चौपाल में महिलाओं समेत कई बच्चे भी मौजूद थे, जिनसे मुख्यमंत्री रमन सिंह ने सवाल जवाब किए। रमन सिंह ने बताया कि बस्ती के पारा टोला इलाके में जल्द ही विद्युतीकरण का काम किया जाएगा। गौरतलब है कि पैगा और मैनपाल ही अंबिकापुर जिले में ऐसे दूरस्थ गांव हैं, जहां बीते वर्ष उल्टी दस्त के कारण कुछ ग्रामीणों की मौत हो गई थी।

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sharad yadav

रायपुर में  पूर्व केन्द्रीय मंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता शरद यादव ने तीन तलाक के मुद्दे पर मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि पहले हिंदू समाज की बुराई दूर करो, उसके बाद दूसरी तरफ झांको। उन्होंने कहा कि देश में मां, बहन, बेटियों को घरों में कैद करके रखा गया है, इसी वजह से तरक्की नहीं हो रही है। उन्‍होंने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां महिलाओं को पूरी आजादी है, इसी वजह से वह तरक्की कर रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी ने हर साल दो करोड़ नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन तीन साल में कितनों को नौकरी मिली? उन्होंने कहा कि जो सरकार वादा पूरा न करे उसे बदल देना चाहिए। यादव छत्तीसगढ़ के प्रवास पर रायपुर पहुंचे हैं। राजधानी स्थित छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के सभागार में रविवार को आयोजित व्याख्यान में यादव ने आदिवासियों की खराब स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में 11 करोड़ आदिवासी हैं। सारी खनिज संपदा उनका है, जिसे लोग हथियाने की कोशिश कर रहे हैं। यादव ने राज्य सरकार पर भी हमला बोला। यादव ने कहा कि आदिवासियों की सबसे ज्यादा तबाही छत्तीसगढ़ में हुई है और उसका भी ठिकाना बस्तर है। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का पानी उद्योग ले जा रहे हैं। 10 साल से ज्यादा यहां रमन सिंह की सरकार है और सबसे ज्यादा जवान यहीं शहीद हो रहे हैं। यादव ने कहा कि हिन्दू धर्म में कोई अंदर आ ही नहीं सकता, केवल जा सकता है। कोई हिन्दू बनना चाहेगा तो किस जाति में शामिल होगा? कोई अपनी जाति में शामिल नहीं होने देगा। यादव ने कहा कि देश को गोली से नहीं, बोली से चलाना चाहिए।  

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दो हार्डकोर नक्सली गिरफ्तार

दंतेवाड़ा में  इंद्रावती नदी पार नक्सलियों के माड़ डिवीजन में सक्रिय रूप से कार्य करने वाले दो लाख के इनामी प्लाटून सदस्य सहित दो नक्सलियों को बारसूर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ये लोग दैनिक जरूरत के सामान खरीदी के लिए बारसूर साप्ताहिक बाजार पहुंचे थे। गिरफ्तार दोनों नक्सली कमांडर मल्लेश के साथ 2013 से कार्य कर रहे थे। नारायणपुर के ग्राम मोड़ोनार ओरछा निवासी बागलू पिता फले अलामी तथा कोपाराम पिता सोनाराम नेताम को पुलिस ने बारसूर बाजार से गिरफ्तार किया है। मुखबिर की सूचना पर सीआरपीएफ और जिला बल ने घेराबंदी कर इन्हें गिरफ्तार किया। बताया गया कि गिरफ्तार बागलू अलामी नक्सलियों के प्लाटून नंबर 16 का सक्रिय सदस्य है। वह 2013 में संगठन से जुड़कर नक्सली माड़ क्षेत्र के कमांडर मल्लेश के साथ काम कर रहा था। जबकि कोपाराम जनमिलिशिया सदस्य के रुप में नक्सलियों के लिए काम करता था। पूछताछ में कोपाराम ने बताया कि वह नक्सलियों के मीटिंग में ग्रामीणों को बुलाने, बेनर-पोस्टर लगाने, भोजन व्यवस्था करने की जिम्मेदारी संभाल रखी थी। दोनों ही शुक्रवार को सामान खरीदने के लिए बारसूर बाजार पहुंचे थे। एएसपी नक्सल आपरेशन जीएन बघेल ने बताया कि गिरफ्तार नक्सली में बागलू अलामी पर दो लाख रुपए का इनाम घोषित था। दोनों नक्सली माड़ डिवीजन के इंद्रावती एरिया कमेटी में सक्रिय थे। कार्रवाई में थाना बल के साथ सीआरपीएफ 195वीं बटालियन का सहयोग रहा।  

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दोरनापाल- जगरगुंडा

दोरनापाल से जगरगुंडा तक 56 किलोमीटर की सड़क पिछले चार दशक से सरकार के लिए चुनौती बनी हुई है। इसका निर्माण चल रहा है। कभी वनोपज का केंद्र और उप तहसील मुख्यालय रहे जगरगुंडा में अब कंटीले तारों से घिरा एक सलवा जुडूम कैंप है। तारों के पार मौत का सामान लेकर नक्सली खड़े रहते हैं। जगरगुंडा को दुनिया से जोड़ने के तीन रास्ते हैं, जिनमें से दो पर बम बिछे हैं और तीसरे पर जब चाहे तब नक्सली एंबुश लगाकर जवानों को शहीद कर देते हैं। यानी नक्सलवाद ने इसे टापू बना दिया है। इसी रास्ते पर 2010 में अब तक की सबसे बड़ी नक्सल वारदात हुई थी, जिसमें सीआरपीएफ के 76 जवान शहीद हुए थे। जगरगुंडा सड़क निर्माण को सुरक्षा दे रहे सीआरपीएफ के 25 जवानों की सोमवार को शहादत के बाद एक बार फिर यह सड़क सुर्खियों में है। इससे पहले बासागुड़ा की तरफ सड़क निर्माण सुरक्षा में लगे 24 जवान अलग- अलग हमलों में शहीद हुए हैं। जगरगुंडा से बीजापुर के बासागुड़ा तक, दंतेवाड़ा के अरनपुर तक और सुकमा के दोरनापाल तक तीन रास्ते हैं। दोरनापाल-जगरगुंडा 56 किमी सड़क पर कई घटनाएं हो चुकी हैं। 2008 में मुकरम के पास नक्सलियों ने सड़क काट दी थी। जगरगुंडा से एक पार्टी थानेदार हेमंत मंडावी के नेतृत्व में गड्ढा पाटने निकली और नक्सलियों के एंबुश में फंस गई। इसमें 12 जवानों ने शहादत दी। सड़क के लिए कई बार टेंडर निकाला गया, लेकिन कोई ठेकेदार सामने नहीं आया। डीजी नक्सल ऑपरेशन तथा पुलिस हाउसिंग बोर्ड के एमडी डीएम अवस्थी ने बताया कि अब पुलिस खुद सड़क बना रही है। बासागुड़ा और अरनपुर की ओर से आवा-जाही चार दशक से बंद है। दोरनापाल से एकमात्र रास्ता है जो जगरगुंडा तक जाता है। 2007 में जगरगुंडा में सलवा जुडूम कैंप खुलने के बाद नक्सलियों ने चिंतलनार के आगे 12 किमी मार्ग पर सभी पुल उड़ा दिए। बासागुड़ा और दोरनापाल दोनों ओर से जगरगुंडा सड़क बन रही है। बस्तर में कोंटा के मरईगुड़ा से भेज्जी, चिंतागुफा, जगरगुंडा, किरंदुल, दंतेवाड़ा, बारसूर, नारायणपुर, अंतागढ़ होते हुए राजनांदगांव में एनएच तक करीब 4 सौ किमी सड़क ऐसी है, जिसका अधिकांश हिस्सा नक्सलियों के कब्जे में है। भेज्जी में इसी सड़क पर बन रहे पुल की सुरक्षा में लगे जवानों पर 11 मार्च को हमला किया गया था, जिसमें 12 जवान शहीद हुए थे। बस्तर में सरकार एक हजार किमी लंबाई की 27 सड़कें बना रही है। बीजापुर से बासागुड़ा तक 52 किमी सड़क बन चुकी है। बीजापुर-गंगालूर 22 किमी सीसी सड़क बनाई गई है। इस साल केंद्रीय बजट में बस्तर के नक्सल इलाकों में 556 किमी सड़कों के लिए अलग से राशि मिली है। इससे नक्सली बेचैन हैं। नक्सली कहते हैं कि हमारे इलाके में किसी के पास साइकिल तक नहीं है। यहां सड़क की क्या जरूरत। सरकार सड़क इसलिए बना रही है ताकि यहां बड़ी कंपनियां आ पाएं और बस्तर के संसाधनों को लूट सकें। बीजापुर जिले में आवापल्ली-जगरगुंडा सड़क पर सीआरपीएफ के 24 जवानों ने शहादत दी है। दंतेवाड़ा जिले में अरनपुर-जगरगुंडा मार्ग पर सुरक्षा में तैनात एक जवान का पैर नक्सलियों के बिछाए प्रेशर बम की चपेट में आ गया। इसमें जवान की जान चली गई। बीजापुर जिले में भैरमगढ़ से बीजापुर तक एनएच 63 के निर्माण के दौरान नक्सलियों ने 13 बार ब्लॉस्ट किया। इन घटनाओं में 2 जवान शहीद हुए। बीजापुर में ही बासागुड़ा से तर्रेम तक 12 किमी सड़क निर्माण के दौरान कई बार आईईडी ब्लॉस्ट किया गया। दो जवान शहीद और कई घायल हुए।  गीदम से भैरमगढ़ के बीच सड़क निर्माण के दौरान पुंडरी के पास ब्लॉस्ट हुआ। इसमें सीएएफ का एक जवान शहीद हुआ। बीजापुर के मिरतुर मार्ग के निर्माण में सीएएफ के एक सहायक कमांडेंट शहीद हुए।  

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raman singh

  मुख्यमंत्री रमन सिंह ने सुकमा जिले में नक्‍सली हमले पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा है कि ऐसी घटनाओं से जवान पीछे नहीं हटेंगे। दिल्ली दौरा अधूरा छोड़कर लौटे सीएम ने मीडिया को इस पूरे हमले का विवरण देते हुए मारे गए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि घायल जवानों का बेहतर उपचार किया जाएगा। इस हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 26 जवान मारे गए हैं। सीएम ने कहा कि यह हमला नक्सलियों की कायरता का प्रतीक है। हमारे जवान उस क्षेत्र में काम करते रहेंगे और अपने कदम पीछे नहीं खीचेंगे। रमन सिंह ने कहा कि सुकमा और दोरनापाल नक्‍सलियों की मौजूदगी की दृष्टि से काफी संवेदनशील है। यहां सुरक्षाबलों पर खासा दबाव रहता है। नक्सली जानते हैं कि क्षेत्र में सड़क बन जाने से उनकी कमर टूट जाएगी इसलिये वे इस तरह के हमलों को अंजाम देते हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना काफी गंभीर है। हम सब शहीदों के परिजनों के साथ हैं। आने वाले समय में हमारे जवानों को और सतर्क रहकर काम करना होगा। नक्सलियों के खिलाफ हम अब सबसे बड़ी लड़ाई लड़ रही हैं।  

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raman singh

नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ में कौशल उन्नयन  और स्वच्छ भारत मिशन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने प्रजेंटेशन दिया। मुख्यमंत्री ने विजन डाक्यूमेंट 2030 के तहत सरकार के पांच सूत्रीय एजेंडे में बताया कि सरकार का फोकस गरीबी निवारण और भूख से मुक्ति के साथ पोषण पर है। पंचायतों को मजबूत करने, सभी को स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, सबको साफ पानी उपलब्ध कराने और अधोसंरचना मजबूत करने पर जोर है। नीति आयोग की शासी परिषद (गवर्निंग काउंसिल) की बैठक में डॉ. रमन ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र के 20 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया और अब उनके सामने रोजगार का संकट नहीं है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत छत्तीसगढ़ में स्वच्छता का कवरेज बढ़कर 84 प्रतिशत हो गया है और 2 अक्टूबर 2017 तक छत्तीसगढ़ खुले में शौच से मुक्त राज्य बन जाएगा। उन्होंने दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में इंटरनेट और मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ाने की भी कार्ययोजना बताई। उन्होंने प्रधानमंत्री से बेसलाइन सर्वेक्षण में राज्य में अनुपयोगी शौचालयों को उपयोगी बनाने के लिए स्वच्छ भारत कोष के तहत राशि स्वीकृत करने की मांग की।  मुख्यमंत्री ने देश के लिए एक कर नीति का समर्थन करते हुए कहा कि जीएसटी के क्रियान्वयन में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। सुझाव दिया कि जीएसटीएन द्वारा तैयार ई-पोर्टल को व्यवसायियों के लिए सुगम और सरल बनाया जाए।  

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डॉ. रमन सिंह

  भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में सीएम डॉ. रमन सिंह ने 'बैक टू बूथ' का नारा दिया। बैठक के दूसरे दिन उन्होंने कहा कि चौथी पारी के लिए कार्यकर्ताओं को दौड़ना होगा। पहली 3 रेस मेरे नाम पर जीत ली गई, लेकिन अब 400 मीटर दौड़ जीतना चुनौती है। इसे कार्यकर्ता ही लांघ सकते हैं। कम से कम एक साल के लिए कमीशन छोड़ दो, 30 साल तक बीजेपी सरकार को कोई हिला नहीं पाएगा। यदि करोड़ों खर्च कर पुल बनाते हैं और वह गिर जाए तो ये गुड गवर्नेंस नहीं कहलाएगा। सरकारी योजनाओं से नहीं सुशासन से वोट बैंक बढ़ेगा। डॉ. सिंह ने बताया कि पं. दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी वर्ष में विशेष लोगों वाले लेटरहेड छपवाए जाएंगे, जिनका इस्तेमाल सांसद से लेकर जनपद तक होगा। सौदान सिंह ने कहा कि भाग्य के भरोसे बार-बार जीत नहीं मिलती। इस बार जीतना है तो मेहनत करनी होगी। लोकसुराज की तर्ज पर कार्यकर्ताओं के लिए अभियान चलाना होगा। संगठन पदाधिकारी गांव-गांव जाकर उनकी समस्याएं सुलझाएं और नाराजगी दूर करें।  

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आईएसआई नेटवर्क

  आईएसआई नेटवर्क के मास्टर माइंड रज्जन तिवारी का सहयोगी मनींद्र के साथ ही उसके भाई धर्मेंद्र की भी मिलीभगत सामने आ रही है। बिलासपुर पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने अपने भाई के दिल्ली में रहने व एटीएम के जरिए रकम निकालकर आईएसआई तक पहुंचाने की बात कही है। मंगलवार को पुलिस ने पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा की जांच की, जिसमें 5 लाख रुपए ट्रांजेक्शन का खुलासा हुआ है। शनिवार को पुलिस ने शहर के साथ ही जांजगीर-चांपा के अकलतरा में आईएसआई नेटवर्क का खुलासा किया था। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपी मनींद्र यादव व संजय देवांगन को गिरफ्तार किया। उनके बैंक खातों से पिछले तीन साल में लाखों रुपए लेनदेन हुआ है। पाकिस्तानी जासूस सतविंदर से उसका कनेक्शन मिला है। दरअसल जम्मू-कश्मीर के आरएसपुरा थाने में सतविंदर के साथ ही आरोपी संजय के खिलाफ भी देशद्रोह का अपराध दर्ज है। जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच व खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर ही मध्यप्रदेश एटीएस ने सतविंदर से जुड़े आईएसआई नेटवर्क का खुलासा बीते फरवरी माह में भोपाल में किया था। सतविंदर का तार आईएसआई नेटवर्क के रूप  में सतना के आदतन अपराधी रज्जन उर्फ राजीव तिवारी से जुड़े थे। मध्यप्रदेश एटीएस ने इस मामले में आधा दर्जन से अधिक युवकों को गिरफ्तार किया। एटीएस की जांच में खुलासा हुआ कि रज्जन तिवारी आईएसआई नेटवर्क का मास्टर माइंड है। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा में उसके  मामा का घर है। लिहाजा तीन साल पहले 2014 में वह अकलतरा आया था। उसी समय अपने ममेरा भाई अवधेश दुबे, संजय देवांगन व मनींद्र को रकम का लालच देकर बैंक खाता खुलवाया था। रज्जन के कहने पर ही इनके द्वारा रकम को दूसरे खातों में जमा कराया जाता था। पुलिस ने आरोपी मनींद्र व संजय को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है। आरोपी मनींद्र से पूछताछ में पता चला है कि उसका भाई धर्मेंद्र भी इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। वह ट्रेनिंग के सिलसिले में दिल्ली गया था। उस समय वह आईएसआई नेटवर्क के संपर्क में था। उसने एटीएम के जरिए रकम निकालकर आईएसआई नेटवर्क को उपलब्ध कराया था। पुलिस इस मामले में अब धर्मेंद्र की भी पतासाजी कर रही है। मंगलवार को पुलिस ने सुविधा काम्प्लेक्स स्थित पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा से नैला-जांजगीर शाखा के अकाउंट की जानकारी निकाली, जहां आरोपी मनींद्र व संजय का बैंक खाता है। उनके पीएनबी खाते में भी तीन साल के भीतर करीब 5 लाख रुपए ट्रांजेक्शन होने की जानकारी मिली है। सिविल लाइन टीआई नसर सिद्दिकी ने बताया कि आरोपियों से मिले बैंक अकाउंट की जानकारी खंगाली जा रही है। लेकिन प्रारंभिक जांच में बैंक प्रबंधन भी यह नहीं बता पा रहे हैं कि रकम किसने जमा कराया है। इसी तरह जिन खातों में रकम जमा की गई है उन खाताधारकों की पूरी जानकारी भी नहीं मिल पाई है। उन्होंने बताया कि बैंकों में कोड नंबर के आधार पर शाखाओं में काम होता है। लिहाजा पुलिस ने बैंक से संबंधित कोड नंबर के साथ ही खाताधारकों की विस्तृत जानकारी मांगी है। सिविल लाइन पुलिस ने दोनों आरोपी मनींद्र व संजय को गिरफ्तार करने के बाद रविवार को कोर्ट में पेश किया। इस दौरान उन्हें पूछताछ के लिए 4 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया। इस बीच पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर जानकारी जुटाती रही।   

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मुख्यमंत्री रमन सिंह

मुख्यमंत्री रमन सिंह आज रायगढ़ में प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में हिस्‍सा लेने के लिए पहुंचे हैं। इस बैठक की अध्‍यक्षता प्रदेश भाजपा अध्‍यक्ष कर रहे हैं। मुख्‍यमंत्री रमन सिंह के पहुंचते ही यह साफ हो गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फरमान के असर दिख रहा है क्‍योंकि वो जिस काफिले के साथ पहुंचे उसमें लालबत्‍ती की गाड़ी शामिल नहीं थी। इसके बाद बैठक शुरू होते ही मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने लालबत्ती में आए मंत्रियों को पहला झटका दिया। उन्‍होंने कहा कि जो भी मंत्री लालबत्‍ती में बैठक में हिस्‍सा लेने आए हैं वो जब वापस जाएं तो उसे यहीं छोड़ जाएं। इस बैठक में कई अहम फैसले लेने के संंकेत दिए जा रहे है। सरकार आगे किस प्रकार शराबबंदी जैसे मुद्दों से निपटेगी इसकी रूप रेखा पर भी विचार किया जा सकता है।  

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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के बेरोजगार युवाओं के लिए अगले साल की शुरुआत में नौकरियों का पिटारा खुलेगा। चुनावी साल में सरकार युवाओं को लुभाने के लिए बड़े पैमाने पर सरकारी नौकरियों में भर्ती करने की तैयारी कर रही है। अनुमान के मुताबिक प्रदेश में कनिष्ठ स्तर के करीब 10 हजार पद खाली पड़े हैं। मध्यप्रदेश के जमाने से जिन पदों को नहीं भरा गया है उन पदों पर भी अब नई नियुक्तियां की जाएंगी। सहायक ग्रेड-3 से लेकर प्रयोगशाला सहायक और वेटनरी फील्ड असिस्टेंट जैसे पदों पर अवसरों की भरमार होने की संभावना मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी बता रहे हैं। जीएडी ने प्रदेश के सभी सरकारी विभागों से रिक्त पदों की जानकारी मांगी है। इन सभी पदों के लिए संयुक्त अर्हता परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा में क्वालीफाई करने वालों को चुनाव के ऐन पहले नौकरी मिल जाएगी। प्रदेश में पिछले कुछ सालों से संविदा में नियुक्तियां ही होती रही हैं। वन विभाग, पीडब्ल्यूडी, पीएचई और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों में चतुर्थ श्रेणी के पदों पर दैनिक वेतनभोगियों से काम चलाया जा रहा है। अब इन पदों पर स्थाई नियुक्ति का मन सरकार ने बना लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने विभागवार रिक्तियों की जानकारी भी मांगी है। खेल विभाग ने भी खेल कोटे से किन विभागों में कितने पद रिक्त हैं, इसकी जानकारी मांगी है। सभी विभागों में रिक्त पद चुनाव से पहले भरे जाएंगे। अफसरों ने बताया कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ कनिष्ठ सेवा परीक्षा का आयोजन करेगी। इसमें सफल उम्मीदवारों को विभागों में रिक्त विभिन्न पदों पर उनकी योग्यता के मुताबिक नौकरी दी जाएगी। व्यावसायिक परीक्षा मंडल इस परीक्षा का आयोजन करेगा और अंतिम सूची जारी करेगा। मंडल पात्र अभ्यर्थियों के नाम सभी विभागों, संस्थाओं, निगमों, आयोग, स्वायत्तशासी निकाय, सोसाइटी, सहकारी बैंकों को भी सफल उम्मीदवारों के नाम भेजेगा। समूह-1- सहायक संचालक मंडी, सचिव-अ, बी प्रमाणीकरण अधिकारी, बीज रोग विशेषज्ञ, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी। सहायक सांख्यिकी अधिकारी, वरिष्ठ अनुसंधान सहायक, मेडिकल सोशल वर्कर, प्रबंधक, अधीक्षक सह लेखापाल आदि। समूह-2- सहायक कृषि विस्तार अधिकारी, सहायक उद्यान विकास अधिकारी, भू संरक्षण अधिकारी, भू संरक्षण सर्वे अधिकारी, प्रक्षेत्र विस्तार अधिकारी, वरिष्ठ उत्पादन सहायक, मंडी निरीक्षक, मंडी सचिव। कनिष्ठ अंकेक्षक, सहायक संपरीक्षक, लेखापाल, ऑडिटर। प्रयोगशाला तकनीशियन, सेम्पलर, रसायनज्ञ, बायोकेमिस्ट, कनिष्ठ रेशम निरीक्षक, डायटीशियन, औषधि निरीक्षक, ग्राम सुरक्षा अधिकारी,कम्प्यूटर प्रोग्रामर, श्रम निरीक्षक, सहायक जन संपर्क अधिकारी, सहायक ग्रेड-1 आदि। समूह-3- उप अभियंता मैकेनिकल, सिविल, विद्युत, यांत्रिक सहायक, राजस्व निरीक्षक, वरिष्ठ भूमापक, सर्वेयर, सहायक मानचित्रकार आदि। समूह-4- सहायक ग्रेड-3, स्टेनो टाइपिस्ट, आशुलिपिक, शीघ्रलेखक, आईटी ऑपरेटर, स्टोर कीपर, पंजीयन लिपिक, डाटा इंट्री ऑपरेटर, इलेक्ट्रीशियन, कैशियर, निज सचिव आदि। समूह-5- लैब टेक्नीशियन चिकित्सा, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी, नर्स, लैब असिस्टेंट, रेडियोग्राफर, ड्रेसर, सहायक स्टीवर्ड, ईसीजी टेक्नीशियन, मॉडलर, फिजियोथेरेपिस्ट आदि। समूह-6- कर्मशाला निदेशक, कुशल सहायक, तकनीकी सहायक, डिमांस्ट्रेटर, मेंटेनेंस तकनीशियन, जूनियर इंस्ट्रक्टर, प्रयोगशाला परिचारक आदि। जीएडी ने सभी विभागों से कहा है कि 30 सितंबर से पहले व्यावसायिक परीक्षा मंडल को मांगपत्र भेज दें। ऐसे पदों को भी शामिल करने को कहा गया है जो अगले साल रिक्त होने वाले हैं। संयुक्त अर्हता परीक्षा अब हर साल आयोजित की जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव एमआर ठाकुर ने कहा कि कनिष्ठ सेवाओं में भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ कनिष्ठ सेवा भर्ती परीक्षा हर साल आयोजित की जाएगी। विभागों से रिक्त पदों की जानकारी मांगी गई है।  

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सहकारी बैंक घोटाला

बिलासपुर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में खरीफ फसल के लिए विभिन्न् समितियों में खाद परिवहन के नाम पर 25 करोड़ स्र्पए का घोटाला सामने आया है। बैंक प्रबंधन ने परिवहन के लिए बगैर टेंडर जारी किए चहेतों को काम दे दिया। समितियों में खाद आपूर्ति के एवज में ट्रांसपोर्टरों द्वारा जारी मनमुताबिक बिल को विपणन अधिकारी ने पास भी कर दिया। स्पेशल ऑडिट टीम ने बीते पांच वर्ष के दौरान खाद परिवहन के नाम पर 25 करोड़ रुपए की गड़बड़ी का खुलासा किया है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अंतर्गत बिलासपुर,मुंगेली,जांजगीर-चांपा व कोरबा जिले को शामिल किया गया है। खरीफ फसल के दौरान बैंक की विभिन्न् समितियों में पंजीकृत किसानों को बैंक द्वारा खाद व बीज के लिए कर्ज दिया जाता है। खाद व बीज के अलावा किसानों को खेती किसानी के लिए नगद ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है। कृषि विभाग के कैलेंडर के अनुसार प्रदेश में 15 जून से मानसून की शुरुआत हो जाती है। इसके पूर्व समितियों के गोदामों में खाद व बीज का भंडारण कर लिया जाता है। राज्य शासन की व्यवस्था पर नजर डालें तो सहकारी संस्थाओं के प्रदेशभर के गोदमों में खाद व बीज भंडारण के लिए टेंडर जारी करना अनिवार्य है। निविदा जारी कर परिवहनकर्ताओं को आमंत्रित किया जाना है। निविदा प्रपत्र में किस समिति के किस गोदाम में खाद व बीज का भंडारण करना है इसका स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा। इसके अलावा जिला कार्यालय से दूरी का जिक्र करना भी जरूरी है। दूरी के अलावा शासन द्वारा प्रति किलोमीटर दर की घोषणा बैंक द्वारा करना होगा। इसी आधार पर परिवहनकर्ताओं से निविदा बुलाई जाएगी। इसके बाद टेंडर खोला जाएगा। सबसे कम रेट वाले परिवहनकर्ताओं को गोदामों में खाद व बीज भंडारण के लिए वर्कआर्डर जारी किया जाएगा। इसके बाद ही ट्रांसपोर्टर भंडारण का काम शुरू करेंगे। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में बीते पांच वर्षों से खाद व बीज भंडारण के लिए तय नियमों का पालन ही नहीं किया जा रहा है। चहेते ट्रांसपोर्टरों को काम देकर संबंधित अधिकारियों ने शासन को लाखों का चूना लगा दिया है। बिना टेंडर मुंहजुबानी गोदामों में खाद व बीज का भंडारण करा लिया। इसका खुलासा विशेष ऑडिट टीम की जांच में हुआ है। आश्चर्य की बात है कि वर्ष 2012 से 2016 के बीच बिना टेंडर बैंक के अंतर्गत आने वाले चारों जिलों की समितियों में खाद व बीज भंडारण के लिए ट्रांसपोर्टरों को बिना टेंडर काम दे दिया गया है। जांच दल में शामिल एक आला अधिकारी के अनुसार एक वर्ष में परिवहन के नाम पर चारों जिले में तकरीबन पांच करोड़ स्र्पए का घोटाला किया है। पांच वर्ष में 25 करोड़ का घोटाला सामने आया है। बगैर टेंडर जारी किए ट्रांसपोर्टरों को खाद व बीज भंडारण का काम देने के बाद ट्रांसपोर्टरों ने समितियों में भंडारण किया। उसके बाद बैंक के विपणन अधिकारी के समक्ष बिल पेश कर दिया। बगैर किसी मापदंड के बैंक के आला अफसराें के इशारे पर विपणन अधिकारी ने बिल पास कर दिया। ट्रांसपोर्टरों ने संबंधित ब्रांच में बिल जमा कर दिया। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के विपणन अधिकारी द्वारा पास बिल के एवज में ब्रांच मैनेजरों ने खाद व बीज भंडारण के एवज में ट्रांसपोर्टरों को बगैर पतासाजी किए बिल का भुगतान भी कर दिया । राज्य शासन द्वारा तय किए गए मापदंड के अनुसार समितियों में पंजीकृत किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार स्र्पए का कर्ज दिया जाता है। इसमें 6 हजार स्र्पए का खाद व बीज व 9 हजार स्र्पए कृषि कार्य के लिए नगद दिया जाता है। खाद के रूप में किसानों को यूरिया,डीएपी,सुपर फास्फेट व पोटाश का विकल्प दिया जाता है। लिमिट के अनुसार किसान अपने मनमुताबिक खाद ले सकते हैं। बीते पांच वर्ष के दौरान बैंक की विभिन्न् समितियों में खाद व बीज परिवहन के संबंध में परिवहनकर्ताओं को जारी किए गए बिल संबंधी फाइल गायब कर दी गई है। विशेष जांच दल द्वारा फाइलों के संबंध में बैंक प्रबंधन को लगातार नोटिस जारी किया है। इसके बाद भी फाइल जांच दल के हवाले नहीं की जा रही है। उप पंजीयक, सहकारी संस्थाएं केएल ढारगवे ने बताया राज्य शासन के निर्देश पर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के कामकाज को लेकर विशेष ऑडिट की जा रही है। इसके लिए अलग-अलग बिंदु तय किए गए हैं। जांच के दौरान बीते पांच वर्ष के दौरान खाद व बीज परिवहन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। जांच जारी है।  जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर के सीईओ अभिषेक तिवारी का कहना है विशेष ऑडिट टीम द्वारा बैंक के कामकाज को लेकर जांच की जा रही है। खाद व बीज परिवहन के संबंध में फाइल मांगी है। तत्कालीन विपणन अधिकारी को फाइल उपलब्ध कराने नोटिस जारी किया गया है। प्रथमदृष्टया बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जानकारी मिली है।   

