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खरगोन News


पुरातात्विक उत्‍खनन

पुरातत्व विभाग के श्रीधर वाकणकर पुरातत्व शोध संस्थान द्वारा खरगोन जिले के मेहताखेड़ी जो नर्मदा घाटी में तहसील बड़वाह में पुरातात्विक उत्‍खनन से बेशकीमती 50 हजार वर्ष प्राचीन 350 पुरावशेष मिले हैं। दक्षिण कोरिया के प्रोफेसर डॉ. किडॉग ने उत्खनन स्थल का भ्रमण किया। उन्होंने यहाँ उत्खनन से बेहतर निष्कर्ष प्राप्त होने का दावा किया है। पुरातत्व आयुक्त श्री अनुपम राजन ने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण नई दिल्ली से वर्ष 2017 के जनवरी माह में अनुमति प्राप्त होने के बाद देश की प्रसिद्ध पुरातत्वविद्, डेक्कन कॉलेज पूना की पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर शीला मिश्रा के नेतृत्व में उत्खनन दल का गठन किया गया। संस्थान की और से शोध अधिकारी डॉ. जिनेन्द्र जैन, शोध सहायक डॉ. ध्रुवेन्द्र सिंह जोधा एवं डेक्कन कॉलेज के शोधार्थी डॉ. नीतू अग्रवाल, नम्रता विश्वास और गरिमा खन्सीली को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। श्री राजन ने बताया कि प्रोफेसर शीला मिश्रा एवं गठित दल ने फरवरी के द्वितीय सप्ताह में उत्खनन का कार्य शुरू किया। एक पखवाड़े में ही ट्रेन्च क्रमांक 1 से 200 एवं ट्रेन्च क्रमांक 2 से 150 पुरावशेष मिल चुके हैं। इनका विश्लेषण कर निष्कर्ष निकाले जायेंगे। इस तरह के उत्खनन में भू-गर्भीय जमाव, पुरा-भौगोलिक विश्लेषण और उपकरण प्रारूप के आधार पर मानव सभ्यता के विकास का अध्ययन किया जाता है। उत्खनन में प्राप्त मिट्टी को घोल कर व छान कर सूक्ष्म अवशेषों को खोजने का काम किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि प्रो. शीला मिश्रा ने वर्ष 2009 में कराये गये उत्खनन से आधुनिक मानव से संबंधित अवशेष शुतुरमुर्ग के अंडे के टुकड़े प्राप्त किये थे। इन माइक्रो-ब्लेड की तिथि फिजिकल रिसर्च लेबोरेट्री अहमदाबाद के प्रो. सिंघवी द्वारा 50 हजार वर्ष पुरानी आँकी गई है। शुतुरमुर्ग के अंडे की कार्बन तिथि 42 हजार से अधिक पहले की प्रमाणित हुई है। माइक्रोलिथ यह औजार एवं उपकरण जिनका उपयोग प्रागैतिहासिक मानव द्वारा शिकार और उसके बाद के कार्य में लकड़ी और हड्डी में लगाकर किया जाता था। पुरातत्व आयुक्त श्री राजन ने बताया कि हाल ही में किए गए पुरातत्वीय और जैवकीय अनुसंधानों के निष्कर्ष से सिद्ध होता है कि आज का मानव अनेक विभिन्नताओं के बावजूद एक लाख वर्ष पहले के दक्षिण अफ्रीका से प्रसारित समूहों से संबंध रखता है। मेहताखेड़ी क्षेत्र का मानव 50 हजार साल पहले अफ्रीका से विश्व में फैले मानव समूह से संबंधित है। श्री राजन ने बताया कि मेहताखेड़ी से मिले प्राचीनतम पुरावशेष प्रमाणित करते हैं कि प्रदेश में प्राचीन, दुर्लभ ऐतिहासिक सामग्री प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।  

