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खंडवा News


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किसान हड़ताल का असर ,दूध-सब्जी की सप्लाई रुकी  मध्यप्रदेश में किसानों की हड़ताल के तीसरे दिन शनिवार को एक बार फिर आम लोगों को दूध और सब्जी की किल्लत का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में पुलिस की सुरक्षा में दूध और सब्जी की दुकानें खुलीं, लेकिन इन्हें बहुत ज्यादा कीमत पर बेचा गया। उधर कई जगह आंदोलन कर रहे किसानों ने दूध और सब्जी की सप्लाई रोकने के लिए निजी वाहनों और बसों में भी चेकिंग शुरू कर दी है। भारतीय किसान संघ भी अब इस हड़ताल में शामिल होगा। किसान के आंदोलन पर सरकार हरकत में आ गई है। शनिवार दोपहर मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह ने इंदौर, उज्जैन और भोपाल संभाग के अधिकारियों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा की। इस दौरान तीनों संभागों के आईजी, कलेक्टर, एसपी और दुग्ध संघ के अधिकारी भी उपस्थित थे। देवास के पास कन्नौद में खेत से 2 लीटर दूध लेकर घर आ रहे किसान को आंदोलनकारियों ने सुबह 8.15 बजे सरकारी अस्पताल के सामने रोक लिया, उन्होंने पहले दूध बहाया इसके बाद किसान के साथ मारपीट की। मामले में रिपोर्ट लिखाई गई। राजोदा में कैलोद चौराहे पर निजी वाहनों को रोक कर किसानों ने चेकिंग की, सुबह से खुली दूध डेयरियां भी बंद करवा दी गईं। खंडवा में बसों की चेकिंग में मिली सब्जी किसानों ने सड़क पर फेंकी। महाराष्ट्र से आया दूध का वाहन भी रोका, जिसके बाद ड्राइवर वाहन को थाने ले गया। वहां पुलिस के संरक्षण में दूध ज्यादा कीमत में बिका। शाजापुर में सांची दूध की सप्लाई होने से स्थिति कुछ सामान्य हुई, लेकिन खुला दूध अब भी नहीं मिला। यहां सब्जी की सप्लाई बंद रही। शाजापुर में करीब बड़ी संख्या में किसान सड़क पर उतर आए और सरकार विरोधी नारे लगाते हुए जमकर प्रदर्शन किया। मंदसौर में 300 लीटर दूध एक कार से जब्त हुआ, जिसके बाद जिला अस्पताल में इसे बांट दिया गया। कई जगह किसानों का विरोध जारी रहा उन्होंने रोक-रोकर वाहनों की चेकिंग की। दूध और सब्जी की किल्लत के चलते कई जगह आम लोगों ने किसानों का विरोध किया। लोगों का कहना है कि यह तरीका बिल्कुल गलत है। झाबुआ और आलीराजपुर में हड़ताल का कोई असर नहीं दिखा, यहां सामान्य रूप से मंडी खुली और दूध की सप्लाई भी सामान्य रही। हालांकि मंड़ि‍यों में सब्जी की आवक पहले की अपेक्षा कम रही। खरगोन सब्जी मंडी में हालत सामान्य रहे लेकिन सब्जियों के भाव आसमान पर रहे। इंदौर और धार में किसानों आंदोलन के चलते व्यापारी खरगोन नहीं पहुंचे। यहां दूध की सप्लाई भी सामान्य रही। रविवार को सब्जी मंडी बंद रह सकती है। जिले के भीकनगांव में सब्जी का व्यापार जारी। यहां सांची के दूध की सप्लाई भी हुई, गड़बड़ी की आशंका के चलते अमूल का दूध नहीं मंगवाया गया। जानकारी के मुता‍बिक सांची का 10 हजार लीटर दूध यहां सप्लाई हुआ। बड़वानी में किसान आंदोलन का असर नहीं रहा।  

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 MadhyaBharat  3 June 2017

सेलानी में  एक और जल-पर्यटन स्थल

मध्यप्रदेश में प्रसिद्ध पर्यटन एवं धार्मिक स्थल ओंकारेश्वर के नजदीक सेलानी नामक स्थल पर एक और जल-पर्यटन स्थल ने आकार लिया है। खण्डवा जिले के हनुवंतिया में विकसित वॉटर टूरिज्म कॉम्पलेक्स की तर्ज पर निर्मित किये गये इस जल-पर्यटन केन्द्र पर बोट क्लब सहित क्रूज, जलपरी, मोटर बोट और वाटर स्पोर्टस आदि की सुविधाएँ उपलब्ध करवायी जायेंगी। इस प्रकार एक निर्जन एवं पहुँच से दूर इस स्थान पर पर्यटकों को ठहरने एवं जल-क्रीड़ा गतिविधियों का लुत्फ उठाने सहित कोलाहल से दूर एक शांत और निर्मल नीर से भरे मनोरम स्थल पर अपना कुछ वक्त बिताने की सहूलियत मिलने लगेगी। ओंकारेश्वर के नजदीक पर्यटन निगम द्वारा विकसित सेलानी टापू रिसॉर्ट की शुरूआत आज 24 मई से हो गई है।  मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा लगभग तीन एकड़ क्षेत्र पर यह पर्यटन केन्द्र विकसित करने की योजना तैयार कर उसे मूर्त स्वरूप दिया गया है। सेलानी चहुँओर से पानी से घिरे एक टापू के रूप में स्थित है। नजदीक ही ओंकारेश्वर बाँध परियोजना है। परियोजना के समीप होने से इस स्थान पर भरे जल का स्तर वर्षाकाल में भी न तो बढ़ता है और न ही उसके बाद कभी कम होता है। यह टापू चारों ओर से ढलाननुमा बसा हुआ है और यहाँ पर जंगली पेड़ कस्टार, काड़ाकूड़ा, मोहिनी, बियालकड़ी, दही-कड़ी और धावड़ा तथा सागौन की दुर्लभ प्रजाति के पेड़ हैं। छोटी कावेरी एवं पुण्य सलिला नर्मदा का संगम स्थल भी पास में ही है। राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा तकरीबन 15 करोड़ रुपये लागत से यहाँ सर्व-सुविधायुक्त कॉटेज, प्रथम तल पर स्थित कॉटेज पर जाने के लिये पाथ-वे, केम्प फायर, मुख्य प्रवेश द्वार, रिसेप्शन, रेस्टॉरेंट, बोट-क्लब, कॉन्फ्रेंस हॉल, नेचुरल ट्रेल, बर्ड-वाचिंग तथा वॉच-टॉवर आदि का निर्माण किया गया है। यहाँ चार अलग-अलग ब्लॉक में 22 कॉटेज एवं एक सर्व-सुविधायुक्त सुईट बनाये गये हैं। हरेक कॉटेज के पास मिनी गार्डन भी रहेगा। कॉटेज की डिजाइन इस प्रकार बनायी गयी है, जिससे कि यहाँ बैठकर ही दूर तलक भरे हुए निर्मल नीर का आनंद उठाया जा सकता है। कॉटेज की बालकनी में बैठकर पर्यटक घने जंगल, पानी और दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों को निहार सकेंगे। आस-पास के जंगल में मुख्य रूप से हिरण, जंगली सुअर, तेंदुआ आदि वन्य-प्राणी भी स्वच्छंद विचरण करते हैं। कॉटेज के निर्माण में सागौन की लकड़ी का उपयोग किया गया है। परिसर में लैण्ड-स्केपिंग का काम किया जाकर फर्श पर सेंड स्टोन लगायी गयी है।  