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वीरेन्द्र सिंह धनोवा

भारतीय वायुसेना प्रमुख वीरेन्द्र सिंह धनोवा ने बस्तर दौरे पर हवाईमार्ग से संभाग मुख्यालय जगदलपुर पहुंचे। उन्होंने बस्तर में कार्यरत वायु सेना के जवानों से मुलाकात कर उनका हौसला बढाया । करीब 1 घंटे श्री धनोवा ने डीआरडीओ रेस्ट हाउस मे अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। वन विभाग कंपाउंड स्थित वायु सेना के रेडियो हॉउस में जिला और पुलिस प्रशासन के अधिकारी इस दौरान मौजूद थे। कलेक्टर बस्तर अमित कटारिया,आईजी विवेकानंद,डीआईजी सुन्दर राज पी, अपर कलेक्टर हीरालाल नायक आदि सहित अन्य अधिकारियो से चर्चा कर उन्होंने नक्सली अभियान की जानकारी ली।उन्होंने बोधघाट वायु सेना गरूण बटालियन में जवानों के साथ दोपहर का भोजन भी किया।  

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बाल-बाल बची मंत्री रमशीला

धमतरी के नगरी के श्रृंगी ऋषि खेल मैदान में रविवार को साहू समाज के सामूहिक विवाह के दौरान दोपहर 12 बजे तेज हवा से पंडाल गिर गया। मंच का पंडाल सबसे पहले गिरा। तब मंच पर मौजूद महिला एवं बाल विकास मंत्री रमशीला साहू, सिहावा विधायक श्रवण मरकाम, पूर्व विधायक लेखराम साहू, साहू समाज के प्रदेशाध्यक्ष विपिन साहू, जिलाध्यक्ष दयाराम साहू समेत अन्य लोग बाल-बाल बचे। हादसे में 18 लोग घायल हो गए। तेज हवा से पंडाल का एक हिस्सा गिरने से अफरा-तफरी मच गई, लोग भागने लगे। पंडाल में विवाह के लिए 51 जोड़े समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे। पंडाल गिरन से एक दुल्हन व एक दूल्हा समेत 18 लोग घायल हो गए। एक बच्चे और एक महिला की सिर में चोट लगी है। घायलों को नगरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। हादसे के दौरान मंत्री रमशीला साहू व विधायक श्रवण मरकाम की गाड़ी पंडाल का रॉड गिरने से क्षतिग्रस्त हो गईं। दुर्घटना के बाद मंत्री, विधायक अन्य जनप्रतिनिधि व साहू समाज के पदाधिकारियों ने अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल लिया। घटना के बाद पंडाल को व्यवस्थित करा आदर्श विवाह करवाया गया। हादसे के बाद कुछ जोड़े लौट गए थे। इस संबंध में साहू समाज के प्रदेशाध्यक्ष विपिन साहू का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के कारण घटना हुई। पंडाल लगाने में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई।  घायल -छेरकीन बाई (62) सेमरा, सुमन साहू (11) छिपली, यमुना निषाद (34) कोड़मुड़पारा, सुशीला साहू (53) सांकरा, मोहन साहू (65) नगरी, नीराबाई (34) पंडरीपानी, उर्मिला साहू (44) नगरी, सुलोचना मानिकपुरी (40) रानीगांव, कमला मानिकपुरी (70) रानीगांव, लताबाई साहू (36) अमाली, सुमिता साहू (15) नवागांव, पुष्पा साहू (5) अधारी नवागांव, कुंती साहू (45)सेमरा, राधिका साहू (23) सिहावा, महेश्वरी गुप्ता नगरी, अमृतबाई (45) मोदे, पनकीनबाई नेताम (25) सोनामगर, सरोज कुमार साहू (46) फरसियां।  

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श्रद्धालु मौत की मौत

  कांकेर के पखांजूर में बंग समुदाय के धार्मिक आयोजन खजूर भांगा में भीड़ के सामने धार्मिक स्टंट करते एक युवक की खजूर पेड़ से गिरने से मौत हो गई। लगभग 50 फीट ऊंचे खजूर के पेड़ में चढ़ने के बाद श्रद्धालु विनोद ढाली का हाथ छूट गया जिससे विनोद नीचे गिर पड़ा। और अस्पताल ले जाने के पहले युवक की मौत हो गई। मृतक विनोद पीव्ही 21 दुर्गापुर का निवासी बताया जा रहा। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। दरअसल चैत मांग में एक माह उपवास रहने के बाद खजूर पेड़ में प्रतिवर्ष शिव पूजन और नील पूजन का आयोजन होते आया है। इस दौरान काफी संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। इस कला में पारंगत युवक बिना किसी सहारे 50 फीट नीचे खजूर के पेड़ में चढ़ते हैं । ऐसी मान्यता है कि खजूर के कांटे नहीं चुभते, पेड़ में चढ़ने के बाद श्रद्धालु पहले तो नृत्य करते हैं और उपर से खजूर तोड़ तोड़कर नीचे फेंकते हैं। जिसे नीचे बैठी भीड़ प्रसाद मानकर अपने-अपने घर ले जाती है मगर आज खजूर भांगा में श्रद्धालु विनोद को इतनी ऊंचाई से गिरने की उम्मीद नहीं थी, भीड़ के सामने तड़पते विनोद को अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज होने से पहले ही विनोद दम तोड़ दिया।  

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दंतेवाड़ा   इंद्रावती नदी

दंतेवाड़ा में  इंद्रावती नदी के पार के गांवों के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने इस महीने से बाइक एंबुलेंस की सुविधा शुरु होगी। बाइक एंबुलेंस इंद्रावती पार के पाहुरनार, चेरपाल, बडेकरका जैसे दूरस्थ गांव से मरीजों को लेकर बारसूर पीएचसी पहुंचेगी। जहां 10 बिस्तरा हॉस्पिटल में मरीजों का उपचार होगा और जरूरत पड़ी तो जिला हॉस्पिटल रिफर किया जाएगा। यह जानकारी शुक्रवार को इंद्रावती नदी तट पर बसे नक्सल प्रभावित गांव छिंदनार में कलेक्टर ने ग्रामीणों को दी। लोक सुराज अभियान के तहत शुक्रवार को गीदम ब्लॉक के दूरस्थ गांव छिंदनार में प्रशासनिक अमला पहुंचा था। यहां लोगों की समस्याओं का समाधान करते सुविधाएं उपलब्ध कराने की जानकारी अधिकारियों ने दी। ग्रामवार जानकारी कलेक्टर सौरभ कुमार ने अधिकारी और ग्रामीणों से ली। ग्रामीणों ने पेयजल की समस्या को प्रमुखता से रखा। जिन बसाहटों में पेयजल की समस्या है वहां त्वरित कार्रवाई कर हैंडपंप की व्यवस्था करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए। कौरगांव के ग्रामीणों ने बताया कि यहां सात पारा हैं और केवल 13 हैंडपंप हैं। इस पर कलेक्टर ने कवासी पारा और चुटकोंटा पारा में हैंडपंप कराने के निर्देश पीएचई को दिए। कलेक्टर ने आंगनबाडी के लिए भवन निर्माण की स्वीकृति भी दी। कौरगांव के ही गुफापारा में सोलर हैंडपंप लगाने के निर्देश दिए ताकि लाल पानी की समस्या से भी गुफा पारा के लोगों को मुक्ति मिल सके। कौरगांव के लोगों ने बताया कि बिजली केवल एक पारा में ही है इस पर कलेक्टर ने बताया कि शेष पारा में बिजली का कार्य स्वीकृत हो चुका है। बारिश के बाद काम आरंभ हो जाएगा। यहां मडकामीपारा में गोइंदर नाले को बांधने के निर्देश भी कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को दिए। पाहुरनार में रोड कनेक्टिविटी पर रिपोर्ट देने भी अधिकारियों को निर्देशित किया। छिंदनार में बाजार स्थल में शेड तथा सोलर पंप की मांग कलेक्टर ने स्वीकृत की। कलेक्टर ने कहा कि जिन गांवों में राजीव गांधी सेवा केंद्र स्वीकृत हो गए हैं वहाँ निर्माण कार्य शीघ्र आरंभ कराएँ। सीईओ डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि जिन हितग्राहियों का नाम एसईसीसी की सूची में हैं उन्हें शीघ्रताशीघ्र प्रधानमंत्री आवास योजना एवं उज्ज्वला योजना का लाभ दिया जाएगा। पेयजल की समस्या प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश पीएचई विभाग को दिए गए हैं। ग्राम पंचायत चौदहवें वित्त की मदद से भी पेयजल संबंधी छोटे-मोटे कार्य करा सकते हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला नाग ने छिंदनार की श्रीमती रायमती को परिवार सहायता योजना के 20 हजार रुपए का चेक भी प्रदान किया। साथ ही कासोली सरपंच श्रीमती मलिका अटामी एवं छिंदनार सरपंच श्रीमती बुधरी नेताम को देवगुडी निर्माण का चेक प्रदान किया। शिविर में जिला पंचायत उपाध्यक्ष मनीष सुराना, जिला पंचायत सदस्य चैतराम अटामी, गीदम जनपद पंचायत अध्यक्ष सुदराम भास्कर, एसडीएम डॉ. सुभाष राज, सहायक आयुक्त डॉ. आनंदजी सिंह, गीदम सीईओ रवि साव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

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नक्सलियों की जनअदालत

बीजापुर के गंगालूर थाना क्षेत्र के ग्राम कमकानार में नक्सलियों ने जनअदालत लगाकर ग्रामीण चैतू उइका को मौत के घाट उतार दिया। उस पर पुलिस मुखबिरी का आरोप था। नक्सलियों ने 10 दिन पहले चैतू को अगवा किया था और सोमवार को घटना को अंजाम दिया। दहशत के चलते दो दिन बाद मामला सामने आया। चैतू के भाई सन्‍नू उइका ने बताया कि 3 मार्च को घर से चैतू का अपहरण हुआ था। नक्सली 9 दिन तक उसे साथ घुमाते रहे। सोमवार को दोपहर 12 बजे जनअदालत शुरू हुई, जिसमें चोकनपाल, मर्रिवाड़ा और कमकानार के ग्रामीणों को बुलाया गया था। रात 8 बजे चैतू को मौत की सजा सुनाई गई और चोकनपाल पहाड़ी के ऊपर ले जाकर रस्सी से उसका गला घोटकर शव वहीं छोड़ दिया गया। मंगलवार को गंगालूर टीआई अब्दुल शमीर ग्रामीणों की मदद से शव गंगालूर अस्पताल लाए। पीएम के बाद शव सौंप दिया गया। पुलिस ने अज्ञात नक्सलियों के खिलाफ मामला पंजीबद्ध कर लिया है।

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 टीएस सिंहदेव

  रायपुर में  नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने गृहमंत्री रामसेवक पैकरा को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग मुख्यमंत्री से की है। सिंहदेव ने कहा कि हाईकोर्ट ने पैकरा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और स्वेच्छानुदान में गड़बड़ी मामले की जांच लोक आयोग को सौंपने का निर्देश दिया है। इससे साफ है कि पैकरा पर लगे आरोपों की प्रथम दृष्टया पुष्टि हो गई है। ऐसे में पैकरा को अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। सिंहदेव ने कहा कि इस मामले को कोर्ट ले वाले वकील डीके सोनी को पैकरा अपने पद का इस्तेमाल कर धमका रहे हैं। ऐसे में गृहमंत्री जैसे पद पर रह कर वे जांच को भी प्रभावित कर सकते हैं। अत: तत्काल उन्हें मंत्रिमंडल से हटा देना चाहिए।  

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राजेंद्र जायसवाल

राजेंद्र जायसवाल कोसगई सेवा संस्थान के अध्यक्ष शंकर रजक किसी के न हुए और कोई उनका होता नजर नहीं आ रहा। कभी इसका तो कभी उसका दामन थामकर नजदीकी बढ़ाने वाले रजक ने पहाड़ पर ही सही, अतिक्रमण कर बनाये गये मंदिर व निर्माण को तोडऩे से कहीं ज्यादा गौशाला के तोड़े जाने का दुख और मलाल कर अपना इस्तीफा हाई कमान अजीत जोगी को भेज दिया। अब रजक के गौशाला रूपी जख्म पर कोई मरहम लगाये या न लगाये लेकिन सरकार की गौसेवा आयोग के अध्यक्ष ने मरहम लगाने की ठानी है। अब इनके मरहम से जख्म कब तक और किस हद तक भरेगा या नासूर बनेगा? यह तो वक्त बताएगा।  केबिनेट मंत्री दर्जा का राज जिले को एक केबिनेट मंत्री दर्जा वाला भारी भरकम दायित्व मिल ही गया। वैसे तो चुनाव के दौरान मिले दायित्व को निभाने की बात पर पंडित जी खरे उतरे तो वचन निभाने की दुहाई को पूरा कर उन्हें हस्तशिल्प बोर्ड का सदस्य बना दिया गया। सदस्य के रूप में अच्छा परफार्मेंस दिखा रहे पंडित जी अब केबिनेट मंत्री दर्जा के ऊंचे ओहदे पर पहुंच चुके हैं। जिले की जनता यह जानने को आतुर है कि उनके केबिनेट मंत्री बनाये जाने का आखिर राज क्या है? नाम बड़े और दर्शन छोटे कोयला लदान से आमदनी ने बिलासपुर जोन में शामिल कोरबा रेलवे ने खूब नाम तो कमाया लेकिन जहां से कमा रहे हैं, वहां के लोगों के प्रति कृतज्ञता का भाव जाहिर करने में कोताही दिखा रहे हैं। कोरबा की जनता को रेलवे क्रासिंग का जाल बिछाकर और बार-बार रेल फाटक बंद कर तकलीफों का दंश दे रहे रेलवे को यात्री सुविधाओं की भी चिंता नहीं है। अब रेलवे का नाम भले कोरबा के बलबूते देश में बड़ा है लेकिन उसके दर्शन तो छोटे हैं।  बालको को घुड़की और मान-मनौव्वल बालको वेदांता प्रबंधन को यूं तो जनप्रतिनिधि घुड़की देने और आलोचना करने से नहीं चूकते लेकिन प्रबंधन का अमला भी इनसे एक कदम आगे चलने से परहेज नहीं करता। घुड़की और आलोचना को निंदक नियरे राखिये की तर्ज पर मानकर प्रबंधन भी सभी को किसी न किसी बहाने से अपने पास बुलाकर प्रशंसा कराने और अखबारों में सुर्खियां बटोरने से नहीं चूकता।   एसईसीएल का सच सामुदायिक विकास मद से खदान प्रभावित क्षेत्रों में काम करने के एसईसीएल के दावों की पोल आखिरकार संसदीय सचिव ने खोलकर रख दी। प्रभावित लोगों की समस्याओं पर बीच-बीच में कोयला कंपनी को टारगेट में लेने वाले संसदीय सचिव ने वह राज खोल दिया जो बहुत कम लोग जानते हैं। पुनर्वास गांव विजयनगर में 30 साल पहले के विकास की रूपरेखा को अभी तक अधिकारियों के सामने एसईसीएल वाले दिखाते और भुनाते आ रहे हैं। संसदीय सचिव ने प्रशासन के साथ पुनर्वास गांवों की सूरत देखने की बात कही है, तब उजागर होने वाले सच की कल्पना से कंपनी के लोग सहमे-सहमे से हैं कि कब, कौन टारगेट में आ जाए। और अंत में❗ प्र्रदेश में कोचिया बंदी खत्म करने के लिए तत्पर मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने ग्राम बिरदा के समाधान शिविर में जो घुड़की दी और घुट्टी पिलाई, उसका असर यहां भी दिखने लगा है। शराब के अवैध ठिकाने भले ही न मिलें हो पर दूसरे तरीके से नाक के नीचे से गुजर कर नशा परोसने वालों पर ताबड़तोड़ कार्यवाही से यह राज जरूर खुला है कि अपनी धनलिप्सा को बुझाने किस तरह युवा वर्ग को दलदल में धकेला जा रहा है। बच्चों में बढ़ते नशे की लत और यत्र-तत्र पीठ पर बोरियां लादकर कचरे में दो वक्त की रोटी तलाशने वाले बचपन को भी अभियान के रूप में सुरक्षित करने की जरूरत है। एक सवाल आप से ❓ आबकारी विभाग की सरपरस्ती में किन चुनिंदा कर्मचारियों ने भर्ती के दौरान अभ्यर्थियों से हजारों रूपये वसूले हैं? एक ने तो अपने सगे रिश्तेदार को भी नहीं बख्शा।  

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aag

रायपुर रेलवे स्टेशन की पार्किंग में आज भयंकर आग लग गयी। इस घटना में सैंकड़ों बाईक जलकर खाक हो गयी ,वहीं कई साइकिल भी आग में राख हो गयी। घटना दोपहर करीब 12 बारह बजे की है.. रेलवे स्टेशन की पार्किंग में एकाएक आग की लपटें उठने लगी। आग की लपटें इतनी तेज थी पार्किंग में लगी गाड़ियों को हटाने तक का मौका नहीं मिला। जिसके बाद एक-एक कर गाड़ियां धू-धकर जलने लगी। गाड़ियों में पेट्रोल भरे रहने की वजह से पूरी तरह से आग फैल गयी। आगजनी में  करीब 500 गाड़ियां जलकर खाक हो चुकी गई। जिसमें साइकिल भी शामिल है।  घटना की सूचना मिलने के बाद तत्काल मौके पर 2 फायर बिग्रेड की गाड़ियां पहुंची। फिलहाल काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू नहीं पाया जा सका है। रविवार का दिन होने की वजह से और दिनों की तुलना में आज कम गाड़ियां पार्किंग में थी.. नहीं तो और भी बड़ा हादसा हो सकता था। इस मामले में डीआरएम ने कहा- मुआवजे का कोई प्रावधान नहीं है। वहीँ पार्किंग ठेकेदार ने कहा- हम क्या कर सकते हैं। पार्किंग नियमों के तहत यह जिम्मेदारी रेलवे और ठेकेदार की होती है। 

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टीवी न्यूज एंकर सुरप्रीत कौर

एन्कर ने पढ़ी अपने पति की मौत की खबर  छत्तीसगढ़ में एक टीवी न्यूज एंकर सुरप्रीत कौर ने ब्रेकिंग न्यूज में अपने ही पति की मौत की खबर पढ़ डाली। यह न्यूज रीडर कौर छत्तीसगढ़ के एक प्राईवेट चैनल आईबीसी-24 में काम करती है। शनिवार सुबह वह रोजाना की तरह ऑफिस आई और न्यूज बुलेटिन पढ़ने लगी। इसी दौरान महासमु्ंद जिले के पिथौरा में हुए एक सड़क हादसे की जानकारी आई तो महिला एंकर ने उसकी ब्रेकिंग न्यूज पढ़ी। हालांकि इस दौरान महिला को पता नहीं था कि इस हादसे में उसके पति की भी मौत हो गई है। इसके बाद महिला एंकर ने रिपोर्टर को फोन करके घटना की जानकारी हासिल की। रिपोर्टर ने बताया कि हादसे में व्हीकल में पांच लोग सवार थे जिसमें से तीन की मौत हो गई है। रिपोर्टर ने यह भी बताया कि मरने वाले तीन लोगों की पहचान नहीं हो सकी है।  इस दौरान महिला एंकर कौर को याद आया कि जहां ये हादसा हुआ है उसी रूट से उस वक्त उसके पति अपने चार साथियों के साथ जाते हैं।  यह खबर सुनने के बाद महिला एंकर टूट गई और न्यूज अवर खत्म करने के बाद टीवी स्टूडियो से निकल गई। महिला एंकर के साथियों का कहना है कि वह बहुत बहादुर महिला है। हमें गर्व है कि वह हमारी एंकर है लेकिन इस घटना से आज हम सभी सदमे में हैं। 28 वर्षीय कौर आईबीसी-24 न्यूज चैनल में एंकर है। कौर की शादी एक साल पहले हरशद कवादे के साथ हुई थी और ये दंपत्ति रायपुर में रहता है। कौर न्यूज अवर के बाद हादसे वाली जगह गई थी, लेकिन उसके बाद वापस ऑफिस लौटी। खबर साभार- लाइव हिन्‍दुस्‍तान

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डॉ.रमन सिंह

मनरेगा के मजदूरों को छत्तीसगढ़ सरकार मुफ्त स्टेनलेस स्टील का टिफिन बॉक्स बांटेगी।  लोक सुराज अभियान के दौरान मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने मजदूरों के लिए इस नई योजना की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा-मनरेगा के पंजीकृत मजदूरों को लंच बॉक्स बांटने की कार्ययोजना बनाएं। सरकार श्रमिकों को निशुल्क टिफिन बॉक्स इसलिए दे रही है, ताकि कार्यस्थल पर जो भोजन वे लेकर जाते हैं, वह अधिक देर तक सुरक्षित व ताजा बना रहे। उन्होंने कहा-गुरुवार को बिलासपुर के गौरखेड़ा में मेरी मुलाकात तपती दोपहरी में काम कर रही महिला मजदूर उर्मिला से हुई थी। उसने मुझे भात-आमरी भाजी और चटनी खिलाई। वह भोजन घर से बनाकर लाई थी। उसी समय मुझे लगा कि श्रमिकों को टिफिन बॉक्स देने की योजना शुरू की जाए।  

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bilaspur

    बिलासपुर के पास  कोटा क्षेत्र के ग्राम गनियारी में गांजा तस्कर ने मवेशियों के कटिया व भूसे के साथ गांजा छिपाकर रखा था। प्रशिक्षु आईपीएस व उनकी टीम ने दबीश देकर गांजा तस्कर महिला को पकड़ लिया। हालांकि उसका पति भाग निकला। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस ने मकान से 1 क्विंटल 33 किलो गांजा जब्त किया है। प्रशिक्षु आईपीएस व कोटा एसडीओपी दिब्यांग पटेल को सूचना मिली थी कि ग्राम गनियारी व आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर गांजे की तस्करी होती है। गांजा तस्कर बेखौफ होकर अवैध कारोबार चला रहे हैं। खबर मिलते ही उन्होंने अपनी टीम को सक्रिय किया। उनके गनमैन केशव मार्को को मुखबिर से पता चला कि ग्राम गनियारी व चोरभठ्ठीखुर्द में ग्रामीण नशे का कारोबार कर रहे हैं। इस सूचना की तस्दीक करने के बाद उन्होंने अपनी टीम के साथ गुरुवार की देर शाम गनियारी में दबीश दी। इस दौरान एक महिला अपने पति के साथ मिलकर पुड़िया बनाकर गांजा बेच रही थी। पूछताछ करते हुए पुलिस आवासपारा पहुंच गई। इस बीच पुलिस को देखते ही महिला का पति चिंताराम वर्मा भाग निकला। पुलिस ने उसकी पत्नी अंजू वर्मा (35) को गांजा के साथ पकड़ लिया। इस दौरान पुलिस ने उसके घर की तलाशी ली। गांजा तस्कर महिला मवेशी बांधने की जगह पर उनके लिए रखे चारा जैसे कटिया व भूसे के बीच बोरियों में भरकर गांजा को छिपाकर रखा था। पुलिस ने जांच के दौरान बड़ी मात्रा में गांजा जब्त किया। फिर महिला को पकड़कर थाने ले गई। वहीं उसका पति चिंताराम वर्मा की तलाश की जा रही है। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस ने घर से 1 क्विंटल 33 किलो गांजा जब्त किया है। प्रशिक्षु आईपीएस पटेल के गनमैन केशव मार्को को गनियारी में अवैध शराब का भंडारण होने की सूचना मिली थी। इस सूचना पर पुलिस की टीम ने महिला के घर की तलाशी ली। जांच के दौरान पुलिस ने 2 कार्टून में रखी 82 पाव शराब जब्त की। खोजबीन के दौरान ही पुलिस को गांजे की गंध आई और गांजे का जखीरा मिल गया। कोटा थाना क्षेत्र के ग्राम गनियारी में गांजा का अवैध कारोबार जिस तरीके से चल रहा था, इससे पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगा है। कहा जा रहा है कि गांजा तस्कर चिंताराम पुलिस की मिलीभगत से बेखौफ होकर कारोबार चला रहा था। गुरुवार की शाम पुलिस अफसर व उनकी टीम ने दबीश दी तब वह मौजूद था। वह स्थानीय पुलिस समझकर बेखौफ तरीके से बात कर रहा था। लेकिन, जैसे ही उसे आईपीएस के आने की भनक लगी वह मौका पाकर भाग निकला। पुलिसकर्मी उसे नहीं पहचानते थे इसलिए उसे भागने का मौका मिल गया। आईपीएस व उनकी टीम ने सकरी चौकी क्षेत्र के ग्राम चोरभठ्ठीखुर्द में भी दबीश दी। यहां भी पुलिस की मिलीभगत से अवैध कारोबार चल रहा था। पुलिस ने गांव के लक्ष्मीप्रसाद पांडेय पिता स्व. गंगाप्रसाद पांडेय (55) व उसके बेटे गिरीश पांडेय (22) को रंगे हाथ पकड़ लिया। दोनों पिता-पुत्र खुलेआम पुड़िया बनाकर बेच रहे थे। पुलिस ने उनके पास से 4 किलो गांजा जब्त किया है। उसी से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने चिंताराम वर्मा के घर में दबिश दी। दोनों पिता-पुत्र के खिलाफ सकरी चौकी पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।  