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 MadhyaBharat  12 March 2017

shivraj singh

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि अब मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली बच्चों का आगे बढ़ने का सपना हर हाल में पूरा होगा। इसके लिए राज्य सरकार ने 500 करोड़ रूपए का कोष तैयार किया है। मुख्यमंत्री  चौहान को 'नमामि देवि नर्मदे'-सेवा यात्रा में बड़वाह में जन-संवाद को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने कहा कि यात्रा के जरिए विकास के कई उद्देश्यों को पूरा किया जाएगा। श्री चौहान ने नागरिकों को नर्मदा नदी को स्वच्छ रखने का हाथ उठाकर संकल्प दिलाया। इस मौके पर प्रसिद्व गजल गायिका सुश्री पिनाज मसानी भी उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नर्मदा नदी मध्यप्रदेश की जीवन रेखा है। इसके प्रवाह को हर हाल में अविरल रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा दुनिया की सबसे बड़ी यात्रा हो गई है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि माँ नर्मदा का प्रदेशवासियों पर बड़ा ऋण है। नर्मदा नदी से प्रदेशवासियों को बिजली, पीने का पानी और खेतों के लिए पानी मिलता है। नर्मदा के जल से ही मध्यप्रदेश कृषि के क्षेत्र में देश में अग्रणी राज्य के रूप में उभरकर सामने आया है। प्रदेश को 4 बार लगातार कृषि कर्मण अवार्ड मिला है। मध्यप्रदेश की कृषि विकास दर लगातार कई वर्षों से 20 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है। श्री चौहान ने किसानों से अपने खेतों में आगे आकर फलदार वृक्ष लगाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसानों को पेड़ लगाने के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी। उनमें लगने वाले फलों के विपणन की उचित व्यवस्था की जाएगी और नर्मदा नदी के किनारे की सरकारी जमीन पर जन-भागीदारी से पेड़ लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान कहा कि नर्मदा के किनारे के तटों पर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे। मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम बनाए जाएंगे। श्री चौहान ने ग्रामीणों से कहा कि वे पूजन सामग्री को नर्मदा नदी में न मिलने दें। उन्होंने कहा कि जो महिलाएँ नर्मदा नदी में आस्था के साथ स्नान करने जाती हैं, तो उनकी मर्यादा की रक्षा के लिए चेंजिंग रूम बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि महिलाओं की इज्जत के साथ खिलवाड़ करने वाले दुराचारी को मृत्यु दंड मिलना चाहिए, इसका प्रस्ताव राज्य सरकार केंद्र सरकार को भेजेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा के जरिए प्रदेश भर में नशामुक्ति का अभियान भी चलाया जाएगा। श्री चौहान ने कहा कि 01 अप्रैल से नर्मदा तटों से 5 किमी की सीमा में शराब की दुकान बंद की जाएगी। बेटियों के महत्व की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने बेटियों के कल्याण के लिए लाड़ली लक्ष्मी, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना और गाँव की बेटी योजना बनाई है। श्री चौहान ने नागरिकों से बेटा और बेटी में भेदभाव न करने की भी समझाईश दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभा स्थल पर पहुँचने पर नर्मदा कलश एवं कन्याओं की पूजा की। अंत में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उपस्थित जन-समुदाय के साथ नर्मदा जी की महाआरती की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश देशभर में शांति के टापू के रूप में पहचाना जाता है। प्रदेश की जनता के साथ खिलवाड़ करने वाले अथवा शांति व्यवस्था को प्रभावित करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। कानून-व्यवस्था प्रदेश की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। श्री चौहान ने सुश्री पिनाज मसानी द्वारा नर्मदा गीतों पर बनाये गये एलबम का विमोचन किया। कार्यक्रम को श्रीराम राजेश्वराचार्य माउली सरकार एवं विधायक श्री हितेंद्रसिंह सोलंकी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर सांसद श्री सुभाष पटेल, विधायक श्री बालकृष्ण पाटीदार, साधु-संत, गणमान्य नागरिक सहित बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।  

