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सुकमा News


जनअदालत

 सुकमा के छिंदगृढ ब्लॉक के ग्राम पंचायत कुंदनपाल में माओवादियों ने जनअदालत लगाकर डोलेरास सरपंच मुचाकी सुकड़ा के साथ ग्रामीण लखमा, अन्नू एवं बुधरा मंडावी की जमकर पिटाई की। कुकानार टीआई सलीम खाखा ने ग्रामीणों की सूचना पर एफआईआर दर्ज किए जाने की बात कही है। टीआई ने बताया कि नक्सलियों द्वारा की गई मारपीट के बाद से सरपंच मुचाकी सुकड़ा की हालत काफी गंभीर है। बावजूद नक्सली डर से परिजन सुकड़ा का इलाज कराने उसे अस्पताल लेकर नहीं आ रहे हैं। डोलेरास के घर में ही परिजन सुकड़ा का देसी उपचार करा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक रविवार को छिंदगढ़ ब्लाक के कुंदनपाल के पांडूपारा में कटेकल्याण एरिया कमेटी के सचिव व नक्सली कमांडर जगदीश ने कथित जनअदालत लगाकर डोलेरास सरपंच मुचाकी सुकड़ा पर जेल में बंद अपने साथियों को रिहा कराने जरूरी प्रयास नहीं करने का आरोप लगाते बंदूक के बट व डंडे से बेदम पिटाई की। इसके अलावा, माओवादियों ने जन अदालत में डोलेरास निवासी लखमा मंडावी, अन्नू मंडावी और बुधरा मंडावी पर पुलिस का मुखबिर होने का आरोप लगाते उनकी जमकर पिटाई की और उनके मोबाइल लूट लिए। रविवार को कुंदनपाल के पाण्डूपारा में बड़ी संख्या में नक्सलियों के जमावड़े की सूचना मिलने के बाद कुकानार टीआई सलीम खाखा की अगुवाई में जवानों की अलग-अलग टुकड़ी पांडूपारा के लिए रवाना हुई थी। फोर्स के आने की भनक लगते ही नक्सली आनन-फानन में जनअदालत खत्म कर भाग खड़े हुए। टीआई ने बताया कि मंगलवार को डोलेरास के ग्रामीणों ने कुकानार थाना पहुुंच नक्सलियों द्वारा जनअदालत में सरपंच समेत चार ग्रामीणों के साथ मारपीट किए जाने के मामले में एफआईआर दर्ज करवाई है।

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 MadhyaBharat  9 August 2017

चिंतागुफा

सुकमा के चिंतागुफा थाने में उस वक्त हड़कम्प मच गया जब जवानों ने जोरदार धमाके की आवाज सुनी। बम धमाके के बाद जवान अलर्ट हो गए। बताया गया कि चिंतागुफा थाने से लगभग एक किमी दूर जंगल में यह ब्लास्ट हुआ। ब्लास्ट कैसे हुआ और इसकी चपेट में कौन आया, इस संबंध में देर शाम तक कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई थी। ऐसी आशंका जाहिर की जा रही है कि नक्सली जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए प्रेशर बम प्लांट करते रहे होंगे और उसी दौरान आईईडी ब्लास्ट हो गया होगा। इसके अलावा माओवादियों द्वारा लगाए गए प्रेशर आईईडी के चपेट में किसी जानवर के आने की वजह से ब्लास्ट होने की आशंका भी एएसपी नक्सल ऑपरेशन जितेंद्र कुमार शुक्ला ने जाहिर की है।

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 MadhyaBharat  15 July 2017

नक्सली मुठभेड़,तीन जवान शहीद

  छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में शनिवार को नक्सलियों और पुलिस फोर्स के बीच हुई मुठभेड़ में शहीद हुए जवानों की संख्‍या अब तीन हो गई है। शहीद जवानों में कांस्टेबल कट्टम राजकुमार, सहायक आरक्षक सुनम मनीष और राजेश कोरमा शामिल हैं। कट्टम राजकुमार सुकमा जिले के एर्राबोर के कोगड़ा गांव के रहने वाले हैं। जबकि सुनम मनीष सुकमा के ही दोरनापाल स्थित बोदिगुड़ा के रहने वाले हैं। वहीं राजेश कोरमा कांकेर जिले के रहने वाले है। घायल जवान का नाम मडकम चंद्रा है जो सुकमा के एर्राबोर स्थित तेतरी गांव के रहने वाले हैं। सुकमा एसपी अभिषेक मीणा ने बताया कि शनिवार सुबह पौने नौ बजे से शुरू हुई मुठभेड़ चार घंटे तक चली। जवानों ने कई नक्सलियों को मार गिराया, लेकिन उनके शव लेकर नक्सली भागने में सफल हो गए। तोंडामरका मुठभेड़ में पांच एसटीएफ जवानों के घायल होने की सूचना के बाद जगदलपुर से वायुसेना का हेलिकॉप्टर रवाना किया गया था। बारिश के बीच हेलिकॉप्टर घायल जवानों को लाने के लिए तोंडामरका के जंगलों में उतरा और घायलों को लेकर सुरक्षित रायपुर के लिए रवाना हुआ।  

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 MadhyaBharat  25 June 2017

ieed blast

सुकमा जिले के दोरनापाल और मिसमा के बीच नक्सलियों ने शुक्रवार को आईईडी ब्लास्ट कर दिया, जिसमें दो जवान गंभीर घायल हो गए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक दोनों घायल जवानों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक घायल जवानों को बेहतर इलाज के लिए हेलिकॉप्टर से राजधानी रायपुर भी रैफर किया जा सकता है। गौरतलब है कि जिल में बढ़ती नक्सली गतिविधियों के चलते सुरक्षा बलों ने इन दिनों ने सर्चिंग अभियान तेज कर दिया है। शुक्रवार को भी जब सुरक्षा बल सर्चिंग अभियान के निकलने थे तो नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर दिया।  