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आबकारी मंत्री अमर अग्रवाल

शराब दुकान खुलने के बाद सरकार अब शराबियों को पीने की सुविधा देने जा रही है। शराब दुकानों के पीछे या बगल में ही अहाता खोले जाएंगे, जिसे प्लेसमेंट एजेंसी के कर्मचारी संभालेंगे। सरकारी अहाते में केवल पानी मिलेगा। खाने के लिए कुछ भी नहीं। अहाता शुरू कराने का निर्देश सरकार ने सभी जिले के कलेक्टरों को जारी कर दिया है। सरकारी अहाता में कुर्सी-टेबल और पानी की नि:शुल्क सुविधा मिलेगी। पाउच और बोतल बंद पानी भी उपलब्ध रहेगा, लेकिन इसका पैसा लिया जाएगा। जहां मुमकिन हो, वहां पंखा लगाने का भी आदेश है। अहाता सुविधा नि:शुल्क है, इसलिए सरकार खर्च नहीं बढ़ाना चाहती है। हर शराब दुकान में पांच से सात कर्मचारी रखे गए हैं। मल्टीपरपज और सेल्समैन की संख्या अधिक है। इन्हें ही अहाता की व्यवस्था में लगाया जाएगा। अहाता की व्यवस्था करने में कलेक्टरों को दिक्कत हो रही है। इसका कारण यह है कि सरकार ने पहले कलेक्टरों को शराब दुकानों के लिए भवन का निर्माण और किराए पर व्यवस्था करने का आदेश दिया था। कलेक्टरों ने दुकान के हिसाब से ही भवनों की व्यवस्था की। कई दुकानों के पीछे या बगल में अहाता के लिए जगह नहीं है। इसलिए अभी अहाता वहीं खुल पाएंगे, जहां जगह है। जारी आदेश के अनुसार शराब दुकान और अहाता से कम से कम 50 मीटर दूरी पर चखना वाले ठेले खड़े हो सकेंगे। इससे कम दूरी होने पर उन पर कार्रवाई होगी। चखना बेचने के लिए फूड एंड ड्रग विभाग से लाइसेंस लेना होगा। सरकारी अहाता में चखना जैसे मिक्सचर, अंडा, सलाद या कोई दूसरी चीज नहीं मिलेगी। बाहर दुकान या ठेले से खरीदकर चखना अहाता में लाया जा सकेगा। इस पर रोक लगाने का आदेश नहीं हुआ है। आबकारी मंत्री अमर अग्रवाल का कहना है अहाता चलाने के पीछे सरकार का मकसद खुले में शराब पीने को बंद कराना है। लोग शराब खरीदने के बाद आसपास खड़े ठेलों से चखना लेकर वहीं पीना शुरू कर देते हैं। यह देखने को मिलता रहा है। 

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छत्तीसगढ़ में मीडिया दमन

अमेरिकी गृह विभाग ने भारत में मानवाधिकारों के उल्लंघन पर जारी 2016 की अपनी रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ में मीडिया के दमन का भी जिक्र किया है। दंतेवाड़ा के पत्रकार प्रभात सिंह और दीपक जायसवाल के नाम का उल्लेख करते हुए लिखा गया है कि उन्हें सिर्फ इसलिए गिरफ्तार किया गया, क्योंकि उन्होंने सरकार की आलोचना करने वाली एक पोस्ट को सोशल मीडिया पर शेयर किया था। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि भारत में आलोचना करने पर मीडिया के अधिकारों का हनन किया जा रहा है। एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया ने अमेरिका की इस रिपोर्ट का समर्थन करते हुए कहा है कि बस्तर में पत्रकारों का लगातार दमन किया जा रहा है। ज्ञात हो कि अमेरिकी गृह विभाग की उक्त रिपोर्ट इन दिनों काफी चर्चा में है। इसमें भारत में कथित उत्पीड़न, रेप, मानवाधिकारों के हनन का जिक्र किया गया है। इसमें माओवादियों की भी आलोचना की गई है। कहा गया है कि माओवादी मासूम बच्चों का इस्तेमाल कर रहे हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया के मीडिया एंड एडवोकेसी ऑफिसर रघु मेनन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में काम करने वाले पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को राज्य व माओवादी दोनों ओर से परेशान किया जा रहा है। यह हम कई सालों से देख रहे हैं। 2015-16 में खासकर राज्य ने उन पत्रकारों को टारगेट किया जो सरकार के बारे में आलोचनात्मक लेख लिख रहे थे। प्रभात सिंह और दीपक जायसवाल से पहले सोमारू नाग को भी ऐसे ही उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। छत्तीसगढ़ सरकार को पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कदम उठाना चाहिए। एनएचआरसी जैसी संवैधानिक संस्थाओं को भी ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। सरकार या राज्य की आलोचना करना कोई गुनाह नहीं है। यह हमारी अभिव्यक्ति की आजादी का अहम हिस्सा है।  

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कोरबा विद्युत उत्पादन कंपनी

कोरबा विद्युत उत्पादन कंपनी के 500 मेगावाट के डीएसपीएम की एक नंबर इकाई से बिजली उत्पादन शुरू हो गया, तो पूर्व संयंत्र की 50 मेगावाट की एक इकाई तकनीकी खराबी आने से बंद हो गई। उधर मड़वा प्रोजेक्ट की 500 मेगावाट की दो नंबर इकाई तीन दिन बाद भी शुरू नहीं हो सकी। कंपनी की 9 इकाई बंद होने से 1590 मेगावाट बिजली का उत्पादन ही नहीं हो रहा। प्रदेश में बिजली की मांग 3553 मेगावाट बनी रही। उत्पादन कंपनी की डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह (डीएसपीएम) की बंद एक नंबर इकाई की तकनीकी खराबी दूर कर सोमवार को चालू किया गया। 250 मेगावाट की इस इकाई से मात्र 184 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। उधर कोरबा पूर्व संयंत्र की चार नंबर तकनीकी खराबी आने की वजह से बंद पड़ गई। संयंत्र की छह में से तीन इकाई ही परिचालन में है। इनमें 50 मेगावाट की दो तथा 120 मेगावाट की छह नंबर शामिल है। 440 मेगावाट के इस संयंत्र से मात्र 143 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। जांजगीर-चांपा स्थित 1000 मेगावाट के मड़वा परियोजना की दोनों इकाई बंद पड़ी हुई है। उम्मीद जताई जा रही थी कि सुधार कार्य के बाद 500 मेगावाट की दो नंबर इकाई को चालू कर लिया जाएगा, पर सुधार कार्य पूरा नहीं हो सका। एक नंबर इकाई पहले में बाइब्रेशन आने से बंद हो चुकी है। इस इकाई को फिलहाल चालू करना संभव नजर नहीं आ रहा है। 3400 मेगावाट वाले उत्पादन कंपनी के संयंत्रों से मात्र 1370 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। आईपीपी व सीपीपी से बिजली लेकर उपलब्धता 1641 मेगावाट है। सेंट्रल सेक्टर से लगभग 1912 मेगावाट बिजली लेने पर कुल उपलब्धता 3639 मेगावाट रही। सोमवार को पीक अवर्स में बिजली की मांग 3553 मेगावाट रही। जानकारों का कहना है कि सेंट्रल सेक्टर से बिजली मिलने की वजह से संयंत्र से उत्पादन कम होने के बाद भी दिक्कत नहीं आई। गर्मी बढ़ने की वजह से बिजली की मांग में दिन में चार हजार मेगावाट के करीब पहुंच रही है।  

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पत्थलगांव में सराफा व्यवसायी

पत्थलगांव में सराफा व्यवसायी के सोने-चांदी के जेवरों से भरे दो बैग उठाईगीरों ने पार कर दिया। इसमें 21 लाख रुपए से अधिक मूल्य के गहने थे। दिन दहाड़े हुई इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक पुलिस थाने के सामने स्थित पूजा ज्वेलर्स के संचालक सुमनदास पिता विष्णुदास गुप्ता पुराना बाजार स्थित अपने घर से सोमवार की सुबह दुकान खोलने पहुंचे थे। उन्होंने दुकान का शटर खोलने के दौरान सोने और चांदी के गहनों से भरे दो बैग को दुकान की सीढ़ी में रखा दिया। शटर खोलने के बाद वह दुकान के सामने पड़े कचरे को साफ करने लगे। जैसे ही वह दुकान के अंदर झाड़ू लेने के लिए गए, अज्ञात उठाईगीरों ने जेवरों से भरे दोनों बैग को पार कर दिया। जानकारी के मुताबिक बैग में लगभग 7 सौ ग्राम सोना और लगभग 2 किलो चांदी के जेवर के साथ नगद रुपए भी थे। झाड़ू लगा कर जैसे ही संचालक का ध्यान सीढ़ियों पर गया, बैग गायब पाकर होश उड़ गए। संचालक की आवाज सुनकर आसपास के व्यवसायी और नगरवासी घटनास्थल पर जमा हो गए। सूचना पर पत्थलगांव पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आसपास बैग तलाश करने की कोशिश की लेकिन उसे सफलता नहीं मिल सकी। पुलिस अधीक्षक पीएस ठाकुर भी मौके पर पहुंचे। ज्वेलर्स दुकान के आसपास लगे सभी मकान व प्रतिष्ठानों के सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। पुलिस को उम्मीद है कि किसी फुटेज से आरोपियों की पहचान हो सकती है। इसके साथ ही पत्थलगांव पुलिस की टीम ने पत्थलगांव से बाहर जाने वाले सभी रास्तों में नाकाबंदी कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने स्नीफर डॉग का भी सहारा लिया, लेकिन इससे भी कुछ हासिल नहीं हो सका।  

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छत्तीसगढ़ गोवध

जगदलपुर में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा  राज्य में गोवध करने वालों को लटका देंगे । स्थानीय बस्तर हाईस्कूल में आयोजित राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में संबोधन देने के बाद जब मुख्यमंत्री जाने लगे तो उन्हें कुछ मीडियाकर्मियों ने रोक लिया। मीडियाकर्मियों ने डॉ. सिंह से पूछा कि उत्तरप्रदेश छत्तीसगढ़ के पीडीएस मॉडल को स्वीकार कर रहा है तो क्या छत्तीसगढ़ में भी गोवध पर प्रतिबंध लगेगा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां ऐसी स्थिति नहीं है, क्या आपने कहीं ऐसा होते देखा है। आगे उन्होंने कहा कि यदि मामला सामने आया तो जो ऐसा करेगा उसे लटका दिया जाएगा। इस दौरान प्रदेश सरकार के मंत्री केदार कश्यप व जगदलपुर विधायक संतोष बाफना भी मौजूद थे।  

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कलेक्टर अपहरण की साजिश नाकाम

बीजापुर में एक बार फिर सरकार और देश को हिला देने वाली नक्सलियों द्वारा रची गई एक बड़े साजिश का खुलासा हुआ है। पिछले सप्ताह नक्सलियों ने जनसमस्या निवारण शिविर से बीजापुर कलेक्टर डॉ अय्याज ताम्बोली और संयुक्त कलेक्टर केआर भगत के अपहरण की योजना बनाई थी परंतु उस दिन बीजापुर कलेक्टर उस शिविर में नहीं पहुंचे थे जबकि इसकी भनक लगते ही तेलंगाना पुलिस ने संयुक्त कलेक्टर को तेलंगाना में ही रोककर नक्सलियों द्वारा रचे गए एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया। नक्सली एक बार एलेक्स पाल मेनन अपहरण काण्ड को दोहराकर सरकार को बड़ा झटका देने की तैयारी में थे परन्तु नक्सलियों के इस साजिश की भनक तेलंगाना पुलिस को लग चुकी थी जिसके चलते नक्सलियों के मंसूबो पर पानी फिर गया। जब इस सनसनीखेज नक्सली साजिश की जानकारी मिली तो नईदुनिया की टीम ने करीब 5 दिनों तक खबर की सत्यता की पूरी पड़ताल किया चूँकि मामला बेहद ही संवेदनशील और गंभीर था। पड़ताल के दौरान नईदुनिया की टीम ने शिविर में जाने वाले सभी जिला स्तर के अधिकारी, कर्मचारी, पुलिस अधिकारी और तेलंगाना के सूत्रों से बात कर जानकारी जुटाई तब जाकर नक्सलियों के इस सनसनीखेज साजिश का पता चल पाया। पूरी पड़ताल के बाद जानकारी मिली की 25 मार्च को छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर बसे बीजापुर जिले का गांव कोत्तापल्ली में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया था जहां बीजापुर कलेक्टर डॉ अय्याज ताम्बोली व संयुक्त कलेक्टर व बीजापुर एसडीएम केआर भगत सहित सभी अधिकारी कर्मचारियों को जाना था परन्तु कार्यालयीन कार्य के चलते कलेक्टर डॉ अय्याज तम्बोली उस शिविर में नहीं जा पाए जबकि संयुक्त कलेक्टर केआर भगत, भोपालपटनम तहसीलदार शिवेंद्र बघेल के साथ तारलागुड़ा के रास्ते तेलंगाना होते हुए कोत्तापल्ली के लिए रवाना हुए थे। संयुक्त कलेक्टर केआर भगत ने नईदुनिया से चर्चा करते हुए बताया की उन्होंने तेलंगाना के वेंकटापुरम से आगे करीब 10 किलोमीटर का सफर तय किया ही था की उनके साथ चल रहे पटनम के तहसीलदार के पास तारलागुड़ा टीआई सुशील पटेल का फोन आया और उनके द्वारा बताया गया कि वे उस शिविर में न जाएं क्योंकि नक्सली उस शिविर से उनका अपहरण करने वाले हैं। ऐसी जानकारी तेलंगाना पुलिस द्वारा दी गयी है उसके बाद केआर भगत वापस तेलंगाना के वेंकटापुरम थाना पहुंचे जहां उनकी मुलाकात वहां के सर्कल इंस्पेक्टर कुमार भेण्डारी से हुई तब उन्होंने बताया की नक्सलियों द्वारा कोत्तापल्ली शिविर से कलेक्टर और संयुक्त कलेक्टर के अपहरण की साजिश रची गई है और इस समय शिविर में ग्रामीण वेशभूषा में करीब 40 से 50 नक्सली मौजूद हैं जो अपहरण की घटना को अंजाम देने की तैयारी में हैं। इस अपहरण को अंजाम देने के लिए नक्सलियों के बड़े केडर ने मिलीशिया कमाण्डर सहदेव, चुकैया, रैनु और पड़ेदु को जिम्मेदारी सौंपी गई है जो अपने साथियों के साथ शिविर में ही मौजूद हैं। इतनी जानकारी देने के बाद सर्कल इंस्पेक्टर ने यह भी कहा की उनके थाने में बल कम होने के कारण शिविर तक जाने के लिए वे सुरक्षा मुहैया नहीं करा पाएंगे इसीलिए वे वापस लौट जाएं। उसूर के रास्ते मोटर सायकलों के माध्यम से कोत्तापल्ली पहुंचे अधिकारियों की टीम से जब नईदुनिया ने बात की तो उन्होंने बताया कि शिविर में महिलाओं की संख्या बहुत ही कम थी जबकि 20 से 30 वर्ष आयु के युवाओं की संख्या वहां ज्यादा थी जो लुंगी और लोवर पहने हुए थे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार करीब 3-4 दिन पहले ही नक्सलियों को कोत्तापल्ली शिविर की जानकारी मिल गयी थी और उसके बाद ही नक्सलियों ने कलेक्टर सहित संयुक्त कलेक्टर के अपहरण की साजिश रची थी। यह भी बताया जा रहा है की नक्सलियों ये जानकारी भी जुटा ली थी की कौन-कौन अधिकारी किस-किस वाहन में आ रहे हैं और कितने अधिकारियों के वाहन में नंबर प्लेट नहीं हैं और वाहन किस रंग की है। हालांकि तेलंगाना पुलिस और बीजापुर पुलिस की सतर्कता के चलते समय रहते नक्सलियों की एक बड़ी साजिश को टाल दिया गया। इस मामले में बीजापुर कलेक्टर का कहना है कि उस दिन कार्यालयीन व्यस्तता के चलते वे उस शिविर में नहीं गए थे और उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है अगर ऐसा है तो पुलिस को वे बधाई देते हैं कि उनकी सतर्कता के चलते एक बड़े हादसे को टाल दिया गया।  21 अप्रैल 2011 में नक्सलियों ने सुकमा के तात्कालीन कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन का अपहरण कर राज्य से लेकर केंद्र सरकार तक को हिला दिया था जिन्हें बाद में मध्यस्ता का रास्ता अपनाकर रिहा कराया गया था और इस बार बीजापुर कलेक्टर का अपहरण कर नक्सली मेनन अपहरण काण्ड को दोहराना चाहते थे।  

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छत्तीसगढ़ में 3146 करोड़ की गड़बड़ी का खुलासा

छत्तीसगढ़ में सरकारी तंत्र में हावी भ्रष्टाचार ने विकास का चक्का तो था ही है, सामाजिक क्षेत्रों में सरकारी लूट ने जनता का हक भी छीन लिया। विधानसभा में पेश भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में प्रदेश सरकार पर पिछले 17 साल में जनता का 3146 करोड़ गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। यह राशि बजट के बाहर जाकर व्यय की गई है, जिसका कोई हिसाब नहीं है। इसके बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा कि कैग  के प्रतिवेदन पर विधानसभा की लोक लेखा समिति और सार्वजनिक उपक्रम समिति जांच करेंगी। जांच और विचारोपरांत दोनों समितियों के प्रतिवेदन अभिमत सहित विधानसभा में प्रस्तुत किए जाएंगे।  सड़क, एनीकट, पुल आदि निर्माण कार्यों में तो मनमानी की ही गई है, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल जैसी बुनियादी सेवाओं में भी जमकर लूट की गई है। निर्माण कार्यों के 194 प्रोजेक्ट ऐसे हैं, जो एक से दस साल से लंबित हैं। इनमें सरकार के 5912 करोड़ रुपए बेकार हो गए। वहीं सामाजिक, आर्थिक क्षेत्र में 2183 करोड़ की अनियमितता का खुलासा कैग ने किया है। 280 एनीकट अब तक अपूर्ण हैं, जिनमें 1093 करोड़ बेकार हो गए। कैग ने 79 एनीकट का निरीक्षण किया। चार ऐसे मिले जो जल्द ही टूट जाएंगे। 48 ऐसे मिले जिनमें साल में तीन-चार महीने ही पानी रहता है। 90 फीसदी एनीकट तय समय से काफी देर से पूरे हुए, जिससे लागत कई गुना बढ़ गई। गेट न होने से 3.66 करोड़ के एनीकट अनुपयोगी हैं। 50 फीसदी मामलों में भूजल स्तर बढ़ने के बजाय और नीचे चला गया।  20 फीसदी स्कूल ही अपग्रेड हुए। 879 गांवों में अब भी प्राथमिक शाला नहीं है। 1231 गांवों में मिडिल स्कूल नहीं है। निर्माण कार्यों के लिए मिले 858 करोड़ शिक्षकों की तनख्वाह में बांटे गए। गणवेश की खरीदी में राजीव गांधी शिक्षा मिशन और डीपीआई के रेट में अंतर है। डीपीआई ने 25.29 करोड़ अतिरिक्त खर्च किया। किताब खरीदी में भी 7.1 करोड़ ज्यादा व्यय हुआ है। 9.69 करोड़ सरपंच गबन कर गए।  679 गांवों में अब भी पीएमजीएसवाय सड़क नहीं है। 33 करोड़ रुपए सड़क बनाने के बजाय अपग्रेड करने में खर्च हुए। 3 मीटर की जगह 3.75 मीटर की सड़क बना कर 9 करोड़ अतिरिक्त खर्च किया गया है। 6 सड़कों पर पुल नहीं है। काम में देरी से 21 करोड़ ज्यादा खर्च हुआ है। बिलासपुर में कंसल्टेंट ने 12 करोड़ का मेजरमेंट दिया, जबकि काम 4 करोड़ का ही हुआ है। प्रदेश में एक हजार पर एक के बजाय 17 हजार लोगों पर एक डॉक्टर है। जगदलपुर मेडिकल कॉलेज अब तक नहीं बना है, जिससे उसकी लागत 2 सौ करोड़ से बढ़कर 750 करोड़ हो गई है। स्पेशलिस्ट डॉक्टर के 963 पद स्वीकृत हैं पर राज्य में इसके चार प्रतिशत ही स्पेशलिस्ट हैं। 945 नए डॉक्टरों में से एक भी गांव नहीं गया।  पांच साल में कुल 216 पुल आठ साल तक देरी से पूरे किए गए। 127 पुलों की जांच की गई, जिनमें से 87 देर से बने, जिससे 44.81 करोड़ की हानि हुई। निर्माण शुरू करने के बाद ड्राइंग डिजाइन किया गया। 6 पुल दस साल में खराब हो गए, जबकि पुलों की आयु सौ साल होती है।  कैग की रिपोर्ट में उल्लेख है कि कांकेर में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के एक एसडीओ ने वित्तीय अधिकार का दुरुपयोग किया। खुद के नाम एक-एक लाख का चेक काटकर कुल 2 करोड़ निकाल लिए। इसे कम्प्यूटर में दर्ज नहीं किया गया। अब वह पकड़ा गया है।  16.63 करोड़ का राजस्व नहीं वसूल पाए। उद्योगों को 13 प्रकार की छूट दी गई। 44 करोड़ का पानी मुफ्त दिया। अलग-अलग विभाग छूट देते हैं पर एक-दूसरे के बारे में पता नहीं होता। जॉइंट फॉरेस्ट मैनेजमेंट की राशि जमा नहीं हुई। वैट में 14 करोड़ कम वसूले गए। जिंदल समूह से 14.14 करोड़ की रायल्टी नहीं ली गई।  कोयला, बाक्साइट, टिन और कोलंबाइट में नुकसान हुआ है। कोयला में 330 करोड़ की खदानें समय पर नहीं खुल पाईं। आयरन ओर में 6 खदान सेल के सहयोग से खुलनी थी, पर नहीं खुली। बाक्साइट में 15 खदान पर काम नहीं हुआ।  कंपनियां ब्रेवरेज कॉर्पोरेशन को लैंडिंग प्राइज देती हैं, जिसमें रेट की सौदेबाजी न करके जो दाम बताया उतना भुगतान किया। नियमानुसार लैंडिंग प्राइज देखने के बाद अन्य राज्यों से शराब की कीमत मंगाकर अध्ययन किया जाता है फिर दाम तय होता है। एल्कोहल में 65 प्रतिशत ड्यूटी लगती है। कंपनियों को 111 करोड़ का फायदा पहुंचाया गया।   

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धर्मांतरण पर हंगामा

कोरबा में एक हिंदू के घर चल रहे चंगाई सभा को लेकर जमकर बवाल मचा। आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए मौके पर पहुंचकर विरोध किया। ईसाई मिशनरी के पास्टर ने इस आरोप को खारिज करते हुए बीमार लोगों के बुलावे पर केवल प्रार्थना करने की बात कही। मौके पर पहुंचे सीएसईबी चौकी प्रभारी ने दो कार्यकर्ताओं के साथ अभद्रता करते हुए उन्हें चौकी ले आई। इससे नाराज जिलेभर के हिंदुवादी संगठन के लोग भारी संख्या में चौकी पहुंचकर घेराव कर दिया। पंप हाउस के झोपड़ी पारा मोहल्ले में रहने वाले संतोष नामक व्यक्ति के घर मिशनरी के लोग एकत्रित हुए थे। हिंदुवादी कार्यकर्ता भोजराम देवांगन व दिनेश भात्रा नवरात्र के अवसर पर धर्म जागरण संस्था के बैनर तले होने वाले कार्यक्रम की तैयारी के सिलसिले में पंप हाउस पहुंचे थे। कुछ लोगों ने उन्हें संतोष के घर ईसाई मिशनरी द्वारा धर्मांतरण कराए जाने की जानकारी दी। इसके साथ ही दोनों ने अन्य कार्यकर्ताओं को इसकी जानकारी दी और कुछ लोगों के साथ संतोष के घर पहुंचे। यहां पंप हाउस में स्थित चर्च के पास्टर पीटर ऐसू समेत अन्य मिशनरी के लोग मौजूद थे। आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने धर्मांतरण कराने का आरोप लगाते हुए विरोध किया। इसके साथ ही दोनों कार्यकर्ता सीएसईबी पुलिस चौकी पहुंचकर धर्मांतरण रोकने की शिकायत की। चौकी प्रभारी ग्रहण सिंह राठौर कुछ पुलिसकर्मियों के साथ पंप हाउस पहुंचे और वस्तुस्थिति की जानकारी लेने का प्रयास किया। इस बीच ईसाई मिशनरी के लोगों ने बताया कि कुछ बीमार लोगों के स्वस्थ होने की कामना को लेकर प्रार्थना की जा रही है। धर्मांतरण नहीं कराया जा रहा। इसके बाद चौकी प्रभारी श्री राठौर बेवजह विवाद खड़ा करने की बात कहते हुए भोजराम व दिनेश को अपने साथ चौकी ले जाए। दोनों आरएसएस कार्यकर्ताओं का कहना है कि चौकी प्रभारी ने मौके पर ही सबके सामने उनके साथ उनका पक्ष सुनकर अभद्रता की। इसकी खबर थोड़ी ही देर में हिंदुवादी संगठनों तक पहुंच गई और रात करीब 10 बजे सैकड़ों कार्यकर्ता पुलिस चौकी के सामने जमा हो गए और नारेबाजी करने लगे। हिंदुवादी नारों के साथ पुलिस के खिलापᆬ भी प्रदर्शन किया गया। कोरबा सीएसपी एसएस पैकरा व टीआई विवेक शर्मा सिटी कोतवाली मौके पर पहुंचे और किसी तरह समझाइश दी । पुलिस चौकी में बात उस वक्त बिगड़ी जब चौकी प्रभारी ग्रहण सिंह राठौर ने आरएसएस के कार्यकर्ताओं को यह कहते हुए धमकाया कि पंप हाउस की महिलाएं यहां शिकायत लेकर पहुंची हैं। बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार कर लिए जाओगे। इसके बाद कार्यकर्ता और अधिक आक्रोशित हो गए। चौकी में आरएसएस के वरिष्ठ नेता जुड़ावन सिंह ठाकुर, भारत जागृति मंच के किशोर बुटोलिया, चंद्रकिशोर श्रीवास्तव, रणधीर पांडेय, विश्व हिंदू परिषद के कैलाश नाहक भी पहुंच गए। कोरबा चर्चेस वेल्फेयर एसोसिएशन के विधिक सलाहकार अनुराग मोहित नाथ का कहना है कि इन दिनों ईसाई धर्मावलंबियों पर अत्याचार किया जा रहा। इसके पहले चैतमा चर्च को तोड़वाने का प्रयास किया गया। कोर्ट ने बीते 15 मार्च को इस पर स्थगन आदेश दिया है। हम इंसाफ के लिए न्यायिक लड़ाई लड़ेंगे। इस घटना की भी शिकायत चौकी में की जाएगी। टीआई सिटी कोतवाली विवेक शर्मा ने बताया धर्मांतरण की शिकायत पर पुलिस की टीम पंप हाउस पहुंची थी। दोनों पक्ष से मिली शिकायत की जांच की जाएगी।   

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 तीजन बाई को नहीं जानती पुलिस

