बालोद जिले में पहली बार महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शराब दुकानें खुली रहने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। इसको लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए जिला प्रशासन से दुकानों को बंद कराने की मांग की। विरोध के दौरान शहर की एक अंग्रेजी शराब दुकान को कुछ घंटों के लिए बंद कराया गया, हालांकि बाद में उसे फिर से खोल दिया गया, जबकि जिले की देशी शराब दुकानें पूरे दिन खुली रहीं। कांग्रेस जिला अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने कहा कि वर्षों से गांधी की पुण्यतिथि पर शुष्क दिवस घोषित रहता आया है, लेकिन भाजपा सरकार ने इस परंपरा को खत्म कर दिया है। युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रशांत बोकडे ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि सरकार महात्मा गांधी के विचारों को मानती, तो इस दिन शराब दुकानें बंद रखी जातीं। उन्होंने इसे गांधीवादी मूल्यों के खिलाफ बताया। जिला आबकारी अधिकारी वायके द्विवेदी ने बताया कि नई आबकारी नीति 2025–26 के तहत 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शुष्क दिवस का प्रावधान नहीं रखा गया है, जिसके चलते जिले की सभी 20 शराब दुकानें—अंग्रेजी, देशी और प्रीमियम—खुली रहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले घोषित शुष्क दिवस को नई नीति में हटा दिया गया है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi

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