छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत मंगलवार को 6,414 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ। रायपुर, कवर्धा, जगदलपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, दुर्ग, महासमुंद और राजनांदगांव समेत राज्य के कई जिलों में यह आयोजन आयोजित किया गया। राज्य के सीएम विष्णुदेव साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इस योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 35 हजार रुपये की वित्तीय सहायता और 15 हजार रुपये की सामग्री सहायता प्रदान की गई। राज्य में हिंदू रीति से 6,281, मुस्लिम रीति से 3, ईसाई रीति से 113, बौद्ध से 5 और बैगा समुदाय के 10 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह योजना गरीब माता-पिता और बेटियों के लिए सम्मानजनक विवाह का अवसर प्रदान करती है और समाज में समानता और समरसता को बढ़ावा देती है। 2005 में मात्र 5 हजार रुपये से शुरू हुई यह योजना आज 50 हजार रुपये तक पहुँच चुकी है। इस आयोजन की खास बात यह रही कि चार जोड़े आत्मसमर्पित नक्सली थे, जिन्होंने मुख्यधारा में जुड़कर विवाह बंधन में बंधा। कांकेर-सुकमा-बीजापुर के इन नक्सलियों ने विवाह के बाद मीडिया से साझा किया कि उन्हें नया जीवन मिला है और वे अपने जीवनसाथी के साथ खुशहाल जीवन बिताएंगे। इस पहल से यह साबित होता है कि राज्य सरकार सामाजिक कल्याण और समरसता को बढ़ावा देने में प्रतिबद्ध है।
Patrakar Vandana singh

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