पद्मश्री तीजन बाई को उस समय बहुत मानसिक पीड़ा हुई, जब एक ट्रैफिक सिपाही उन्हें पहचानने से इंकार कर दिया। फोन पर पूरा परिचय देने के बाद भी ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि आप जो कोई भी हो, मैं आपको नहीं जानता... गाड़ी का चालान कट चुका है, उसे थाने से छुड़वा लेना। पुलिस के मुंह से यह बात सुनने के बाद तीजन बाई ने काफी शर्मिंदगी महसूस की और कहा कि जब एक पुलिस वाला भी मुझे नहीं पहचानता तो क्या मतलब ऐसे पद्मश्री का... मन कर रहा है कि पद्मश्री को अभी लौटा दूं। दरअसल ग्राम गनियारी में छत्तीसगढ़ की मशहूर पंडवानी गायिका पद्मश्री तीजन बाई के घर का निर्माण चल रहा है। मंगलवार को वार्निश  खत्म हो जाने के कारण उनका पीए खेमलाल नेताम बाइक से वार्निश लेने के लिए भिलाई आ रहा था। सिरसा गेट चौक पर तैनात ट्रैफिक पुलिस के जवानों ने पीए खेमलाल को बिना हेलमेट के वाहन चलाते हुए पक़ डा और दस्तावेज आदि की भी जांच की। गाडी के दस्तावेज न होने पर पुलिस ने 800 रुपए का चालान बनाया। इसी दौरान खेमलाल ने तीजन से पुलिस की बात कराई तो पुलिस ने भी तीजन को पहचानने से इंकार कर दिया। लगातार बोलने के बाद भी पुलिस ने गाड़ी नहीं छोड़ी तो अंत में खेमलाल ने 300 रुपए का चालान पटाया और वापस घर गया। घटना के बाद तीजन बाई इतनी ज्यादा आहत थी कि उन्होंने यहां तक कह दिया कि यदि उन्हें एक पुलिस वाला नहीं जानता तो क्या मतलब ऐसे पद्मश्री सम्मान का। इससे बेहतर है कि सम्मान को वापस लौटा दूं। इस मामले में ट्रैफिक डीएसपी सतीश ठाकुर ने कहा कि हम पद्मश्री तीजन बाई का सम्मान करते हैं। उनके पीए खेमलाल नेताम के पास हेलमेट और गाड़ी का इंश्योरेंस नहीं था। चालान कटने के बाद खेमलाल ने पुलिस की बात कराई थी। पुलिस ने अपनी कार्रवाई की, लेकिन तीजन बाई को पुलिस के कारण जो भी मानसिक पीड़ा हुई। उस पर हमें खेद है।  

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cg शराबबंदी की मांग

छत्तीसगढ़ में पूर्ण शराबबंदी की मांग को लेकर महिला कांग्रेस ने सोमवार को  राजनांदगांव में राज्य सरकार के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया। महिलाओं ने इमाम चौक स्थित शराब दुकान से पहले शराब की बोतलें खरीदी। फिर हाथों में उन्हें बोतलों को लेकर शहर भ्रमण किया। इससे पहले जयस्तंभ चौक पर महिलाओं ने राज्य सरकार पर प्रदेश का माहौल बिगाड़ने का आरोप भी लगाया। ठेले पर रमन दारू दुकान के नाम पर मुख्यमंत्री की फोटो व शराब की बोतल लेकर महिलाओं ने महावीर चौक से शहर का भ्रमण किया और पूर्ण शराबबंदी की मांग की। जयस्तंभ चौक पर महिला कांग्रेस ने राज्यपाल के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन के साथ एक शराब बोतल भी भेंट की। वहीं बाकी की बोतलों को महिलाओं ने वहीं फोड़ कर शराबबंदी की मांग की। महिलाओं ने खरीदी शराब महिला कांग्रेस रैली के रूप में इमाम चौक स्थित शराब दुकान पहुंची, यहां महिलाओं ने अंग्रेजी शराब की बोतलें खरीदी कर सरकार के शराब बिक्री निर्णय का विरोध किया। कांग्रेस की महिलाओं ने हाथों में शराब की बोतल लेकर इमाम चौक पर प्रदर्शन भी किया। भाजपा सरकार के खिलाफ नारे लगाए। ठेले पर शराब की बोतल रखकर महिलाओं ने पूरे प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी की मांग की। शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष हेमा देशमुख के नेतृत्व में पार्टी की महिला पदाधिकारियों ने जीई रोड, कामठी लाइन, गुडाखू लाइन से मानव मंदिर चौक होकर जयस्तंभ चौक पर रमन सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। वहीं पूर्ण रूप से शराबबंदी की मांग पर राज्यपाल के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन दिया। शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष हेमा देशमुख व वरिष्ठ नेत्री शारदा तिवारी ने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश की जनता को धीरे-धीरे शराबबंदी करने का वादा कर धोखा दिया है, लेकिन शराबबंदी छोड़ सरकार खुद शराब बेचने की तैयारी कर रही है। शारदा तिवारी ने कहा कि शराब के कारण प्रदेशभर की महिला परेशान है। सरकार का यह निर्णय महिलाओं के साथ अत्याचार से कम नहीं है।  

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 मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

  छत्तीसगढ़ में शराबबंदी के लिए जारी जन आंदोलन का बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी खुला समर्थन किया है। उन्होंने रविवार को राजधानी रायपुर आकर हजारों लोगों को शराब न पीने की शपथ दिलाई। खुले मंच से आह्वान किया कि तब तक चुप मत बैठना जब तक पूर्ण शराबबंदी न हो जाए। इससे बिहार में बड़ी सामाजिक क्रांति आई है। बदलाव हर जगह महसूस किया जा सकता है। हमें शराबबंद करने से पहले जनजागरण मुहिम चलानी पड़ी। यहां तो पहले से ही माहौल है। बंद की घोषणा करनी है बस। मैं आपके मुख्यमंत्री से मिलने जा रहा हूं। कहूंगा- वे यहां भी तुरंत शराब बंद कर दें। नीतीश कुमार धरसींवा के परसतरई में छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के 71वें वार्षिक सम्मेलन के बहाने शराबबंदी आंदोलन को समर्थन देने औऱ जदयू के लिए जमीन तलाशने पहुंचे थे। उन्होंने कहा शराब बंद होने से राजस्व का नुकसान होने की बात गलत है। 5 हजार करोड़ शराब से आता था। अब लोगों की जेब में 15 हजार करोड़ बच रहा है। खजाने का पैसा भी जनता का है। अब उनकी जेब में ही खजाना बन गया है। क्रय शक्ति बढ़ी है। शराबबंदी के बाद कपड़ों की बिक्री 49 प्रतिशत बढ़ी है। सिलाई मशीन की बिक्री में 19 प्रतिशत का इजाफा हुआ। लोग फटा-पुराना पहनते थे और शराब में पैसा उड़ा देते थे। गांव का वातावरण बदल गया। दूध की खपत बढ़ी, पेड़ा, रसगुल्ला बिकने लगा। यही तो सामाजिक परिवर्तन है। नीतीश ने कहा- मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह का फोन आया था। अभी उनके साथ बैठूंगा। जो यहां कह रहा हूं, वही उनसे कहूंगा। कहूंगा- जल्दी शराबबंदी लागू करिए। शराबबंदी सिर्फ कानून से लागू नहीं हो सकती। इसके लिए जनचेतना जरूरी है। हमने दो महीने का अभियान चलाया। शराब बंद करने से अपराध में कमी आई, सड़क दुर्घटनाएं कम हो गईं। हर जगह सुख शांति का वातावरण है। घर परिवार में महिलाओं की इज्जत होने लगी। बच्चों का भविष्य सुरक्षित हुआ। आप भी शराब बंद कराइए। जब तक बंद न हो चैन से न बैठना। छत्तीसगढ़ को कुदरत ने भरपूर संपदा दी है। यहां के लोग शांत हैं। अगर यहां शराबबंदी हो जाए तो यह प्रदेश देश का आदर्श राज्य बन जाएगा। नीतीश ने कहा शराब बंदी का निर्णय लिया तो पीने वालों ने कई तरह के कुतर्क किए। बहुत विरोध हुआ, मुकदमेबाजी हुई। लोग कहते पर्यटक घट जाएंगे। हमने पूरी मजबूती से लागू किया। समझौता नहीं किया। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि पर्यटक बढ़ गए। देसी- विदेशी दोनों। जो आलोचना करते थे, वही अब तारीफ कर रहे हैं। महिला सम्मेलन में एक महिला मंच से बोली-पहले वे शाम को आते तो झगड़ा करते। देखने में भी क्रूर लगते थे। अब हंसते-मुस्कराते हैं। देखने में भी अच्छे लगते हैं। हमने स्कूली बच्चों से कहा अपने पिता से शपथ-पत्र भरवाएं। 1 करोड़ 19 लाख शपथ-पत्र मिले। 9 लाख वाल पेंटिंग की। 25 हजार नुक्कड़ नाटक करवाए। माहौल बन गया। पहले सोचा था गांव में बंद करेंगे। 1 अप्रैल 2016 से बंद किया। उसी दिन से शहरों में दुकानों का विरोध होने लगा। जनता जाग चुकी थी। 5 अप्रैल से पूर्ण शराबबंदी कर दी। कई दूसरे राज्यों में शराबबंदी हुई फिर वापस हो गई। इसी से मन में दुविधा थी। एक सम्मेलन में महिलाओं ने कहा-बंद करो। बस वहीं दुविधा खत्म हो गई। मंच से घोषणा की- अब सरकार आई तो शराब बंद। नीतीश ने कहा- राजनीति करने नहीं आया हूं, लेकिन गुजरात जैसी शराबबंदी का क्या फायदा। अगर मेडिकल सर्टिफिकेट पर शराब बिकेगी तो उसके लिए भी दुकान खोलनी ही पड़ेगी। दुकान होगी तो पिछले दरवाजे से भी शराब बिकेगी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव के हाल के छत्तीसगढ़ दौरे पर बिना उनका नाम लिए कहा-हमारे यहां के एक सज्जन हैं, जिन्हें लालू ने बनाया। अभी वे यहां आए तो उल्टा-सीधा बोलकर गए। ऐसे लोगों के दुष्प्रचार में न पड़ना। मैं तो सरकार से कह रहा हूं कि अपना प्रतिनिधिमंडल हमारे यहां भेजें। अपनी मर्जी से किसी भी गांव जाएं और देखें शराबबंदी का क्या असर है।  

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ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती

बिलासपुर प्रवास पर पहुंचे शारदा पीठ और ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने राम मंदिर निर्माण को लेकर चर्चा की। उन्‍होंने कहा कि अयोध्या में यह काम जल्द से जल्द होना चाहिए। यह हमारी आस्था व संस्कृति से जुड़ा मामला है। उन्होंने अब तक मंदिर नहीं बन पाने का कारण राजनीतिकरण को बताया। शंकराचार्य स्वरूपानंद ने कहा कि अयोध्या में विक्रमादित्य ने भी मंदिर का निर्माण कराया था। कारसेवकों ने जब अयोध्या में ढांचे को तोड़ा तो भी वहां मंदिर के अवशेष मिले थे। वहीं मस्जिद बनने या बाबर के वहां आने का कोई प्रमाण नहीं मिला। इस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपनी सहमति देते हुए मंदिर के निर्माण की बात कही और उसके पक्ष में अपना निर्णय दिया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ने 65 एकड़ जमीन सरकार के अधिकार में ली थी और कहा था कि इसे मंदिर निर्माण के समय संतों और राम भक्तों को दे दी जाएगी। इस संबंध में प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ने भी चर्चा की, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई। भगवान राम की जन्मभूमि में मंदिर निर्माण को लेकर विशाल धर्मसभा हुई थी, जिसमें काशी और पुरी के शंकराचार्यों ने भी मंदिर के पक्ष में सहमति जताई थी। संतों और भक्तों की सहमति और कोर्ट के फैसले के बाद भी राजनीतिकरण की वजह से ही मंदिर निर्माण में देरी हो रही है।  स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि स्कंद पुराण में भगवान राम के अवतार और उनकी जन्मभूमि अयोध्या को पावन बताया गया है। भगवान के जन्म स्थान पर देवताओं का वास है और यह हमारी आस्था व संस्कृति से जुड़ा अहम हिस्सा है। इस स्थान पर मंदिर का जल्द ही निर्माण होगा। तभी देश में एक बार फिर राम राज्य की स्थापना होगी।  

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 शराबबंदी की शपथ दिलाएंगे नीतीश कुमार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार को छत्तीसगढ़ के 50 हजार लोगों को शराबबंदी की शपथ दिलाएंगे। धरसींवा तहसील के परसतराई गांव में मनवा कुर्मी समाज ने शराबबंदी संकल्प का कार्यक्रम रखा है, जिसमें वे शामिल होंगे। उनके साथ बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और मंत्री अशोक चौधरी भी आएंगे। जनता दल (यू) के राष्ट्रीय सचिव अखिलेश कटियार ने बताया कि दोपहर एक बजे नीतीश कुमार और मंत्री चौधरी विशेष विमान से पहुंचेंगे। यहां कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल समेत कांग्रेस के अन्य नेता और जदयू के नेता नीतीश कुमार और चौधरी का स्वागत करेंगे। एयरपोर्ट से दोनों अतिथि सरकारी गेस्ट हाउस पहुना शंकरनगर आएंगे। गेस्ट हाउस में जदयू के पदाधिकारियों से मिलेंगे। पीसीसी अध्यक्ष के बंगले में भोजन करने के बाद ग्राम परसतराई के लिए रवाना होंगे, जहां दोपहर दो बजे पहुंचने का समय तय हुआ है। शाम पौने चार बजे नीतीश और चौधरी कार्यक्रम से निकलेंगे और तेलीबांधा स्थित गुस्र्द्वारा में मत्था टेकने पहुंचेंगे। इसके बाद एयरपोर्ट पहुंचकर पटना के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने नीतीश कुमार से फोन पर चर्चा कर चाय के लिए सीएम हाउस का निमंत्रण दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने मीडिया को बताया कि नीतीश कुमार ने लौटते समय सीएम हाउस आने की हामी भर दी है। सीएम ने कहा कि बिहार के शराबबंदी फार्मूले का अध्ययन करने के लिए छत्तीसगढ़ से टीम भेजी जाएगी।  

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नर्मदा सेवा यात्रा

  नर्मदा सेवा यात्रा में अकेले नर्मदा नदी के किनारे बसे शहर ही नहीं बल्कि प्रदेश के अन्य जिलों से आई उप यात्राएँ भी मुख्य यात्रा में शामिल हो रही हैं । अन्य जिलों से आये व्यक्तियों से बातचीत करने पर पता लगा कि वे मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा नर्मदा संरक्षण हेतु उठाये गये दूरगामी कदम को अपने जिलों में बहने वाली नदियों के संरक्षण के लिये भी लागू करने की सामूहिक कोशिश करेंगे । बुधनी में भोपाल, मुरैना, दतिया, ग्वालियर और भिण्ड से आई उप यात्राएँ आज शामिल हुईं। 25 मार्च को बांद्राभान में सागर और भोपाल जिले से, 27 मार्च को पन्ना, छतरपुर और सागर जिले से उप यात्राएँ मुख्य यात्रा में शामिल होंगी । इसी प्रकार रायसेन जिले की मुख्य यात्रा में भारकच्छ में 29 मार्च को, घाटपिपरिया में विदिशा जिले की उप यात्रा 31 मार्च को और गुना जिले की उप यात्रा 3 अप्रैल को बौरास मुख्य यात्रा में शामिल होगी ।

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अब शिक्षक बनाएंगे बच्चों के जन्म प्रमाण-पत्र

स्कूलों में पढ़ने वाले ऐसे बच्चे जिनका अब तक जन्म प्रमाणपत्र नहीं बना है, उनके लिए अच्छी खबर है। शिक्षा विभाग जल्द शासकीय व निजी स्कूलों में बर्थ सर्टिफिकेट बनाने की तैयारी कर रहा है। प्रत्येक स्कूल के एक शिक्षक को जन्म प्रमाणपत्र बनाने की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाएगा।  इसके लिए अब सरकारी व निजी स्कूलों में बच्चों का जन्म प्रमाणपत्र बनाने पर जोर दिया जाएगा। चूंकि ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में प्रसव के वक्त बच्चों की पैदाइश घरों में पुराने तरीके से कराई जाती है। ऐसे में जागरूकता की कमी से बड़ी संख्या में ऐसे बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र स्कूलों में आकर भी नहीं बन सका है। शासन के निर्देश पर जिला सांख्यिकी विभाग व शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम अब जन्म प्रमाणपत्र विहीन बच्चों को लक्ष्य कर उनका सर्टिफिकेट बनाने का अभियान शुरू करने जा रहा है। इसके तहत शासकीय व निजी सभी स्कूलों को टारगेट कर प्रमाणपत्र बनाने की कार्रवाई की जाएगी। माना जा रहा है कि ज्यादातर निजी स्कूलों में बच्चों के प्रवेश का आधार जन्म प्रमाणपत्र होता है। बावजूद इसके मुहिम से निजी स्कूलों को जोड़ते हुए शासकीय स्कूलों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इनमें स्कूल के शिक्षक प्रमाणपत्र बनाने आवेदन भरने में पालकों की मदद करेंगे। इस प्रक्रिया के शिक्षकों को पहले विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्राइमरी व मिडिल स्कूलों को फोकस करते हुए वहां के छूटे बच्चों को विशेष कैंप लगाकर पहले प्रमाणपत्र बनाया जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2008 से जन्म-मृत्यु पंजीयन किया जा रहा है। इससे पहले के वर्षों में जन्म लेने बच्चों का रिकार्ड पंचायतों में नहीं है। जन्म प्रमाणपत्र बनाने की प्रक्रिया के लिए विशेष तौर पर विभाग ने स्कूलों में उपलब्ध रिकार्ड के आधार पर ऐसे बच्चों का सर्वे कराया है। जिसके जरिये बिना प्रमाणपत्र उन बच्चों का चिन्हांकन कर लिया गया है। शिक्षा विभाग द्वारा विकासखंड शिक्षा अधिकारियों की मदद से पहले हरेक ब्लॉक को कवर करते हुए जिलेभर के शासकीय मिडिल व प्राइमरी स्कूलों का सर्वे कराया जाएगा। विभाग का मानना है कि सरकारी व निजी स्कूलों में करीब 40 हजार बच्चे ऐसे हैं जिनका प्रमाणपत्र अब तक नहीं बना है। ऐसे में सर्टिफिकेट बनाने शिक्षा विभाग पहले प्रस्तावित करेगी। इसके बाद विशेष बच्चों का सर्टिफिकेट बनाने का काम प्रारंभ किया जाएगा। डीईओ, रायगढ़ आरएन हीराधर ने बताया वर्तमान में स्कूलों में जन्म प्रमाणपत्र को अनिवार्य किया गया है। ऐसे में विभाग द्वारा स्कूल के शिक्षकों को पहले ट्रेनिंग दी जाएगी, उसके बाद स्कूल स्तर पर ही प्रमाणपत्र बनाए जाएंगे। आदेश मिलने के उपरांत कार्य प्रारंभ किया जाएगा।  

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अवैध शराब

  सरकार द्वारा शराब बेचने के खिलाफ पेश जनहित याचिका पर शासन की ओर से जवाब पेश किया गया। इसमें बताया गया कि संविधान में सरकार को शराब बिक्री का अधिकार मिला है। प्रदेश में अवैध शराब को रोकने के लिए निगम बनाने का निर्णय लिया गया है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने प्रतिउत्तर पेश करने याचिकाकर्ता को दो दिन का समय दिया है। राज्य शासन ने वर्ष 2017-2018 में शराब दुकान ठेके में देने के बजाय स्वयं चलाने का निर्णय लिया है। इसके खिलाफ रायपुर की सामाजिक कार्यकर्ता ममता शर्मा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है। याचिका में कहा गया है कि सरकार का काम मादक पदार्थ पर नियंत्रण करना है न कि इसको बढ़ावा देना। प्रदेश सरकार की इस नीति को गलत बताते हुए प्रदेश में शराबबंदी की मांग की गई है। हाईकोर्ट ने मामले में शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। मंगलवार को जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर के कोर्ट में सुनवाई के दौरान शासन की ओर से जवाब पेश किया गया। शासन ने कहा है कि संविधान में सरकार को शराब बेचने का अधिकार मिला है। प्रदेश में अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए सरकार निगम बनाकर शराब बेचेगी। याचिकाकर्ता की ओर से प्रतिउत्तर प्रस्तुत करने समय मांगा गया। इस पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता को दो दिन का समय दिया है। मामले में 24 मार्च को सुनवाई होगी।  

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मानव तस्करी

  रायगढ़ जिले के  कांपू से पुलिस ने 6 नाबालिग सहित 15 लोगों को बरामद किया है। इन्हें प्लेसमेंट एजेंसी चलाने वाला एक व्यक्ति मुंबई और गोवा ले जा रहा था। पुलिस के वहां पहुंचते ही वह फरार हो गया। जानकारी के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोगों को नौकरी का लालच देकर बाहर ले जाया जा रहा है। मानव तस्करी का मामला सामने आते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची तो प्लेसमेंट एजेंसी वाला वहां से फरार हो गया। इसके बाद पुलिस 6 नाबालिग सहित 15 लोगों को थाने लेकर पहुंची और उनसे उनके घर का पता और प्लेसमेंट एजेंसी वाले की जानकारी ली। यह पहली बार नहीं है जब नौकरी दिलाने के बहाने लोगों को इस तरह बड़े शहरों में ले जाया जा रहा हो। मानव तस्करी करने वालों के लिए छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाके इसके लिए सबसे आसान निशाना बन गए हैं।    

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दंतेवाड़ा में नक्सली लीडर पालो

  दंतेवाड़ा में नक्सली लीडर पालो, गुंडाधूर और अन्य बड़े नक्सलियों की मौजूदगी की सटीक सूचना पुलिस को शनिवार की सुबह करीब 11 बजे मिली। इसके डीआरजी के चुनिंदे जवान और अधिकारियों ने जिला मुख्यालय में एक घंटे में रणनीति बनाकर बाइक से जवानों को भेजा। करीब 250 जवानों की टोली तीन टूकड़ों पर बाइक बर्रेम-डोरेरास के जंगल में एक घंटे में पहुंच गई। नंगलन एयर पहाड़ी पर पहुंचने के बाद करीब साढ़े 12 बजे नक्सलियों ने पहले फायरिंग की। इसके बाद लगातार दोनों ओर से फायरिंग होती रही। करीब दो बजे तक फोर्स ने तीन नक्सलियों को ढेर करने साथ ही आधा दर्जन से अधिक को घायल कर दिया था। इसी बीच एसआई संग्राम सिंह के हाथ में गोली। कुछ देर बाद एक और एसआई डोमेंद्र पाल पात्र भी घायल हुआ। नक्सली बिज्जो लोकेशन बदल-बदल कर फोर्स पर इंसास से फायरिंग कर रही थी लेकिन वह भी शाम होते ही मारी गई। इसके बाद भी नक्सलियों की ओर से फायरिंग जारी रही और रात करीब 9 बजे तक दोनों ओर से गोली-बारी चलती रही। एरिया में सर्चिंग जारी नक्सलियों से मुठभेड़ में मलांगिर एरिया कमेटी के कमांडर गुंडाधूर की मौजूदगी और घायल होने का दावा पुलिस कर रही है। मुठभेड़ समाप्त होने के बाद जवान रात भर जंगल में सर्चिंग करते रहे। रविवार को भी क्षेत्र में जवानों की टीम भेजी गई है। बताया जा रहा है कि गुंडाधूर के पैर में गोली लगी है। वह ज्यादा दूर नहीं निकला होगा और वहीं पहाड़ी में ही होगा। इसी उम्मीद में फोर्स अभी भी पहाड़ी के आसपास नजर रखे हुए है। चार नक्सलियों की हुई शिनाख्त मारे गए पांच नक्सलियों में से चार की शिनाख्त हो चुकी है। उनमें मलांगिर डीवीसी सदस्य और एरिया कमेटी सचिव पाले मंडावी चिंतागुफा, सदस्य और खुटेपाड़ निवासी बिज्जे कलमू उर्फ मंगली, एलओएस सदस्य तथा नागलगुड़ा निवासी हड़मा मरकाम तथा अरनपुर निवासी एलओएस देवा है। जबकि एक पुरुष नक्सली की पहचान नहीं हो पाई है। उसकी तस्वीर जिले सहित सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर के थानों में भेजी जा रही है, ताकि उसकी पहचान हो सके। साथ ही शिनाख्त हो चुके माओवादियों के परिजनों तक खबर संबंधित थानों के माध्यम से भेजी गई है।  

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पुलिस से मुठभेड़ में  6 नक्सली मारे गए

दंतेवाड़ा में पुलिस के साथ आज हुई मुठभेड़ में 6 नक्सलियों के मारे जाने की प्रारंभिक जानकारी मिली है। बताया जाता है कि मारे गए नक्सलियों के शव भी बरामद कर लिए गए हैं लेकिन पुलिस पार्टी के जंगल में होने से मारे गए नक्सलियों की सही संख्या का पता नहीं चल रहा है। दो जवानों को भी गोली लगने की सूचना मिली है। हालांकि एएसपी नक्सल ऑपरेशन जीन बघेल ने नक्सलियों के शव बरामद होने की पुष्टि की है।दंतेवाड़ा एसपी कमलोचन कश्यप ने भी इसकी पुष्टि की है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम बर्रेम डोरेपारा के जंगल पहाड़ी में डीआरएफ और एसटीएफ की संयुक्त पुलिस पार्टी और नक्सलियों के मध्य मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में कई नक्सलियों के मारे जाने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस ने मौके से हथियार भी बरामद किए हैं। थाना अरनपुर का यह मामला है। बताया जाता है कि नक्सली और सुरक्षा एजेंसियों के बीच मुठभेड़ का दौर भी जारी है। इसमें महिला नक्सली कमांडर पलो के मारे जाने और गुण्डाधुर को गोली लगने की जानकारी सामने आ रही है। पुलिस नक्सली कमांडर गुण्डाधुर को घेरने का प्रयास कर रही है । डीआरजी कमांडो संग्राम सिंह को हाथ में गोली लगी है। मौके से दो एके 47 और एक एसएलआर बरामद होने की खबर भी मिली है। हताहत नक्सलियों की संख्या बढ़ सकती है।  

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naxli oyam

बीजापुर के  पत्रकार साईं रेड्डी की हत्या में शामिल  एक वारंटी नक्सली ओयाम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नक्सली का नाम ओयाम दसरू उर्फ लखमू निवासी बासागुडा है। पुलिस को सूचना मिली थी कि नक्सली तेलंगाना के चेरला में छिपा है, जिसके बाद बीजापुर पुसिल ने वहां दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। उस पर हत्या और बम लगाने का मामला भी दर्ज है। पुलिस उसे गिरफ्तार कर बासागुडा थान ले आई है। ओयाम के पकड़े जाने को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है, उससे नक्सलियों संगठन के कई राज पता चल सकते हैं।

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income tax

छत्तीसगढ़ में काला धन जमा करने वाले कारोबारियों पर आयकर विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। आयकर विभाग ने प्रदेश के नौ शहरों में 15 अलग-अलग कारोबारियों के ठिकानों पर बुधवार को एक साथ सर्वे की कार्रवाई शुरू की। मुख्य आयकर आयुक्त केसी घुमरिया ने नईदुनिया को बताया कि नोटबंदी के दौरान खातों में लाखों रुपए जमा करने वालों के खिलाफ विभाग ने कार्रवाई शुरू की है। इसके तहत रायपुर सहित बिलासपुर, राजनांदगांव, भिलाई, महासमुंद, कांकेर, जगदलपुर, बेमेतरा और भाटापारा में कार्रवाई की गई है। आयकर विभाग के आला अधिकारियों ने बताया कि बस्तर के कारोबारियों पर पहली बार कार्रवाई हो रही है। आदिवासी बहुल कांकेर और जगदलपुर के रियल एस्टेट और सराफा कारोबारी कार्रवाई जद में आए हैं। नोटबंदी के दौरान मनमाने पैसा जमा करने पर देशभर के 12 लाख कारोबारियों से जवाब मांगा गया था। लेकिन अधिकांश कारोबारियों ने जवाब नहीं दिया। इनमें सबसे ज्यादा सराफा और रियल एस्टेट कारोबारी हैं। कई कारोबारियों ने बोगस कंपनियां बनाकर करोड़ों स्र्पए जमा किए हैं। बोगस कंपनी संचालकों की ओर से कोई जवाब नहीं आया। अब ऐसी कंपनियों की भी जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि कई बोगस कंपनियों के पते की जांच की गई। राजधानी सहित राजनांदगांव और बिलासपुर में बोगस कंपनियों के पते पर टीम पहुंची तो कंपनी मिली ही नहीं। आसपास के लोगों ने ऐसी कोई कंपनी नहीं होना बताया। ये सभी जांच की जद में हैं। नोटबंदी के बाद आयकर की टीम ने आठ सर्वे किए, जिनमें कारोबारियों ने 15 करोड़ की अघोषित आय सरेंडर की है। रायपुर, राजनांदगांव और तिल्दा में जांच पूरी हुई है। अधिकारियों ने बताया कि राजनांदगांव के बरड़िया ज्वेलर्स में 1 करोड़ 70 लाख स्र्पए सरेंडर किए हैं। आयकर इन्वेस्टिगेशन विंग ने मार्च में चार सर्वे किए, जिनमें कारोबारियों ने छह करोड़ स्र्पए सरेंडर किए हैं। सीसीआईटी केसी घुमरिया ने बताया कि इस वर्ष 4200 करोड़ के राजस्व वसूली का टारगेट है, जिसमें से अब तक 2800 करोड़ की वसूली हो गई है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक सर्वे की कार्रवाई में तेजी रहेगी।  