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 MadhyaBharat  24 May 2017

आदि शंकराचार्य

  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने सांस्कृतिक एकता के जन आंदोलन के प्रणेता आदि शंकराचार्य की प्रतिमा स्थापना की तैयारियों की समीक्षा की। आदि शंकराचार्य की विशाल प्रतिमा ओंकारेश्वर में स्थापित की जायेगी। अष्टधातु से निर्मित होने वाली 108 फीट ऊँची इस प्रतिमा के लिये घर-घर से धातु का संग्रहण किया जायेगा। धातु संग्रहण का व्यापक अभियान जून माह में चलाया जायेगा। प्रदेश में एक मई को आचार्य शंकर दिवस मनाया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आदि शंकराचार्य भारतीय सांस्कृतिक एकता के प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमा निर्माण में जन-जन की सहभागिता के लिये घर-घर से धातु इकट्ठी की जायेगी। उन्होंने कहा कि जो भी धातु जिस रूप में दी जाये, उसे संकलित किया जाये। प्रतिमा स्थापना के लिये स्थान के चयन में संतों की भागीदारी हो। बताया गया कि प्रतिमा 108 फीट ऊँची होगी। प्रतिमा के लिये धातु और धनराशि दोनों रूप में सहयोग स्वीकार किया जायेगा। आचार्य शंकर प्राकट्य पंचमी एक मई को आचार्य शंकर जयंती मनाई जायेगी। इस अवसर पर आचार्य शंकर के मूल्यों और भारतीय एकता में उनके योगदान के माध्यम से संपूर्ण भारत की मूलभूत सांस्कृतिक एकता को रेखांकित किया जायेगा। रन फॉर कल्चरल यूनिटी, निबंध, चित्रकला और नारे लेखन की प्रतियोगिताएँ की जायेगी। धातु संग्रहण अभियान के क्रियान्वयन के लिये मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में लोक न्यास गठित किया जायेगा। न्यास में भारतीय ज्ञान और दर्शन के क्षेत्र में ख्याति प्राप्त तथा विभिन्न क्षेत्रों के सामाजिक कार्यकर्ता न्यासी सदस्य होंगे। लोक न्यास परामर्शदात्री मंडल की स्थापना की जायेगी। धातु संग्रहण का कार्य आगामी एक जून से 30 जून तक चलेगा। बैठक में प्रमुख सचिव संस्कृति श्री मनोज श्रीवास्तव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव जनसंपर्क श्री एस.के. मिश्रा, मुख्यमंत्री के उप सचिव श्री नीरज वशिष्ठ और विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी श्री मनीष पांडे उपस्थित थे।  

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 MadhyaBharat  2 April 2017

सरदार सरोवर परियोजना

मध्यप्रदेश में संचालनालय पुरातत्व ने विरासत एवं धरोहरों को सहेजने, उनके संरक्षण, प्राचीन संस्कृतियों के अध्ययन एवं उन्हें जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से सरदार सरोवर परियोजना के डूब से प्रभावित होने वाले 33 मंदिरों एवं स्मारकों के पुर्नस्थापन का कार्य किया है।  इनमें शिव मंदिर, छोटी कसरावद, शिव मंदिर रोली गाँव, नर्मदेश्वर मंदिर डेहर, कलंजेश्वर मंदिर सोमल्दा, शंकर मंदिर कोठड़ा, शिव मंदिर हरसूद और शिव मंदिर धारी कोटला प्रमुख हैं। अठारहवीं शती का नागर शैली में निर्मित शिव मंदिर मूल रूप से ग्राम छोटी कसरावद जिला बड़वानी में नर्मदा नदी के दक्षिण तट पर स्थित था। नर्मदा नदी के तट पर 40 फीट लम्बे एवं 30 फीट चौड़े चबूतरे पर निर्मित यह मंदिर 30 फीट लम्बा और 18 फीट चौड़ा है। इसकी अधिष्ठान से शिखर तक की ऊँचाई 36 फीट है। इस मंदिर के भू-विन्यास में अर्ध-मण्डप, चार स्तंभों पर मण्डप, अंतराल एवं गर्भगृह है। ऊँचे चबूतरे पर निर्मित यह मंदिर पंचरथी है। मंदिर के वर्गाकार गर्भगृह में शिवलिंग एवं मण्डप में नंदी स्थापित है। मंदिर सरदार सरोवर परियोजना के डूब क्षेत्र में होने के कारण इसे ग्राम छोटी कसरावद के नवीन बसाहट स्थल पर पुर्नस्थापित किया गया है।  

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 MadhyaBharat  12 February 2017

ओम का स्वरूप

'नमामि देवि नर्मदे''-सेवा यात्रा के दौरान आज ओंकारेश्वर में 'ओम'' के आकार का अदभुत दृश्य बना। वास्तव में यह दृश्य ओंकारेश्वर की परिकल्पना को साकार कर रहा था। यह प्रसंग उस समय उपस्थित हुआ, जब मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ओंकारेश्वर में शाम को नर्मदा तट अभय-घाट पर आरती में शामिल हुए। इस मौके पर दूसरे तट पर दीप प्रज्जवलित कर 'ओम'' का आकार बनाया गया था। यह दृश्य देखकर उपस्थित जन-समुदाय ने करतल ध्वनि के साथ हर्ष व्यक्त किया। भाव-भक्ति से पूर्ण इस कार्यक्रम को दीपों के 'ओम'' ने और अधिक भव्य बना दिया था।  चौहान ने की नर्मदा कलश की अगवानी 'त्वदीय पाद पंकजम, नमामि देवी नर्मदे'' का गान करते हुए आगे चल रहे रथ, फिर कलश लिये महिलाएँ, इनके पीछे ढोल-ढमाकों के साथ नाचते भक्त-गण और फिर नर्मदा कलश और ध्वज के साथ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, उनकी धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह, मंत्री, विधायक, अन्य जन-प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और अंत में अपार जन-समूह। यह था 'नमामि देवी नर्मदे'' -सेवा यात्रा का खंडवा जिले के ग्राम कोटी से शिव नगरी ओंकारेश्वर तक का विहंगम दृश्य। यात्रा के दोनों ओर खड़े होकर लोगों ने पुष्प-वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। यह अनूठा दृश्य ऐसा लग रहा था जैसे नर्मदा माँ स्वयं कल-कल करती साथ चल रही हैं। यात्रा में वन मंत्री श्री गौरीशंकर शेजवार, महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस, तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी, सांसद श्री नन्दकुमार सिंह चौहान और विधायक, राष्‍ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह श्री सुरेश सोनी बारी-बारी से कलश और ध्वज लेकर यात्रा में चले। यात्रा में झिरण्या की किन्नर रूबी नर्मदा कलश लेकर चलीं। उनके साथ किन्नर नरगिस मौसी और संतो भी यात्रा में शामिल रही। यात्रा का प्रभाव और उसकी महिमा पूरे प्रदेश में व्याप्त है। उज्जैन से यात्रा में शामिल होने दिव्यांग 16 वर्षीय श्री रोहित बैरागी भी आए थे। उन्होंने बताया कि भले हमारे यहाँ से नर्मदा नदी नहीं निकलती लेकिन हम सब इस पुण्य कार्य में सहभागी बनना चाहते हैं। यात्रा के ओंकारेश्वर पहुँचने पर स्वामी अवधेशानंद गिरिजी महाराज ने स्वागत किया। यात्रा में साधु-संत, स्कूली बच्चे, महिलाएँ, बुर्जुग सभी पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री चौहान का पूरे मार्ग में जगह-जगह फूल माला और शॉल-श्रीफल से स्वागत हुआ। यात्रा में अधिकांश लोग मुख्यमंत्री और नर्मदा कलश के साथ सेल्फी लेने के लिये आतुर थे। हर कोई नर्मदा कलश की एक झलक पाने को आतुर था।

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 MadhyaBharat  10 February 2017