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 MadhyaBharat  8 March 2017

महेश्वर-मंडलेश्वर

'नमामि देवि नर्मदे''-सेवा यात्रा मंडलेश्वर के समीप के गाँवों में पहुँची। पहले महेश्वर और आज मंडलेश्वर के गाँव जलूद, छोटी खरगोन, धरगाँव, नांद्रा, कतरगाँव, कोगाँवा, पिपल्या बुजुर्ग और बरलाय में यात्रा का अभूतपूर्व स्वागत हुआ। इन गाँवों में नर्मदा संरक्षण के इस अभियान में अपनी भागीदारी के लिए जन-सैलाब घरों से बाहर निकल आया। बड़ी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी नर्मदा संरक्षण के प्रति उनकी गहरी आस्था और विश्वास को प्रकट कर रही थी। रविवार होने के बावजूद स्कूलों के विद्यार्थियों में उत्साह देखा गया। समाज के सभी वर्ग सेवा यात्रा के मार्ग में स्वागत के लिए मौजूद थे। यात्रा मंडलेश्वर से आज जलूद पहुँची, जहाँ भव्य स्वागत हुआ। नर्मदा कलश और ध्वज का पूजन किया गया तथा नर्मदा सेवा यात्रियों पर फूलों की वर्षा की गई। धरगाँव के हायर सेकेण्डरी स्कूल में नर्मदा की स्तुति के साथ कलश एवं ध्वज का पूजन किया गया। यहाँ विधायक श्री राजकुमार मेव एवं अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष एवं सेवा यात्रा प्रभारी श्री भूपेंद्र आर्य ने ग्रामवासियों को नर्मदा को प्रदूषण से मुक्त रखने का संकल्प दिलवाया। श्री भूपेंद्र आर्य ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू किए गए इस अभियान की चर्चा अब विश्व में होने लगी है। इसके पहले धरगाँव पहुँचने पर मार्ग के दोनों ओर स्थित निजी प्रतिष्ठानों, दुकानदारों, समाज के विभिन्न वर्ग के प्रतिनिधियों ने पुष्प-वर्षा और हर-हर नर्मदे के उदघोष के साथ सेवा यात्रा का स्वागत किया।नांद्रा गाँव पहुँचने पर बड़ी संख्या में महिलाओं एवं बालिकाओं ने कलश के साथ अगवानी की। धरगाँव और नांद्रा में भारी संख्या में भीड़ उमड़ने से आयोजन स्थल छोटे पड़ गए। श्रीराम मंदिर प्रांगण में हुए कार्यक्रम को श्री राजकुमार मेव एवं श्री भूपेंद्र आर्य ने संबोधित किया। कतरगाँव, कोगाँवा, पिपल्या बुजुर्ग, बरलाय, बंजारी और धारेश्वर में भी आस्था और विश्वास की इस यात्रा के पहुँचने पर स्वागत किया गया। गाँवों की प्रवेश सीमा से लेकर आयोजन स्थल तक हुआ स्वागत किसी उत्सव या त्यौहार से कम नहीं था। फूलों की वर्षा, बैंड-धुन एवं आतिशबाजी के साथ पूरा कस्बा यात्रा के स्वागत में मार्ग के दोनों और मौजूद था। सड़क मार्ग से गुजरने पर यात्रा और नर्मदा भक्त हर वर्ग का ध्यान अपनी ओर खींचने में कामयाब हुए। ग्राम नांद्रा में निमाड़ की वास्तविक पहचान के साथ सेवा यात्रा का परिचय कराया गया। यहाँ ग्रामवासियों ने अमाड़ी की भाजी और मक्का की रोटी के साथ कड़ी, खिचड़ी भोजन का प्रबंध किया था। सेवा यात्रियों और सेवक दोनों ने निमाड़ का पारंपरिक भोजन ग्रहण किया।