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 बाबूलाल के प्रमोशन की जाँच शुरू

आईएएस बाबूलाल अग्रवाल की डीपीसी  को लेकर अब खुलासा हुआ है कि विधि विभाग के प्रमुख सचिव ने इस पर दो बार आपत्ति जताई थी। तब सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने महाधिवक्ता (एजी) से सकारात्मक अभिमत ले, उनको पदोन्नति देकर प्रमुख सचिव बना दिया। सीबीआई ने इस मामले की भी जांच शुरू कर दी है। आईएएस अग्रवाल के ठिकानों पर 2012 में आयकर का छापा, फिर सीबीआई में आपराधिक प्रकरण दर्ज होने के बाद सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था। पदोन्नति भी रोक दी गई। इसके बावजूद जीएडी ने अग्रवाल की पदोन्नति के लिए पहले तो विधि विभाग के प्रमुख सचिव सामंत रे से राय मांगी। रे ने आपराधिक प्रकरण होने से आपत्ति कर दी। जीएडी ने दूसरी बार तर्क बदलकर फिर से राय मांगी, तब भी रे ने आपत्ति की। इस पर जीएडी ने सीधे हाईकोर्ट महाधिवक्ता जेएस गिल्डा को पत्र भेजा। गिल्डा ने भी मंशा के अनुरूप सकारात्मक अभिमत दे दिया। आईएएस बाबूलाल की न्यायिक अभिरक्षा 17 मार्च को खत्म हो रही है। सीबीआई पटियाला हाउस कोर्ट में उनके नार्को टेस्ट के लिए आवेदन कर सकती है। अभी तक पूछताछ और जांच में सीबीआई के हाथ कोई ठोस सबूत नहीं आया है, जिससे साबित हो कि बाबूलाल ने पीएमओ को रिश्वत देने की कोशिश की है। इधर 21 फरवरी को बिलासपुर हाईकोर्ट के जज ने बाबूलाल की जमानत याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया था। 17 मार्च को अग्रवाल परिवार दोबारा जमानत आवेदन लगाने की तैयारी में है।

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रायपुर  टमाटर  होली

रायपुर में चल रहे ला-टेमाटिना फेस्टिवल मतलब टमाटर की होली। जिंदगी न मिलेगी दोबारा फिल्म के गाने के बोल पर थिरक रहे टीन एजर्स रायपुर के हैं। होली के एक दिन पहले स्पेन की तर्ज पर रायपुर में भी ला-टेमाटिना फेस्टिवल आयोजित किया गया। रितिक रोशन, करण जोहर और अभय देवल की फिल्म जिंदगी न मिलेगी दोबारा से यह फेस्टिवलस इंडिया में लोकप्रिय हुआ था। तब से मेट्रो सिटीज में इस प्रकार के इंवेट आए दिन होते हैं, लेकिन रायपुर में ऐसा इवेंट चार साल बाद आयोजित किया गया। इंवेट में एंट्री फीस कपल्स के लिए 700 रुपए थी, अकेले आने वालों के लिए 400 रुपए। होली खेलने के लिए 5 हजार किलो टमाटर को पहले अच्छी तरहा हाथों से मसला गया, ताकि किसी को चोट न लगे। आयोजक हेमंत ने बताया कि इमसें भाग लेने वाले एक दूसरे पर मसले हुए टमाटर फेंकते हैं, फिसलते हैं। स्पेन के बुनोल में ला-टेमाटिना अगस्त में मनाया जाता है। लेकिन उन्होने भारत में मनाए जाने वाले रंगों के त्योहार होली के ठीक एक दिन पहले इंवेट आयोजित करने का प्लान बनाया। शहर के लगभग 500 युवा सुबह से शाम तक हिंदी और अंग्रेजी गानों में टमाटर के बीच एजॉय करते रहे।  

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bastar

बस्तर में अंधाधुंध शराब की खपत क्राइम का ग्राफ बढ़ने की अहम वजह मानी जा रही है। बीते तीन माह में ही नृशंस हत्या व दुष्कर्म जैसी घटनाएं सामने आई हैं। प्रदेश सरकार के आंशिक शराबबंदी के बावजूद रायपुर दुर्ग संभाग से अधिक राजस्व राशि बस्तर से वसूली जा रही है। फलस्वरूप यहां के ऐसे ग्रामीण इलाकों जहां पेयजल सुलभ नहीं है, वहां शराब की महंगी ब्रांड आसानी से मुहैया है। अंचल में देशी व अंग्रेजी शराब के बढ़ते चलन के चलते गंभीर अपराधों में तेजी आई है। वरिष्ठ थाना प्रभारियो के अनुसार कोड़ेनार, दरभा, लोहंडीगुड़ा व बास्तानार इलाके में शराब के नशे में हत्या व अन्य अपराधों में तेजी देखी जा रही है। मनोरोग विशेषज्ञ वी श्रीधर ने बताया कि शराब के सेवन से अल्कोहल रक्त में मिलकर मस्तिष्क तक पहुंचता है। इससे दीमागी कोशिकाओं में विपरीत प्रभाव पड़त है। इसलिए अधिक नशापान करने वाला व्यक्ति विवेकशून्य हो जाता है। तीन माह में हत्या व दुष्कर्म की आधा दर्जन घटनाएं अक्टूबर2016 में दुर्गा विसर्जन के दौरान मामूली विवाद के चलते अभिषेक नामक युवक की सरेआम चाकू मारकर हत्या कर दी। आरोपी नशे में धुत्त थे। इसी प्रकार नवम्बर माह में धरमपुरा निवासी महाविद्यालयीन छात्र की उसी के दोस्तों ने शराब सेवन के दौरान हुए मामूली विवाद में गला घोंटकर हत्या कर दी। साक्ष्य छुपाने शव दलपत सागर में फेंक दिया था। दिसम्बर 2016 मे पनारापारा निवासी ट्रक चालक ने अपनी नवब्याहता बीवी की शराब के नशे में गलाघोंटकर हत्या कर दी। हत्या की वजह चरित्र पर संदेह करना बताया गया। जनवरी 2017 में बस्तर जनपद के ग्राम भरनी में शराब के आदी राजमिस्त्री ने अपनी पत्नी समेत मासूम बच्ची की नृशंस हत्या कर दी। जनवरी में ही परपा थाना क्षेत्र के एर्राकोट तथा बोधघाट थाना क्षेत्र के करकापाल में युवतियों को अगवा कर सामूहिक अनाचार का मामला सामने आया। दोनों मामलों में आरोपी नशे में चूर थे। माह पुरवरी में आरक्षक दिलीप सेठिया ने अपनी प्रेमिका सहकर्मी की शराब के नशे में गोली मारकर हत्या कर दी। इस प्रकार उपरोक्त सभी मामलों में आरोपियों ने नशे की हालत में घटना को अंजाम दिया।  

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नक्सलियों ने किया ब्लास्ट ,11 जवान शहीद

सुकमा के  भेज्जी इलाके में नक्सलियों द्वारा किए गए धमाके में 11 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए। घटना में 3 जवान गंभीर रूप से घायल हैं। जवानों के शवों को जंगल से थाने लाया गया है। जानकारी के मुताबिक घटना भेज्जी पोस्ट के पास हुई है। नक्सलियों ने यहां आईईडी से धमाका किया और फिर गोलियां बरसाना शुरू कर दीं। नक्सलियों ने जवानों को चारों ओर से घेर रखा था। घटना में 11 जवान मौके पर ही शहीद हो गए। बताया जा रहा है कि इलाके में कुछ और आईईडी भी लगे हैं। घटना के बाद नक्स‍ली सीआरपीएफ जवानों के 10 हथियार भी लेकर भाग गए। सूचना मिलने के बाद रिइंफोर्समेंट पार्टी मौके पर पहुंची और घायल जवानों को अस्पताल पहुंचाया गया।  

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 मुठभेड़ में तीन नक्सलियों को गोली लगी

छत्तीसगढ़ की सीमा पर छोटेबेठिया थानांतर्गत टेकामेटा व कोड़ोनार के जंगल में देर शाम हुई मुठभेड़ में तीन नक्सलियों को गोली लगने का दावा पुलिस ने किया है। पुलिस अधीक्षक एमएल कोटवानी ने बताया कि जिला मुख्यालय ने करीब 170 किमी दूर परतापुर, छोटेबेठिया व बांदे इलाके में पुलिस पार्टियां सर्चिंग पर निकली थीं। टेकामेटा के जंगल में घात लगाए नक्सलियों ने पहले ब्लास्ट किया, जिसमें जवान बाल-बाल बचे। इसके बाद नक्सली फायरिंग करने लगे। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। आधे घंटे बाद नक्सली भाग गए। मौके की सर्चिंग पर दो-तीन नक्सलियों के गोली लगने का अनुमान है। इसी प्रकार कोड़ोनार के जंगल में भी मुठभेड़ हुई, जहां नक्सलियों को भागना पड़ा। छोटेबेठिया थाना प्रभारी जनक साहू ने बताया कि मौके से 5 बंदूकें, मेडिकल किट व नक्सल सामग्री बरामद की गई है।  

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women naxli

  अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर नक्सलियों ने कुछ एरिया कमेटियों की कमान महिला कमांडरों को दिए जाने का ऐलान किया है। बुधवार को सुकमा जिले के पुजारीकांकेर व कोत्तापल्ली के जंगल में नक्सलियों ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया। इस दौरान रैली निकाली गई। महिला कमांडरों ने अपने भाषण में महिला सशक्तिकरण की वकालत की। साथ ही सीएनएम के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। मिली जानकारी के अनुसार महिला दिवस के अवसर पर कोंटा-तेलंगाना सीमावर्ती जंगल में बड़ी संख्या में नक्सली एकत्र हुए। सभा का आयोजन किया गया जिसमें महिला कमांडरों द्वारा जनसंघर्ष में अधिक से अधिक महिलाओं की जोड़ने कहा गया। इस मौके पर दक्षिण बस्तर डिवीजन कमेटी के शीर्ष नेताओं द्वारा महिला सशक्तिकरण की बात कहतें बड़े एरिया कमेटी की कमान महिला कमांडरों को देने का ऐलान किया गया। दिवस के अवसर पर नक्सलियों द्वारा रैली निकाली गई। सीएनएम चेतना नाट्य मंडली के सदस्यों ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। साथ ही जोशीले जनगीत गाए गए। दिवस के अवसर पर केएएमएस क्रांतिकारी आदिवासी महिला संगठन की ओर से जगह-जगह पर्चें फेंके गए। पर्चो में सरकार को महिला विरोधी बताया गया है। यह भी उल्लेखित है कि एक ओर मोदी सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश देती है। वहीं दूसरी ओर आदिवासी बेटियों पर अत्याचार करने के लिए सीआरपीएफ, कोबरा व डीआरजी जैसे बलों को तैनात करती है। डिवीजन कमेटी द्वारा बताया गया कि 2016-17 के मिशन में 110से अधिक महिलाओं पर अत्याचार किया गया है। इनमें से आठ महिलाओं को नक्सल मामले में फंसाया गया है। साथ ही आदिवासी महिलाओं के लिए संघर्षरत बुद्धिजीवी महिलाओं बेला भाटिया, मालिनी सुब्रमणियम, नंदिनी सुंदर व शालिनी गेरा पर दमन करने की बात कही है। एसपी सुकमा  अभिषेक मीणा नक्सलियों द्वारा रैली निकालने संबधी फोटो वाट्सएप ग्रुप में देखी गई है पर किसी प्रकार की अधिकृत सूचना नहीं मिली है। आशंका है कि पिछले वर्ष की तस्वीरें वायरल की गई हों। मामले का परीक्षण करवाया जा रहा है।   

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प्रो. जेएन सांई बाबा

कांकेर के गढ़चिरौली सेशन कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रो. जेएन सांई बाबा समेत 6 लोगों को उम्रकैद की सजा दी है। बाकी दोषियों में हेम मिश्रा, प्रशांत राही, विजय तिर्की, पांडू नरोटे व महेश तिर्की शामिल हैं। इन पर नक्सलियों की मदद का आरोप साबित हुआ है।कड़ी सुरक्षा के बीच प्रो. सांई बाबा समेत सभी आरोपियों को गढ़चिरौली कोर्ट लाया गया। 3:10 बजे कोर्ट ने सजा सुनाई। यह पहला मौका है, जब नक्सल मामले में एक साथ 6 लोगों को उम्रकैद की सजा हुई है। दिल्ली यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी के प्रो. सांई बाबा (51) को 9 मई 2014 को गिरफ्तार किया गया था। इन पर नक्सलियों के बड़े नेताओं से संपर्क में रहने व उनके बीच मध्यस्थ का काम करने का आरोप था। माओवादी संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने में इनकी प्रमुख भूमिका बताई गई है। पुलिस आरोप पत्र के अनुसार नक्सली संगठन में सांई बाबा 'प्रकाश और चेतन' के नाम से जाने जाते थे। विदेशी दौरों के खतरनाक उद्देश्य : प्रो. सांई बाबा खतरनाक उद्देश्य के लिए हॉलैंड, लंदन, जर्मनी, ब्राजील, अमेरिका, हांगकांग के साथ- साथ जर्मनी का दौरा भी कर चुके हैं। इन यात्राओं का लक्ष्य तमाम आतंकवादी संगठन खासकर माओवाद से प्रभावित उग्रवादियों को संगठित करना व नेटवर्क को मजबूत बनाना था। प्रो. सांई बाबा आंध्रप्रदेश के उ. गोदावरी जिले के अमलापुरम के रहने वाले हैं। शारीरिक दिक्कतों के चलते ट्राइसिकल से आवाजाही करते हैं।  

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 हाहालद्दी माइंस

  कांकेर में  नक्सलियों ने बड़ी मात्रा में बैनर-पोस्टर फेंककर हालालद्दी माइंस को बंद करने की धमकी दी है। माइंस में काम करने वाले कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी गई है। नक्सलियों ने मंगलवार अल सुबह हाहालद्दी मंदिर के पास पर्चे फेंके थे। इसके पहले भी नक्स‍ली यहां हमला कर आगजनी कर चुके हैं। सूचना मिलते ही दुर्गुकोंदल थाना क्षेत्र पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। जान से मारने की धमकी के बाद माइंस के कर्मचारी दहशत में हैं। नक्सलियों को धमकी को पुलिस ने गंभीरता से लिया है और वो कर्मचारियों को सुरक्षा देने की बात कही है।  

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छत्तीसगढ़ का बजट

 45 लाख लोगों को मुफ्त दिए जाएंगे स्मार्टफोन रायपुर में  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह बतौर वित्त मंत्री अपना 11वां बजट पेश किया । सीएम ने कहा कि हमारा बजट अंत्योदय पर केंद्रीत है। सूचना क्रांति के लिए इस बजट में 45 लाख लोगों को मुफ्त स्मार्टफोन उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ दूसरा स्थान रखा है। रायपुर में दिव्यांग महाविद्यालय की स्थापना की जाएगी। सीएम ने कहा कृषि क्षेत्र में प्रदेश में 5.87 प्रतिशत की ग्रोथ हुई है। सीएम डॉ सिंह ने कहा कि पीडीएस की दिशा में छत्तीसगढ़ में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। दिव्यांगों को चिकित्सा बीमा कराने के लिए प्रीमियन की राशी दी जाएगी। प्रदेश में जैविक मिशन कृषि के लिए 25 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। अल्पकालीन कृषि लोन के लिए 197.30 करोड़ का प्रावधान है। भाटापारा कृषि महाविद्यालय में 100 सीट का छात्रावास खोला जाएगा। नारायणपुर में नया कृषि विद्यालय खोला जाएगा। सीएम ने कहा कि प्रदेश में पशु रेस्क्यु ऑपरेशन चलाया जाएगा। सीएम ने दावा किया कि प्रदेश में कुपोषण में 10 फीसदी की कमी आई है। सीएम ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आधुनिक अधोसंरचना के लिए 14 करोड़ का प्रावधान है। प्रदेश में 25 नए पशु चिकित्सालय खोले जाएंगे। युवा को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। 8 लाख 40 हजार कामगारों का पंजीयन किया जाएगा। इस वर्ष उज्जवला योजना के तहत 35 लाख गैस कनेक्शन देने का प्रावधान है। बालोद और कोंडागांव में 100-100 बिस्तर का जच्चा-बच्चा अस्पताल खोले जाएंगे। बीजों के लिए 81 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। जिलों में पशु अनुसंधान प्रयोगशाला खोली जाएंगी। सीएम ने कहा कि प्रदेश में गेहूं उत्पादन में 12 सालों में 39 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। खाद्यान्न सहायता योजना में 3 हजार करोड़ का प्रावधान है। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना की राशि 30 हजार से बढ़ाकर 50 हजार की गई है। नया रायपुर और बीजापुर में केंद्रीय विद्यालय खोला जाएगा। शहीद वीर नारायण की स्मृति में रायपुर में संग्रहालय और स्मारक बनाया जाएगा। कबीरधाम में 500 और कोंडागांव में 100 सीट पोस्ट मैट्रिक छात्रावास बनाया जाएगा। कठघोरा में 50 बिस्तर का जच्चा बच्चा हॉस्पिटल खोला जाएगा। प्रदेश के 26 जिलो में सखी वन स्टॉप सेंटर की शुरुआत होगी। नि:शक्तजन छात्रवृत्ति की राशि दोगुनी की जाएगी। कृषि क्षेत्र के लिए 10,433 करोड़ रुपए का प्रावधान है। कुपोषण से मुक्ति के लिए 1,333 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। कैंस हॉस्पिटल मनेंद्रगढ़ के लिए 10.50 करोड़ का प्रावधान है। 68 करोड़ रुपए मेडिकल कॉलेज में उपकरणों के लिए देने का प्रावधान है। प्रदेशभर में 10 करोड़ पौधा रोपण का लक्ष्य है। प्रदेश में पोषण पुनर्वास के लिए 15 केंद्र खुलेंगे। स्कूलों के उन्नयन के लिए 51 करोड़ रुपए का प्रावधान है। 9 जिलो में जवाहर नवोदय विद्यालय बनाए जाएंगे। सिंचाई के लिए किसानों को मुफ्त बिजली दी जाएगी। 40 करोड़ रुपए का गन्ना बोनस किसानों को दिया जाएगा। गन्ने पर 50 रुपए प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा। सिंचाई के लिए 5242 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। जंगल सफारी में 33 प्रकार के पशु होंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग में बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं योजना में 50 करोड़ रुपए का प्रावधान। सीएम ने बजट भाषण में कहा कि सस्ती हवाई सेवा के लिए 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। आगामी सत्र में 11वीं में एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाने का प्रावधान है। प्रदेश में 3 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 200 करोड़ रुपए का प्रावधान है। रायपुर स्टेशन से एयरपोर्ट नैरोगेज लाइन पर फोर लेन की मंजूरी दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क के लिए 640 करोड़ रुपए। प्रदेश में 200 करोड़ रुपए में रेलवे ओवरब्रिज बनेंगे। सड़क और पुल निर्माण के लिए 5063 करोड़ का प्रावधान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 16 फीसदी ज्यादा है। बस्तर क्षेत्र में 2,400 किमी की सड़क का निर्माण किया जाएगा। नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में 146 मोबाइल टावर और 800 किमी ऑप्टिकल फाइबर बिछाई जाएगी। एसटी-एससी के लिए 47 छात्रावास खोले जाएंगे।  

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छत्तीसगढ़ में चक्रवात

आने वाले सप्ताह में राज्य के कई हिस्से में बारिश होने की संभवना है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी छत्तीसगढ़ में चक्रवात बनने के कारण 7 से 11 मार्च तक बदली छाने, बारिश होने की संभावना रहेगी। इस बीच उत्तरी और दक्षिणी भाग में दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है। रात का तापमान बढ़कर अभी 21 डिग्री के पार पहुंच गया है। बारिश होने पर ही चौबीस घंटे में तापमान में गिरावट आएगी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राज्य के केंद्र में दक्षिणी और उत्तरी हवाओं के मिलने से कर्नाटक तक चक्रवात की स्थिति बन रही है। वहीं दक्षिणी छत्तीसगढ़ से तमिलनाडु तक समुद्री सतह पर द्रोणिका का निर्माण हो रहा है। इसके कारण तापमान में लगातार बदलाव हो रहा है। वैज्ञानिकों ने इस प्रभाव के 11 मार्च को खत्म होने के बाद राज्य में गर्मी बढ़ने की आशंका व्यक्त की है। रविवार को दिन का अधिकतम तापमान एक दिन पहले की अपेक्षा 1.5 डिग्री कम 34 डिग्री दर्ज किया गया। लेकिन रात के तापमान में पिछले तीन दिनों में साढ़े 3 डिग्री से ज्यादा बढ़त दर्ज की गई है। बीते सप्ताह राजधानी का न्यूनतम तापमान 18 डिग्री से बढ़कर शनिवार रात को 21.7 डिग्री तक पहुंच गया था।  

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cg शराबबंदी

छत्तीसगढ़  में जनता शराबबंदी के लिए संघर्ष कर रही है। गांव- शहरों में डेढ़ सौ से ज्यादा जगह महिलाएं, स्कूल-कॉलेज की छात्राएं, रहवासी और जनप्रतिनिधी सड़क पर आकर शराब दुकान बनाने और खोलने का विरोध कर रहे हैं। भिलाई के पास बानबरद में कड़ी आपत्ति के बाद भी शराब दुकान निर्माण नहीं रोकने पर हवालात से लौटे ग्रामीणों ने अंतत: राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखकर इच्छामृत्यु मांगी है। ग्रामीणों का कहना है कि बहू-बेटियों को शराबी छेड़ें और हम देखते रहें, इससे अच्छा मर जाना ही है। नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत शराब दुकानों का निर्माण नहीं कर सकते, क्योंकि अधिनियम ही इसकी इजाजत नहीं देता। फिर भी सरकार, जिला प्रशासन, आबकारी विभाग और नगरीय निकाय अफसर निर्माण कराने में लगे हैं। बड़ा सवाल ये भी है कि आर्थिक संकट से जूझ रहे निकाय किस मद से निर्माण करवा रहे हैं। इसे भी सरकार ने अब तक गोपनीय रखा है। अधिनियम में भवन बनवा सकते हैं। प्रदेश के 27 में से 13 जिलों में शराबबंदी के लिए जनता संघर्ष कर रही है। सबसे ज्यादा दुर्ग जिले में 41 स्थानों पर प्रदर्शन चल रहा है। कुल 163 जगहों पर विरोध हो रहा है।

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मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह

गांव, गरीब और किसान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में हैं। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अनुपूरक बजट पर विधानसभा में हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि विगत वर्षों में भी हमने बजट में उनके लिए बेहतर से बेहतर प्रावधान किए हैं। राज्य के विकासात्मक व्यय में लगातार वृद्धि हुई है। उन्होंने सदन को बताया कि तृतीय अनुपूरक की इस राशि को मिलाकर राज्य सरकार के वर्तमान वित्तीय वर्ष 2016-17 के मुख्य बजट का आकार 80 हजार 202 करोड़ रुपए का हो गया है। मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि कृषि, औद्योगिक और सर्विस सेक्टर से प्रदेश राष्ट्रीय औसत से आगे हैं। सर्विस सेक्टर में और बेहतर करने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सौर सुजला योजना के अंतर्गत जून 2017 तक किसानों को ग्यारह हजार सोलर पम्प प्रदान करने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 36 करोड़ 50 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। प्रथम चरण में बेमेतरा, जांजगीर एवं बलौदाबाजार जिलों के अनुसूचित जाति बहुल 100 चयनित गांवों में अधोसंरचनात्मक कार्यों के लिए प्रति गांव 45 लाख रुपए की राशि का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर ऊर्जा आधारित ग्रामीण पेयजल योजना हमारे प्रदेश में काफी लोकप्रिय हो रही है। विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में सोलर पम्प आधारित पेयजल व्यवस्था की मांग करते हैं। इस योजना के लिए तृतीय अनुपूरक में 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। राज्य के 1053 गांवों में सौर ऊर्जा आधारित 2339 पम्पों के माध्यम से पेयजल योजना की कुल लागत 162 करोड़ रुपए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौण खनिज को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने आपत्ति दर्ज कराई है। गौण खनिज का फंड पंचायत ही खर्च करता है। उन्होंने बताया कि गौण खनिज से प्राप्त राजस्व का नगरीय निकायों का अंतरण किए जाने के लिए तीन करोड़ 88 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। नगरीय निकायों के लिए तृतीय अनुपूरक में 80 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इंडिया रिजर्व बटालियन यानी आरआई बटालियन के लिए केंद्रांश 26 करोड़ 19 लाख रुपए होगा। नाबार्ड सहायता से गोदाम निर्माण के लिए 27 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य मार्केटिंग कार्पोरेशन (आबकारी) के लिए 70 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वित्तीय वर्ष के मुख्य बजट में 73 हजार 996 करोड़ रुपए का प्रावधान था। द्वितीय अनुपूरक में पारित 2801 करोड़ रुपए को मिलाकर इसका आकार 78 हजार 952 करोड़ रुपए हो गया था। तृतीय अनुपूरक में आयोजना व्यय 818 करोड़ रुपए, आयोजनेत्तर व्यय 432 करोड़ रुपए, पूंजीगत व्यय 586 करोड़ रुपए और राजस्व व्यय 664 करोड़ रुपए अनुमानित है। राजकोषीय घाटा मुख्य बजट में 8 हजार 111 करोड़ रुपए अनुमानित है। इसको मिलाकर मुख्य बजट का आकार 80 हजार 202 करोड़ रुपए का हो गया है।  

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चेरली में नक्सली हमला

बीजापुर जिले के मिरतुर थाना इलाके के चेरली के पास रोड ओपनिंग पार्टी पर शुक्रवार सुबह नक्सलियों ने हमला कर दिया। जवाब में जवानों ने भी उन पर गोलियां चलाई। घटना में दो जवान शहीद हो गए और एक जवान घायल हो गया। शहीद जवानों के नाम हेमंत कश्यप और सहायक आरक्षक दुब्बा है। घायल जवान की जांघ में गोली लगी है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। बीजापुर एसपी केएल ध्रुव ने घटना की पुष्टि की है। अचानक हुए हमलें से जवान संभल नहीं पाए, जब उन्होंने फायरिंग की तो नक्सली जंगल की ओर भाग गए।