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 MadhyaBharat  19 May 2017

पोड़ियाम पंडा

  सुकमा जिले के चिंतागुफा के पूर्व सरपंच तथा सीपीआई के जिला परिषद के सदस्य पोड़ियाम पंडा को सुकमा पुलिस ने 15 दिन से अवैध हिरासत में रखा है। बस्तर संयुक्त संघर्ष समिति का आरोप है कि पंडा को पुलिस ने गांव से उठाया और परिजनों को कई दिनों तक इसकी सूचना नहीं दी। पंडा की पत्नी जब हाईकोर्ट पहुंची तो पुलिस ने आनन- फानन में उसे समर्पित नक्सली बता दिया। इधर सुकमा एसपी का कहना है पंडा नक्सली है। वह बुरकापाल, ताड़मेटला सहित कई बड़ी नक्सल वारदातों में शामिल रहा है। हम तो यह पता कर रहे हैं कि सीपीआई के कितने नेता हैं जो नक्सलियों की तरफ से हथियार उठा चुके हैं। बस्तर संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बुधवार को आम आदमी पार्टी के राज्य संयोजक संकेत ठाकुर, सीपीएम के संजय पराते, सीपीआई नेता चितरंजन बख्शी और आरडीसीपी राव, पीयूसीएल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.लाखन सिंह तथा हाईकोर्ट की वकील प्रियंका शुक्ला ने मीडिया के सामने पंडा की पत्नी पोड़ियम मुये तथा उसके भाई कोमल को पेश किया। मुये ने गोंडी में बताया कि पंडा 15 साल तक चिंतागुफा के सरपंच रहे। वे पुलिस की भी मदद करते थे। गांव में हेलिपैड बनाने, सीआरपीएफ का कैंप खुलवाने सहित कई काम कराए। 2005 में नक्सलियों ने 7 सीआरपीएफ जवानों का अपहरण किया था तो पंडा छुड़ाने गए थे। कलेक्टर अलेक्स पॉल मेनन के अपहरण के समय भी सरकार की मदद दी। 2016 में नक्सली पंडा को उठाकर जनअदालत ले गए थे और उनसे काफी मारपीट की। मुये का कहना है 3 मई को वह मिनपा के पास खेत में मछली पकड़ने गया था। तभी पुलिस ने उसे पकड़ लिया और मौके पर ही जमकर मारपीट की। फिर उसे उठाकर ले गए। एसपी अभिषेक मीणा ने  कहा कि पंडा कई नक्सल वारदातों में शामिल रहा। उसने मीडिया के सामने कबूल किया है। वह पिछले साल भी सरेंडर करना चाहता था लेकिन नक्सलियों का भनक लग गई और उसके पीछे गार्ड लगा दिए। उसने 9 मई को सरेंडर किया था लेकिन हमने मामले को गोपनीय रखा। बुधवार को सरेंडर घोषित किया है। उसे सरेंडर पॉलिसी के तहत सभी मदद मिलेगी।  

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 MadhyaBharat  18 May 2017

दोरनापाल- जगरगुंडा

दोरनापाल से जगरगुंडा तक 56 किलोमीटर की सड़क पिछले चार दशक से सरकार के लिए चुनौती बनी हुई है। इसका निर्माण चल रहा है। कभी वनोपज का केंद्र और उप तहसील मुख्यालय रहे जगरगुंडा में अब कंटीले तारों से घिरा एक सलवा जुडूम कैंप है। तारों के पार मौत का सामान लेकर नक्सली खड़े रहते हैं। जगरगुंडा को दुनिया से जोड़ने के तीन रास्ते हैं, जिनमें से दो पर बम बिछे हैं और तीसरे पर जब चाहे तब नक्सली एंबुश लगाकर जवानों को शहीद कर देते हैं। यानी नक्सलवाद ने इसे टापू बना दिया है। इसी रास्ते पर 2010 में अब तक की सबसे बड़ी नक्सल वारदात हुई थी, जिसमें सीआरपीएफ के 76 जवान शहीद हुए थे। जगरगुंडा सड़क निर्माण को सुरक्षा दे रहे सीआरपीएफ के 25 जवानों की सोमवार को शहादत के बाद एक बार फिर यह सड़क सुर्खियों में है। इससे पहले बासागुड़ा की तरफ सड़क निर्माण सुरक्षा में लगे 24 जवान अलग- अलग हमलों में शहीद हुए हैं। जगरगुंडा से बीजापुर के बासागुड़ा तक, दंतेवाड़ा के अरनपुर तक और सुकमा के दोरनापाल तक तीन रास्ते हैं। दोरनापाल-जगरगुंडा 56 किमी सड़क पर कई घटनाएं हो चुकी हैं। 2008 में मुकरम के पास नक्सलियों ने सड़क काट दी थी। जगरगुंडा से एक पार्टी थानेदार हेमंत मंडावी के नेतृत्व में गड्ढा पाटने निकली और नक्सलियों के एंबुश में फंस गई। इसमें 12 जवानों ने शहादत दी। सड़क के लिए कई बार टेंडर निकाला गया, लेकिन कोई ठेकेदार सामने नहीं आया। डीजी नक्सल ऑपरेशन तथा पुलिस हाउसिंग बोर्ड के एमडी डीएम अवस्थी ने बताया कि अब पुलिस खुद सड़क बना रही है। बासागुड़ा और अरनपुर की ओर से आवा-जाही चार दशक से बंद है। दोरनापाल से एकमात्र रास्ता है जो जगरगुंडा तक जाता है। 2007 में जगरगुंडा में सलवा जुडूम कैंप खुलने के बाद नक्सलियों ने चिंतलनार के आगे 12 किमी मार्ग पर सभी पुल उड़ा दिए। बासागुड़ा और दोरनापाल दोनों ओर से जगरगुंडा सड़क बन रही है। बस्तर में कोंटा के मरईगुड़ा से भेज्जी, चिंतागुफा, जगरगुंडा, किरंदुल, दंतेवाड़ा, बारसूर, नारायणपुर, अंतागढ़ होते हुए राजनांदगांव में एनएच तक करीब 4 सौ किमी सड़क ऐसी है, जिसका अधिकांश हिस्सा नक्सलियों के कब्जे में है। भेज्जी में इसी सड़क पर बन रहे पुल की सुरक्षा में लगे जवानों पर 11 मार्च को हमला किया गया था, जिसमें 12 जवान शहीद हुए थे। बस्तर में सरकार एक हजार किमी लंबाई की 27 सड़कें बना रही है। बीजापुर से बासागुड़ा तक 52 किमी सड़क बन चुकी है। बीजापुर-गंगालूर 22 किमी सीसी सड़क बनाई गई है। इस साल केंद्रीय बजट में बस्तर के नक्सल इलाकों में 556 किमी सड़कों के लिए अलग से राशि मिली है। इससे नक्सली बेचैन हैं। नक्सली कहते हैं कि हमारे इलाके में किसी के पास साइकिल तक नहीं है। यहां सड़क की क्या जरूरत। सरकार सड़क इसलिए बना रही है ताकि यहां बड़ी कंपनियां आ पाएं और बस्तर के संसाधनों को लूट सकें। बीजापुर जिले में आवापल्ली-जगरगुंडा सड़क पर सीआरपीएफ के 24 जवानों ने शहादत दी है। दंतेवाड़ा जिले में अरनपुर-जगरगुंडा मार्ग पर सुरक्षा में तैनात एक जवान का पैर नक्सलियों के बिछाए प्रेशर बम की चपेट में आ गया। इसमें जवान की जान चली गई। बीजापुर जिले में भैरमगढ़ से बीजापुर तक एनएच 63 के निर्माण के दौरान नक्सलियों ने 13 बार ब्लॉस्ट किया। इन घटनाओं में 2 जवान शहीद हुए। बीजापुर में ही बासागुड़ा से तर्रेम तक 12 किमी सड़क निर्माण के दौरान कई बार आईईडी ब्लॉस्ट किया गया। दो जवान शहीद और कई घायल हुए।  गीदम से भैरमगढ़ के बीच सड़क निर्माण के दौरान पुंडरी के पास ब्लॉस्ट हुआ। इसमें सीएएफ का एक जवान शहीद हुआ। बीजापुर के मिरतुर मार्ग के निर्माण में सीएएफ के एक सहायक कमांडेंट शहीद हुए।  