आदि शंकराचार्य

    आदि शंकराचार्य के दर्शन पर आधारित पाठ स्कूल पाठयक्रम में शामिल होगा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आदि शंकराचार्य के अद्वैत दर्शन को आम लोगों तक पहुँचाने और इसे व्यवहार में लाने के लिये ओंकारेश्वर में संतों के मार्गदर्शन में वेदांत संस्थान की स्थापना की जायेगी। उन्होंने कहा कि आदि शंकराचार्य के जीवन और दर्शन पर आधारित पाठ स्कूल पाठयक्रम में पढ़ाया जायेगा। ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की भव्य प्रतिमा की स्थापना की जायेगी। इस प्रतिमा के लिये प्रदेश के हर घर से धातु का संग्रहण किया जायेगा। श्री चौहान ओंकारेश्वर में 'नमामि देवि नर्मदे'' नर्मदा सेवा यात्रा के आगमन पर आदि शंकराचार्य स्मरण प्रसंग पर संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि आदि शंकराचार्य ने नर्मदा के तट पर ओंकारेश्वर में दीक्षा प्राप्त की थी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आदि शंकराचार्य के अद्वैत दर्शन के कारण ही भारत की सांस्कृतिक एकता और अखंडता कायम हुई थी। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर, नर्मदा और आदि शंकराचार्य के महत्व को बताने वाला लाइट एंड साउंड शो कार्यक्रम प्रारंभ किया जायेगा। आदि शंकराचार्य जी की गुफा का संत समाज के मार्गदर्शन में पुनरुद्धार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों के सहयोग और मार्गदर्शन से काम करना भी सरकार का काम है। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर में एक संग्रहालय और इंटरप्रिटेशन सेंटर की स्थापना भी की जायेगी। विष्णुपुरी, ब्रह्मपुरी और ममलेश्वर मंदिरों को जोड़ने वाला आकाश मार्ग स्थापित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि ममलेश्वर मंदिर में सभी नागरिक सुविधाओं का इंतजाम किया जायेगा। देवसर मंदिर और चन्द्रमौली मंदिर का भी मूल स्वरूप में उद्धार किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने ओंकारेश्वर नगर पंचायत द्वारा तीर्थ-यात्रियों से लिये जाने वाले कर को समाप्त करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत को इससे होने वाली आय की भरपाई राज्य सरकार करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि शंकराचार्य के स्मरण प्रसंग पर आयोजित संगोष्ठी एक अदभुत अवसर है। यह आध्यात्मिक, धार्मिक और दर्शन का संगम है। उन्होंने कहा कि आदि शंकारचार्य के अद्वैत दर्शन के कारण सनातन धर्म अपने स्वरूप में विद्यमान है। उन्होंने नर्मदा सेवा यात्रा की चर्चा करते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में नदियों को जननी कहा गया है। नदियों का केवल भौगोलिक अस्तित्व नहीं है, वे आध्यात्मिक जीवन का अंग है।श्री चौहान ने कहा कि अद्वैत दर्शन में सभी जीवों को ब्रह्म का रूप माना गया है। यही आत्मिक प्रसन्नता का स्त्रोत है। जूना अखाड़ा के प्रमुख महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद ने कहा कि आदि शंकराचार्य के दर्शन ने सभी प्रचलित कुरीतियों पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि संसाधनों के त्यागपूर्वक उपभोग की भारतीय संस्कृति रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्याकुलताएँ सिर्फ अज्ञानता के कारण हैं। यह जीवन के सत्य को अनावृत करने का दर्शन है। स्वामी अवधेशानंद गिरि ने मुख्यमंत्री श्री चौहान के नर्मदा नदी को प्रदूषणमुक्त करने के संकल्प की चर्चा करते हुए कहा कि सिंहस्थ भी उनके संकल्प से निर्विघ्न संपन्न हुआ था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान राजा विक्रमादित्य, हर्षवर्धन और राजा भोज की तरह अपने राजधर्म का पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आदि शंकराचार्य की स्मृति में जो काम प्रदेश सरकार ने करने का संकल्प लिया है उससे दक्षिण और उत्तर के बीच संवाद सेतु का निर्माण होगा। इस काम में सारे सन्यांसी और संत समाज उनके साथ हैं। नर्मदा सेवा यात्रा को पूरे संत समाज का समर्थन है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में इस समय आध्यात्मिक वातावरण विद्यमान है। इससे न सिर्फ मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश के भाग्य का जागरण होगा। यदि संत समुदाय, समाज और सरकार मिल जाए तो बडे़ से बड़ा आंदोलन चला सकते हैं। मुख्यमंत्री के संकल्प का संत समाज स्वागत करता है। स्वामी अवधेशानंद ने संतों की प्रतिनिधि संस्था आचार्य सभा की सहमति से मुख्यमंत्री को रूद्राक्ष की माला भेंट की ताकि उनका संकल्प पूरा हो। स्वामी जी ने आदि शंकराचार्य की प्रतिमा बनाने के लिये प्रत्येक घर से धातु के रूप में योगदान लेने का सुझाव दिया ताकि अद्वैत दर्शन का संदेश घर-घर पहुँच सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि शंकराचार्य की प्रतिमा बनाने के लिये प्रत्येक घर से धातु संग्रह करने का अभियान नर्मदा सेवा यात्रा के साथ चलेगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर सहकार्यवाह श्री सुरेश सोनी ने कहा कि भारत में भावनात्मक एकता सदा से विद्यमान है। उन्होंने कहा कि अनुभूति के बिना शब्द अर्थहीन होते हैं। उन्होंने कहा कि अद्वैत दर्शन को जीवन में अभिव्यक्त होना चाहिये। उन्होंने कहा कि बुराई को नहीं छोड़ने और अच्छाई को नहीं अपनाने के कारण समस्याएँ निरंतर बनी रहती हैं। श्री सोनी ने कहा कि अद्वैत दर्शन सारी समस्याओं का समाधान साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक, शासक, माता, पिता और संत मिलकर आध्यात्म पर आधारित समाज का निर्माण कर सकते हैं। चिन्मय मिशन के प्रमुख स्वामी श्री तेजोन्मयानंद ने कहा कि मिशन आदि शंकाराचार्य के दर्शन को लोगों के बीच प्रचार-प्रसार करने में राज्य सरकार को पूरी मदद करेगा। राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान के पूर्व कुलपति श्री कुटुम्ब शास्त्री ने कहा कि नर्मदा नदी का उल्लेख ऋगवेद में हुआ है। उन्होंने कहा कि आदि शंकराचार्य की गुफा का जीर्णोद्धार करने का संकल्प सराहनीय है। फिल्म निर्माता डॉ. चन्द्रप्रकाश द्विवेदी ने कहा कि संवादहीनता ही सबसे बड़ी समस्या है। उन्होंने आदि शंकराचार्य के जीवन-दर्शन को स्कूली पाठयक्रम में शामिल करने का स्वागत करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को वेदांत दर्शन से परिचित करवाने का यह पहला कदम है। उन्होंने कहा कि संस्कृति की रक्षा करना साहित्य और कला का काम है। उपनिषदीय विरासत से नई पीढ़ी को परिचित करवाना वर्तमान पीढ़ी का दायित्व है। साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि अद्वैत दर्शन ही विश्व को बचा सकता है। पृथ्वी के श्रंगार के लिये उसे शस्य श्यामला रखना, कन्याओं की रक्षा करने का संकल्प लेना और नदियों को पवित्र रखना धार्मिक महत्व का काम है। उन्होंने आग्रह किया कि रसायनयुक्त प्रतिमाओं को नदी में प्रवाहित न करें। जल प्रदूषित करने वाली सामग्री का उपयोग न करें। इस अवसर पर बड़ी संख्या में संत समाज के प्रतिनिधि, राम कृष्ण मिशन के संत स्वामी निर्विकारानंद, सांसद एवं भाजपा के अध्यक्ष श्री नंदकुमार सिंह चौहान, जिले के प्रभारी मंत्री श्री पारस जैन, संस्कार भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव श्री अमीर चंद एवं बडी संख्या में जन-प्रतिनिधि, भक्त और नर्मदा परिक्रमावासी उपस्थित थे।  