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छत्तीसगढ़ स्टेंट

केंद्र सरकार के स्टेंट की दरें तय करने के फैसले के 16 दिन बाद राज्य सरकार ने गुरुवार को स्टेंट की दरें छत्तीसगढ़ में लागू कर दीं। अब हर अस्पताल को तय दर पर ही स्टेंट लगाना होगा। छत्तीसगढ़ में वेयर मेटल स्टेंट 7260 रुपए और दवाई वाला (ड्रग इल्युटिंग स्टेंट्स, इन्क्लूडिंग मेटेलिक, डीईएस एंड बायोरिसॉर्वेबल वास्कुलर स्कॉफोल्ड बीवीएस बायोडिग्रेडेबल स्टेंट) स्टेंट 29600 रुपए में मिलेगा। दरें पुराने स्टॉक पर भी लागू होंगी। ऐसा न करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के संकेत हैं। राज्य सरकार के आदेश से निजी अस्पतालों में हड़कंप मच गया है, वहीं मरीजों के लिए राहत वाली बात है। स्टेंड की दरें 85 फीसदी तक कम हुई है। केंद्र के फैसले के बाद राज्य के कई बड़े अस्पताल जो एंजियोप्लास्टी के 1.50 लाख से 2.50 लाख रुपए तक ले रहे थे, उन्होंने सर्जरी कम या बंद कर दी थी। स्टेंट छिपा लिए थे। हालांकि इसका फायदा सरकारी अस्पतालों को हुआ, एकाएक एंजियोप्लास्टी बढ़ गई। 'नईदुनिया' ने अंबेडकर अस्पताल की कैथलैब यूनिट से जानकारी ली तो पता चला कि 14 से 28 फरवरी (10 वर्किंग डे) के बीच 28 स्टेंट डाले गए। यानी 3 स्टेंट प्रतिदिन, जो पहले 1 हुआ करता था। शहर के कॉर्डियोलॉजिस्ट का कहना है कि निजी अस्पतालों इसका भी तोड़ निकाल लिया है। पहले एंजियोप्लाटी के बाद 3 दिन तक मरीज को भर्ती रखा जाता था और 1.50 लाख से 2 लाख के पैकेज में सीसीयू का बिल शामिल था। अब 3 दिन का बिल प्रतिदिन के हिसाब से 10 हजार रुपए कर दिया है। दवा खर्च अलग है। महासमुंद निवासी सायरा बानो (परिवर्तित नाम, 52) का अंबेडकर अस्पताल में 75 हजार के पैकेज में एंजियोप्लास्टी हो गई। परिजन सायरा को शहर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां 1.50 लाख खर्च बताया गया था। इतना पैसा था नहीं, इसलिए अंबेडकर आए। परिजनों ने निजी अस्पताल से कहा था कि केंद्र ने तो दरें तय कर दी हैं, तो जवाब मिला था- जानकारी नहीं है। दुर्ग निवासी पंकज (परिवर्तित नाम, 50) को हार्ट पैन पर परिजन दुर्ग के निजी अस्पताल ले गए। एंजियोप्लास्टी का पैकेज 2 लाख रुपए बताया गया। मरीज के रिश्तेदार रायपुर में रहते हैं, संपर्क करने पर अंबेडकर अस्पताल जाने की सलाह दी। यहां संजीवनी कोष से इलाज हो गया। 2 स्टेंट डाले गए हैं।

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naxli budri

  जगदलपुर के दरभा क्षेत्र में सक्रिय एलजीएस कमांडर बुदरी ने सीआरपीएफ 80 बटालियन के समक्ष सरेंडर कर दिया है। सीओ जेनी एनल ने बताया कि पांच साल से नक्सल संगठन में सक्रिय बुदरी काफी समय से संगठन छोड़ना चाह रही थी। हाल में ही उसे एलजीएस कमांडर बनाया गया था। वह दलम में एके-47 लेकर चलती थी। झीरम व मुरकीनार समेत अन्य बड़ी घटनाओं में वह शामिल थी। समर्पित नक्सली को प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। उसे पुनर्वास योजना के तहत भी लाभान्वित किया जाएगा। बुधवार को सीआरपीएफ मुख्यालय में बुदरी को मीडिया के समक्ष पेश किया गया।

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विधानसभा में छिड़का गंगाजल

  विधानसभा बजट सत्र के तीसरे दिन बुधवार को शराबबंदी की मांग को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। जैसे ही मंत्री अमर अग्रवाल ने शराब दुकानें सरकार के चलाने के फैसले वाले आबकारी संशोधन अध्यादेश को पटल पर रखा विधायक अमित जोगी प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी की मांग को लेकर नारे लगाने लगे। विरोध में काली पट्टी बांधकर पहुंचे जोगी ने विधानसभा में सीएम के कमरे समेत पूरे परिसर में गंगाजल छिड़का और गर्भगृह में पहुंच गए। उनके साथ कांग्रेस विधायक सियाराम कौशिक व आरके राय भी थे। तीनों अध्यादेश वापस लेने की मांग कर रहे थे। गर्भगृह में पहुंचने के कारण अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने उन्हें निलंबित कर दिया। इस पर जोगी परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन करने जा पहुंचे। जोगी का कहना है कि विधानसभा हमारे लोकतंत्र का मंदिर है और हम लोग उसके पुजारी। लोकतंत्र के मंदिर में शराब का अध्यादेश लाया जा सकता है और हम गंगाजल नहीं ला सकते? गंगाजल छिड़कने पर मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि सदन में पानी लाकर छिड़कना संसदीय परंपरा के खिलाफ है। जोगी ने विधायक होने का दुरुपयोग किया है। आज वे पानी लेकर आए हैं, कल आग लगाने वाली कोई वस्तु लेकर आ जाएंगे। कार्रवाई होनी चाहिए। विधायक शिवरतन शर्मा ने राज्यपाल के अभिभाषण के बाद राष्ट्रगान के समय जोगी के हाथ में तख्ती लेने को सदन और देश का अपमान बताया और कार्रवाई की मांग की। मंत्री मूणत ने कहा कि जोगी ने राष्ट्र का और संसदीय परंपरा का अपमान किया है। उन्होंने अध्यक्ष से इस पर व्यवस्था की मांग की। अध्यक्ष ने कहा कि सरकार इसे गंभीर मानती है तो संसदीय कार्यमंत्री प्रस्ताव दें। धान खरीदी व बारदाने की कमी को लेकर काम रोको प्रस्ताव पर कांग्रेस विधायक, मंत्री पुन्नूलाल मोहले के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। विधायक भूपेश बघेल धान के मुद्दे पर विधानसभा अध्यक्ष से चर्चा कराने की अनुमति की मांग कर रहे थे। अध्यक्ष ने अनुमति नहीं दी तो सभी कांग्रेसी विधायक गर्भगृह में पहुंच हंगामा करने लगे। इस पर अध्यक्ष ने 35 विधायकों को निलंबित करते हुए विधानसभा की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी। कांग्रेसी धान खरीदी में भ्रष्टाचार की जांच की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे। नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने कहा कि इस साल धान की लिमिट तय करने से किसानों को भारी दिक्कत हुई। उन्होंने कहा - मेरा खुद का पंजीयन नहीं हुआ, ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि बाकी प्रदेश में क्या हाल होगा। विधायक धनेंद्र साहू ने कहा कि फर्जी पंजीयन करके पड़ोसी राज्यों से धान लाकर बेचा गया। पेंड्रावन जलाशय मुद्दे पर भूपेश बघेल के साथ बहस करने वाले जल संसाधन सचिव गणेश शंकर मिश्रा को लेकर बुधवार को सदन में जमकर हंगामा हुआ। बघेल ने मिश्रा के खिलाफ विधानसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। प्रश्नकाल शुरू होते ही बघेल ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन में मुद्दा उठाने पर अफसर धमकाते हैं, ऐसे में हम सदन में प्रश्न कैसे पूछ सकते हैं। मिश्रा के व्यवहार को लेकर कांग्रेसियों ने सदन के अंदर सरकार विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी। नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव सहित अन्य कांग्रेस सदस्यों ने सरकार में अफसरशाही हावी होने का आरोप लगाया। कांग्रेसी सरकार की तरफ से इस मामले में कोई वक्तव्य नहीं आने से भी नाराज थे। इस बीच उच्च शिक्षा मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने सरकार की तरफ से सदन को आश्वस्त करने का प्रयास किया, लेकिन कांग्रेसी नहीं माने और नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए।  

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 शराब नीति में संविधान के अनुच्छेद 47

  शराब का मसला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। रायपुर की सामाजिक कार्यकर्ता ममता शर्मा व इंदरजीत छाबड़ा ने छत्तीसगढ़ सरकार की नई शराब नीति में संविधान के अनुच्छेद 47 के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए जनहित याचिका लगाई। डीबी में जज प्रीतिंकर दिवाकर व संजय अग्रवाल ने याचिका को स्वीकार करते हुए सरकार को नोटिस देकर दो हफ्ते में जवाब देने कहा है। अगली सुनवाई 21 मार्च को होगी। ममता शर्मा ने सरकार के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाने की बात कही थी। इस पर कायम रहते हुए उन्होंने इसमें कहा है कि सरकार संविधान की व्यवस्था लागू में गंभीर नहीं है। सरकार ने शराब दुकानों का संचालन करने कॉर्पोरेशन बनाने का फैसला लेकर संविधान का मजाक उड़ाया है। समयावधि से पहले ही शराब दुकानों के निर्माण का टेंडर जारी कर दिया है। इसमें भी शर्तों का उल्लंघन कर समयावधि 21 दिन के बजाय नगरीय निकायों को निर्देशित कर 10 दिन कर दिया। निकायों का काम राजस्व को जन कल्याणकारी योजनाओं में लगाने का है, न कि नशे का कारोबार करना, दुकान बनाकर देना। ये हित में नहीं है। दुकान का निर्माण शासकीय कार्य कैसे...? : याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट को बताया कि अहिवारा में शराब दुकान निर्माण का विरोध करने वाले करीब 24 ग्रामीणों के खिलाफ पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा का मामला दर्ज किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि शराब दुकान का निर्माण किस मापदंड के आधार पर शासकीय कार्य की श्रेणी में माना जा रहा है? सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- ऐसी गलती न करें : अशोक लेंका विरुद्ध ऋषि दीक्षित केस में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य शासन के निर्णय के खिलाफ तल्ख टिप्पणी की थी, याचिकाकर्ताओं ने उसकी भी कॉपी लगाई। वर्ष 2005 में ठेकेदारों ने लाइसेंस शुल्क नहीं पटाया और भाग गए। तब सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि लगता है कि राज्य सरकार को संविधान की कार्यप्रणाली के बारे में सही ढंग से ज्ञात नहीं है। संविधान प्रदत्त व्यवस्था को सरकार ने राजस्व बढ़ाने की प्रक्रिया समझ लिया है, जिसमें वे सफल भी रहे। हम उम्मीद करते हैं कि सरकार व मशीनरी अगली बार से ऐसी गलती नहीं करेंगे। जज ने फटकारा : याचिकाकर्ता ममता शर्मा ने बताया कि डिविजन बेंच के जस्टिस ने सरकारी वकील को दो हफ्ते में जवाब पेश करने का आदेश दिया। वकील ने ओआईसी नियुक्त नहीं होने का हवाला देते हुए छह हफ्ते का समय मांगा तो जज ने फटकार लगाते हुए कहा कि सरकारी अधिकारी दस्तावेज लेकर आएगा और न ही आप दस्तावेज लेनेजाएंगे। फिर इतना लंबा समय लेने की क्या जरूरत है? अनुच्छेद 47 में राज्य सरकार के कर्तव्य : संविधान के अनुच्छेद 47 में स्पष्ट प्रावधान है कि राज्य सरकार को अपने राज्य की जनता के हितों का ख्याल रखना है। जनता को पोषण आहार और शिक्षा देकर जीवन स्तर को ऊंचा करना है। सरकार की जिम्मेदारी नशे के प्रभाव की रोकथाम करना है।  

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131 कर्मचारियों के यहां  छापे

  एन्टी करप्शन ब्यूरो और आर्थिक अपराण अन्वेषण ब्यूरो (एसीबी/ईओडब्ल्यू) ने 10 साल में राज्य के भ्रष्ट अफसरों के यहां छापे मारे। जांच में करीब 17 करोड़ रुपए से अधिक की नकदी जब्त की गई। इसमें एसीबी की कार्रवाई में 6 करोड़ और ईओडब्ल्यू ने 9 करोड़ 94 लाख से अधिक की राशि शामिल है। विधायक अरुण वोरा के एक सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने विधानसभा को बताया है कि 2011 से 2016 के बीच 131 कर्मियों के यहां छापे मारे गए। इसमें 4 अरब से अधिक की संपत्ति का पता चला है। कार्रवाई के दायरे में आए 33 अधिकारियों- कर्मचारियों पर अभियोजन की स्वीकृति दे दी गई है। इसी तरह मोतीलाल देवांगन के एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया है कि 2014, 15 और 16 में 60 अधिकारियों- कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई। इसमें एक अरब 53 लाख से अधिक की संपत्ति का खुलासा हुआ। इसमें से 8 के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया जा चुका है। 12 में विवेचना पूरी हो चुकी है और अभियोजन स्वीकृति मांगी गई है। इनमें से चार में अभियोजन की स्वीकृति मिल गई है और चालान की कार्रवाई की जा रही है। 35 मामलों की विवेचना चल रही है। वहीं एक मामले के खात्मा के लिए कोर्ट में आवेदन दिया गया है।  

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राजेंद्र जायसवाल

राजेंद्र जायसवाल   नोटबंदी से जनता को हुई पीड़ा बताने कांग्रेसी वार्ड-वार्ड में जनवेदना पंचायत लगाकर प्रधानमंत्री मोदी का मुखौटा पहनाकर बिठा रहे हैं। पंचायत में कांग्रेस की वेदना तो जरूर सुनने को मिल रही है, लेकिन अपेक्षित जनता की वेदना गायब है। जनवेदना में सरकार को कई मुद्दों पर कांग्रेसी घेर रहे हैं और जनता सिर्फ उनकी वेदना सुनकर घर लौट रही है।  फिर आया सुराज गर्मी का मौसम शुरू होते ही मुख्यमंत्री के लोक सुराज की तस्वीर जेहन में उभर जाती है। इस बार भी लोक सुराज का मौसम तो आ गया लेकिन नजारा बदला-बदला रहेगा। सुराज से पहले समाधान शिविरों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के लोग शिकायतों का पुलिंदा डालकर पेटी को भरने जुटे हैं। पार्षद, पंच, सरपंच को दी और बताई जाने वाली समस्या अब सीधे मुख्यमंत्री, मंत्री और कलेक्टर को बता रहे हैं। इस सुराज में मंत्री, नेता आएंगे जरूर लेकिन लोकार्पण-शिलान्यास नहीं बल्कि समस्या का समाधान करने। अध्यक्ष के भतीजे का खौफ एक नगर पंचायत के अध्यक्ष के भतीजे के खौफ से महकमे के अधिकारी और कर्मचारी तक काफी खौफजदा हैं। आलम तो यह है कि इनकी मर्जी के बगैर पत्ता तक नहीं हिलता और नगर पंचायत के बड़े प्रशासनिक अधिकारी भी इनका कोपभाजन बनने से बचने इशारों पर काम करने की विवशता बताते हैं। पूरे पंचायत महकमे में इन महाशय की टूटी ऐसे बोल रही है कि कोई अपना मुंह खोलने को तैयार नहीं कि कब कौन सी गाज गिरवा दें? रामपुर में दिखी ताकत जिले में राजनीति के विकेन्द्रीकरण का गढ़ बने रामपुर में मुख्यमंत्री की सभा और इस बहाने हुआ पंचायत महासम्मेलन सफल रहा। इस सफलता पर सत्ता पक्ष और संगठन अपनी पीठ थपथपाते नहीं थक रहे लेकिन इस बात से सब वाकिफ जरूर है कि महासम्मेलन सह सभा में भीड़ कैसे और कहां-कहां से अधिकारियों ने बटोरी।  सिरदर्द बनी शराब जिंदगी से हताश और निराश लोगों का सिरदर्द दूर करने वाली शराब इन दिनों शासन-प्रशासन का सिरदर्द बनी हुई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए शराब ताजा मुद्दा है और जनता भी खूब हवा दे रही है। पहले खाकी अवैध शराब बिक्री रोकने के लिए परेशान रहती थी, अब शराब के नये ठीहे बनवाने के लिए सुरक्षा में मगजमारी कर रही है। जगह-जगह आंदोलन के पीछे भी गजब की कहानी है। कुछ तो अपनी तरफ दुकान खुलवाने के लिए पुरानी जगह में हो रहे आंदोलन को हवा दे रहे हैं। वैसे इस चुनौती से निपटना भी एक चुनौती बन गई है।  एक सवाल आप से❓ जोगी कांग्रेस की वह कौन नेत्री है जिसने कांग्रेस का दामन तो एक साथ छोड़ा लेकिन उनकी पार्टी में वापसी के बाद जमकर अपनी भड़ास लौटने वाली नेत्री पर उतारी ? और अंत में ❗ आबकारी विभाग से दूसरे विभागों में जा-जाकर वनवास झेल रहे कर्मचारियों के चेहरे खिल उठे हैं। सरकार के फैसले के बाद अब ये अपने मूल विभाग में लौटने के लिए छटपटा रहे हैं। समाधान शिविर के जरिये भी अपनी मंशा लंबे-चौड़े आवेदन के साथ जताने की भी तैयार की है। अब तो इनका एक ही सपना है कि कैसे भी करके अपने विभाग में लौट आयें।  

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कब्र - मैं जिंदा हूं

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चौंकाने वाला मामला सामने आया है. ग्रामीणों ने यहां जमीन के अंदर से हलचल होते हुए देखा तो जमीन से मिट्टी हटाई और कब्र के अन्दर से एक इंसान को ज़िंदा बाहर निकाला. इस शख्स को उसके ही रिश्तेदारों ने पिटाई के बाद मृत समझकर दफना दिया था. इस इंसान ने मौत से लड़कर कब्र से बाहर निकल कर दूसरी जिंदगी हासिल की. यहां बगीचा थाना क्षेत्र के भेड़िया जंगल इलाके में एक शख्स को उसी के रिश्तेदारों ने पहले तो जमकर पिटाई की. बाद में उसे मरा हुआ समझ कर गड्ढे में पाट दिया. आरोपियों के जाने के बाद जब उस व्यक्ति को होश आया तो मिट्टी हटाकर किसी तरह बाहर निकलने की कोशिश की. ग्रामीणों ने जब उसे देखा तो कब्र से बाहर निकालकर बगीचा अस्पताल में दाखिल कराया. वहां से उस युवक को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया.  पूरा मामला कुछ ऐसा है. बगीचा थाना क्षेत्र के ग्राम बम्बा भंडारपारा निवासी प्लाजूस मिंज की बहन के साथ विवेक का रिश्ता तय हुआ था. मंगलवार शाम विवेक अपने दूसरे दोस्त के साथ प्लाजूस मिंज के घर पहुंचा. वहां पहुंचकर उसने कहा कि उसे अपने दोस्त को कुछ दूर छोड़कर आना है. यह कहते हुए उसने प्लाजूस को भी साथ में ले लिया. गांव के एक परिचित का ऑटो लेकर तीनों भेड़िया के जंगल की ओर चले गए. जंगल पहुंचकर विवेक और उसके साथी ने इस वारदात को अंजाम दिया. माना जा रहा है कि पहले से ही दोनों के बीच पुरानी रंजिश थी. इस दौरान कथित रूप से दोनों ने प्लाजूस को जमकर पीटा. काफी देर तक पीटने के बाद उसे मरा हुआ समझकर दोनों ने प्लाजूस को गड्ढे में डाल मिट्टी से ढक दिया.दोनों के जाने के बाद होश में आते ही प्लाजूस ने गड्ढे से बाहर निकलने की कोशिश की, जिसे ग्रामीणों ने देखा और मदद करते हुए उसे बाहर निकाला. अस्पताल में उस युवक की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है.  

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 आईएएस बाबूलाल अग्रवाल

  डेढ़ करोड़ की रिश्वत देने के मामले में फंसे आईएएस बाबूलाल अग्रवाल, उनके साले आनंद अग्रवाल और दलाल भगवान सिंह की सीबीआई रिमांड तीन दिन और बढ़ गई है। इसके साथ ही जांच के दायरे में प्रधानमंत्री कार्यालय को रखकर उस अधिकारी की तलाश की जा रही है, जिनसे इन दलालों के लगातार संपर्क रहे। सीबीआई ने दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में तीनों को शनिवार को पेश किया। कोर्ट में सीबीआई ने कहा कि मामले की जांच अभी संवदेनशील स्थिति में है और हवाला के लिंक का पता लगाना अभी बाकी है। वह जांच कर रहे हैं कि मामले में और कौन अधिकारी लिप्त हैं। विशेष सीबीआई जज वीरेंद्र कुमार गोयल के समक्ष सीबीआई ने तर्क दिया कि खुद को पीएमओ से संबंध होने का दावा करने वाले सैयद बुरहानुद्दीन के समक्ष अन्य आरोपियों को बैठाकर पूछताछ करना है, इसलिए इनकी हिरासत अवधि बढ़ाई जाए। सीबीआई प्रवक्ता आरके गौर ने बताया कि तीनों आरोपियों से अभी और पूछताछ बाकी है। बताया जा रहा है कि रिश्वत कांड में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं, जिसका क्रॉस एक्जामिन करने के लिए तीनों आरोपियों से पूछताछ करनी है। सीबीआई ने हैदराबाद से पकड़े गए बुरहानुद्दीन और रायपुर के सराफा कारोबारियों से पूछताछ का हवाला दिया। इसके बाद कोर्ट ने रिमांड स्वीकृत कर दी। सीबीआई के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार बिचौलिया बुरहानुद्दीन के साथ बाबूलाल अग्रवाल सहित अन्य को एक साथ बिठाकर पूछताछ की जा रही है। चारों आरोपियों से सीबीआई हेडक्वार्टर में रोजाना आठ से नौ घंटे तक पूछताछ चल रही है। आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर रायपुर में सराफा कारोबारियों से सीबीआई की टीम ने पूछताछ की, उसकी रिपोर्ट भी दिल्ली कार्यालय में जमा कर दी गई है। बताया जा रहा है कि सराफा कारोबारियों ने सोना देने की पुष्टि कर दी है। सीबीआई के सूत्रों की मानें तो सराफा कारोबारी से सीबीआई की टीम ने खरीदी के दस्तावेज मांगे, लेकिन कारोबारियों ने बिना बिल के ही सोना बेचा था। इसके बाद कारोबारी से सीबीआई की टीम ने सोना बेचने की लिखित में जानकारी ली है।  सीबीआई के आला अधिकारियों ने बताया कि भगवान सिंह और बुरहानुद्दीन मिडिलमैन (दलाल) का काम करते थे। पूछताछ के बाद सीबीआई टीम दोनों के पीएमओ कनेक्शन की तलाश कर रही है। बताया जा रहा है कि पीएमओ के कुछ अधिकारियों से दोनों लगातार संपर्क में थे। अब उन अधिकारियों से भी सीबीआई की टीम पूछताछ कर सकती है। सीबीआई ने छापे के दौरान भगवान सिंह से 20 लाख स्र्पए नकद बरामद किए थे। रायपुर के सराफा कारोबारी सुनील सोनी और मोनू के पास से दो किलो सोना जब्त किया गया है। सीबीआई की टीम ने दिल्ली के ठिकाने से भी 19.5 लाख रूपये  जब्त किए हैं। अब तक आरोपियों से 91.9 लाख स्र्पए नकद और 3.50 किलो सोना जब्त किया जा चुका है।

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महामाया लूटकांड

राजहरा थाना क्षेत्र के हितकसा जंगल से 16 फरवरी को पकड़े गए दो हार्डकोर व 5-5 लाख के इनामी नक्सलियों की निशानदेही पर पुलिस ने महामाया खदान से लूटे गए विस्फोटकों का जखीरा बरामद कर लिया है। इस उपलब्धि को हासिल करने वाली पुलिस टीम को 10 लाख 70 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा। साथ ही दो सहायक आरक्षक को आरक्षक पद पर पदोन्नति दी जाएगी। पूछताछ में गिरफ्तार माओवादियों ने एक ट्रेड यूनियन के नक्सलियों से रिश्ते का जिक्र किया है, जिससे बड़ा खुलासा हो सकता है। 27 मार्च 2008 को नक्सली महामाया खदान से 1750 किग्रा विस्फोटक लूट ले गए थे। एएसपी जेआर ठाकुर ने बताया कि पकड़े गए नक्सलियों खड़गांव एरिया कमेटी कमांडर उमेश गावड़े 28 की निशानदेही पर कट्टापार व कोपेनकड़का की पहाड़ी से 16.06 किग्रा जेलेटिन व मोहला (रामगढ़) एरिया कमेटी कमांडर महिला नक्सली अनिला उर्फ धनाय मरकाम 26 की निशानदेही पर 5 किग्रा अमोनिया नाइट्रेट, स्टील के डिब्बे व नक्सल साहित्य बरामद किया गया है। उमेश मूलत: मानपुर जिले के मदनवाड़ा के समीप उरझे गांव का व अनिला मानपुर कोर्सेकला की निवासी है। उमेश अशिक्षित व अनिला 8वीं तक पढ़ी है। साथ काम करते हुए दोनों में प्यार हो गया था। शादी करना चाहते थे। इसी दौरान पकड़ा गए।  दोनों पकड़े गए नक्सलियों पर शासन से 5-5 लाख रुपए, पुलिस महानिरीक्षक द्वारा 30-30 हजार रुपए तथा पुलिस अधीक्षक द्वारा 5-5 हजार रुपए कुल 10 लाख 70 हजार की इनाम राशि पुलिस टीम को मिलेगी। टीम में राजहरा नगर पुलिस अधीक्षक भारतेन्दु द्विवेदी, थाना प्रभारी व प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक ऐश्वर्य चन्द्राकर, ई-30 का बल, थाना महामाया से मनोज बंजारे एवं बल, खड़गांव थाना प्रभारी सोनल ग्वाला एवं बल, आईटीबीपी 44वीं बटालियन बी कम्पनी पल्लेमाड़ी असिस्टेंट कमांडेंट अरविंद शामिल थे।  

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हार्डकोर नक्सली गिरफ्तार

  8 लाख के इनामी कमांडर को भी पकड़ा  कांकेर जिला पुलिस व बीएसएफ की संयुक्त टीम ने गुरुवार को चार नक्सलियों को पकड़ने में सफलता हासिल की है। अंतागढ़ के हेटारकसा में बैजनाथ उर्फ प्रदीप कड़ियाम व नरसिंह को पकड़ा। बैजनाथ पर 8 लाख रुपए का इनाम घोषित है, जो नक्सलियों के लड़ाके दलम का प्लाटून नंबर-5 का कमांडर है। वहीं 2 लाख का इनामी नरसिंह एलओएस का कमांडर बताया जा रहा है। दोनों करीब 10 साल से नक्सलियों के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं। जवानों ने रावघाट इलाके में भी दो नक्सलियों सोमा बाई व ईशरू दुग्गा को गिरफ्तार किया है।

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विधायकों को बीयर गिफ्ट

शराबबंदी पर समर्थन जुटाने कल से हर विधायक के घर दस्तक देगी जोगी कांग्रेस  शराबबंदी पर विधायकों से समर्थन मांगने जोगी कांग्रेस बीयर की बोतल लेकर जायेगी। तय किया गया है कि कम से कम 50 लोग हर क्षेत्र में विधायकों के बंगले और घरों में पहुंचेंगे। जिसमें 25 महिलाओं की “गुलाबी टोली” गुलाबी साडी पहने हुए और 25 युवा कार्यकर्ता गुलाबी गमछा गले में लपेटे रहेंगे। सभी साथ में एक बियर बोतल भी ले जाएंगे।  इस दौरान विधायक से मिलकर उनसे एक सवाल पूछा जाएगा और उसे मोबाइल पर वीडियो रिकॉर्ड किया जाएगा। सवाल ये पूछा जायेगा कि  क्या आप छत्तीसगढ़ में शराबबंदी चाहते हैं ? अगर जवाब हां है तो उन्हें प्रतीकात्मक रूप से बियर की बोतल फोड़ने या बोतल से शराब उलटने कहा जाएगा और उन्हें धन्यवाद दिया जाएगा। अगर जवाब ना है तो उन्हें विरोधस्वरूप बियर की बोतल भेंट की जायेगी इस तर्क के साथ कि वो चाहते हैं कि लोग शराब पीयें इसलिए उन्हें ही शराब मुबारक हो। साथ ही विधायक जी के घर के सामने लगी नाम की पट्टी का फोटो खींचा जायेगा..और उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया जायेगी। जब तक विधायक के घर से कोई न आये तब तक जोगी कांग्रेस के कार्यकर्ता वहीँ डटे रहेंगे। अगर फिर भी कोई न आये तो बियर की बोतल विरोधस्वरूप वहीँ छोड़ कर आएं।  