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 MadhyaBharat  6 March 2017

shivraj शौचालय

नर्मदा-स्तुति और संरक्षण की महायात्रा पहुँची महेश्वर मुख्यमंत्री  शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि नर्मदा तटों पर स्थित गाँव के प्रत्येक घर में शौचालय बनना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि नर्मदा को प्रदूषण एवं गंदगी से बचाने के लिए तटों के सभी गाँवों में शौचालय निर्माण की ओर विशेष ध्यान दिया जाए। श्री चौहान खरगोन के महेश्वर में अहिल्या घाट पर 'नमामि देवि नर्मदे''-सेवा यात्रा के पहुँचने के बाद जन-संवाद को संबोधित कर रहे थे। इसके पहले मुख्यमंत्री श्री चौहान महेश्वर के जय स्तंभ चौराहे से नर्मदा सेवा यात्रा में शामिल हुए। श्री चौहान ने पुण्य सलिला नर्मदा को मध्यप्रदेश की जीवन रेखा बताया तथा कहा कि नर्मदा हमे जल देकर विकास का मार्ग प्रशस्त करती है। नर्मदा के जल के कारण ही मध्यप्रदेश की कृषि की विकास की दर लगातार 4 साल से 20 प्रतिशत से उपर है। मध्यप्रदेश कृषि और बिजली उत्पादन के मामले में आत्म-निर्भर है। उन्होंने कहा कि नर्मदा मोक्षदायिनी है। हमने नर्मदा से जल तो लिया लेकिन उसे दिया कुछ नही। नर्मदा नदी में जल बना रहे इसके लिए वृक्षारोपण जरूरी है। श्री चौहान ने भक्तों को संकल्प दिलवाया कि नर्मदा के दोनों तट पर वृक्षारोपण कर उसकी देखभाल करे, किसान जो फलदार पौधे लगायेंगे उसमें फल आने तक 3 साल की अवधि के लिए मध्यप्रदेश सरकार 20 हजार रूपए प्रति हेक्टेयर देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा नदी के किनारों के घरों के सीवेज के पानी के ट्रीटमेंट के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जायेंगे। नर्मदा को प्रदूषित करने वाली सामग्री नर्मदा में विसर्जित नहीं होने दी जायेगी। प्रत्येक तट पर विसर्जन कुंड बनेंगे। श्री चौहान ने कहा कि अंतिम संस्कार के लिए तटों पर मुक्ति-धाम भी बनाए जायेंगे। तटों पर ही महिलाओं के लिए चेजिंग-रूम की व्यवस्था की जाएगी। आगामी 1 अप्रैल से नर्मदा के दोनों तट पर 5-5 किलोमीटर की शराब की दुकाने बंद होगी। मध्यप्रदेश को धीरे-धीरे नशामुक्त बनाया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपने गाँव को नशामुक्त बनाने का संकल्प लेने का आव्हान किया। बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओ की बात करते हुए श्री चौहान ने कहा कि सरकारी नौकरी में महिलाओं को प्राथमिकता देने के साथ ही शिक्षक की भर्ती में 50 प्रतिशत और पुलिस में 33 प्रतिशत भर्ती महिलाओं की होगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ऐसा कानून भी बनाने की बात कही जिसमें बेटी से दुराचार करने वाले अपराधी को फांसी की सजा मिले। श्री चौहान ने कहा कि 12वीं की परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों की उच्च पढ़ाई की फीस राज्य सरकार देगी। मुख्यमंत्री ने उपस्थित नागरिकों को नर्मदा नदी के संरक्षण के प्रति जागरूकता लाने का संकल्प दिलवाया। जन-संवाद को श्री सुभाष पटेल, श्री मुकेश तिवारी, संत भय्यू जी महाराज ने भी संबोधित किया। इसके पहले मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नर्मदा कलश, ध्वज एवं कन्याओं का पूजन किया। साथ ही उन्होंने महेश्वर एवं बड़वाह के 60 गाँव को फ्लोराईड मुक्त जल उपलब्ध करवाने के लिए 69.99 करोड़ की लागत के ट्रीटमेंट प्लांट का लोकार्पण भी किया। उन्होंने तट पर माँ नर्मदा की आरती की। महेश्वर घाट पर हुए निमाड़ उत्सव में जन-जातीय एवं लोक नृत्य, सर्व महेश्वर नृत्य नाटिका की प्रस्तुति तथा सुश्री अलका याज्ञनिक के भजन एवं गीत हुए। जन-संवाद में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं सहकारिता मंत्री श्री थावरचंद गेहलोत, स्कूल शिक्षा मंत्री कुं. विजय शाह, महिला-बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती ललिता यादव, सांसदद्वय श्री सुभाष पटेल एवं श्रीमती सावित्री ठाकुर, विधायक सर्वश्री राजकुमार मेव, बालकृष्ण पाटीदार, हितेंद्रसिंह सोलंकी, पूर्व विधायक श्री भूपेंद्र आर्य, आध्यात्मिक संत श्री भय्यू जी महाराज, साध्वी प्रज्ञा भारती, संतगण सर्वश्री शैलेंद्र गिरी, मौनी बाबा, ओमानंद, ईश्वरदास, ज्ञानानंद, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह, फिल्म कलाकार श्री मुकेश तिवारी एवं रघुवीर यादव, श्री पासा पटेल उपस्थित थे।  