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 MadhyaBharat  9 February 2017

omkareshwar

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने गुरूवार को सपत्निक प्रसिद्ध ओंकारेश्वर मंदिर में पूजा अर्चन और जलाभिषेक कर दर्शन किये। मुख्यमंत्री ने प्राचीन ओंकारेश्वर महादेव मंदिर की भौगोलिक स्थितियों को वहाँ के पंडितों, वास्तुकार और अधिकारियों से जाना। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पूर्व में मंदिर का जीर्णोद्धार करने वाले श्री घनश्याम भाई सोमपुरा से जानकारी प्राप्त की। श्री चौहान ने कहा कि यह सर्वमान्य सत्य है कि नन्दी के सामने ही शिवालय हो। परमार काल के बाद ओंकारेश्वर महादेव मंदिर के कई बार जीर्णोद्धार कार्य किये गये हैं। प्राचीन ओंकारेश्वर महादेव मंदिर से जुड़े सभी तथ्यों को जानकर नवीन संकल्पना के आधार पर अदभुत मंदिर का निर्माण किया जायेगा। श्री चौहान ने वास्तुकार और उच्च अधिकारियों के साथ पूरे मंदिर के हर एक हिस्से में पहुँचकर वास्तविक स्थितियों का भी मूल्यांकन किया। इस दौरान संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनोज श्रीवास्तव, वास्तुकार श्री नितिन श्रीमाली और मंदिर के पुजारी, संत-महात्मा उपस्थित थे। विष्णुपरी, ब्रह्मपुरी और ममलेश्वर के बीच आकाश मार्ग बनेगा मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ओंकारेश्वर महादेव मंदिर से माँ नर्मदा नदी के दूसरे छोर पर बने मंदिरों के बारे में पंडितों से जानकारी प्राप्त की। श्री चौहान ने विष्णपुरी, ब्रह्मपुरी और ममलेश्वर का इतिहास जानने के बाद आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए इन तीनों स्थान के मध्य आकाश मार्ग बनाने की योजना बनाने के निर्देश दिये। इससे श्रद्धालुओं को अलौकिकता का एहसास होगा। ओंकार पर्वत सघन वनमय होगा मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ओंकार महादेव मंदिर के प्राचीन वैभव और वास्तु-कला को देखकर नयी रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होंने पूरे ओंकार पर्वत को सघन वन से आच्छादित करने को कहा। श्री चौहान ने कहा कि एक ही दिन में पूरी पहाड़ी पर पौधारोपण करने की तैयारी आज से ही शुरू की जाये। बताया गया कि पहाड़ी पर पौधारोपण के लिये 25 हजार पौधे तैयार कर लिये गये हैं। पौधारोपण के लिये छायादार और शीघ्र ही पनपने वाले पौधों का चयन किया गया है। आदि शंकराचार्य गुफा चित्रमयी होगी श्री चौहान ने आदि शंकराचार्य की गुफा में पूजन-अर्चन भी किया। उन्होंने प्रमुख सचिव संस्कृति श्री मनोज श्रीवास्तव से कहा कि गुफा के हिस्से में शंकराचार्य के जीवन और उनके जीवन मूल्यों पर आधारित चित्र उकेरने का काम किया जाये। गुफा के अलावा किसी अन्य स्थान पर भी शंकर संग्रहालय बनाने की संकल्पना तैयार करें। श्री चौहान ने कहा कि गुफा के मूल स्तंभ जैसे हैं वैसे ही रहें और इन पत्थरों को जोड़कर सोन लोहा से सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर निर्माण कार्य करने के निर्देश दिये।  

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 MadhyaBharat  9 February 2017

नर्मदा सेवा यात्रा

माँ नर्मदा की आरती से की दाम्पत्य जीवन की शुरूआत 'नमामि देवि नर्मदे'-सेवा यात्रा को आज खण्डवा जिले में नये यात्री मिले। मुख्यमंत्री  शिवराजसिंह चौहान की उपस्थिति में निकाली जा रही नर्मदा सेवा यात्रा में आज जिले के हनुवंतिया क्षेत्र के 20 नव-दम्पत्ति भी शामिल हुए। उन्होंने अपने नव-दाम्पत्य जीवन की शुरूआत मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ माँ नर्मदा की आरती कर की।  उल्लेखनीय है कि नर्मदा सेवा यात्रा आज हनुवंतिया में पहुँची। यहाँ पड़ोस के मूंदी क्षेत्र में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में 20 दम्पत्तियों की शादी हुई। नव दम्पत्तियों ने संकल्प लिया कि वे नर्मदा नदी के संरक्षण के लिये नर्मदा सेवा यात्रा में शामिल होंगे और अपने दाम्पत्य की शुरूआत माँ नर्मदा की आरती से करेंगे। नवदम्पत्ति ग्राम पूर्णी से निकाली गयी सेवा यात्रा में शामिल हुए और यात्रा के साथ चलकर 2 किलोमीटर दूर हनुवंतिया पहुँचे। यहाँ उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ  माँ नर्मदा की आरती की। नव-दम्पत्तियों की माने तो यह उनके लिये सौभाग्य का क्षण था, जब वे माँ नर्मदा की गोद से अपने नये जीवन की शुरूआत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नव-दम्पत्तियों को आशीर्वाद दिया और उन्हें सुखमय वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएँ दी। इस अवसर पर श्रीमती साधना सिंह सहित मंत्री-मण्डल के सदस्य तथा हजारों धर्मालु भी मौजूद थे।

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 MadhyaBharat  5 February 2017