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कोरबा  राजेंद्र जायसवाल

राजेंद्र जायसवाल  चुनावी नाराजगी से कांग्रेस का दामन छोड़ उषा तिवारी व अखलाख खान ने पार्टी को महापौर चुनाव में उषा तिवारी ने कांग्रेस प्रत्याशी को टक्कर भी दी और चुनावी बोल ऐसे थे मानो अब कभी दोस्ती नहीं होगी। बढ़ती दूरियों से कयास भी कुछ ऐसा ही लगने लगा था। पतझड़ की तरह कांग्रेस की डाल से टूटे ये दोनों पत्ते एक बार फिर अपनी शाख से जुड़ बसंत में जुड़ गये। अब संगठन से लेकर नगरजन भी ये जानने को बेताब हुए जा रहे हैं कि आखिर यह बसंत बहार क्यों लौटी। कंबल दें तो, न दें तो मुसीबत लॉकअप में बंदी को कंबल देना और नहीं देना दोनों हालात में पुलिस के लिए मुसीबत है। ठंड और मच्छरों से बचाने इन्हें कंबल न मिले तो मानवाधिकार का झण्डा उठाने वाले डंडा तान लेते हैं और कंबल दे दो तो तरह-तरह के जतन कर खुदकुशी का जुगाड़ बंदी बना लेते हैं। अब खाकी मुसीबत में है कि आखिर इन्हें दें तो क्या दें? कप्तान के फरमान से पशोपेश में प्रभारी हवालात में मौतों ने कप्तान को इतना गंभीर कर दिया कि जिस नियम को जानकर भी थानेदार फालो नहीं करते थे उसकी याद दिला दी। अब हवालात में कोई भी बंदी रहा तो थाना-चौकी प्रभारी को वहीं बोरिया बिस्तर लगाना पड़ेगा। इस फरमान से थानेदार पसोपेश में पड़ गये हैं और अब तो ऐसा भी हो सकता है कि किसी आरोपी को थाना-चौकी लाकर पूछताछ के बाद रात से पहले तू भी घर जा और मैं भी घर जाऊं की तर्ज पर किसी भी रिस्क से बचा जाए।  काम न आई नेतागिरी समाज सेवक शंकर रजक आज तक वैसे तो स्पष्ट नहीं कर पाये कि वे किस पार्टी के हैं और उनका नेता कौन है। भले ही वर्तमान में अजीत जोगी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं और यह कहने से भी नहीं चूकते थे कि उनका घर द्वार उनके कहने से बचा है। अब जब बुलडोजर चल गया तो समझ नहीं पा रहे कि आखिर ऐसा कैसे हो गया? इस बात का मलाल गाहे बगाहे जरूर उभर जाता है कि उनके अपने ही चहेते भस्मासुर बन गये। छापा से दहशत कोयले की नगरी में अकूत अघोषित चल अचल संपत्ति बनाने वालों की नींद उड़ी हुई है कि कब उनके घर इन्कम टैक्स या एन्टी करप्शन ब्यूरो का छापा पड़ जाए। वैसे तो पिछले ही दिनों मुख्य आयकर अधिकारी केसी घुमारिया ने अच्छी खासी घुट्टी नगर के धनाढयों को पिलाई और अब एंटी करप्शन और इन्कम टैक्स के छापा दर छापा से ऐसे लोगों की हवा खराब हो रखी है। एक सवाल आप से ❓ वह कौन सा अधिकारी है जो ठेकेदारों से टेंडर का कमीशन ले लेने के बाद ठेका निरस्त कर देने के लिए प्रशासनिक और ठेका गलियारे में सुर्खियों में है।  और अंत में❗ कोरबा जिले को स्मोकलेश बनाने जिले के मुखिया गंभीरता से जुटे हुए हैं तो दूसरी ओर अधीनस्थ अधिकारी और महिकमों के मैदानी अमले के कारण इस निर्देश को धुएं की तरह उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही। सघन बस्तियों में इस अभियान को तत्परता से लाना है पर यहां शाम के धुंधलके में धुआं ही धुआं अब भी तैरता है और सर्वे तो अभी तक दूर की कौड़ी बनी हुई है। उज्जवला में आवेदन जमा कर सिलेंडर का इंतजार करते लोगों को दल से आस है पर दल इनके बीच न पहुंचकर निराश किये हुए है।   

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दो नक्सली ढेर

बीजापुर व सुकमा जिले में रविवार को सुरक्षा बल व नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक महिला समेत दो वर्दीधारी नक्सली मारे गए।  बीजापुर जिले के पामेड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कवरगट्टा में तेलंगाना के ग्रेहाउंड व डीआरजी के संयुक्त ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों से मुठभेड़ हुई। दोनों पक्षों के बीच आधे घंटे तक चली गोलीबारी के बाद नक्सली भाग गए। इसके बाद एक महिला नक्सली का शव के साथ एक भरमार बंदूक जब्त किया गया। दूसरी घटना में सुकमा जिले के थाना किस्टारम के अंतर्गत डुब्बामरका में जिला बल व नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया, जो बटालियन नम्बर एक का सदस्य बताया जा रहा है। दोनों मामलों में मारे गए नक्सलियों की शिनाख्त नहीं हो सकी है।  

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छत्तीसगढ़ कम्पोजिशन टैक्स

छत्तीसगढ़ के व्यापारी चाहते हैं कि कम्पोजिशन टैक्स का दायरा बढ़ाया जाए। 60 लाख की जगह 1 करोड़ पर लिया जाए। व्यापारियों के उत्थान के लिए व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन और व्यवसायिक व औद्योगिक कल्याण कोष की भी स्थापना करना चाहिए। व्यापारी वर्ग चाहता है कि जीएसटी लागू होने से पहले ही कराधान से संबंधित सारे मामलों को सुलझा लिया जाए। इस सबके साथ दस सूत्रीय सुझाव चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने राज्य शासन को भेजा है। चेम्बर का कहना है कि इन मांगों पर ध्यान दिए जाने से व्यापार जगत के साथ ही आम उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी। कारोबारियों का कहना है कि केंद्र सरकार के बजट से टैक्स दरों में थोड़ी राहत मिली है, लेकिन वह नाकाफी है। अब पूरी उम्मीद राज्य शासन के बजट से है। उनका कहना है कि साइकिल और साइकिल पार्ट्स पर वैट की छूट 31 मार्च को समाप्त हो रही है, जिसे बढ़ाना चाहिए। शक्कर में लगने वाले प्रवेश कर को समाप्त किया जाना चाहिए। इससे यहां शक्कर महंगी है। ई-पेमेंट के लिए सभी राष्ट्रीयकृत व निजी बैंकों को अधिकृत किया जाना चाहिए। ई-पेमेंट को सभी प्रकार के शुल्क से मुक्त रखा जाना चाहिए। चेम्बर के सुझाव में प्रमुख बिंदु छत्तीसगढ़ में एसएमई सेक्टरों को बढ़ावा देने के लिए कच्चे माल पर लगने वाले प्रवेश कर से पूर्ण रूप से छूट मिलनी चाहिए। साथ ही उद्योगों को केपिटल सब्सिडी मिलनी चाहिए। जीएसटी लागू होने के पहले कराधान से संबंधित सारे विवादित प्रकरण निष्पादित होने चाहिए। इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी 6 प्रतिशत से 3 प्रतिशत है, इसे स्थायी रूप से लागू किया जाए। इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों जैसे वीडियो गेम्स, आईपेड,बच्चों की खेल सामग्री पर वैट 14 फीसदी के स्थान पर 5 फीसदी लगे। कन्फेक्शनरीज पर वैट की दर 14 से घटाकर 5 फीसदी की जाए।सोया बड़ी, सोया नगेट्स को करमुक्त किया जाए।अगरबत्ती, धूप को करमुक्त किया जाए।बिल्डरों को वाणिज्यिक कर में कम्पोजिशन संबंधी सुविधा दी जाए। चेम्बर ऑफ कॉमर्स अध्यक्ष अमर पारवानी कहते हैं राज्य शासन से बजट से राहत मिलने की उम्मीद है। आशा है कि चेम्बर की मांगों पर राज्य शासन ध्यान देगी। 

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नक्सलियों का बंद

सीपीआई माओवादी प्रतिबंधित ने आगामी 27 फरवरी को देश व्यापी बंद का आह्वान किया है। पार्टी के दक्षिण सब जोनल ब्यूरो के सचिव गणेश उईके ने जारी बयान में कहा है कि केंद्र के दमनकारी कार्यों के विरोध में 27 फरवरी को भारत बंद के क्रम में समूचा दंडकारण्य बंद की अपील करते हैं। बयान में कहा गया है कि रमन सरकार द्वारा किसानों के हित में किया दावा झूठा है। सरकार ने बस्तर अंचल को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया है। निर्दोष जनता पर दमनचक्र चलाया जा रहा है।सर्चिंग के नाम पर सुरक्षा बल ग्रामीणों पर अत्याचार कर रहे हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर हमले किए जा रहे हैं। बयान में मिशन 2016 के दौरान संभाग में 140 लोगों की हत्या करने का आरोप लगाया गया है।वहीं 40 महिलाओं के साथ दुष्कर्म की बात भी कही गई है। साथ ही बीजापुर जिले में हाल में कथित मुठभेड़ में मारे गए युवकों को निदोष बताया है। एक दिवसीय बंद को सफल बनाने आम जनता से अपील की गई है।

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एंटी करप्शन ब्यूरो

   एसीबी की टीम ने गुरुवार सुबह छत्तीसगढ़  में अलग-अलग स्थानों पर 9 सरकारी अफसरों के 15 से ज्यादा ठिकानों पर दबिश दी। इन अधिकारियों के घर से बड़ी संख्या में चल और अचल संपत्ति के कागजात बरादम होने की बात सामने आ रही है। कार्रवाई में 10 करोड़ के आसपास की संपत्ति का अब तक पता चल चुका है। कहीं सोने की सिल्ली तो कहीं स्विमिंग पुल, कहीं सोने के जेवहरात के अलावा लाखों रुपए नकद भी मिले हैं। जिन अधिकारियों के घर एसीबी कार्रवाई कर रही है उनके नाम निम्न हैं... 1. एम एल पांडेय, एडिशनल डायरेक्टर, समाज कल्याण विभाग ,2. रामेश्वर प्रसाद वर्मा, फॉरेस्ट एसडीओ को कोरिया, 3. श्रवण सिंह, कॉपरेटिव सोसाइटी जांजगीर-चांपा ,4. एके तंबोली, सहायक खाद्य अधिकारी ,5.शालिकराम वर्मा, कृषि विभाग, 6. डॉ पुनीत सेठ, भिलाई (सूर्या विहार),7. सुभाष गंजीर, दंतेवाड़ा जिला शिक्षा अधिकारी,8. प्रदीप गुप्ता ,9. अविनाश गुंजाल, बिलासपुर बस्तर, कोरिया, बिलासपुर, जांजगीर चांपा, दुर्ग और रायपुर में छापेमार कार्रवाई जारी है। एसीबी की इस कार्रवाई में 10 डीएसपी और 25 टीआई शामिल हैं। रायपुर में समाज कल्याण विभाग के एडिशनल डायरेक्टर एमएल पांडे के सुंदरनगर स्थित बंगले पर छापेमारी की कार्रवाई जारी है। फारेस्ट विभाग के एसडीओ रामेश्वर प्रसाद वर्मा और कृषि विभाग के शालिकराम वर्मा के घर पर भी एसीबी की टीम की कार्रवाई कर रही है। जांजगीर में कॉपरेटिव सोसायटी के श्रवण सिंह के घर पर भी कार्रवाई की जा रही है। जानकारी के मुताबिक करीब 150 से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी छापेमारी में लगे हुए हैं। वहीं 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को भी कारईवाई में शामिल किया गया है। 15 से ज्यादा ठिकानों पर कार्रवाई चल रही है, जिसमें कोरिया, बिलासपुर, जांजगीर, चांपा, दुर्ग और रायपुर शामिल हैं। गहने तौलने के लिए मंगाई मशीन अविनाश गुंजाल के पास से सोने की सिल्ली मिलने की खबर है। जबकि दंतेवाड़ा जिला शिक्षा अधिकारी के पास 8 लाख से ज्यादा नकद और सोने के गहने मिले हैं, एसीबी की टीम को गहने तौलने की मशीन मंगानी पड़ी। बिलासपुर में सहायक खाद्य अधिकारी एके तम्बोली के विजयापुरम कालोनी व पीएमजेएसवाय मुंगेली के ईई प्रदीप गुप्ता के सांई परिसर स्थित आवास पर कार्रवाई हुई। दंतेवाड़ा में जिला शिक्षाधिकारी सुभाष गंजीर के आवास पर छापा। रायपुर से पहुंची छह सदस्यीय टीम। गंजीर के जगदलपुर आवास पर भी कार्रवाई जारी है। कोरिया में वन विभाग के एसडीओ रामेश्वर साहू के बैकुंठपुर स्थित सरकारी मकान में कार्रवाई हुई। बैकुंठपुर में एसीबी के अधिकारी ने बातचीत में बताया कि फिलहाल 60 हजार रुपए नकद बरामद किए गए हैं, अभी कार्रवाई जारी है। पांच सदस्यीय टीम यहां जांच कर रही है जिसमें तीन बिलासपुर और दो अंबिकापुर के अधिकारी बताएं जा रहे हैं। यहां कार्रवाई सुबह 5 बजे से जारी है।  

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 सीआईएसएफ के अतिरिक्त महानिदेशक आर.के. मिश्रा

दंतेवाड़ा के बचेली में सीआईएसएफ के अतिरिक्त महानिदेशक आर.के. मिश्रा पहुंचे। हेलीपैड में कलेक्टर सौरभ कुमार,एसपी कमलोचन कश्यप सहित सीआईएसएफ के अधिकारियों ने उनकी अगुवानी की। यहां से वे सीधे परियोजना गेस्ट हाउस पहुंचकर बंद कमरे में सात फरवरी को आकाशनगर में साउथ ब्लॉक खदान में हुई नक्सली घटना को लेकर बैठक की। इस बैठक में दंतेवाड़ा कलेक्टर व पुलिस अधीक्षकके अलावा संयुक्त महाप्रबंधकसंजीव साही,सीआईएसएफ के महानिरीक्षक सतीश खण्डारे,उपमहानिरीक्षक महेश्वर दयाल व राजीव पंत,सहा.महानिरीक्षक डॉ.अनिल पांडे एवं सीआईएसएपु के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में एनएमडीसी परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सघन समीक्षा की गई।बंद कमरे में हुई बैठक की विस्तृत जानकारी बाहर तो नहीं आ सकी। एडीजी ने घटना स्थल का जायजा लेने के बाद पत्रकारों से चर्चा करने की बात कही है। लेकिन सूत्रों की माने तो साउथ ब्लॉक में बारूद लूटे जाने के बाद सीआईएसएफ सकते में है। उनके आला अधिकारी लगातार परियोजना का दौरा कर रहे ेहै। इसी क्रम अतिरिक्त महानिदेशक भी यहां पहुंचकर घटना की जानकारी ले रहे है। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन घटना को लेकर गंभीर है।पुलिस व सुरक्षा बल पूरे संभाग में नक्सलियों के खिलाफ आक्रामक रूख अपनाकर आपरेशन चला रही है। बारूद लूटे जाने के बाद पुलिस ने सर्च अभियान तेज कर दिया है। बस्तर के प्रभारी आईजी सुंदरराज पी.ने भी आकाशनगर कर दौरा कर अभियान तेज करने को कहा है। विदित हो कि सात फरवरी को एनएमडीसी परियोजना के निक्षेप क्रमांक 05 में स्थित साउथ ब्लॉक लौह अयस्क खदान में दिनदहाड़े धावा बोलकर भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ लूटकर ले गए,साथ पांच वाहनों को आग के हवाले भी कर दिया। नक्सलियों ने उस समय यहां पर धावा बोला जब परियोजना कर्मी खदान में विस्फोटक लगा रहे थे। उनके पास काफी मात्रा में विस्फोटक सामग्री थी। इस दौरान इस स्थान में सीआईएसएफ का एक भी जवान मौजूद नहीं था। इस घटना ने परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। परियोजना में नक्सलियों ने कई दफे हमला किया है। जिसके चलते एनएमडीसी को अरबों रूपयों की आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। साथ ही सीआईएसएफ के दो दर्जन जवान भी शहीद हो चुके है।

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मरवाही विधायक अमित जोगी

  प्रसिद्द पंडवानी गायक पद्मश्री पूनाराम निषाद के निधन पर उनके परिजनों से मिलने गए मरवाही विधायक अमित जोगी ने उनके इलाज के दौरान हुई लापरवाही और अमानवीय व्यवहार की कड़ी निंदा की है। देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्राप्त व छत्तीसगढ़ का नाम देश विदेश में रोशन करने वाले, पद्मश्री पूनाराम जी दर्द से करहा रहे थे और डॉक्टरों ने परिजनों से कहा कि "पेट दर्द है तो क्या इनका पेट फाड़ दें "? अमित जोगी ने कहा कि ये रव्वैया सरकार की छत्तीसगढ़ विरोधी मानसिकता का परिचायक है। जो बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर पर तो 8 मिनट के डेढ़ करोड़ लुटाती है लेकिन छत्तीसगढ़ के एक प्रख्यात लोक कलाकार के लिए एक फूटी कौड़ी की मदद करना तो दूर उल्टा उनके साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार किया जाता है जिससे वो इलाज और पैसे के आभाव में तड़प तड़प कर मर जाते हैं। अमित जोगी ने पूनाराम निषाद की मौत को सरकारी हत्या करार देते हुए उनके इलाज के दौरान हुई लापरवाही की न्यायिक जांच और दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है। अमित जोगी ने कहा कि पूनाराम जी के परिजन मदद मांगने बार बार मुख्यमंत्री कार्यालय जाते रहे, यहाँ तक कि वो मुख्यमंत्री से भी मिले लेकिन उन्होंने मदद करने से केवल इसलिए इनकार कर दिया क्योंकि उनके पास आवेदन की प्रति नहीं आयी थी। परिजनों ने मंत्रियों से लेकर मुख्यमंत्री तक सब से गुहार लगाई लेकिन सभी ने टाल दिया। जोगी ने कहा कि स्थिति गंभीर होने के बावजूद पूनाराम जी को आईसीयू में रखने के बजाय आंबेडकर अस्पताल के जनरल वार्ड में बाथरूम के बगल में जगह दी गयी। भर्ती के बाद न उन्हें बेड दिया गया और न ही चादर दी गई। इसके चलते रातभर वे स्ट्रेचर पर ही पड़े रहे। दूसरे दिन भी इलाज शुरू नहीं किया गया। अंतत: तीसरे दिन पेट दर्द से कराहते उनके प्राण उखड़ गए। शव उठाने के लिए कोई वार्ड बॉय नहीं था। जोगी ने कहा कि ऐसी सरकार के रहने का क्या औचित्य जो अपने राज्य की कला और संस्कृति के गौरव के साथ ही असंवेदनशील और अमानवीय वयवहार करे।    अमित जोगी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोक कलाकार रमन राज में तिरस्कृत और अपमान भरा जीवन जीने मजबूर हैं। राज्य सरकार बॉलीवुड कलाकारों को जो देना है दे लेकिन स्थानीय कलाकारों की अवमानना उचित नहीं है । *राज्योत्सव में जहाँ सोनू निगम और बड़े कलाकारों को करोड़ों दिए जाते हैं वहीँ छत्तीसगढ़ के स्थानीय कलाकारों के साथ भेदभाव और अपमानजनक व्यवहार होता है। जोगी ने कहा कि छत्तीसगढ़ विरोधी इस मानसिकता का अंत जल्द ही होगा। 2018 में जोगी सरकार बनते ही छत्तीसगढ़ की लोक कला, कलाकार और संस्कृति को सर्वोच्च स्थान और सम्मान पुनः मिलेगा।    

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सोनी सोरी

दंतेवाड़ा में सामाजिक कार्यकर्ता और आम आदमी पार्टी की नेता सोनी सोरी ने 29 जनवरी को किरंदुल के हिरोली-पुरंगेल जंगल में हुए मुठभेड को फर्जी बताया है। बैलाडिला पहाड़ी के नीचे बसे गांव का दौरा कर लौटी सोनी ने मारी गई महिला नक्सली के साथ अनाचार किए जाने और उसके आंख निकालने का आरोप भी पुलिस पर लगाया है। उसने मीडिया से चर्चा में कहा कि ग्रामीणों ने शव का अंतिम संस्कार नहीं कर दोबारा पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखा है। पुलिस ने 29 जनवरी को किरंदुल थाना क्षेत्र के हिरोली-पुरंगेल जंगल में एक महिला सुकमती उर्फ सुक्की और एक पुरुष भीमा कड़ती नामक नक्सली को मार गिराया था। उनके पास से पुलिस ने हथियार, दवा और अन्य नक्सल साहित्य बरामद करने के साथ सप्लाई कमेटी का डिप्टी कमांडर व सदस्य होना बताया था। घटना के करीब एक पखवाड़े बाद सोनी सोरी ने पुलिस पर इस मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। सोनी के मुताबिक वह 30 किमी पैदल यात्रा कर मृत युवक-युवतियों के गांव से लौटी है। ग्रामीणों ने उनके शव का अभी तक अंतिम संस्कार नहीं किया है। सोनी के अनुसार युवक-युवती नक्सली नहीं हैं और युवती नाबालिग है। 28 जनवरी को दोनों बाजार से लौट रहे थे तभी फोर्स उन्हें रास्ते से पकड़कर ले गई। ग्रामीणों ने भी बताया कि उनका नक्सलियों से कोई संबंध नहीं है। सोनी सोरी ने आशंका जताई है कि नाबालिग सुकमती के साथ अनाचार हुआ है। दोनों शव के आंख भी निकाल लिए गए हैं। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाते कहा है कि अब आदिवासियों को मारने के साथ ही उनके अंगों को बेचने का व्यापार भी पुलिस करने लगी है। सोनी सोरी ने कहा है कि आदिवासियों को न्याय दिलाने और शवों के दोबारा पोस्टमार्टम के लिए वह न्यायालय जाएंगी। उन्होंने बताया कि भीमा की तीन छोटी बेटियां हैं। एक पुत्री अभी एक माह की भी नहीं हुई और उसका अभी नामकरण भी नहीं हुआ है। वहीं सुक्की की सगाई की तैयारी चल रही थी। फोर्स बेगुनाहों को मारकर मुठभेड का नाम दे रही है।  

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गृहमंत्री रामसेवक पैकरा

गृहमंत्री रामसेवक पैकरा का बयान  छत्तीसगढ़ के नक्सल मोर्चे से हटने के बाद भी आईजी एसआरपी कल्लूरी सुर्खियों में हैं। गृहमंत्री रामसेवक पैकरा के ताजा बयान ने बस्तर में कल्लूरी के नक्सल विरोधी अभियान में नया विवाद खड़ा कर दिया है। रविवार को रायपुर में मीडिया से चर्चा में पैकरा ने कहा कि बस्तर का वातावरण खराब हो रहा था, मानवाधिकार उल्लंघन की बात सामने आ रही थी, बस्तर में मानवाधिकार की रक्षा हो, इसलिए सरकार ने आईजी को हटाने का फैसला किया है। कल्लूरी के बस्तर आईजी से हटाने के बाद पहली बार गृहमंत्री का इस तरह का बयान आया है। इससे पहले यह दावा किया जा रहा था कि बीमारी के कारण कल्लूरी से बस्तर आईजी का प्रभार लिया गया है। गृहमंत्री ने कहा कि बस्तर आईजी रहे कल्लूरी ने स्वास्थ्यगत कारणों से छुट्टी मांगी थी, लेकिन बस्तर में उनके कार्यकाल के दौरान आईजी पर कई तरह के आरोप-प्रत्यारोप लगते रहे हैं, इसलिए भी उन्हें हटाया गया है। बस्तर का वातावरण को ठीक करने के लिए बदलाव करते हुए प्रभारी आईजी को भेजा गया है। हालांकि गृहमंत्री ने कहा कि जरुरत पड़ी तो कल्लूरी को फिर बस्तर भेजा जा सकता है। एसआरपी कल्लूरी को 7 फरवरी को रायपुर पुलिस मुख्यालय अटैच किया गया था। बस्तर में डीयू प्रोफेसर नंदिनी सुन्दर पर हत्या का मामला दर्ज करने, मानवाधिकार कार्यकर्ता बेला भाटिया पर हमले के बाद सरकार की हुई किरकिरी को देखते हुए कल्लूरी को बस्तर से हटाया गया था। गृहमंत्री पैकरा के बयान के बाद यह माना जा रहा है कि सरकार ने बस्तर में मानवाधिकार हनन के आरोपों के लिए कल्लूरी को जिम्मेदार माना है। कल्लूरी ने कहा- मेरे हर काम में सरकार-मुख्यमंत्री का था समर्थन गृहमंत्री रामसेवक पैकरा के बयान के बाद आईजी एसआरपी कल्लूरी ने मीडिया से चर्चा में साफ किया कि उनके हर अभियान और हर काम में सरकार और मुख्यमंत्री का समर्थन था। कल्लूरी ने कहा कि हम जो भी काम करते हैं, उसके पीछे मुख्यमंत्री से लेकर हमारे वरिष्ठ अधिकारियों का सपोर्ट होता है। उन्होंने कहा कि हम नक्सल क्षेत्र में जनजागरण अभियान के तहत ही काम कर रहे। बस्तर की जनता को इस मुहिम से जोड़कर पुलिस प्रशासन ने काम किया। अग्नि संस्था के बारे में उन्होंने कहा कि अग्नि चलाने वालों को माओवादियों ने जान से मारने की धमकी दी है। सलवा जुडूम के नेता भी मारे गए थे। अग्नि राष्ट्रभक्त और नक्सल विरोधी संस्था है, लेकिन अब मेरे हटते ही वो नक्सलियों के निशाने पर हैं। भूपेश बघेल पर कल्लूरी ने कहा कि मेरी उनसे कभी बात नहीं हुई। वो विपक्ष में होने के कारण मेरा विरोध करते होंगे। चुनाव लड़ने पर कल्लूरी ने कहा कि मेरा अभी बस्तर पर फोकस है। मैंने सरगुजा में नक्सलवाद खत्म किया था, अब मेरा फोकस बस्तर है। वहां नक्सलवाद खत्म करना है, फिर देखेंगे परिस्थिति कैसी बनती है।

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दंतेश्वरी मंदिर

    दंतेवाड़ा में  बसंत पंचमी पर दंतेश्वरी मंदिर में त्रिशूल स्तंभ स्थापना के साथ फागुन मंडई की शुरुआत हो गई है। शुक्रवार को मंडई के तरह दूसरी रस्म खिचड़ी खिलाई संपन्न् हुई। इसमें माईजी के गाय-बैलों की पूजा के बाद त्रिशूल स्तंभ के समक्ष चावल, दाल से तैयार व्यंजन पुजारियों ने खिलाया। ये मवेशी चितालंका, कतियाररास के साथ ही मंदिर के गौशाला से बुलाए गए थे। गाय-बैलों को खिचड़ी खिलाने के बाद रस्मानुसार मंदिर प्रांगण में सेवादारों के बीच कुश्ती का आयोजन भी हुआ। इधर बसंत ऋतु आगमन के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में मेला-मंडई की तैयारी शुरु हो गई। दक्षिण बस्तर का पहली मंडई गीदम ब्लाक के घोटपाल में होती है। 14 फरवरी होने वाले मंडई की तैयारी ग्रामीणों ने शुरु करते क्षेत्र के देवी-देवता और लोगों आमंत्रण भेज दिया गया है। साथ ही परंपरानुसार गांव के युवा ढोल-नगाड़े बजाकर लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। 31 जनवरी से शुरु घोटपाल मेला में विभिन्न् रस्मों की अदायगी चल रही है। मुख्य कार्यक्रम 14 फरवरी को देव खेलनी के और मंडई के रुप में होगी। दूसरे दिन 15 फरवरी को आमंत्रित देवी-देवता विदा होंगे और 16 फरवरी को सिंगार उतारनी रस्म के साथ मेला का समापन होगा।  