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 MadhyaBharat  5 March 2017

नर्मदा सेवा यात्रा

भारतीय महिला हॉकी टीम शामिल हुई यात्रा में   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि नर्मदा सेवा यात्रा अब तक जिन स्थानों से होकर निकली है, वहाँ सामाजिक सदभाव की अनोखी मिसाल देखने को मिली है। उन्होंने कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा राज्य सरकार ने प्रारंभ की है, परन्तु वास्तविक रूप से समाज ने इसका मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज खरगोन जिले के कसरावद के नजदीक नावड़ातौड़ी नर्मदा तट पर 'नमामि देवि नर्मदे'-सेवा यात्रा में जन-संवाद को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान सेवा यात्रा के साथ करीब 4 किलोमीटर पैदल भी चले। यात्रा की आज खास बात यह रही कि महिला हॉकी टीम भी मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ थी। यात्रा के जत्थे में करीब 75 हजार भक्त शामिल हुए। इस मौके पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि दुनिया में भारत की बेटियों ने हॉकी के क्षेत्र में मान बढ़ाया है। उन्होंने 2 लाख रूपये की पुरस्कार राशि को बढ़ाते हुए 25 लाख रूपये की राशि पुरस्कार के स्वरूप देने की घोषणा की। सिंगापुर से सोना लाने वाली महिला हॉकी टीम की कप्तान सुश्री सुशीला चानू ने मध्यप्रदेश सरकार के नर्मदा स्वच्छता अभियान की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा विश्व में नदी संरक्षण के लिये सबसे बड़ी सेवा यात्रा है। सिने अभिनेता अमिताभ बच्चन और स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने भी नर्मदा स्वच्छता अभियान का समर्थन किया है। नर्मदा सेवा यात्रा को विदेशों से भी जन-समर्थन मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पेड़ लगाना सरकार का ही नहीं बल्कि समाज का भी दायित्व है। नर्मदा नदी के तट के एक-एक किलोमीटर के दायरे में दोनों तटों पर सरकारी और निजी भूमि पर वृक्षारोपण किया जायेगा। जो किसान अपनी निजी भूमि पर वृक्षरोपण करेगा, उसे तीन वर्ष तक प्रति हेक्टेयर 20 हजार रूपये प्रदान किये जायेंगे। श्री चौहान ने कहा कि नर्मदा नदी के किनारों पर आने वाले शहर में वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किये जायेंगे। ट्रीटेड वॉटर को किसानों के उपयोग के लिये दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि अवैध शराब बिक्री करने वाले ठेकेदारों को बख्शा नहीं जायेगा। उन्होंने कहा कि जन अभियान के साथ प्रदेश में शराब बिक्री पर रोक लगाने की कार्यवाही की जायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जन-समुदाय को नर्मदा नदी के संरक्षण के प्रति जन जागरूकता लाने का संकल्प दिलाया। मुख्यमंत्री ने की सामाजिक सदभाव की प्रशंसा मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जन-संवाद में सेवा यात्रा के दौरान सामाजिक सदभाव की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सब धर्म के लोग एक मंच पर बैठे हैं। यह एक अच्छी परम्परा है। श्री चौहान ने कहा कि यह बड़े गौरव की बात है कि नर्मदा सेवा यात्रा में अलग-अलग धर्म के लोग एक-एक दिन का खर्च जनहित में वहन कर रहे हैं। सेवा यात्रा में हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई सभी धर्मावलंबी भी शामिल हुए।  