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 MadhyaBharat  26 April 2017

नक्सलियों ने किया ब्लास्ट ,11 जवान शहीद

सुकमा के  भेज्जी इलाके में नक्सलियों द्वारा किए गए धमाके में 11 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए। घटना में 3 जवान गंभीर रूप से घायल हैं। जवानों के शवों को जंगल से थाने लाया गया है। जानकारी के मुताबिक घटना भेज्जी पोस्ट के पास हुई है। नक्सलियों ने यहां आईईडी से धमाका किया और फिर गोलियां बरसाना शुरू कर दीं। नक्सलियों ने जवानों को चारों ओर से घेर रखा था। घटना में 11 जवान मौके पर ही शहीद हो गए। बताया जा रहा है कि इलाके में कुछ और आईईडी भी लगे हैं। घटना के बाद नक्स‍ली सीआरपीएफ जवानों के 10 हथियार भी लेकर भाग गए। सूचना मिलने के बाद रिइंफोर्समेंट पार्टी मौके पर पहुंची और घायल जवानों को अस्पताल पहुंचाया गया।  

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 MadhyaBharat  11 March 2017

दो नक्सली ढेर

बीजापुर व सुकमा जिले में रविवार को सुरक्षा बल व नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक महिला समेत दो वर्दीधारी नक्सली मारे गए।  बीजापुर जिले के पामेड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कवरगट्टा में तेलंगाना के ग्रेहाउंड व डीआरजी के संयुक्त ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों से मुठभेड़ हुई। दोनों पक्षों के बीच आधे घंटे तक चली गोलीबारी के बाद नक्सली भाग गए। इसके बाद एक महिला नक्सली का शव के साथ एक भरमार बंदूक जब्त किया गया। दूसरी घटना में सुकमा जिले के थाना किस्टारम के अंतर्गत डुब्बामरका में जिला बल व नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया, जो बटालियन नम्बर एक का सदस्य बताया जा रहा है। दोनों मामलों में मारे गए नक्सलियों की शिनाख्त नहीं हो सकी है।  

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 MadhyaBharat  19 February 2017

sukma hatya

सुकमा जिले के चिंतागुफा सीआरपीएफ कैम्प के ठीक सामने नक्सलियों ने ग्रामीण सुखदास की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। मिली जानकारी के अनुसार सुखदास कैम्प के सामने गुमटी चलाता था। शाम करीब 6 नक्सली ग्रामीण वेशभूषा में पहुंचे। इसके पहले कि सुखदास कुछ समझ पाता, धारदार हथियार से उसका गला रेत भाग खड़े हुए। सुखदास की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस आसपास सर्चिंग कर रही है। गौरतलब है कि पखवाड़े भर पहले ही नक्सलियों ने दिनदहाड़े सीआरपीएफ जवानों पर हमला किया था। इस प्रकार की घटनाएं यहां पहले भी हो चुकी हैं।

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 MadhyaBharat  20 January 2017

ied bam

    सुकमा में नक्सलियों द्वारा जमीन में दबाकर रखे गए आईईडी को सुरक्षाबलों ने स्निफर डॉग की मदद से खोज निकाला। तोंगपाल थाना क्षेत्र के कासीरास मार्ग पर सर्चिंग सीआरपीएफ 227 की टीम सर्चिंग के लिए निकली थी। इस दौरान स्निफर डॉग ने जमीन के अंदर कोई चीज गड़े होने के संकेत दिए, जब वहां खुदाई की गई तो अंदर से पांच-पांच किलो के तीन आईईडी निकले। इसके साथ ही 16 मीटर इलेक्ट्रिक वायर, एक डेटोनेटर और पांच जिलेटिन की छड़ें भी बरामद की गई हैं। माना जा रहा है कि नक्सली किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे, लेकिन इससे पहले ही सुरक्षाबलों ने आईईडी बरामद कर लिए।  