hanuvantiya

    मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने आज हनुवंतिया में सूर्योदय का नजारा देखा। अलसुबह हनुवंतिया बोट क्लब पर पहुँचकर श्री चौहान ने विपुल जलराशि से निकलने वाली लहरों का आनंद उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हनुवंतिया में भरे अथाह जल से उत्पन्न लहरें मन को रोमांचित और आनंदित कर देती हैं। यहाँ आकर समुद्र तट का आभास होता है।  मुख्यमंत्री श्री चौहान ने लगभग आधा घण्टा बोट क्लब पर बिताया। इस मौके पर उपस्थित स्कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह ने स्वयं मुख्यमंत्री जी के छायाचित्र लिये। अत्यंत प्रफुल्लित श्री चौहान ने यहाँ फोटोग्राफर को भी पोज़ दिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान, क्षेत्रीय विधायक श्री लोकेन्द्र सिंह मुख्यमंत्री के सचिव एवं एम.डी. पर्यटन विकास निगम श्री हरि रंजन राव सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी, जन-प्रतिनिधि एवं पर्यटन निगम के अधिकारी मौजूद थे। अत्यंत खुशनुमा मौसम, गुलाबी सर्दी और तेज हवाओं के बीच हनुवंतिया टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स परिसर का भ्रमण भी किया। बाद में श्री चौहान हेलीकॉप्टर से भोपाल के लिये रवाना हुए। इससे पहले मुख्‍यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हनुवंतिया क्षेत्र में जल पर्यटन के विकास के लिये एक व्‍यापक मास्‍टर प्‍लान और भी बनाया जाएगा जिसमें ओंकारेश्‍वर सहित धाराजी, सैलानी आदि को शामिल किया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि इसे ‘मध्‍यद्वीप’ नाम दिया जाएगा। श्री चौहान ने कहा कि चार नोडल प्‍वाइंट को मिलाकर मास्‍टर प्‍लान बनेगा। हनुवंतिया में प्रस्‍तावित एक्‍वासिटी और जलाशय को जोड़कर विकास कार्य होगा और हनुवंतिया एडवेंचर टूरिज्‍म का अंतर्राष्‍ट्रीय केन्‍द्र बनेगा। श्री चौहान ने हनुवंतिया का जिक्र करते हुए कहा कि यह उनका स्‍वयं का क्रिएशन और ब्रेन चाइल्‍ड है। इससे उनका मोह जुड़ा है। शासन के पूरे प्रयास होंगे कि हनुवंतिया अंतर्राष्‍ट्रीय नक्‍शे पर आए। उन्‍होंने हाउसबोट का जिक्र करते हुए कहा कि मध्‍यप्रदेश में हाउस बोट चलने की परिकल्‍पना आज साकार रूप ले रही है। अब सैलानी यहाँ रात में भी पानी में सैर कर सकेंगे और रुक सकेंगे। यहाँ का शांत वातावरण हरेक व्‍यक्ति को सु:खद अनुभूति देता है। श्री चौहान ने कहा कि दैनंदिन की व्‍यस्‍त दिनचर्या से समय निकालकर व्‍यक्ति को सुकून के कुछ पल यहाँ जरूर बिताना चाहिए। इसके लिये हनुवंतिया जैसे स्‍थान सबसे उपयुक्‍त है। श्री चौहान ने लोगों से कहा कि यंत्रवत जीवन न जियें और अपनी दिनचर्या में से अपने परिवार के साथ भी पर्यटन का आनंद लें। उन्‍होंने मनुष्‍य जीवन में आनंद के महत्‍व का जिक्र करते हुए कहा कि आनंद की प्रतीति भीतर से उत्‍पन्‍न होती है। जीवन में उल्‍लास, उमंग और उत्‍साह का खास स्‍थान है। शासन के प्रयास हैं कि प्रदेश की जनता के जीवन में सुख और आनंद बढ़े। इसके लिये शासन ने आनंद विभाग का अलग से गठन भी किया है। उन्‍होंने लोगों का आहृवान किया कि खुद भी आनंद उठाएँ और दूसरों के जीवन में खुशियाँ लाएँ। हनुवंतिया का उल्‍लेख करते हुए श्री चौहान ने कहा कि यहाँ महिंद्रा हॉलिडे होम जैसी कंपनी हमारे साथ सहभागी के रूप में भूमिका निभाने जा रही है। हनुवंतिया के मास्‍टर प्‍लान से पूरा इलाका और यहाँ तक कि वन क्षेत्र भी पर्यटन की दृष्टि से विकसित होगा और लोगों को रोजगार मिलेगा। श्री चौहान ने कहा कि पिछले एक साल में हनुवंतिया के विकास से आस-पास की जमीनों के भाव में इजाफा हुआ है। हमारा प्रयास हैं कि आमदनी बढ़े और रोजगार के नए-नए साधन उत्‍पन्‍न हों। इस दृष्टि से पर्यटन सर्वाधिक रोजगार वाला क्षेत्र है। श्री चौहान ने कहा कि उन्‍होंने अपने सिंगापुर प्रवास के दौरान सेंटोसा में इसी तरह जल-पर्यटन का केन्‍द्र देखा था। तभी से उन्‍होंने एक सपना देखा था जो हनुवंतिया के जरिये पूरा हो रहा है। सेंटोसा से ज्‍यादा सौन्‍दर्य हनुवंतिया में बिखरा पड़ा है। लगभग 950 वर्ग किलोमीटर में इसका फैलाव है। उन्‍होंने कहा कि उनके सपने को साकार करने में मध्‍यप्रदेश पर्यटन की टीम ने महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है। श्री चौहान ने आहृवान किया कि हम सब मिलकर मध्‍यप्रदेश को पर्यटन के क्षेत्र में बुलंदियों तक पहुँचाएँ। पर्यटन एवं संस्‍कृति राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री सुरेन्‍द्र पटवा ने कहा कि हनुवंतिया के साथ अब गाँधी सागर, बाँण सागर, तवा आदि स्‍थानों पर भी जल-पर्यटन का विकास होगा। मुख्‍यमंत्री जी की मंशा के अनुरूप प्रदेश में पर्यटन केबिनेट पृथक से बनाई गई तथा नई पर्यटन नीति निवेशकों के अनुकूल तैयार कर घोषित की गई है। प्रदेश में 300 मार्ग सुविधा केन्‍द्र बनाए जाएँगे जिनमें से 57 का निर्माण हो चुका है। पिछले साल प्रदेश में लगभग 8 करोड़ से अधिक पर्यटक पहुँचे। इसे देखते हुए पर्यटक सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है। श्री पटवा ने कहा कि प्रदेश को विकास में नंबर एक बनाने के लिये सभी मिल-जुलकर मुख्‍यमंत्री श्री चौहान के मार्गदर्शन में काम करेंगे। पर्यटन निगम के अध्‍यक्ष श्री तपन भौमिक ने कहा कि आज का दिन इतिहास में दर्ज होगा जब प्रदेश को हाउसबोट की सौगात मिलने जा रही है। उन्‍होंने कहा कि इस साल जल-महोत्‍सव में हमारे देश के साथ लगभग 40 से अधिक देश के पर्यटकों के आने की संभावना है। श्री भौमिक ने कहा कि मध्‍यप्रदेश में यदि कहीं समुद्र जैसा नजारा है, तो वह हनुवंतिया में है। एक साल में ही हनुवंतिया ने देश-विदेश में अपनी जगह बना ली है। प्रारंभ में मुख्‍यमंत्री श्री चौहान सहित अतिथियों ने दीप जलाकर द्वितीय जल-महोत्‍सव का शुभारंभ किया। निमाड़ी लोक कलाकारों के दल ने गणगौर नृत्‍य की आकर्षक प्रस्‍तुति दी। अतिथियों का स्‍वागत अध्‍यक्ष श्री तपन भौमिक तथा सचिव पर्यटन एवं राज्‍य पर्यटन विकास निगम के एम.डी. श्री हरि रंजन राव ने किया। श्री राव ने हनुवंतिया के मास्‍टर प्‍लान के महत्‍वपूर्ण बिन्‍दुओं से अवगत करवाया।  

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 MadhyaBharat  16 December 2016

chunav aayog

राज्य शासन द्वारा अधिसूचना जारी  मध्यप्रदेश के शहडोल लोकसभा और नेपानगर विधानसभा उप-चुनाव के लिये संबंधित क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग की प्रतिनियुक्ति पर माना जायेगा। राज्य शासन ने इस संबंध में राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित कर दी है। इनमें पुलिस महानिदेशक सहित निर्वाचन कार्य से जुड़े पुलिस मुख्यालय के अधिकारी, जबलपुर, शहडोल और इंदौर के रेंज पुलिस महानिरीक्षक और शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, कटनी, बुरहानपुर के पुलिस अधीक्षक तथा उनके अधीनस्थ पुलिस अधिकारी शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों को निर्वाचन क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था को बनाये रखने के लिये आयोग को प्रतिनियुक्ति पर सौंपा गया है।

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 MadhyaBharat  4 November 2016