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आईजी एसआरपी कल्लूरी

कल्लूरी ने रायपुर में दी आमद  आईजी एसआरपी कल्लूरी ने नया रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय पहुंचकर डीजीपी एएन उपाध्याय से मुलाकात की। उन्होंने पीएचक्यू में आमद दे दी है, पर देर शाम तक उनकी भूमिका नहीं तय हो पाई थी।  कल्लूरी ने मीडिया से चर्चा की। उन्होंने कहा-सरकार ने जो भी निर्णय लिया है, मैं उसके साथ हूं। यह सामान्य प्रशासनिक फेरबदल है। बस्तर से मुझे हटाए जाने को अलग नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। बस्तर में विकास हुआ है। सड़कें, पुल, स्कूल, अस्पताल खुले हैं। हाट बाजार में रौनक आ गई। देश-विदेश में भारी बदनामी और विरोध के बावजूद हमने सरेंडर के लिए नक्सलियों को प्रेरित करना नहीं बंद किया। इस काम को मिशन मोड में किया। उन्हाेंने कहा कि नोटबंदी पर राज्य सभा में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इसकी तारीफ की। मुख्यमंत्री और सरकार ने मेरी हर कदम पर मदद की, पूरा समर्थन किया। मैं सरकार के निर्णय के साथ हूं। हम बस्तर में बदलाव लाने में सफल रहे। मिशन 2016 शानदार रहा। आगे भी अच्छा होगा। उन्हांने कहा-मैं मानता हूं कि आंतरिक सुरक्षा पर नक्सली गंभीर खतरा हैं। इन्हें बेरहमी से कुचलने की जरूरत है। कल्लूरी ने कहा कि हमारे जवान जंगल में जान हथेली पर लेकर मुकाबला कर रहे हैं, ताकि संविधान और प्रजातंत्र बचा रहे, लेकिन मानवाधिकारवादी विदेशों से पैसे लेकर फोर्स को बदनाम कर रहे हैं। यह उनका धंधा है। उन्होंने कहा-मुझे बस्तर से हटाने में साजिश भी हो सकती है, पर इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं बीमार था पर अब फिट हूं। यहां भी बेहतर करने की कोशिश करूंगा। बस्तर में जनता जाग गई है। अब नक्सलवाद का खात्मा निश्चित है। बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ जनता लड़ रही है। अग्नि, बस्तर संघर्ष समिति और दूसरे संगठनों को सुरक्षा दी जानी चाहिए। हालांकि अभी अग्नि को भंग कर दिया गया है पर जिन लोगों ने नक्सलवाद से लड़ाई में पुलिस का साथ दिया उनकी सुरक्षा की मांग मैं सरकार से करूंगा।

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महानदी विवाद

 भुवनेश्वर में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने आज दावा किया कि राजनीतिक कारणों से महानदी जल विवाद ‘पैदा’ किया जा रहा है और अगर राजनीतिक विमर्श को हटा दें तो महज तीन मिनट में विवाद खत्म हो जाएगा। बोलंगीर जिले के बुडरा में आम सभा में सिंह ने कहा, ‘महानदी को लेकर जल विवाद नहीं हो सकता है। राजनीतिक कारणों से इसे पैदा किया जा रहा है। अगर हम (रमन और ओड़िशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक) एक मिनट के लिए बैठें तो तीन मिनट के अंदर समाधान निकल आएगा..मैं समझता हूं कि पंचायत चुनावों में महानदी जल विवाद को मुद्दा बनाना उचित नहीं है।’ ओड़िशा सरकार ने आरोप लगाया कि पड़ोसी राज्य ने महानदी पर एकतरफा परियोजनाओं का निर्माण कराया जिससे हीराकुंड जलाशय से पानी का बहाव धीमा हो गया। नदी पर परियोजनाएं रोकने के ओड़िशा सरकार के प्रस्ताव को सिंह द्वारा खारिज किए जाने के बाद राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के खिलाफ केंद्र का दरवाजा खटखटाया है। सत्तारूढ़ बीजद ने इसे पंचायत चुनावों में मुद्दा बनाया है। ओड़िशा में तीन स्तरीय पंचायत चुनाव लड़ रहे भाजपा उम्मीदवारों के लिए स्टार प्रचारक के रूप में पहुंचे सिंह ने स्पष्ट किया कि उनके दौरे का उद्देश्य महानदी विवाद को लेकर ओड़िया के लोगों के बीच भ्रम की स्थिति को दूर करना है। राज्य में उनके दौरे का सभी गैर भाजपा दलों ने विरोध किया। उन्होंने कहा, ‘मैं यहां सच्चाई बताने आया हूं और भ्रम की स्थिति को दूर करने आया हूं। मैं यहां छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के रूप में नहीं आया हूं बल्कि सच्चे पड़ोसी के रूप में आया हूं। पड़ोसी के तौर पर मेरा कर्तव्य है कि लोगों को सच्चाई बताउं।’ सिंह ने कहा कि दोनों राज्यों के लाभ के लिए वह महानदी जल मुद्दा सुलझाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, ‘बहरहाल मामले का समाधान तथ्यों के आधार पर होना चाहिए न कि राजनीतिक आधार पर।’

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स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर

  आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से भड़के पंचायत और स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर ने रायपुर कहा है कि वे आरोप लगाने वाली मंजीत बल और उनके साथी कृष्णकुमार साहू का पॉलीग्राफी टेस्ट कराने की मांग करेंगे।  रिटर्न की जांच जितनी बार चाहो, करा लो। उसमें अगर दोषी निकला तो चाहे जो सजा दो। फर्जी आरोपों से कुछ हासिल नहीं होगा। चंद्राकर ने कहा जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, इस तरह के आरोपों की बाढ़ आएगी। कृष्ण कुमार साहू खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताते हैं, जबकि हकीकत यह है कि वे कांग्रेस कार्यकर्ता हैं और स्थानीय चुनावों में कई बार भाजपा के हाथों पराजित हो चुके हैं। चंद्राकर के खिलाफ मोर्चा खोलने वाली ग्रामीण विकास संस्थान की पूर्व प्रशिक्षक मंजीत बल और कुरुद के एक एक्टिविस्ट कृष्ण कुमार साहू ने 3 फरवरी को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसमें मंत्री पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया है। मंत्री ने कहा-साहू ने 2014 में यही आरोप लगाया था। वह मामले को लेकर हाईकोर्ट गया। कोर्ट के आदेश पर एसीबी ने मामले की जांच की और मुझे क्लीन चिट दी गई। तब उसने कोर्ट में लिखकर दिया था कि अब इस मामले का तूल नहीं देना चाहता। जो मामला चार साल पहले खत्म हो चुका है, उसे अब दोबारा उछाला जा रहा है। साहू कोई सामाजिक कार्यकर्ता नहीं हैं। मंडी और जनपद चुनाव में कांग्रेस की ओर से लड़ चुका है। ये लोग भयादोहन और अवैध वसूली के लिए आरटीआई का दुरुपयोग करते हैं। आज ही सुप्रीम कोर्ट का एक फैसला आया है, जिसमें कोर्ट ने एक याचिका इसलिए खारिज कर दी कि आरटीआई का उपयोग जनहित में नहीं किया जा रहा था। कोर्ट ने कहा है कि यह आरटीआई कानून की मूल भावना के खिलाफ है। देखना होगा कि इन लोगों के पीछे कौन है। कौन पैसा दे रहा है। साहू के खिलाफ आरटीआई लगाकर ब्लैकमेल करने का मामला थाने तक गया है। इनका पॉली टेस्ट होगा तो सच सामने आ जाएगा। मंत्री चंद्राकर ने कहा कि लालू और नीतीश (मंजीत बल और कृष्णकुमार साहू) को मिलाया किसने। कोई तो जरूर है, जो इसके पीछे है। मंजीत बल से कोई दुश्मनी नहीं है। मैंने उसकी संविदा नियुक्ति का रिन्युअल नहीं किया। यह एक सामान्य प्रशासनिक निर्णय था। वह जानबूझकर मेरी गाड़ी के सामने आईं। उनके पिता डीएस बल मेरे दोस्त हैं, इसलिए माफ करता हूं। ईश्वर उन्हें सद्बुद्घि दें। चंद्राकर ने कहा कि जब अमित शाह यहां लाइब्रेरी का उद्घाटन करने आए थे, तब भी किसी ने फर्जी खबर चलवा दी। हम लाइब्रेरी से नीचे आए भी नहीं थे, इसे पहले ही खबर उड़ गई कि शाह ने मुझे डांटा है। मेरी रोज जांच कराएं, पर इसके पीछे उद्देश्य क्या है। कौन आरटीआई लगवा रहा है। मैं जांच की मांग करूंगा। इनका पॉली टेस्ट हो सब सामने आ जाएगा।  

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दस नक्सली मारे गए

नारायणपुर के आकाबेड़ा पुलिस कैंप पर सोमवार देर रात नक्सलियों ने हमला कर दिया। दोनों ओर से दो घंटे चली गोलीबारी में पुलिस ने 10 नक्सलियों के मारे जाने की आशंका जताई है। घटना की पुष्टि एसपी अभिषेक मीणा ने की है। जानकारी के मुताबिक नक्सलियों ने पुलिस कैंप पर अचानक फायरिंग कर दी, इस पर पुलिस जवानों ने भी जवाबी फायरिंग की। रात में लगातार करीब दो घंटे तक गोलीबारी चलती रही। इस दौरान कमजोर पड़ रहे नक्सली भाग निकले। नक्सलियों के भागने के बाद जब पुलिस ने सर्चिंग की तो वहां खून के धब्बे मिले और हथियार बरामद किए गए हैं। आकाबेड़ा में जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाना है। इसी को लेकर नक्सली विरोध कर रहे थे। उन्होंने आस-पास के गांव में बैठके कर ग्रामीणों को चेताया था कि जो भी शिविर में जाएगा उन्हें जन अदालत में सजा दी जाएगी। उन्होंने यह चेतावनी भी जारी कि थी कि ग्रामीण शिविर से दूरी बनाए रखें। दरअसल यह नक्सलियों का आधार क्षेत्र माना जाता है, जो अबूझमाड़ के बीच में स्थित है। यहां तीन महीने पहले ही पुलिस ने अपना कैंप लगाकर डीआरजी फोर्स को तैनात किया था। कैंप पर हमले से पहले नक्सलियों ने यहां रेकी भी की थी। पुलिस के अनुसार करीब 40-50 की संख्या में थे। हमले के दौरान उन्होंने हाई एक्सप्लोसिव बम और मोर्टार भी दागे। इसके बाद जवानों ने जवाब में ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी तब नक्सली भाग खड़े हुए। हमले के बाद पुलिस सर्चिंग में नक्सलियों द्वारा उपयोग किए गए हथियार मिले हैं, वहीं पूरे इलाके में खून के धब्बे मिले है। पुलिस ने आशंका जताई है कि जवाबी फायरिंग में करीब 10 नक्सली मारे गए हैं, जिनके शवों को उनके साथी अपने साथ लेकर फरार हो गए। इसके पहले भी कस्तूरमेटा में होने वाले जनसमस्या निवारण शिविर का नक्सली विरोध कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने शिविर के शुरू होने के कुछ समय पहले ही यहां विस्फोट कर दिया। घटना के बाद आकाबेड़ा और आस-पास के गांवों में दहशत का माहौल है। अब अधिकारी-कर्मचारी और ग्रामीण भी जनसमस्या निवारण शिविर में जाने को लेकर डरे हुए है। उधर पुलिस का कहना है कि हम सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराएंगे और शिविर होकर रहेगा।

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korba राजेंद्र जायसवाल

राजेंद्र जायसवाल पहली बार कोरबा की धरती पर उतरे प्रमुख आयकर आयुक्त ने अपने काम करने के अंदाज बयां कर जोर का झटका धीरे से दे दिया। इशारों ही इशारों में अपनी बात कहकर आय छुपाने वालों को घुड़की दे डाली और सहलाते हुए घुट्टी भी पिला दी कि अब भी बाज आ जाएं वरना उनसे बुरा कोई नहीं होगा। अब यह तो आयकर दाता पर निर्भर है कि वह घुड़की से डरकर सही रास्ते पर चलेगा या घुट्टी पीकर आदत से बाज आएगा।  एक थैली के चट्टे-बट्टे एक अनुविभाग के दो शीर्ष अधिकारी इन दिनों एक ही थैली के चट्टे-बट्टे बनकर मशहूर हुए हैं। इलाके में चर्चा का आलम तो यहां तक है कि नोटबंदी के बाद इन दोनों ने अपना वसूली वाला धन सफेद कराने बैंक में ही डेरा डाल दिया। एक ने तो बैंक अधिकारी को घर पर ही बुलाकर अपना काम कराया। दोनों की जुगल जोड़ी के किस्से इस कदर मशहूर हैं कि बात आला अधिकारियों से होते हुए राजधानी तक पहुंच गई है। वैसे भी इनकी कार्यशैली को लेकर हर दूसरे-तीसरे मुंह से चर्चा सुनने को मिल जाती है।  पार्टनर के चक्कर में बुरे फंसे रायपुर में एक बिल्डर के यहां पड़े छापे के बाद बिल्डर के कारोबार का दस्तावेज खंगालते हुए आयकर अधिकारियों को ऐसा सुराग लगा कि कोरबा पहुंच गये। अब उस बिल्डर के कोरबा निवासी पार्टनर और नेता कम व्यवसायी के लिए यह पार्टनरशिप महंगी पड़ गई और नेताजी पार्टनर के चक्कर में बुरे फंस गये और करोड़ों का आय मजबूरी में सरेंडर करना पड़ा। एक कदम आगे नोटबंदी का फैसला लेकर प्रधानमंत्री ने भले ही एकाएक धनकुबेरों और आपराधिक तत्वों के हौसले कमजोर किये लेकिन इनसे भी एक कदम आगे वो लोग चल निकले जो नोटों की फोटोकॉपी करने में माहिर थे। 2000 और 500 के नये नोट का  जाली इतनी जल्दी बाजार में आने की दूर-दूर तक संभावना नहीं थी, फिर भी ईमानदार सोच से एक कदम आगे चलने वाले बेईमान आखिरकार पलीता लगाने से बाज नहीं आते। समन्वय के रंग में भंग आला पदाधिकारियों के समन्वय सूत्र के रंग में आखिर भंग तब पड़ गया जब एक युवा नेता के जन्मदिन की पार्टी में पर्यटन स्थल पर जमकर गुत्थम गुत्था हुई। मिशन 2018 का लक्ष्य हासिल करने नेतागण आपसी तालमेल पर पसीना बहाने में दिन-रात एक किये हुए हैं, तो कुछ इस पसीने को अपने अहम की लड़ाई से सुखाकर नमक बनाने में कसर बाकी नहीं रख रहे।  सड़क और बाईपास पर तकरार नगर में स्थानीय मुद्दों से हटकर एक नया मुद़्दा सड़क और बाईपास पर चल रही तकरार का छिड़ गया है। सड़क पर काम होने के बाद कौन से वाहन चलेंगे और कौन से नहीं यह तो बाद की बात है पर इसी बहाने मुद्दे को भुनाने और अपनी-अपनी गुडविल बढ़ाने वाले भी शुभचिंतक बनकर सुर्खियां बटोर रहे हैं। अब यह तो अपनी-अपनी समझ की बात है कि बरसाती मेंढक की तरह फुदककर क्यों बाहर आ रहे हैं? एक सवाल आप से ❓ वह कौन अधिकारी है जिसने नोट बंदी के बाद खपाने से बच गये पुराने नोटों की गड्डियां गुपचुप तरीके से आग के हवाले कर दी? और अंत में ❗ ऊर्जा और कोयले की नगरी में भूविस्थापित धरती पुत्रों से उनकी जमीन लेने के बाद नियम, कायदों का हवाला देकर वांछित लाभ से वंचित करने का सिलसिला और उपजता आक्रोश कोई आज का नहीं बल्कि वर्षों पुराना है। शायद एसईसीएल को यह अभास न रहा होगा कि उसकी उपेक्षा के कारण भड़क रही चिंगारी एक दिन ऐसा विस्फोटक रूप भी ले लेगी। किसी भी जख्म का नासूर बनने से पहले ईलाज जरूरी होता है लेकिन अपने टारगेट को पूरा करने में बेसुध अधिकारियों को न तो जख्म की परवाह है और न ही किसी के रोजी-रोटी की।   

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जगदलपुर आईजी के रूप में पदभार संभालने के बाद मीडिया से चर्चा के दौरान सुंदरराज पी ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता नक्सल उन्मूलन व बस्तर में शांति बहाली की होगी। इसके लिए प्रत्येक वर्ग का सहयोग लेने में संकोच नहीं है। वहीं कानून के बाहर किया गया किसी भी प्रकार का कृत्य बर्दास्त नहीं किया जाएगा। सुंदरराज ने कहा कि पूर्व में वे एसपी के रूप में यहां कार्य कर चुके हैं। इसलिए काफी हद तक हालात समझते हैं। हांलाकि पांच वर्षों में स्थितियां काफी कुछ बदली हैं। नक्सल उन्मूलन का अभियान बिना बाधा के जारी रहेगा। उन्हाेंने इसके लिए पुलिस व सुरक्षा बलों के प्रति आम जनता में विश्वास बना रहना बेहद जरूरी बताया। वहीं आम जनता के सहयोग की अपेक्षा जताई। उन्होंने कहा कि बस्तर में तेजी से विकास हो रहा है। विकास और नक्सल विरोधी आपरेशन एक साथ जारी रहेंगे। उन्होंने जल्द ही सात जिलो के पुलिस अधीक्षकों की मीटिंग लेकर बेहतर समन्वय के साथ रणनीति बनाए जाने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी रूप अवैधानिक कृत्य किए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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ambikapur

अंबिकापुर बिश्रामपुर मार्ग में सरगुजा संभाग की सबसे बड़ी सब्जी मंडी सिलफिली में सब्जी बिक्री में भारी गिरावट आ गई है। इससे प्रभावित किसानों ने फाइड प्रोसेसिंग प्लांट और कोल्ड स्टोरेज की मांग को लेकर हाइवे पर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान उन्होंने टमाटर और फूलगोभी सहित सब्जियों को सड़क पर बिखेर दिया और उन पर लेटकर प्रदर्शन करते रहे। घंटों जाम के बाद भी कोई भी प्रशासनिक अधिकारी किसानों से मिलने नहीं पहुंचा। चक्काजाम से अंबिकापुर-कटनी नेशनल हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। किसानों ग कर रहे हैं कि कोल्ड स्टोरेज बनने से उनकी सब्जियां खराब नहीं होगी और न बिकने की स्थिति में उन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा।  

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आयकर सेवा केंद्र अंबिकापुर

अंबिकापुर में छत्तीसगढ़ के मुख्य आयकर आयुक्त केसी घुमरिया ने कहा है कि विमुद्रीकरण के बाद छत्तीसगढ़ के जनधन खातों में भी व्यापक अनियमितताएं की गई है। यहां के सहकारी बैंक भी जांच के दायरे में हैं, सिर्फ रायपुर सहकारी बैंक में ही विमुद्रीकरण के बाद चार सौ करोड़ रुपए जमा कराए गए हैं। प्रदेश के दूसरे सहकारी बैंकों में भी बड़ी राशि जमा कराई गई होगी। आयकर सेवा केंद्र अंबिकापुर के उद्धाटन के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए मुख्य आयकर आयुक्त ने स्वीकार किया कि प्रदेश के जनधन खातों में भी बड़ी धनराशि जमा कराई गई है। अपनी संपत्ति व नगद राशि छिपाने की मंशा से लोगों ने दूसरों के बैंक खातों में रकम जमा कराई है, लेकिन यह रकम कितनी है, यह बताने की स्थिति में वे नहीं हैं । उन्होंने कहा वे यह भी नहीं बता सकते कि जनधन खातों में छत्तीसगढ़ में जमा रकम देश के अन्य राज्यों की तुलना में कौन से नंबर पर है। उन्होंने बताया कि विमुद्रीकरण के बाद खातों पर नजर रखने का काम विभाग की विजिलेंस शाखा कर रही थी लेकिन अब संयुक्त रूप से काम चल रहा है। सरकार द्वारा तैयार साफ्टवेयर के माध्यम से विस्तृत जांच की जा रही है। अघोषित आय व बेनामी संपत्ति के मामले में सर्वे व छापे की कार्रवाई भी चल रही है। अभी भी ऐसे लोगों के पास मौका है कि वे प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में सहभागी बनकर निश्चिंत हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि विभागीय तौर पर कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग की दृष्टि से सरगुजांचल उत्पादक क्षेत्र है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में सरगुजांचल के कर दाताओं की ओर से बेहतर रिस्पोंस मिलेगा और सरकार की मंशानुरूप राशि भी जमा होगी।  

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छत्तीसगढ़ी

छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग का पांचवा दो दिवसीय प्रांतीय सम्मेलन राजिम के पं. रामबिशाल पाणडेय विद्यालय में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, सांसद चंदूलाल साहू, विधायक संतोष उपाध्याय, आयोग के प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार पाठक की मौजूदगी में हुआ। पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ला, प्रख्यात कवि व आयोग के सचिव डॉ. सुरेन्द्र दुबे सहित प्रदेश भर के 27 जिले व देश भर से आए ख्याति नाम कवि साहित्यकार की मौजूदगी में शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर धरमलाल कौशिक ने मुख्य अतिथि की आसंदी से कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा संविधान के आठवीं अनुसूची में जुड़ने के बाद हिन्दुस्तान की दर्जा प्राप्त भाषा बन जाएगी। तब हमारे दोनों सदन के संसद प्रतिनिधि छत्तीसगढ़ी में प्रश्न कर सकेंगे। पत्राचार भी किया जा सकेगा। कौशिक ने कहा कि गांवों में छत्तीसगढ़ी बोल चाल की भाषा है लेकिन शहर के लोग बोलने से सकुचाते हैं। मात्र सरकार द्वारा दर्जा देने से काम नहीं चलेगा इसके लिए हर छत्तीसगढ़िया को आगे आना होगा। हर राज्य में उनकी अपनी भाषा चलती है। अपनी क्षेत्रीय भाषा को गर्व से प्रस्तुत करते हैं लेकिन हम छत्तीसगढ़िया छत्तीसगढ़ी बोलने से परहेज क्यों करते हैं। मंच पर मौजूद प्रदेशभर के साहित्यकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ब्रम्हलीन पवन दीवान पृथक छत्तीसग़ढ़ आंदोलन के नेतृत्वकर्ता थे। इसके लिए उन्होंने अनेक लड़ाइयां लड़ी। भागवत कथा के माध्यम से छत्तीसगढ़ी को जन जन तक पहुंचाया।

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naxli chattisghar

    नारायणपुर में जन आक्रोश रैली के बाद सभास्थल पर पुलिस के आला अफसरों के सामने माड़ के 195 नक्सली सदस्य आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट आए। यह पहला मौका है जब जिले से इतनी बड़ी संख्या में जनताना सरकार और मिलिशिया के सदस्यों ने समर्पण किया है। एसपी अभिषेक मीणा ने बताया कि नक्सलियों के गढ़ से लोगों का सरकार पर विश्वास जताना बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है। उन्होंने कहा कि माड़ के दूरस्थ अंचल के नक्सलियों का समर्पण पुलिस का मनोबल बढ़ा रहा है। उन्होंने बताया कि कस्तुरमेटा, कलमानार, नेडनार, अचेली, मुरनार, निरामेटा,पिनका, कटुलनार, इरपानार, ताडोनार, एनमेटा, इकपाड़, ताडनार,मेटानार,पोकानार, नेलनार, कोडकानार, कोडिलियार, आकाबेड़ा, मोहंदी, ओकपाड़, करकानार, कोटेनार,गुमियाबेड़ा के 171 पुरुष एवं 24 महिला समेत 195 नक्सलियों ने समर्पण किया है।

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korba

    कोरबा के दर्री साप्ताहिक बाजार के पास एक ट्रक, बस और मिनी बस में सोमवार सुबह आग लग गई।  रेलवे स्टेशन और जमनीपाली के बीच चलने वाली बस रात को यहां खड़ी की गई थी। तड़के यहां से गुजर रहे लोगों ने गाड़ि‍यों को जलते देखा और इसकी सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी। जिस तरीके से बस और ट्रक खड़ा है उससे इसके आपस में टकराने की अनुमान लगाया जा रहा है। वहीं कुछ लोग इसमें शरारती तत्वों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और वाहनों में लगी आग को बुझाया, लेकिन तब तक वह जलकर खाक हो चुके थे। पुलिस ने इस मामले में जांच भी शुरू कर दी है।

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     ऐसी एक महिला अफसर हैं जो पिछले डेढ़ साल से नक्सल मोर्चे पर काम कर रही हैं। वह खुद एके-47 लेकर नक्सलियों से लोहा लेने उनकी मांद में बेखौफ घुस जाती हैं। 30 सितंबर 2015 को बतौर डीएसपी बीजापुर आई लेडी अफसर उनेजा खातून अंसारी 2007 बैच की अफसर हैं। यहां आने से पहले जगदलपुर में प्रशिक्षु डीएसपी के तौर पर काम कर चुकी हैं। रायपुर की रहने वाली इस महिला अधिकारी ने नईदुनिया से चर्चा करते हुए बताया कि उनके परिवार में कोई भी व्यक्ति पुलिस की नौकरी में नहीं है। इसके बाद भी उन्होंने इस पेशे को चुना और बेखौफ होकर नक्सलियों से मुकाबला कर रही हैं। लेडी ऑफिसर उनेजा साहस को बीजापुर में सभी लोग सलाम करते हैं। उनके साथ मौजूद अन्य पुलिसकर्मी निर्भिक होने की प्रेरणा लेते हैं।

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  छत्तीसगढ़ में गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल बलरामदास टंडन ने राजधानी रायपुर में तिरंगा फहराया। पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में सांस्कृत कार्यक्रम के साथ, राज्यपाल ने पुलिस परेड की सलामी ली। वहीं सीएम डॉ रमन सिंह ने जगदलपुर में तिरंगा फहराया। इस दौरान उन्होंने कहा कि 'बस्तर नेट' योजना के माध्यम से बस्तर संभाग के सभी जिलों को 900 किमी ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। स्टार्टअप छत्तीसगढ़ के तहत यह प्रावधान किया गया है कि युवाओं को प्रेरणा के साथ सुविधा भी मिले, ताकि वे जॉब क्रिएटर बनें न कि जॉब सीकर। सीएम ने कहा अजा एवं अजजा वर्ग के बच्चों के उत्थान के लिए स्थापित शिक्षण संस्था 'प्रयास' के छात्र निरंत राष्ट्रीय संस्थानों में चयनित हो रहे हैं। महिलाओं की सुरक्षा एवं समस्याओं के समाधान के लिए देश में सर्वप्रथम वन स्टॉप सेंटर 'सखी' की स्थापना छत्तीसगढ़ में की गई है। उन्होंने कहा विमुद्रीकरण जैसे साहसिक निर्णय में प्रधानमंत्री जी का साथ देते हुए प्रदेश को कैशलेस बनाने के लिए आपकी एकजुटता को मैं सलाम करता हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का धन्यवाद जिन्होंने केंद्र से राज्यों को मिलने वाला राजस्व 32 से बढ़ाकर 42 प्रतिशत किया। दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय के मुख्य समारोह में मंत्री केदार कश्यप ने झंड़ा फहराया। बिलासपुर में गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह पुलिस मैदान में आयोजित हुआ जिसमें मंत्री अमर अग्रवाल ने ध्वजारोहण व परेड की सलामी लिया। स्कूली छात्र छात्राएं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम दिए और विभिन्न सरकारी विभाग द्वारा झांकी प्रस्तुत की गईं। थाना सिविल लाइंस में नवनिर्मित आगंतुक कक्ष का लोकार्पण पुलिस अधीक्षक मयंक श्रीवास्तव के द्वारा किया गया। इस अवसर पर अति. पुलिस अधीक्षक प्रशांत कतलाम, अर्चना झा, नगर पुलिस अधीक्षक लखन पटले एवं मधुलिका सिंह उपस्थित थे।  

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