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 MadhyaBharat  8 December 2016

sukma

खबर सुकमा और धमतरी से है । 500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद कालाधन रखने वाले मुश्किल में आ गए हैं। वे कैसे भी अपना पैसा सफेद करना चाह रहे हैं। ऐसे में इन्हें पकड़ने के लिए छत्तीसगढ़  में जगह-जगह चेकिंग चल रही है। सुकमा में चेकिंग के दौरान पांच सौ और हजार रुपए के नोट के 27 लाख रुपए जब्त किए गए हैं। ये नोट सुकमा से लेकर जा रहे थे, कुकानार में तलाशी के दौरान उन्हें बरामद किया गया। जानकारी के मुताबिक यह सारा पैसा सुकमा में एक कपड़ा व्यापारी है। धमतरी के बिरनासिल्ली कैंप के पास चेकिंग के दौरान कार में एक बैग के अंदर रखे 500-500 नोट के 30 लाख 92 हजार रुपए बरामद किए गए। कार में दो शख्स दिलीप मिश्रा और वीरेंद्र मिश्रा सवार थे। जानकारी के मुताबिक ये दोनों दुर्ग के रहने वाले हैं और पैसा जगदलपुर से दुर्ग ले जाया जा रहा था। सिहावा पुलिस ने चेकिंग के दौरान इसे बरामद कर लिया।

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 MadhyaBharat  12 November 2016

japani bukhar

छिंदगढ़ ब्लॉक (सुकमा) के दो बच्चों की जापानी बुखार इनसेफेलाइटिस से मलकानगिरी अस्पताल में मौत हो गई। इस तरह जिले में जापानी बुखार से मरने वाले बच्चों की संख्या 3 व मलकानगिरी जिला अस्पताल में 80 पहुंच गई है। झीरमपाल के सोमनाथ यादव (2) को 28 अक्टूबर को व कुकानार के भंडाररास के संजय (3) को 30 अक्टूबर को मलकानगिरी अस्पताल में भर्ती किया गया था। गौरतलब है कि इस बीमारी से मलकानगिरी में 9 सितम्बर को पहली मौत हुई थी। 21 अक्टूबर को छिंदगढ़ ब्लॉक में झिरलीखुटी की भारती तेलगा की मौत जापानी बुखार से छत्तीसगढ़ में पहली मौत थी। बहरहाल मेडिकल कॉलेज जगदलपुर में 4 ब्लड सैम्पल पॉजीटिव पाए गए हैं, जिनमें एक बस्तर जिले के बकावंड ब्लॉक के बच्चे का भी है। सुकमा कलेक्टर नीरज बंसोड़ ने कहा है कि बचाव के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए गए हैं। पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज रायपुर के डॉक्टर-विशेषज्ञों की एक टीम सुकमा पहुंच गई है। मंगलवार को टीम के सदस्य सीएचएमओ के साथ गादीरास क्षेत्र के जरीमपाल पहुंचे, जहां जापानी बुखार से एक बच्चे की मौत हो चुकी है। दोपहर बाद टीम मलकानगिरी में भर्ती जिले के बीमार बच्चों को देखने गई।  

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 MadhyaBharat  2 November 2016

malkangiri naksli

मलकानगिरी के जंगल में मुठभेड़ छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे ओडिशा के मलकानगिरी के जंगल में सोमवार सुबह हुई मुठभेड़ में ग्रे हाउंड फोर्स ने 18 नक्सलियों को मार गिराया। घटना में दो जवान घायल हो गए। मुठभेड़ बालीमेला थाना क्षेत्र के बेगांगी के जंगल में हुई है। पुलिस घटनास्थल पर सर्चिंग कर रही है, माना जा रहा है कि फायरिंग में करीब 22 नक्सली मारे गए हैं, इनमें से 18 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। इनके पास से चार एकके 47, दो एसएलआर और दो इंसास बंदूके बरामद की गई हैं। पुलिस को सूचना मिली थी कि नक्सली नेता गजाराल रावी उर्फ उदय, बेनगाल सुधीर और अनिल बैठक के‍ लिए जंगल में आए हैं। इस सूचना पर रविवार शाम से ही इलाके में फोर्स को तैनात किया गया था। आंध्र प्रदेश की ग्रे हाउंड फोर्स और विशाखापट्टनम आर्मड स्पेशल पार्टी ने इसे अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार मारे गए नक्सलियों में बड़ा नक्सली नेता और पूर्वी डिविजन का सेकेट्री छालापती उर्फ अप्पा राव, मलकानगिरी डिविजन सेकेट्री गजारला रावी और मुन्ना सहित सेंट्रल कमेटी का सदस्य रामकृष्ण उर्फ आरके शामिल हैं। जबकि मुठभेड़ में बाकुरी वेंकटरमण उर्फ गणेश भागने में कामयाब हो गया। गौरतलब है कि तीन दिन पहले छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में 15 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था। पुलिस के मुताबिक इलाके में सक्रिय नक्सलियों को अपने नेताओं से मोहभंग हो चुका है। राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की कामयाबी के चलते नक्सली मुख्य धारा में जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं।पहले पिछले महीने छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सलियों का सबसे बड़ा आत्मसमर्पण किया था। 

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 MadhyaBharat  24 October 2016