aap mp

मध्य प्रदेश में 2007 से 5 ग्लोबल इन्वेस्टमेंट का आयोजन किया जा रहा है जिसमे हर साल लाखो करोड़ के एम.ओं.यू होते है जो सिर्फ कागज़ पर ही रह जाते हैं और धरातल पर कोई काम नही होता है। हर 2 साल में इस आयोजन के नाम पर करोड़ो रूपए खर्च होते है, पर निवेश नही आ रहा  है। इस आयोजन की विलासता इतनी शर्मनाक है कि इस वर्ष के आयोजन में भी सभी मेहमानों को चांदी की थाली में खाना खिलाया , जबकि प्रदेश में कुपोषण से लगातार मौत हो रही है। शिवराज सिंह की ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को आम आदमी पार्टी ने जनता के साथ धोखा करार दिया है।  आप नेता  आलोक अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2012 के इन्वेसटमेंट समिट में 500 हेक्टर के एयर कार्गो हब स्थापित करने का निर्णय हुआ था, जो सिर्फ कागज़ पर ही रह गया है।  फ्यूचर ग्रुप ने 2012 और 2014 दोनों आयोजन में 2500 करोड़ के फ़ूड पार्क बनाने का वादा किया था जिस की आज भी कोई जानकारी नही है।  वेल्लोरे यूनिवर्सिटी, फिल्म सिटी, भारत फोर्ज, रॉकलैंड हॉस्पिटल, कैडिला ग्रुप, अमेरिकन कॉपर लिमिटेड ऐसे अनेक उदाहरण जिनमे निवेश के सिर्फ दिखावे हुए है।  आज भी अनिल अम्बानी ने जो पीथमपुर में निवेश की बात करी है वही निवेश 2015 में ही तय हो गया था।  ऐसा प्रतीत होता है हर बार समिट के नाम पर पुराने वादे ही दोहराए जा रहे हैं।  आप के आलोक अग्रवाल ने एसोचैम के हवाले से कहा - एसोचैम द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश में निवेश न आने का मुख्य कारण यहाँ का बुरा इन्फ्रास्ट्रक्चर और सरकारी नीतिया हैं।  प्रदेश के लगभग 86.5 प्रतिशत प्रोजेक्ट सिर्फ कागजों में अटक कर रह जाते है।  रिपोर्ट में यह पता चलता है कि 87 प्रोजेक्ट को शुरू होने में 4.5 साल लग जाते है।  एसोचैम की दूसरी रिपोर्ट में प्रदेश में 2008-2015 के बीच प्रदेश के इन्फ्रा स्ट्रक्चर के नए निवेश में 76.9 प्रतिशत की कमी आई है. रिओ टिंटो की हीरा खदान का खुद शिवराज सिंह ने उद्घाटन किया था पर पिछले माह रिओ टिंटो ने मध्य प्रदेश में सरकार की नीतियों से परेशान होकर प्रदेश में काम ही बंद कर दिया है।  रिलायंस सीमेंट ने मैहर में निवेश करने के बाद अपना पूरा सीमेंट उद्योग बिरला ग्रुप को बेच दिया है।  आप नेता ने कहा कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की 2015 रिपोर्ट के अनुसार औधोगिक केंद्र विकास निगम लिंमिटेड ने 2009-2014 के बीच में 5720 एकड़ जमीन का अधिग्रहण उद्योग के विकास के लिए किया, जिसमे से सिर्फ 1750 एकड़ का आवंटन हुआ है।  अकेले भोपाल में 3200 एकड़ ज़मींन का अधिग्रहण किया गया जिसमे में सिर्फ 600 एकड़ (20 प्रतिशत) ही आवंटित हुई।  अतः साफ़ है कि निगम की नाकामी के कारण उद्योगों को जमीन उपलब्ध नहीं करायी जा सकी।  रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया है कि निगम के पास न तो कोई वार्षिक योजना है और न ही कोई निगरानी की व्यवस्था। CAG की इसी रिपोर्ट के अनुसार भोपाल के आसपास ही 27 इंडस्ट्रियल पार्क बनने थे जिस हेतु 302 आवेदन भी आये थे परन्तु इसमें भी कोई प्रगति नहीं हुई है।  आलोक अग्रवाल ने कहा कि मध्य प्रदेश में निवेश न आने के कारण शिवराज सरकार की ख़राब नीतियां  और भ्रष्टाचार है।  मध्य प्रदेश में ग्लोबल समिट के नाम पर 2007 से एक लूट चल रही है जहा जनता का पैसा बहाया जाता है और प्रदेश के व्यापम जैसे मुद्दों को दबाया जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने  मांग की है कि शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश में हुए निवेश को लेकर श्वेत पत्र जारी करें।  

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 MadhyaBharat  24 October 2016

kuposhan madhyprdesh

92 हजार आँगनवाड़ी में होंगे न्यूट्री-कॉर्नर स्थापित  बच्चों को पोषण आहार की तरफ आकर्षित करने और उनमें रुचि जागृत करने के लिये प्रदेश की 92 हजार आँगनवाड़ी में 2 अक्टूबर से न्यूट्री-कॉर्नर स्थापित करने का अभियान चलाया जायेगा। इन न्यूट्री-कॉर्नर में पारदर्शी डब्बों में पोषण आहार जैसे- चना, मुरमुरा, गुड़ आदि को रखा जायेगा। इससे बच्चे आकर्षित होकर स्वयं इन डिब्बों से निकालकर मनपसंद चीज खा सकेंगे। इस अभिनव प्रयोग के संबंध में सभी जिला कार्यक्रम अधिकारी एकीकृत बाल विकास को निर्देश जारी किये गये हैं।   न्यूट्री-कॉर्नर की स्थापना से पौष्टिक आहार की कमी से कुपोषित 3 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को आँगनवाड़ी केन्द्रों में ही पौष्टिक आहार लेने के लिये प्रेरित किया जा सकेगा। साथ ही आँगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों की उपस्थिति भी बढ़ायी जा सकेगी। बच्चों के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य में लाभ, पोषक तत्वों की कमी की पूर्ति, बच्चों में पौष्टिक आहार के खाने की आदत डालना तथा समुदाय द्वारा पौष्टिक आहार के प्रति जागरूकता को भी बढ़ावा मिलेगा।   न्यूट्री-कॉर्नर संचालन के दिशा-निर्देश   न्यूट्री-कॉर्नर के संचालन के लिये प्रत्येक आँगनवाड़ी केन्द्र में एक स्थान निर्धारित कर पारदर्शी डिब्बों में पौष्टिक आहार रखा जायेगा, जिसे बच्चे आसानी से निकाल सकेंगे।   पौष्टिक आहार लेने के पहले बच्चों का हाथ धोना अनिवार्य होगा। आहार सामग्री की उपलब्धता जन-प्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं समुदाय के जन-सहयोग से की जायेगी। आँगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा प्रतिदिन न्यूट्री-कॉर्नर डिब्बे में पौष्टिक आहार की उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी। साथ ही आँगनवाड़ी केन्द्रों में उक्त पौष्टिक आहार सामग्री की उपलब्धता में सहयोग देने वालों की लिस्ट भी प्रदर्शित की जायेगी, जिसमें सहयोगकर्ता, दान-दाता का नाम एवं सहयोग राशि और सामग्री का विवरण अंकित होगा। न्यूट्री-कॉर्नर के संचालन में सहयोग के लिये स्वास्थ्य एवं पंचायत कर्मियों का सहयोग भी लिया जायेगा। कॉर्नर के प्रचार-प्रसार के लिये नील से दीवार-लेखन किया जायेगा, जिससे समुदाय को इसकी जानकारी हो सकेगी।

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 MadhyaBharat  8 September 2016

शिवराज पत्नी के साथ पहुंचे हनुवंतिया

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज अपनी धर्मपत्नी साधना सिंह के साथ खण्डवा जिले में नव-विकसित जल-पर्यटन क्षेत्र हनुवंतिया पहुँचे। श्री चौहान ने यहाँ 12 फरवरी से चल रहे जल-महोत्सव के दौरान हो रही गतिविधियों को देखा।मुख्यमंत्री चौहान ने पर्यटन विकास निगम द्वारा उपलब्ध करवाई गई मोटरबोट पर प्राकृतिक और जल सौन्दर्य को देखा। निगम के प्रबंध संचालक श्री हरिरंजन राव भी साथ थे।जल-महोत्सव में 21 फरवरी तक हनुवंतिया में जल-थल-नभ की विभिन्न रोमांचकारी गतिविधियाँ आयोजित हो रही हैं। इन गतिविधियों में बड़ी संख्या में सैलानी भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने हनुवंतिया में पहुँचे पर्यटकों से चर्चा भी की। मुख्यमंत्री श्री चौहान बाद में मोटरबोट से हनुवंतिया के टापू भी गये।इंदौर संभाग के कमिश्‍नर संजय दुबे, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विपिन माहेश्वरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मुख्यमंत्री के साथ थे।

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जल-महोत्सव में क्रूज पर हुआ डांस

रोजाना लग रहा है योग शिविर सप्ताह भर से जारी प्रथम जल-महोत्सव हनुवंतिया में सैलानियों ने क्रूज पर लोक-नृत्य की प्रस्तुति का आनंद उठाया। जल-महोत्सव में रोजाना जल, जमीन और वायु की रोमांचक और साहसिक गतिविधियाँ जारी हैं। पर्यटक बड़े उत्साह से इनमें भाग ले रहे हैं। प्रतिदिन सुबह योग शिविर में योगाभ्यास भी किया जा रहा है। रोजाना शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम और लोक-नृत्य की प्रस्तुति हो रही है। दूर-दूर से हनुवंतिया पहुँच रहे पर्यटक क्रूज में सैर, मोटर-बोट, जलपरी में विपुल जल-राशि के भ्रमण, पेरासेलिंग सहित वाटर स्कूटर की साहसिक सवारी भी कर रहे हैं। लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित बोरिया-माल टापू की सैर भी कर रहे हैं। दस दिवसीय जल-महोत्सव हनुवंतिया में आखरी के तीन दिन में पर्यटकों की आवाजाही और भी बढ़ने की संभावना है। पर्यटन विकास निगम द्वारा पिछली 12 फरवरी से प्रारंभ जल-महोत्सव 21 फरवरी, 2016 तक चलेगा।