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 MadhyaBharat  13 February 2017

mp vidhansabha

खरगोन में  भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा  कि आगामी विधानसभा चुनाव में किसी भी जिला अध्यक्ष को टिकट नहीं मिलेगा।  मंगलवार को चौहान राज्यस्तरीय बॉलीबाल स्पर्धा कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश में पीएम नरेंद्र मोदी और प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की तुलना में किसी राजनितिक दल के पास नेता नहीं है। इस दौरान उन्होंने जनता से चीन में निर्मित उत्पादों का बहिष्कार करने का आव्हान‍ किया।  

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 MadhyaBharat  4 October 2016

bachhi maut

    मध्य प्रदेश के खरगौन जिले में इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। बता दें कि जन्म के कुछ ही घंटों बाद अपनों ने ही नवजात बच्ची को कचरे से भरी झाड़ियों में फेंक दिया। कुत्तों ने उसे नोच-नोचकर मार डाला। बाकी रही कसर ओंकारेश्वर नगर परिषद ने पूरी कर दी। शव उठाने के लिए कचरे की गाड़ी भेज दी।    पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। हॉस्पिटलों के रिकाॅर्ड खंगाले जा रहे हैं। घटना शुक्रवार को इंदौर-इच्छापुर हाईवे स्थित राधास्वामी सत्संग परिसर के सामने की है। दरअसल, नवजात की नाल पर एक प्लास्टिक का क्लिप लगा है। माना जा रहा है कि उसका जन्म निजी या किसी गवर्नमेंट हॉस्पिटल में ही हुअा है। कार से आए थे बच्ची को फेंकने वाले। आईविटनेस ने पुलिस को बताया कि दोपहर करीब डेढ़ बजे कुछ लोग कार से आए और हाईवे के किनारे गुरदीप सिंह बग्घा के खेत के पास नवजात बच्ची को फेंक गए। फिर गाड़ी घुमाकर बड़वाह की ओर रवाना हो गए। कुछ देर बाद बच्ची को कुत्तों और कौवों ने नोचना शुरू कर दिया। इससे बालिका की दोनों आंखें फूट गईं और सिर व चेहरे की चमड़ी भी पूरी तरह निकल गई।   मौके पर मौजूद शख्स के मुताबिक, बच्ची के शव को कुत्ते नोचते हुए हाईवे के दूसरे किनारे पर करीब 10 फीट दूर तक ले गए। राहगीरों ने कुत्तों को भगाया। वहां मौजूद एक बुजुर्ग नवजात के शव की निगरानी करता रहा। कुछ ड्राइवरों ने बताया कि उन्होंने बच्ची के रोने की आवाज भी सुनी थी।

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 MadhyaBharat  30 July 2016

shivraj singh anand

    मुख्यमंत्री चौहान ने आनंद विभाग की बैठक ली         मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिये हैं कि आनंद विभाग  द्वारा अगले माह आयोजित की जाने वाली कार्यशाला में इस क्षेत्र में काम करने वाले संत और मनीषियों को आमंत्रित कर उनका मार्गदर्शन लिया जाये। मुख्यमंत्री  चौहान ने यह निर्देश आज यहाँ आनंद विभाग की बैठक में दिये। बैठक में बताया गया कि आनंद विभाग की गतिविधियाँ राज्य आनंद संस्थान के अंतर्गत संचालित की जायेगी।   मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि आनंद विभाग की गतिविधियों के अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के साथ-साथ बुनियादी जरूरतों को भी शामिल किया जाये।  विभाग के दृष्टि पत्र में आनंद की अवधारणा से जुड़े दर्शन, गतिविधियों और सूचकांक शामिल किये जाये। यह विभाग हताशा और निराशा को खत्म करने के लिये वातावरण बनाने का काम करेगा। 'माँ तुझे प्रणाम' और 'मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन' जैसी योजनाओं में आनंद के लिये और क्या बदलाव किया जा सकता है, इस पर विचार करे। आनंद के प्रकटीकरण के लिये सांस्कृतिक, साहित्यिक और खेल-कूद से जुड़ी गतिविधियों की योजना बनाये। इसके लिये पाठ्यक्रम में सकारात्मक बदलाव किये जा सकते हैं। योग के संबंध में विभिन्न विभाग द्वारा संचालित गतिविधियों में एकरूपता रहे।   बैठक में बताया गया कि आनंद की अवधारणा के संबंध में विभिन्न विभाग को प्रशिक्षित किया जायेगा। योग के लिये स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के सात संभाग में योग प्रशिक्षण केंद्र बनाये जायेंगे। खेल विभाग द्वारा विकास खण्ड स्तर पर योग एवं खेल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की योजना बनायी गयी है। उच्च शिक्षा विभाग योग और खेल से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू करेगा। बैठक में नर्मदा नदी के किनारे आयुर्वेद, योग और आध्यात्म के लिये वेलनेस सेंटरों की श्रंखला शुरू करने का सुझाव दिया गया।    बैठक में मुख्य सचिव  अन्टोनी डिसा, अपर मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा  एस. आर. मोहंती, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव संस्कृति  मनोज श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव उच्च ‍‍शिक्षा आशीष उपाध्याय, सचिव खेल एवं युवा कल्याण  सचिन सिन्हा और संचालक खेल एवं युवा कल्याण  उपेंद्र जैन भी उपस्थित थे।  