सुकमा मुठभेड़

बीजापुर में IED ब्लास्ट में जवान घायल सुकमा के मराईगुड़ा  विरापुरम में नक्सली से मुठभेड़ की सूचना मिल रही है। इस मुठभेड़ को डीआरजी कोबरा व सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई के परिणाम स्वरूप देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार इस कार्रवाई के दौरान एक नक्सली ढेर हो गया है और इसकी पहचान सोडी गंगा जन मिलिशिया कमांडर के रूप में बताई जा रही है। इसके साथ घटनास्‍थल से भारी मात्रा में बंदूक, जेलिटिन और डेटोनेटर बरामद किए गए है। साथ ही दैनिक उपयोग की चीजें भी भारी मात्रा में बरामद की गई हैं। आईईडी धमाके में जवान घायल  बीजापुर जिले के बासागुडा थाना क्षेत्र में आईईडी धमाके में सीआरपीएफ कोबरा बटालियन का जवान घायल हो गया। जवान बसागुडा से तार्रेम रोड के निर्माण कार्य की सुरक्षा में लगे थे। घायल जवान का इलाज किया जा रहा है। इसके पहले सुकमा जिले में गुरुवार तड़के कोंटा थाना क्षेत्र अंतर्गत नीलममडगू के जंगल में हुई मुठभेड़ में एक एलओएस सदस्य मड़कम हुंगा मार गिराया गया था। एसपी सुकमा आईके एलेसेला ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि इलाके में हथियारबंद नक्सलियों की मूवमेंट चल रही है। इस आधार पर कोंटा थाने से डीआरजी व एसटीएफ की संयुक्त पार्टी रवाना की गई थी। ग्राम नीलममडगू के जंगल में पहुंचते ही घात लगाए नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। कुछ देर बाद नक्सली भाग खड़े हुए। मौके की सर्चिंग पर एक पुरुष नक्सली का शव व एक भरमार बंदूक बरामद किया गया।  

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 MadhyaBharat  30 September 2016

सुकमा में मुठभेड़

  छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षा बलों के साथ हुई गोलीबारी में आज दो नक्सली मारे गए। सुकमा के पुलिस अधीक्षक इंदिरा कल्याण एलेसेला ने बताया, ‘यह मुठभेड़ आज तड़के फुलबागदी थाना क्षेत्र के घने जंगलों में हुई। उस समय सुरक्षा बलों का एक संयुक्त दल माओवादी-विरोधी अभियान पर गया था।’ उन्होंने कहा कि जिला रिजर्व ग्रुप (डीआरजी), छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) और स्थानीय पुलिस के एकीकृत दस्ते ने विशेष जानकारी के आधार पर यहां से लगभग 450 किलोमीटर दूर स्थित फुलबागदी के आंतरिक इलाकों में अभियान शुरू किया था। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि उग्रवादियों की ओर से सुरक्षा बलों पर गोलियां चलाए जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई। यह मुठभेड़ पुलिस थाने से लगभग आठ किलोमीटर दूर हुई। उग्रवादी घने जंगलों की ओट में जल्दी ही भाग निकलने में कामयाब हो गए। उन्होंने कहा, ‘इलाके की तलाशी के दौरान, दो पुरूष माओवादियों के शव और दो बंदूकें मौके से बरामद की गईं।’ उन्होंने कहा कि गश्त दल के अपने शिविर लौट आने पर उग्रवादियों की पहचान सुनिश्चित की जाएगी। कल बस्तर संभाग के दो अलग-अलग स्थानों पर सुरक्षा बलों ने तीन नक्सलियों को मार गिराया था। आज की मुठभेड़ के साथ ही इस साल बस्तर में हुई मुठभेड़ों में मरने वाले माओवादियों की संख्या 99 हो गई है।  

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 MadhyaBharat  27 September 2016