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शिवराज को  आह्लादकारी लगा हनुवंतिया

कहा जाता रहा है कि आराम हराम है । हमें कर्मठ होने और हमेशा व्यस्त रहने की शिक्षा दी जाती रही है। यह बहुत अच्छी बात है। इससे हम अपने काम को पूरी सफलता से कर पाते हैं। लेकिन यह बात भी उतनी ही सही है कि काम ही काम करते रहने से जीवन उबाऊ और नीरस होने लगता है। इससे हमारी शारीरिक और मानसिक क्षमताओं पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है। इससे बचने के लिये हमें समय-समय पर आमोद-प्रमोद भी करते रहना चाहिये। अगर यह मनोरम प्रकृति की गोद में संभव हो, तो इसका कोई जवाब ही नहीं है। इसीलिये हमारे पूर्वजों ने देशाटन और पर्यटन को बहुत अधिक महत्व दिया।अपनी सिंगापुर यात्रा में मेरा 'सेन्टोसा आइलेण्ड' जाना हुआ। वहाँ की प्राकृतिक सुन्दरता ने मुझे मंत्र-मुग्ध कर दिया। उस आइलेण्ड को जिस तरह अदभुत पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है, उससे मुझे प्रेरणा मिली कि मध्यप्रदेश में भी ऐसा कोई स्थल विकसित किया जाये। तत्काल मेरे मन में नर्मदा सागर बाँध के बेकवाटर में उभरे हनुवंतिया का चित्र उभर आया। वहाँ की मनोहारी प्राकृतिक सुषमा, सघन वन प्रांत और सुन्दर दृश्यावलियों को देखते हुए इससे सुन्दर स्थान कोई नहीं हो सकता।संत के हदृय जैसे ‍िनर्मल नर्मदा जल की लहरों ने मुझे बचपन से ही बहुत आकर्षित किया है। माँ नर्मदा की लहरों में अठखेलियाँ करते हुए मेरा बचपन बीता। नर्मदा के तटों पर साधु-संतों के आश्रम, मंदिर और अन्य धार्मिक स्थान युगों-युगों से योगियों, सन्यांसियों, यायावरों और गृहस्थ श्रद्धालुओं को आकर्षित करते रहे हैं। लेकिन इन अनूठे प्राकृतिक स्थल में ऐसा कोई स्थान नहीं है जहाँ लोग आमोद-प्रमोद कर सकें और परिवार के साथ वीकेण्ड मना सकें।भोपाल लौटते ही मैंने पर्यटन विकास निगम के अधिकारियों को अपना विचार बताया। उन्हें यह बहुत अच्छा लगा। देखते ही देखते उन्होंने रात-दिन मेहनत कर इसे यथार्थ में बदल दिया। अब चुनौती यह है कि इस स्थान से अधिक से अधिक लोगों को किस तरह परिचित करवाकर उन्हें आकर्षित किया जाये। भागमभाग भरी जिन्दगी में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो प्राकृतिक स्थलों पर परिवार और प्रियजनों के साथ कुछ समय बिताना चाहते हैं। इसके लिये हनुवंतिया पर टूरिस्ट कॉम्पलेक्स बनाया गया है जहाँ बहुत अच्छी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।पर्यटन में मार्केटिंग का बहुत महत्व है। इसीको देखते हुए हमने हनुवंतिया में क्रूज 'नर्मदा क्वीन' पर मंत्रि-परिषद् की बैठक की। इसमें हमने पर्यटन को बढ़ावा देने के संबंध में अनेक निर्णय लिये। वहीं मैंने टूरिस्ट कॉम्पलेक्स का भी लोकार्पण किया।हनुवंतिया में 12 से 21 फरवरी तक जल-महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस रंगारंग महोत्सव में पर्यटकों के साथ-साथ टूर और ट्रेवल कम्पनियों को भी आमंत्रित किया गया है। उन्हें इस स्थान पर पर्यटन को बढ़ावा देने की संभावनाओं को देखने का अवसर प्राप्त होगा। जल महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम, एडवेंचर स्पोर्टस गतिविधियाँ, पतंगबाजी, वॉलीबाल, केम्पफायर, स्टार ग्रेजिंग, साइकिलिंग, पैरा मोटरिंग, पैरा सेलिंग, हॉट एयर बलून, बर्ड वाचिंग जैसी अनेक गतिविधियाँ होंगी।और हाँ, खाने-पीने के शौकीनों के लिये वहाँ फूड जोन भी होगा। जहाँ विशेषकर मालवा और निमाड़ के व्यंजनों का स्वाद चखने को मिलेगा। स्थानीय कला, संस्कृति और शिल्पों का भी अदभुत समागम होगा। समुद्र की तरह विस्तृत नर्मदा जल पर क्रूज शिप में घूमने का आनन्द भी अविस्मरणीय रहेगा।मैं यह बात दावे से कह सकता हूँ कि हनुवंतिया में कुछ समय बिताने से निश्चय ही जीवन में नई ताजगी आयेंगी। जल महोत्सव का आनन्द तो अविस्मरणीय होगा ही। तो फिर इंतजार किस बात का? कीजिये हनुवंतिया जाने की तैयारी।

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हनुवंतिया में बनेगी हवाई पट्टी ,जल महोत्सव शुरू

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पर्यटन के क्षेत्र के सस्टेनेबल विकास हमारी प्राथमिकता है। इसमें पर्यावरण को ध्यान में रखकर काम किया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये हनुवंतिया में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में पर्यटन केबिनेट बनाने और पर्यटन नीति में संशोधन करने के निर्णय लिये गये हैं। महोत्सव में हनुवंतिया में पर्यटकों की सुविधा के लिये हवाई पट्टी बनाने की घोषणा की गई। चौहान आज हनुवंतिया में प्रथम जल-महोत्सव का शुभारंभ कर रहे थे। इस मौके पर केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री एम. वैंकया नायडू, प्रदेश के पर्यटन राज्य मंत्री सुरेन्द्र पटवा, सांसद और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान और मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष तपन भौमिक उपस्थित थे।श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश को सभी क्षेत्रों में अग्रणी राज्य बनाया जायेगा। आज इन्दौर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की शुरूआत होने जा रही है। उन्होंने प्रदेश के 3 शहर का स्मार्ट सिटी परियोजना के लिये चयन किये जाने पर केन्द्रीय मंत्री श्री नायडू का आभार जताया।श्री नायडू ने कहा कि हनुवंतिया में प्राकृतिक सुंदरता और विपुल जल राशि को देखकर उन्हें आनन्द मिला है। उन्होंने अपेक्षा की कि अगली बार आने पर हनुवंतिया का नया स्वरूप उन्हें देखने को मिलेगा। यहाँ की सुन्दरता अकल्पनीय है, जिसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। श्री नायडू ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान के नवाचार, उनकी खोज और अन्वेषण का ही परिणाम है कि इतना सुन्दर पर्यटन-स्थल विकसित हो सका। उन्होंने प्रदेश की कृषि विकास दर में लगातार वृद्धि और निरंतर चार वर्ष से कृषि कर्मण अवार्ड के लिये प्रदेश का चयन होने पर मुख्यमंत्री श्री चौहान को बधाई दी। उन्होंने श्री चौहान को 'आल इन वन' बताया और कहा कि श्री चौहान के नेतृत्व में प्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनेगा।श्री नायडू ने हनुवंतिया टूरिस्ट परिसर का अवलोकन किया। इस मौके पर अटोई कन्वेंशन के अवार्ड विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। बेस्ट एडवेंचर टूरिज्म इंडियन स्टेट इन इनोवेशन इन क्रिएटिंग एडवेंचर डेस्टिनेशन के लिये हनुवंतिया को पुरस्कृत किया गया।महोत्सव में युवाओं को एडवेन्चर टूरिज्म का प्रशिक्षण देने के लिये मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम एवं एडवेन्चर टूर आपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (अटोई) के बीच एमओयू भी हस्ताक्षरित हुआ। अटोई के पदाधिकारी श्री अक्षय कुमार ने हनुवंतिया को देश का नया टूरिज्म डेस्टिनेशन बताया।10 दिवसीय जल-महोत्सव के दौरान हनुवंतिया के पास बने टेंट नगर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रंग-बिरंगे ध्वज के साथ रोशनी भी की गई है। इसमें 120 स्विस कॉटेज भी बनाये गये हैं। आंतरिक वाहन व्यवस्था के लिये बैटरी चलित गोल्फ कार उपलब्ध है। सर्वसुविधायुक्त मार्गदर्शन कक्ष और सूचना केन्द्र बनाये गये हैं। महोत्सव के प्रारंभ में मंडला जिले से आये लोकनर्तकों ने आकर्षक नृत्य की प्रस्तुति दी। इस मौके पर बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक उपस्थित थे।