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 MadhyaBharat  25 July 2016

शिवराज के रामराज्य का रामनाम सत्य

 वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी आजाद सिंह डबास ने गुड गवर्नेंस पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मेरी ही शिकायत पर अठारह साल में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो कैसा गुड गवर्नेंस। डबास ने यह बात सिविल सर्विसेज डे पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। शाहपुरा झील किनारे स्थित प्रशासन अकादमी में सिविल सर्विसेज डे के मौके पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें प्रदेश के आईएएस, आईपीएस और आईपीएस अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सुबह साढ़े दस बजे कार्यक्रम की शुरूआत हुई जो दोपहर दो बजे तक चला। अपर मुख्य सचिव एसआर मोहंती ने गुड गवर्नेंस को लेकर प्रिजेंटेशन दिया। कार्यक्रम में सवाल जवाब के दौरान आईएफएस अधिकारी डबास ने कहा कि उन्होंने 18 साल पहले ग्वालियर में अवैध रूप से खनिज उत्खनन को लेकर मुख्य सचिव से लेकर कई जगह शिकायत की थी। आज तक उस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जब मुझे ही न्याय नहीं मिला तो कैसा गुड गवर्नेंस है? सिविल सर्विस डे के एक दिन पहले अफसरों ने सिस्टम को कटघरे में खड़ा किया तो किसी ने सुधार को लेकर प्रश्न किए। मुख्य सचिव अंटोनी डिसा और पुलिस महानिदेशक सुरेन्द्र सिंह प्रश्न पूछने में सबसे आगे रहे। अफसरों के हर प्रश्न का उत्तर अपर मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा एसआर मोहंती ने बड़े ही बेबाकी और प्रशासनिक दायरे में रहते हुए दिए। प्रशासन अकादमी में आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अफसरों के बीच जैसे ही प्रश्नोत्तर काल शुरू हुआ कि मुख्य सचिव अंटोनी डिसा ने पहला प्रश्न किया कि सीनियर अधिकारी के लिए माइक्रो मैनेजमेंट में गुड आस्पेक्ट कैसे हो सकता है। इसी दौरान पुलिस महानिदेशक सुरेन्द्र सिंह ने सवाल किया कि माइक्रो मैनेजमेंट में एकाउंटेबिलिटी को लेकर कैसे काम किया जा सकता है। सीएस के प्रश्न का उत्तर देते हुए एसीएस मोहंती ने बताया कि इरिगेशन पॉलिसी के लिए एसीएस जलसंसाधन आरएस जुलानिया द्वारा किए गए कार्य माइक्रो मैनेजमेंट का सबसे अच्छा उदाहरण है। डीजी सवाल पर उत्तर मिला कि रिस्पांसबिलिटी फिक्स करने की जरूरत है। सोशल मीडिया आजकल इसमें अहम् रोल अदा कर रहा है। आंख मंूदकर स्थानीय अफसर विश्वास करने की जरूरत नहीं है।   