 पोलावरम परियोजना

  पोलावरम के विरोध में क्षेत्रीय दलों का बना मजबूत गठजोड़ छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जोगी) द्वारा पोलावरम परियोजना के विरोध में चलाया जा रहा आंदोलन उस समय और प्रबल हो उठा जब उसे ओडिशा की सत्ताधारी पार्टी बीजू जनता दल(बीजद) का साथ मिल गया। पूर्व घोषणानुसार छजकां ने  जगदलपुर से सुकमा होते हुए मलकानगिरी तक बस यात्रा निकाली। इस यात्रा का नेतृत्व मरवाही विधायक अमित जोगी व छजकां नेता धरमजीत सिंह ने किया। इस दौरान  वरिष्ठ कांग्रेस विधायक सियाराम कौशिक भी पोलावरम परियोजना का विरोध करने के लिए पहुंच गए और बस यात्रा में शामिल हुए। इस दौरान मलकानगिरी में बीजेडी और छजकां  दोनों ही दलों के हजारों कार्यकर्ता मौजूद थे। मलकानगिरी पहुंचने के बाद "बस यात्रा" एक सभा में तब्दील हो गई। यहां ओडिशा के बीजद सरकार में शहरी विकास मंत्री पुष्पेंद्र सिंहदेव और मलकानगिरी के बीजद विधायक मानस मडकामी ने धरमजीत सिंह व अमित जोगी का स्वागत किया। संयुक्त सभा को ओडिशा सरकार के मंत्री  पुष्पेंद्र सिंहदेव, विधायक मानस मडकामी और छजकां के धरमजीत सिंह, मरवाही विधायक अमित जोगी व कांग्रेस विधायक सियाराम कौशिक ने संबोधित किया। अमित जोगी ने सभा को ओड़िया में संबोधित कर उपस्थिति सभी लोगों का मनमोह लिया । ओडिया में बोलते हूए उन्होंने कहा कि मैं, बीजू जनता दल के सभी साथियों, मलकानगिरी निवासियों,  पुष्पेंद्र सिंहदेवजी तथा विधायक भाई मानसजी का हृदय से धन्यवाद देता हूँ कि आपने हमे अपने बीच आने का मौका दिया। मैं केवल इतना कहूंगा कि पोलावरम के विरोध में हम सब एक हैं। मोदीजी को छत्तीसगढ़ और ओडिशा के साथ अन्याय नहीं करने देंगे। छत्तीसगढ़ और ओडिशा का एक इंच भी जमीन हम डूबने नहीं देंगे।  राष्ट्रीय पार्टियां भाजपा और कांग्रेस को ओडिशा और छत्तीसगढ़ के लोगों से कोई लेना देना नहीं है। अपने फायदे के लिए पोलावरम बना रहे हैं,  और दोनों तरफ के लोगों को डुबाना चाहते हैं। लेकिन हम ऐसा होने नहीं देंगे।  जमीन से मिट्टी उठाते हुए अमित जोगी ने कहा कि ये मिट्टी माँ है हमारी, इसे हमसे कोई नहीं छीन सकता। हम मिलकर लड़ेंगे।  बीजेडी के साथ पोलावरम और महानदी दो अलग-अलग मुद्दों पर अमित जोगी ने कहा कि पोलावरम से बस्तर डूबेगा और इसलिए जो पोलावरम का विरोध करेगा हम उसके साथ हैं। जहाँ तक महानदी की बात है बीजेडी अपने राज्य के हितों के लिए लड़ रही है और हम अपने। महानदी पर हमारा निति और नियत साफ़ है - महानदी पर पहला अधिकार छत्तीसगढ़ के किसानों का है। और उन्हें उनका अधिकार दिलाने हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। हमे बैराजों से कोई आपत्ति नहीं लेकिन उद्योगों के साथ साथ सिंचाई के लिए कितना पानी उपलब्ध होगा, होगा भी या नहीं। इन्ही सब बातों को लेकर हमने रमन सरकार से श्वेत पत्र जारी करने कहा है ताकि जनता जान सके सरकार की नियत क्या है। अभी तक जो भी घटनाक्रम हुआ है, उससे ये साफ़ है कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार केवल इस मामले में राजनीति कर इसे लटकाए रखना चाहते हैं . बीजेडी ओडिशा का राजनैतिक दल है, उनके अपने क्षेत्रीय मुद्दे हैं, हमारा बीजेडी का विरोध करने का कोई औचित्य ही नहीं बनता।  हम छत्तीसगढ़ के राजनैतिक दल हैं, हमारी लड़ाई छत्तीसगढ़ के लिए है, बदहाल व्यवस्था से है, रमन सरकार की खोटी नीति से है। महानदी मामले में हमारी लड़ाई सरकार के दोगलेपन से है।  अमित जोगी ने कहा कि मैंने पहले भी कहा है महानदी से अगर छत्तीसगढ़ के किसानों को फायदा नहीं होगा तो ये छत्तीसगढ़ सरकार की नाकामी है किसी और दल या संगठन को दोष देने का कोई अर्थ नहीं बनता। छजकां के वरिष्ठ नेता एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष धर्मजीत सिंह ने मलकानगिरी में अपने संबोधन में कहा कि पोलावरम परियोजना का मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है, फिर भी केंद्र सरकार ने इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित कर इसके सभी खर्च वहन करने का आदेश जारी कर दिया जो छत्तीसगढ़, तेलंगाना और ओडिशा तीनों राज्यों के प्रभावित लाखों लोगों के साथ अन्याय है । पोलावरम परियोजना बस्तर के एक बड़े हिस्से को न सिर्फ डूबो देगी बल्कि संरक्षित जनजातियों एवं खनिज संपदाओं का भी सर्वनाश कर देगी । छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जोगी) ने केंद्र सरकार से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल जनसुनवाई की व्यवस्था की जाए तथा प्रभावित क्षेत्रों का जॉइंट सर्वे कराया जाए जिससे पोलावरम परियोजना के प्रभावित क्षेत्रों में पर्यावरण तथा सामाजिक प्रभाव का सही आंकलन हो सके। ज्ञात हो कि अभी तक प्रभावित क्षेत्रों में होने वाले नुक्सान के जितने आंकडें या रिपोर्ट सामने आयी है वो सभी सर्वे केवल आँध्रप्रदेश सरकार द्वारा किये गए हैं जिसकी विश्वसनीयता पर छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जोगी) ने सवाल उठाया है। पोलावरम के विरोध में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक सियाराम कौशिक भी छजकां की जगदलपुर से मलकानगिरी तक की  "बस यात्रा" में शामिल हुए । ओडिशा के मलकानगिरी में संयुक्त सभा को संबोधित करते हुए बिल्हा विधायक सियाराम कौशिक ने कहा मैं पहले छत्तीसगढ़िया हूँ। छत्तीसगढ़ का हित और यहाँ के लोगों का भविष्य मेरी पहली प्राथमिकता है । सियाराम ने कहा कि 45 हज़ार बस्तरवासियों के सर्वनाश होने से रोकने के लिए, दलगत निष्ठा से ऊपर उठकर पोलावरम परियोजना के विरुद्ध एक साथ मिलकर लड़ने की आवश्यकता है।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और साथी कांग्रेसी विधायकों से अपील करते हुए सियाराम कौशिक ने कहा कि वो दिल्ली के दबाव से न डरें, बस्तरवासियों के हित में पोलावरम के विरुद्ध आवाज़ उठाएं।  सियाराम कौशिक ने कहा कि कन्हेर, रिहन्द और पोलावरम, इसी तरह छत्तीसगढ़ डूबता रहा तो एक दिन छत्तीसगढ़ का नामोनिशान मिट जाएगा। इसलिए छत्तीसगढ़ के सभी राजनैतिक दलों का पहला धर्म और पहला कर्तव्य छत्तीसगढ़ के हितों की रक्षा करना होना चाहिए चाहे उसके लिए जो भी करना पड़े। पोलवरम के विरुद्ध छजकां, टीआरएस और बीजद एक साथ मिलकर काम करने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं । राष्ट्रपति से संयुक्त रुप से मिलकर पोलावरम का विरोध करने तथा आने वाले दिनों में संयुक्त विशाल जनांदोलन खड़ा करने को छजकां अंतिम रूप दे रही है। पोलावरम परियोजना के विरोध में पहले तेलंगाना राष्ट्रीय समिति (टीआरएस) और अब बीजू जनता दल (बीजद) के साथ आने से छजकां का मनोबल और बढ़ गया है। विधायक अमित जोगी पोलावरम का विरोध काफी समय से करते आ रहे हैं इसी सिलसिले में उनका प्रयास रहा है कि  पोलावरम के विरोध में सभी क्षेत्रीय ताकतें एकजुट हों। उनके प्रयासों का ही नतीजा है कि पहले उन्हें टीआरएस का समर्थन हासिल हुआ और यह तय हुआ था कि दोनों क्षेत्रीय दल छत्तीसगढ़ एवं तेलेंगाना के लोगों के हितों की रक्षा के लिए में नीलू (जल), निदुलु (निधि) तथा नियामकालु (रोजगार) की सैद्धान्तिक लड़ाई साझा रूप से साथ मिलकर लड़ेंगे। इसके बाद अब पोलावरम के विरोध में बीजद का भी समर्थन हासिल होने के बाद यह आंदोलन और भी मजबूत हुआ है।  