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शिवराज के रामराज्य का रामनाम सत्य

 वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी आजाद सिंह डबास ने गुड गवर्नेंस पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मेरी ही शिकायत पर अठारह साल में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो कैसा गुड गवर्नेंस। डबास ने यह बात सिविल सर्विसेज डे पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। शाहपुरा झील किनारे स्थित प्रशासन अकादमी में सिविल सर्विसेज डे के मौके पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें प्रदेश के आईएएस, आईपीएस और आईपीएस अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सुबह साढ़े दस बजे कार्यक्रम की शुरूआत हुई जो दोपहर दो बजे तक चला। अपर मुख्य सचिव एसआर मोहंती ने गुड गवर्नेंस को लेकर प्रिजेंटेशन दिया। कार्यक्रम में सवाल जवाब के दौरान आईएफएस अधिकारी डबास ने कहा कि उन्होंने 18 साल पहले ग्वालियर में अवैध रूप से खनिज उत्खनन को लेकर मुख्य सचिव से लेकर कई जगह शिकायत की थी। आज तक उस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जब मुझे ही न्याय नहीं मिला तो कैसा गुड गवर्नेंस है? सिविल सर्विस डे के एक दिन पहले अफसरों ने सिस्टम को कटघरे में खड़ा किया तो किसी ने सुधार को लेकर प्रश्न किए। मुख्य सचिव अंटोनी डिसा और पुलिस महानिदेशक सुरेन्द्र सिंह प्रश्न पूछने में सबसे आगे रहे। अफसरों के हर प्रश्न का उत्तर अपर मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा एसआर मोहंती ने बड़े ही बेबाकी और प्रशासनिक दायरे में रहते हुए दिए। प्रशासन अकादमी में आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अफसरों के बीच जैसे ही प्रश्नोत्तर काल शुरू हुआ कि मुख्य सचिव अंटोनी डिसा ने पहला प्रश्न किया कि सीनियर अधिकारी के लिए माइक्रो मैनेजमेंट में गुड आस्पेक्ट कैसे हो सकता है। इसी दौरान पुलिस महानिदेशक सुरेन्द्र सिंह ने सवाल किया कि माइक्रो मैनेजमेंट में एकाउंटेबिलिटी को लेकर कैसे काम किया जा सकता है। सीएस के प्रश्न का उत्तर देते हुए एसीएस मोहंती ने बताया कि इरिगेशन पॉलिसी के लिए एसीएस जलसंसाधन आरएस जुलानिया द्वारा किए गए कार्य माइक्रो मैनेजमेंट का सबसे अच्छा उदाहरण है। डीजी सवाल पर उत्तर मिला कि रिस्पांसबिलिटी फिक्स करने की जरूरत है। सोशल मीडिया आजकल इसमें अहम् रोल अदा कर रहा है। आंख मंूदकर स्थानीय अफसर विश्वास करने की जरूरत नहीं है।   APCCF डबास को CS डिसा की डपट, बोले पर्सनल बातों का नहीं है मंच अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक आजाद सिंह डबास को मुख्य सचिव अंटोनी डिसा और पीसीसीएफ नरेन्द्र कुमार की फटकार भी लगी। डबास को बोलने के बीच ही रोकते हुए उन्हें नसीहत दी गई कि यह मंच पर्सनल बातों के लिए नहीं बल्कि गुड गर्वनेंस पर बोलने के लिए है। डबास ने मंच से 18 साल पुराना एक मामला उठाते हुए कोई कार्रवाई नहीं होने की बात कही थी। वे अपने ही विभाग के अफसरों की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगा रहे थे। दरअसल अपर मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा एसआर मोहंती अफसरों के प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। इसी दौरान एपीससीएफ अजाद सिंह डबास खड़े हुए और प्रश्न दागा कि ग्वालियर वृत्त के वन क्षेत्र में खनिज का अवैध उत्खनन हुआ, मैने शिकायत की, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। वे विभाग पर कुछ और बोलते इसके पहले मुख्यसचिव ने बीच में ही रोका और बैठ जाने को कहा। डबास फिर भी नहीं माने और बोलने को आगे बढ़े तभी पीसीसीएफ ने भी टोका और पर्सनल बातें अलग से करने की नसीहत दे डाली।   ACS मोहंती का प्रजेंटेशन काबिल-ए-तारीफ सिविल सर्विस डे के मौके पर स्कूल शिक्षा विभाग के एसीएस एसआर मोहंती ने प्रजेंटेशन दिया। उन्होंने कहा कि कौटिल्य, प्रजा की खुशी में अपनी खुशी मानते थे। वे अपनी खुशी को खुशी नहीं मानते थे। हम सिस्टम को डेवलप कैसे कर सकते हैं? पैसे का इस्तेमाल लोगों के लिए कैसे कर सकते हैं? इस तरह की नीति बनाकर मौजूदा समय में काम करने की जरूरत है। गुड गवर्नेंस के पांच पिलर हैं। सिटिजन सेंट्रिंग प्रशासन ही गुड गवर्नेंस में माना जाता है। जीरो टॉलरेंस, लीगल सिस्टम, कांपीटेंट पर्सनल, साउंड पर्सनल मैनेजमेंट, गुड पॉलिसी इसके लिए आवश्यक हैं।   माइक्रो मैनेजमेंट में एकाउंटेबिलिटी पर कैसे होगा काम: DGP सवाल: डीजीपी सुरेन्द्रसिंह-माइक्रो मैनेजमेंट में एकाउंटेबिलिटी को लेकर कैसे काम किया जा सकता है। जवाब: एसीएस मोहंती- रिस्पांसबिलिटी फिक्स करने की जरुरत है। सोशल मीडिया आजकल इसमें रोल अदा कर रहा है। आंख मूंदकर स्थानीय अफसर पर विश्वास करने की जरुरत नहीं है। सवाल: सीएस अंटोनी डिसा- सीनियर अधिकारी के लिए माइक्रो मैनेजमेंट में गुड आस्पेक्ट कैसे हो सकता है। जवाब: एसीएस मोहंती - इरिगेशन पॉलिसी के लिए एसीएस आरएस जुलानिया द्वारा किए गए कार्य माइक्रो मैनेजमेंट का सबसे अच्छा उदाहरण है। सवाल: एडीजी प्रदीप रुनवाल-डायल 100 में फाल्स काल भी आते है इसे रोकने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे है। जवाब: एडीजी अन्वेष मंगलम -85 फीसदी फाल्स काल एमपी में आ रहे है। इसे कम करने के लिए दवाब बनाने की जरुरत अभी नहीं है। देश-प्रदेश में इस तरह की बहुत शिकायत आती है। कई बार मिस कॉल से भी जानकारी मिलती है। कई बार लोग पचास से सौ बार फाल्स कॉल् करते हे। ऐसे लोगों को ब्लैक लिस्ट किया है पर पूरी तरह इग्नोर नहीं किया है। सवाल: डायल 100 के बाद पुलिस कर्मी बीट पर मौजूद नहीं रहते। पुलिस का संवाद घटा है। इसे सुधारने की जरुरत है। जवाब: डीजीपी-सिंहस्थ के चलते फोर्स की दिक्कत आई है। बीट में मूवमेंट कम नहीं होने देंगे।

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