APCCF डबास को CS डिसा की डपट, बोले पर्सनल बातों का नहीं है मंच अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक आजाद सिंह डबास को मुख्य सचिव अंटोनी डिसा और पीसीसीएफ नरेन्द्र कुमार की फटकार भी लगी। डबास को बोलने के बीच ही रोकते हुए उन्हें नसीहत दी गई कि यह मंच पर्सनल बातों के लिए नहीं बल्कि गुड गर्वनेंस पर बोलने के लिए है। डबास ने मंच से 18 साल पुराना एक मामला उठाते हुए कोई कार्रवाई नहीं होने की बात कही थी। वे अपने ही विभाग के अफसरों की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगा रहे थे। दरअसल अपर मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा एसआर मोहंती अफसरों के प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। इसी दौरान एपीससीएफ अजाद सिंह डबास खड़े हुए और प्रश्न दागा कि ग्वालियर वृत्त के वन क्षेत्र में खनिज का अवैध उत्खनन हुआ, मैने शिकायत की, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। वे विभाग पर कुछ और बोलते इसके पहले मुख्यसचिव ने बीच में ही रोका और बैठ जाने को कहा। डबास फिर भी नहीं माने और बोलने को आगे बढ़े तभी पीसीसीएफ ने भी टोका और पर्सनल बातें अलग से करने की नसीहत दे डाली।   ACS मोहंती का प्रजेंटेशन काबिल-ए-तारीफ सिविल सर्विस डे के मौके पर स्कूल शिक्षा विभाग के एसीएस एसआर मोहंती ने प्रजेंटेशन दिया। उन्होंने कहा कि कौटिल्य, प्रजा की खुशी में अपनी खुशी मानते थे। वे अपनी खुशी को खुशी नहीं मानते थे। हम सिस्टम को डेवलप कैसे कर सकते हैं? पैसे का इस्तेमाल लोगों के लिए कैसे कर सकते हैं? इस तरह की नीति बनाकर मौजूदा समय में काम करने की जरूरत है। गुड गवर्नेंस के पांच पिलर हैं। सिटिजन सेंट्रिंग प्रशासन ही गुड गवर्नेंस में माना जाता है। जीरो टॉलरेंस, लीगल सिस्टम, कांपीटेंट पर्सनल, साउंड पर्सनल मैनेजमेंट, गुड पॉलिसी इसके लिए आवश्यक हैं।   माइक्रो मैनेजमेंट में एकाउंटेबिलिटी पर कैसे होगा काम: DGP सवाल: डीजीपी सुरेन्द्रसिंह-माइक्रो मैनेजमेंट में एकाउंटेबिलिटी को लेकर कैसे काम किया जा सकता है। जवाब: एसीएस मोहंती- रिस्पांसबिलिटी फिक्स करने की जरुरत है। सोशल मीडिया आजकल इसमें रोल अदा कर रहा है। आंख मूंदकर स्थानीय अफसर पर विश्वास करने की जरुरत नहीं है। सवाल: सीएस अंटोनी डिसा- सीनियर अधिकारी के लिए माइक्रो मैनेजमेंट में गुड आस्पेक्ट कैसे हो सकता है। जवाब: एसीएस मोहंती - इरिगेशन पॉलिसी के लिए एसीएस आरएस जुलानिया द्वारा किए गए कार्य माइक्रो मैनेजमेंट का सबसे अच्छा उदाहरण है। सवाल: एडीजी प्रदीप रुनवाल-डायल 100 में फाल्स काल भी आते है इसे रोकने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे है। जवाब: एडीजी अन्वेष मंगलम -85 फीसदी फाल्स काल एमपी में आ रहे है। इसे कम करने के लिए दवाब बनाने की जरुरत अभी नहीं है। देश-प्रदेश में इस तरह की बहुत शिकायत आती है। कई बार मिस कॉल से भी जानकारी मिलती है। कई बार लोग पचास से सौ बार फाल्स कॉल् करते हे। ऐसे लोगों को ब्लैक लिस्ट किया है पर पूरी तरह इग्नोर नहीं किया है। सवाल: डायल 100 के बाद पुलिस कर्मी बीट पर मौजूद नहीं रहते। पुलिस का संवाद घटा है। इसे सुधारने की जरुरत है। जवाब: डीजीपी-सिंहस्थ के चलते फोर्स की दिक्कत आई है। बीट में मूवमेंट कम नहीं होने देंगे।

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