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 MadhyaBharat  21 September 2016

pastar death

        छत्तीसगढ़ के घोर नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के एक चर्च के पास्टर की आंध्रप्रदेश में नक्सलियों ने शनिवार अल सुबह हत्या कर दी है। बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने पुलिस मुखबिरी के शक में उसकी हत्या की है।    घटना छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से लगे आंध्र के चितूर मंडल के लक्षेगुडम गांव की है।पास्टर मरैया सुकमा जिले के मिटा गांव के चर्च का पास्टर था। वह कुछ सालों से चितूर मंडल के लक्षेगुंडम गांव में रह रहा था। खबर है कि मरैया के एक साथी कनिथी राजू का नक्सलियों ने अपहरण भी कर लिया है। पर्चा छोड़ ली जिम्मेदारी नक्सलियों ने पास्टर का शव जिस जगह छोड़ा वहां एक तेलुगू में लिखा पर्चा भी मिला है।पर्चे में भाकपा (माओवादी) ने हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए पास्टर पर पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाया है।

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 MadhyaBharat  30 July 2016

kondagown

    छत्तीसगढ़ की सुकमा एवं कोंडागांव जिला पुलिस ने दबिश देकर अलग अलग स्थानों से दो नक्सलियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।   कोंडागांव एसपी संतोष सिंह ने बताया कि बयानार थाने से गश्त सर्चिंग के लिए रवाना हुयी पुलिस की संयुक्त पार्टी ने पेरमापाल के जंगल में दबिश देकर जनमिलिशिया सदस्य जगधर उर्फ जुगधर सलाम उम्र 30 साल को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि जुगधर वर्ष 2015 मेें मड़ानार स्कूलपारा जाने वाले पंगडंडी रास्ते में पाईप बम लगाने तथा वर्ष 2014 में सुगाय सलाम एवं उसके परिवार वाले को अन्य नक्सलियों के साथ मिलकर घर में बंद कर मारपीट करने में शामिल रहा है।   इधर सुकमा एसपी आईके एलेसेला ने बताया कि जिले की गादीरास पुलिस ने बड़ेशेट्टी के जंगल से एक नक्सली कलमू आयता उर्फ पायका, आयु 30 निवासी बड़ेशेट्टी को धरदबोचा है। कमलू हत्या का प्रयास एवं तोडफ़ोड़ आगजनी जैसी संगीन वारदातों संलिप्त रहा है।   नक्सलियों ने किया आरक्षण का अपहरण छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में माओवादियों ने आज दोपहर एक सहायक आरक्षक मड़कम गंगा का अपहरण कर लिया।  पुलिस सूत्रों के अनुसार सुकमा जिले में कार्यरत आरक्षक मड़कम गंगा आज सुबह अपनी मोटरसायकल में सवार होकर दोरनापाल से पोलमपल्ली की ओर जा रहा था। मध्य जंगल में गोरगुण्डा के पास 15-20 सशस्त्र नक्सलियों ने उसे रोका और अपहरण कर जंगल की ओर ले गये। सुकमा एसपी आईके एलेसेला ने अपहरण की पुष्टि करते हुए बताया कि अपहरण की सूचना मिलते ही उसकी पतासाजी के लिए पुलिस पार्टियां रवाना कर दी गयी हैं। 

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 MadhyaBharat  5 July 2016

sukma naksali

    सुकमा जिले में मारी गई कथित महिला नक्सली की पीएम रिपोर्ट मंगलवार को चीफ जस्टिस की डीबी में खोली गई। इसमें महिला के साथ दुष्कर्म नहीं होने की बात कही गई है। इसके अलावा पहली पीएम रिपोर्ट और कोर्ट के आदेश पर गठित टीम की रिपोर्ट में अंतर पाया गया। इस पर कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को एक सप्ताह के अंदर रिजवाइंडर प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। मामले में अगली सुनवाई 4 जुलाई को होगी।   सुकमा के कोंटा थाना क्षेत्र में मारी गई कथित महिला नक्सली मड़कम हिड़मे का हाईकोर्ट के आदेश पर दूसरा पोस्टमार्टम कर सोमवार को रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी। मंगलवार को चीफ जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस संजय के. अग्रवाल की डीबी में पीएम रिपोर्ट को खोला गया। महारानी अस्पताल में पहली बार किए गए पोस्टमार्टम और जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञों की टीम द्वारा किए गए पीएम की रिपोर्ट में अंतर पाया गया। दोनों रिपोर्ट में गोली लगने की जगह में अंतर है।   कपड़ा की स्थिति में भी अंतर बताया गया। इसी प्रकार दूसरे पीएम में शव के पूरी तरह गलने की बात कही गई है। साथ ही मृतका के साथ दुष्कर्म नहीं होने की रिपोर्ट दी है। इस पर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने आपत्ति करते हुए कहा कि जब शव पूरी तरह गल गया है तो दुष्कर्म नहीं होने की बात कैसे कही जा रही है। दोनों ही पीएम रिपोर्ट और टीआई के जवाब में अंतर है। डीबी ने सुनवाई के बाद याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को एक सप्ताह के अंदर दोनों ही पीएम रिपोर्ट, पुलिस के जवाब समेत अन्य बिंदु पर रिजवाइंडर प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।   मड़काम लक्ष्मी ने अधिवक्ता अमरनाथ पांडेय के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसमें कहा गया है कि सुकमा जिले के कोंटा थाना क्षेत्र के गोमपाड़ा निवासी युवती मड़कम हिड़मे को सुरक्षा बल के जवान घर से उठाकर ले गए और दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी। शव को नक्सली ड्रेस पहनाकर घरवालों के हवाले कर दिया गया। सुरक्षा बल ने उसके मुठभेड़ में मारे जाने का दावा किया।   याचिका में शव को कब्र से निकालकर विशेषज्ञ से पीएम कराने, दोषियों के खिलाफ दुष्कर्म व हत्या का अपराध दर्ज करने और मृतका के परिजनों को 20 लाख रुपए मुआवजा दिलाने की मांग की गई है। याचिका में सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने शासन को शव का पीएम कराने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया था।

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 MadhyaBharat  29 June 2016

naksali sukma kill

      जगदलपुर में  नक्सल विरोधी अभियान के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस और नक्सलियों के बीच आज हुई मुठभेड़ में एक नक्सल डिप्टी कमांडर मारा गया है। पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार डीआरजी दल के साथ हुई मुठभेड़ में कटेकल्याण एरिया के डिप्टी कमांडर सुखराम को पुलिस ने मार गिराया है। इससे राइफल, टिफिन बम, नक्सल पर्चों के साथ जरुरत का सामान भी बरामद किया गया है।   22 हत्याओं का आरोपी नक्सली पकड़ा गया  नारायणपुर में 44 जवानों एवं 2 ग्रामीणो की खून की होली खेलकर जमीन को लाल करने वाले इनामी नक्सली कमांडर को पुलिस ने दस साल के अभियान के बाद सलाखों के पीछे किया है। झाराघाटी पुलिस के द्वारा रोहताड से लगे खंडाला के जंगल में दबिश देकर हार्डकोर नक्सली को पकडा है। 13 स्थायी वारंट पर लंबे समय से इसकी तलाश की जा रही थी । एसडीओपी सीडी तिर्की ने बताया कि सोमवार को झारा थाना प्रभारी रोहित मालेकर के नेतृत्व में जिला बल ,डीआरजी एवं सीएएफ की संयुक्त पार्टी एरिया डॉमिनेशन की कार्रवाई के लिए महिमागवा डी की ओर रवाना हुई थी । सुरक्षाबलों के रोहताड पहुंचने के बाद उन्हे खंडाला के जंगल में हार्डकोर नक्सली होने के जानकारी मिली जिसके बाद जवान तत्काल पोजिशन लेते हुए खंडाला के जंगल की ओर ब ढने लगे । वहां पहुंचते ही संदिग्ध अवस्था में घूम रहे नक्सली धनसिंह कोर्राम (35)उर्फ सुखदेव पिता मंगल कोर्राम निवासी बडेंगहोल को दबिश देकर गिरफ्तार किया गया । उन्होंने बताया कि धनसिंह बयानार एलजीएस में उप कमांडर एवं कोंगेंरा मिलिशिया में कमांडर के रूप में कार्य कर रहा था । इस पर एसपी के द्वारा छोटेडोंगर एवं धौ डाई थाना में दस-दस हजार रूपए का इनाम घोषित किया गया था । वहीं अंताग ढ,मर्दापाल,बयानार एवं कोंडागांव थाना में धनसिंह के खिलाफ अन्य मामले बताए जा रहे है। गिरफ्त में आए नक्सली के द्वारा किए गए ब डी घटनाओं में 29 जून 2010 को कौशलनार के पास एबुंश लगाकर 27 सीआरपीएफ के जवानों को शहीद करने एवं झाराकैंप पर हमला कर सीएएफ के पांच जवानों की हत्या करने का मामला चल रहा है। इससे साथ ही अन्य दर्जनो मामले है जिस पर हत्या, हत्या का प्रयास, लूट ,अपहरण , डकैती एवं शस्त्र अधिनियम के अपराध में संलिप्ता पाएं जाने पर मामला कायम किया गया है। जिसे न्यायालय में पेशकर जेल भेद दिया गया है।  

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 MadhyaBharat  23 May 2016

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    छत्तीसगढ़ की सुकमा  पुलिस ने दबिश देकर तीन नक्सलियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।  पकड़े गए नक्सलियों के खिलाफ कई गंभीर अपराध दर्ज हैं ।   सुकमा एएसपी संतोष सिंह ने बताया कि थाना गादीरास से प्रभारी मोहसीन खान के नेतृत्व में सीआरपीएफ व जिला बल की संयुक्त पार्टी सर्चिंग के लिए ग्राम गोंदपल्ली व कोर्रा की ओर रवाना हुई थी। इस दौरान कुछ संदेही पुलिस को देख भागने लगे, जिन्हें घेराबंदी कर पकड़ा गया पूछताछ में इनकी शिनाख्ती नक्सल सदस्य रवा जोगा पिता गंगा, बंजाम बुदरा पिता सोमा तथा सा़ेढी हुंगा पिता पांडु निवासी कुचारास के रूप में हुई। पकड़े गए तीनों आरोपी डीएकेएमएस सदस्य बताए गए हैं, इनके विरूद्घ थाना गादीरास में पंचायती चुनाव के दौरान गड़बड़ी फैलाने समेत कई गंभीर अपराध लंबित हैं।   ग्रेनेड लांचर व एके 47 लेकर माओवादी थाने से फरार   बीजापुर जिले के बासागुड़ा थाने से गिरफ्तार  माओवादी देवा घातक हथियार लेकर फरार हो गया। घटना के बाद से पुलिस की कई टीमें देवा की पतासाजी में जुटी हैं।   पुलिस सूत्रों के अनुसार बुधवार को देवा को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ करने में जुटी हुयी थी। इस बीच देवा मौका पाकर एके 47,  उसकी 90 गोलियां, यूबीजीएल और उसके 8 हाई एक्सप्लोसिव ग्रेनेड लेकर फरार हो गया। यूबीजीएल एक घातक हथियार है। जो गुरिल्ला लड़ाई के लिए कारगर माना जाता है। इससे चार सौ मीटर की दूरी तक के गोले दागे जा सकते हैं। इससे हेलिकॉप्टर भी गिराया जा सकता है। ऐसा हथियार माओवादी के हाथ लगने से पुलिस परेशानी में पड़ गयी है। 

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 MadhyaBharat  22 May 2016

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